शासन के निर्देशानुसार संचालित "तहसील न्यायालय आपके द्वार" अभियान के तहत शनिवार को ग्राम मुस्तरा में एक राजस्व शिविर का आयोजन किया गया। दोपहर 02 बजे से शाम 06 बजे तक चले इस शिविर में तहसीलदार सुनील भदौरिया के मार्गदर्शन में ग्रामीणों की राजस्व संबंधी समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया। शिविर के दौरान विभिन्न राजस्व प्रकरणों की सुनवाई हुई, जिसमें अधिकारियों ने तीन फोती नामांतरण, दो रजिस्ट्री, तीन बंटवारे, एक सीमांकन और 50 फार्मर आईडी प्रकरणों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया। इसके अतिरिक्त, सीमांकन संबंधी अन्य आवेदन भी प्राप्त किए गए। इस शिविर में राजस्व निरीक्षक, तहसील रीडर, पटवारी और अन्य राजस्व कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और नियमानुसार उनका निराकरण सुनिश्चित किया। गांव स्तर पर ही राजस्व सेवाएं उपलब्ध होने से ग्रामीणों को तहसील मुख्यालय के चक्कर लगाने से राहत मिली। शिविर में मौजूद ग्रामीणों ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहितकारी और सुविधाजनक बताया।
शासन के निर्देशानुसार संचालित "तहसील न्यायालय आपके द्वार" अभियान के तहत शनिवार को ग्राम मुस्तरा में एक राजस्व शिविर का आयोजन किया गया। दोपहर 02 बजे से शाम 06 बजे तक चले इस शिविर में तहसीलदार सुनील भदौरिया के मार्गदर्शन में ग्रामीणों की राजस्व संबंधी समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया। शिविर के दौरान विभिन्न राजस्व प्रकरणों की सुनवाई हुई, जिसमें अधिकारियों ने तीन फोती नामांतरण, दो रजिस्ट्री, तीन बंटवारे, एक सीमांकन और 50 फार्मर आईडी प्रकरणों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया। इसके अतिरिक्त, सीमांकन संबंधी अन्य आवेदन भी प्राप्त किए गए। इस शिविर में राजस्व निरीक्षक, तहसील रीडर, पटवारी और अन्य राजस्व कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और नियमानुसार उनका निराकरण सुनिश्चित किया। गांव स्तर पर ही राजस्व सेवाएं उपलब्ध होने से ग्रामीणों को तहसील मुख्यालय के चक्कर लगाने से राहत मिली। शिविर में मौजूद ग्रामीणों ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहितकारी और सुविधाजनक बताया।
- शासन के निर्देशानुसार संचालित "तहसील न्यायालय आपके द्वार" अभियान के तहत शनिवार को ग्राम मुस्तरा में एक राजस्व शिविर का आयोजन किया गया। दोपहर 02 बजे से शाम 06 बजे तक चले इस शिविर में तहसीलदार सुनील भदौरिया के मार्गदर्शन में ग्रामीणों की राजस्व संबंधी समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया गया। शिविर के दौरान विभिन्न राजस्व प्रकरणों की सुनवाई हुई, जिसमें अधिकारियों ने तीन फोती नामांतरण, दो रजिस्ट्री, तीन बंटवारे, एक सीमांकन और 50 फार्मर आईडी प्रकरणों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया। इसके अतिरिक्त, सीमांकन संबंधी अन्य आवेदन भी प्राप्त किए गए। इस शिविर में राजस्व निरीक्षक, तहसील रीडर, पटवारी और अन्य राजस्व कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और नियमानुसार उनका निराकरण सुनिश्चित किया। गांव स्तर पर ही राजस्व सेवाएं उपलब्ध होने से ग्रामीणों को तहसील मुख्यालय के चक्कर लगाने से राहत मिली। शिविर में मौजूद ग्रामीणों ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहितकारी और सुविधाजनक बताया।1
- दतिया में विशाल हत्याकांड के दो मुख्य आरोपी बंटी और अमित तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने इन दोनों आरोपियों को मामले में धर दबोचा है।1
- दतिया जिले में पाँच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो से सुरक्षित रखने के लिए एक पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया गया है। सेंवढ़ा विधायक प्रदीप अग्रवाल ने एक जनजागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर इस अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के अंतर्गत, पूरे जिले में कुल 1050 टीमें गठित की गई हैं, जिनमें लगभग 2100 स्वास्थ्य कार्यकर्ता और 110 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। ये टीमें माइक्रोप्लान के अनुसार घर-घर जाकर पाँच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की जीवनरक्षक खुराक पिलाने का काम करेंगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.के. वर्मा ने बताया कि किसी भी बच्चे को इस अभियान से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। वहीं, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. डी.के. सोनी ने जानकारी दी कि विशेष मोबाइल टीमें पीताम्बरा मंदिर, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड सहित भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर भी बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे पाँच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं, क्योंकि हर अतिरिक्त खुराक पूरी तरह सुरक्षित और बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।1
- दतिया जिले में थाना सेवढ़ा पुलिस ने चोरी के एक मामले में एक साल से भी अधिक समय से फरार चल रहे स्थाई वारण्टी ईशाक खान पुत्र नमनीत खान को गिरफ्तार कर लिया है। ईशाक खान, जो वार्ड नं.9 अनूपगंज सेवढ़ा का निवासी है, उसे 26 जून 2026 की रात को बस स्टैण्ड सेवढ़ा से दबोचा गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री मयूर खण्डेलवाल जी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मंजीत सिंह चावला और एसडीओपी सेवढ़ा श्री अजय चानना के मार्गदर्शन में की गई। सेवढ़ा पुलिस ने माननीय न्यायालय सेवढ़ा से जारी स्थाई वारण्ट के अनुपालन में आरोपी ईशाक खान को गिरफ्तार करने के बाद 27 जून 2026 को माननीय न्यायालय में पेश किया। न्यायालय में पेशी के बाद, आरोपी को उपजेल सेवढ़ा में दाखिल कर दिया गया। इस गिरफ्तारी में निरी. सुनील बनौरिया, सउनि प्रेम सिंह इन्दौरिया, आर.218 आशीष यादव, आर.202 राहुल शर्मा, आर.1009 कल्याण गुर्जर और आर.415 भानूप्रताप कौरव की सराहनीय भूमिका रही।1
