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झाँसी के करगुवाँ जी स्थित शिवाय मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में सिटी मजिस्ट्रेट और ACMO द्वारा की गई जाँच में कई गंभीर अनियमितताएँ उजागर हुई हैं। जाँच दल को अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला, बल्कि इसे अनट्रेंड स्टाफ द्वारा चलाया जा रहा था। इसके अतिरिक्त, अस्पताल परिसर में संचालित मेडिकल स्टोर भी बिना किसी डॉक्टर या फार्मासिस्ट के चल रहा था। इस मेडिकल स्टोर में एक्सपायरी डेट की दवाएं भी पाई गईं, जिससे अस्पताल के 24 घंटे सेवाएं देने के दावों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
Amir Sohail
झाँसी के करगुवाँ जी स्थित शिवाय मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में सिटी मजिस्ट्रेट और ACMO द्वारा की गई जाँच में कई गंभीर अनियमितताएँ उजागर हुई हैं। जाँच दल को अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला, बल्कि इसे अनट्रेंड स्टाफ द्वारा चलाया जा रहा था। इसके अतिरिक्त, अस्पताल परिसर में संचालित मेडिकल स्टोर भी बिना किसी डॉक्टर या फार्मासिस्ट के चल रहा था। इस मेडिकल स्टोर में एक्सपायरी डेट की दवाएं भी पाई गईं, जिससे अस्पताल के 24 घंटे सेवाएं देने के दावों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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- झाँसी में आबकारी विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कई इलाकों में दबिश दी। विभाग की टीम ने हड्डीघर, पोलेबाबा, कांशीराम पार्क के पास, फिल्टर चौराहा, पंचवटी रेलवे क्रॉसिंग, डेरा बंगरा, अड़जार, गरौठा, मारकुआं और कल्याणपुरा जैसे विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान 310 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की गई और मौके पर ही 1200 किलोग्राम लहन को नष्ट कर दिया गया। आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं में कुल 05 अभियोग पंजीकृत किए गए हैं।1
- दतिया जिले के भांडेर थाना क्षेत्र अंतर्गत बेजापारा गाँव के पास हुए एक भीषण सड़क हादसे में 27 वर्षीय किसान उपेंद्र दौहरे की दर्दनाक मौत हो गई। उपेंद्र, जो भिंड जिले के अमाहा गाँव के निवासी और हरकिशन दौहरे के पुत्र थे, मोटरसाइकिल से अपने घर लौट रहे थे। यह हादसा उस समय हुआ जब वे अपने भांजे की शादी समारोह में शामिल होने के बाद वापस आ रहे थे, जो 23 जून को मियांपुर में आयोजित हुआ था और 24 जून को संपन्न हुआ था। जानकारी के अनुसार, बेजापारा के पास किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को इतनी जोरदार टक्कर मारी कि उपेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना को अंजाम देने वाले अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है। इस दुखद खबर से मृतक के परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई है। उपेंद्र अपने परिवार का पालन-पोषण खेती-किसानी से करते थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी और लगभग चार वर्ष की एक बेटी है। वे अपने दो भाइयों में सबसे छोटे थे। रविवार दोपहर करीब 02 बजे भांडेर अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।1
- दतिया जिले के सेवढ़ा थाना क्षेत्र स्थित सिंध सनकुआ पर 27 जून की सुबह तैरती मिली एक अज्ञात लाश की पहचान 28 जून को हो गई है। मृतक की शिनाख्त भिंड जिले के आलमपुर थाना क्षेत्र के रुरई गांव निवासी 40 वर्षीय धर्मेंद्र चौहान उर्फ किरण चौहान के रूप में हुई है। शव की पहचान उनके 32 वर्षीय भाई समरथ सिंह पुत्र भवानी सिंह चौहान ने कपड़ों और शारीरिक बनावट से की। 27 जून की सुबह 5 बजे जब यह शव मिला, तब शिनाख्त न होने पर पुलिस ने प्राथमिक कार्यवाही करते हुए इसे सिविल अस्पताल में रखवाया और विभिन्न मीडिया पटलों के माध्यम से पहचान के लिए सूचना प्रसारित की थी। आज दिनांक 28 जून को सेवढ़ा पुलिस को सूचना मिली कि मृतक रुरई गांव का है, जिसके बाद परिजनों को बुलाया गया। सिविल अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर ने शव को क्षतिग्रस्त देखते हुए फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉक्टर से पोस्टमार्टम कराने की सलाह दी, जिसके बाद शव को दतिया रेफर किया गया। सेवढ़ा पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए दतिया भेजने की तैयारी की है। मृतक के भाई समरथ सिंह चौहान ने पुलिस को बताया कि मंगलवार, 23 जून को धर्मेंद्र अपनी पत्नी के साथ चार पहिया वाहन से अमायन के पास स्थित अपने ससुराल अंतौ गए थे। उसी शाम वे वापस लौटे, घर पर गाड़ी खड़ी की, मोबाइल गाड़ी में छोड़ा और पत्नी को घर छोड़कर अपनी प्लेटिना मोटरसाइकिल लेकर बिना कुछ बताए निकल गए। जब धर्मेंद्र रात भर घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने अपने स्तर पर खोजबीन की, जिससे पता चला कि 23 जून की रात उन्होंने कांक्शी मंदिर पर भंडारा खाया था। 24 जून की सुबह 5 बजे उन्हें कांक्शी दबोह मोड़ पर अपनी मोटरसाइकिल के साथ सीसीटीवी फुटेज में देखा गया था, जिसके बाद उनकी कोई जानकारी नहीं मिली। आज सेवढ़ा पुलिस द्वारा जारी सूचना और मृतक की तस्वीर से परिवार को जानकारी मिली, जिसके बाद वे शिनाख्त के लिए सेवढ़ा पहुंचे। मृतक की जेब से मोटरसाइकिल की चाबी मिली है, लेकिन सनकुआ के आसपास उनकी मोटरसाइकिल कहीं नजर नहीं आई, जिससे यह संदेह गहरा गया है कि यह आत्महत्या है या कोई अन्य मामला। पुलिस फिलहाल सभी पहलुओं से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।1
- दतिया जिले के खलकापुरा से छोटू वाल्मीकि ने अपने 200 समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण की है। इस घटनाक्रम से पार्टी को क्षेत्र में नई मजबूती मिली है।1
- दतिया जिले के नागिल के डेरे के ग्रामीण वर्षों से कच्चे रास्ते पर चलने को मजबूर हैं, जिसके कारण उन्हें आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसी के चलते, अब इन ग्रामीणों द्वारा नागिल के डेरे तक पक्की सड़क बनाने की पुरजोर मांग की जा रही है।1
- सद्ग्रंथों के अनुसार, मानव शरीर बड़े भाग्य से प्राप्त होता है, जिसे देवताओं के लिए भी अत्यंत दुर्लभ बताया गया है। इस अमूल्य जीवन का महत्व बताते हुए, यह संदेश दिया गया है कि व्यक्ति को अपनी जिह्वा से निरंतर भगवान हरि का नाम जपना चाहिए।1
- शासन के निर्देशानुसार संचालित "तहसील न्यायालय आपके द्वार" अभियान के तहत शनिवार को ग्राम मुस्तरा में एक राजस्व शिविर का आयोजन किया गया। दोपहर 02 बजे से शाम 06 बजे तक चले इस शिविर में तहसीलदार सुनील भदौरिया के मार्गदर्शन में ग्रामीणों की राजस्व संबंधी समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया। शिविर के दौरान विभिन्न राजस्व प्रकरणों की सुनवाई हुई, जिसमें अधिकारियों ने तीन फोती नामांतरण, दो रजिस्ट्री, तीन बंटवारे, एक सीमांकन और 50 फार्मर आईडी प्रकरणों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया। इसके अतिरिक्त, सीमांकन संबंधी अन्य आवेदन भी प्राप्त किए गए। इस शिविर में राजस्व निरीक्षक, तहसील रीडर, पटवारी और अन्य राजस्व कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और नियमानुसार उनका निराकरण सुनिश्चित किया। गांव स्तर पर ही राजस्व सेवाएं उपलब्ध होने से ग्रामीणों को तहसील मुख्यालय के चक्कर लगाने से राहत मिली। शिविर में मौजूद ग्रामीणों ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहितकारी और सुविधाजनक बताया।1
- दतिया में विशाल हत्याकांड के दो मुख्य आरोपी बंटी और अमित तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने इन दोनों आरोपियों को मामले में धर दबोचा है।1
- झांसी जिला अस्पताल में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कथित हकीकत उस वक्त सामने आई जब दो बेटियां भीषण गर्मी में अपनी मां के जीवन के लिए संघर्ष करते हुए स्ट्रेचर को धकेलने पर मजबूर हुईं। यह हृदयविदारक घटना आज, दिनांक 27 जून 2026 को शाम करीब पांच बजे जिला अस्पताल झांसी की है। वीडियो में दिख रहा है कि अपनी मां के जीवन के लिए जद्दोजहद कर रही बेटियों को देख एक टैक्सी चालक भी स्ट्रेचर को धक्का लगाने के लिए आगे आया। पोस्ट में शासन और जिला प्रशासन पर सवाल उठाया गया है कि आखिर उनके निरीक्षण में सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं सटीक मिलती हैं तो इस तरह के वीडियो कहां से आते हैं। आरोप लगाया गया है कि जिला अस्पताल में सरकार से जनता की सेवा के नाम पर तनख्वाह लेने वाले कर्मचारी भीषण गर्मी में अपने एसी कमरों से बाहर नहीं निकलते और उनके अंदर दया भावना नहीं है। यह वीडियो झांसी जिला अस्पताल की संवेदनहीनता को उजागर करता है।1