- दतिया में सिविल लाइन थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में आईपीएल का ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित निदान के कुएं के पास एक मकान पर घेराबंदी कर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान मौके से अभिषेक अहिरवार और राघवेंद्र जादौन नामक आरोपियों को पकड़ा गया। पुलिस ने उनके कब्जे से ऑनलाइन सट्टे में इस्तेमाल होने वाले 8 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 33 बैंक पासबुक, 45 एटीएम कार्ड और कई अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आए लेनदेन के आधार पर, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सटोरियों के नाम भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है। मामले की जांच सिविल लाइन थाना पुलिस और साइबर सेल द्वारा जारी है।1
- दतिया जिले के सेवढ़ा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भगुवापुरा में शनिवार को मोहर्रम पर्व के अवसर पर पारंपरिक मातमी जुलूस पूरे श्रद्धा, आस्था और अनुशासन के साथ निकाला गया। इस जुलूस में मुस्लिम समाज के लोगों के साथ-साथ अन्य समुदायों के लोगों ने भी सक्रिय सहभागिता की, जिससे आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द का स्पष्ट संदेश दिया गया। जानकारी के अनुसार, भगुवापुरा की मस्जिद वाली गली से ताजिया उठाया गया, जिसे मुस्लिम समाज के सदस्यों और गाँव के अन्य परिवारों ने सम्मानपूर्वक कंधा देकर सेवढ़ा के लिए रवाना किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुलूस में शामिल हुए और मोहर्रम की परंपराओं का पालन करते हुए मातम मनाया। पूरे गाँव में मोहर्रम के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। जुलूस मार्ग पर ग्रामीणों ने ताजिए का गर्मजोशी से स्वागत किया तथा शांति एवं सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया। ग्रामीणों ने बताया कि यह वर्षों पुरानी परंपरा है, जिसके तहत ताजिया गाँव से निकालकर निर्धारित मार्ग से सेवढ़ा तक ले जाया जाता है और इसमें सभी समाज के लोग मिलकर सहयोग करते हैं। सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए, भगुवापुरा थाना प्रभारी शाकिर अली खान अपने पुलिस बल के साथ पूरे समय मौजूद रहे। उन्होंने जुलूस के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के लिए विशेष निगरानी रखी। थाना प्रभारी ने जोर देकर कहा कि मोहर्रम का यह आयोजन हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे का सच्चा प्रतीक है, जिसमें सभी समुदायों के लोग एक साथ मिलकर हिस्सा लेते हैं। पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए पुख्ता सुरक्षा इंतजामों और ग्रामीणों के पूर्ण सहयोग के कारण, यह मातमी जुलूस शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पूरे आयोजन के दौरान गाँव में सौहार्द, एकता और सामाजिक समरसता का सकारात्मक वातावरण बना रहा।1
- दतिया में सिविल लाइन थाना पुलिस और साइबर सेल ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन आईपीएल सट्टे के एक बड़े रैकेट का खुलासा किया है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर, पुलिस ने निदान के कुआं क्षेत्र स्थित एक मकान में छापेमारी कर चोरी-छिपे चलाए जा रहे ऑनलाइन सट्टे के अड्डे का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अभिषेक अहिरवार और राघवेंद्र जादौन नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। ये दोनों आरोपी ऑनलाइन माध्यम से आईपीएल मैचों पर सट्टा खिलाने का काम कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 8 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, 33 बैंक पासबुक, 45 एटीएम कार्ड सहित कई अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए हैं, जिनका इस्तेमाल सट्टे के लेनदेन में किया जा रहा था। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार सटोरियों से गहन पूछताछ कर रही है। शुरुआती जांच में मिले बैंकिंग और डिजिटल लेनदेन के आधार पर, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सटोरियों के नाम भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है। सिविल लाइन थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम पूरे मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है।1
- झांसी के जिला अस्पताल से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें दो बेटियां अपनी मां को स्ट्रेचर पर ले जाने के लिए संघर्ष करती दिख रही हैं। यह घटना 27 जून 2026 की शाम पौने पांच बजे की बताई जा रही है, जहां इन बेटियों की जद्दोजहद को देख एक टैक्सी चालक भी उनकी मदद के लिए आगे आया और स्ट्रेचर को धक्का लगाने लगा। इस वीडियो ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं और जिला प्रशासन के निरीक्षणों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि जहां एक ओर शासन और प्रशासन अपनी रिपोर्टों में स्वास्थ्य सेवाओं को सटीक बताते हैं, वहीं यह वायरल वीडियो सच्चाई उजागर कर रहा है। जिला अस्पताल में जनता की सेवा के नाम पर वेतन लेने वाले कर्मचारी भीषण गर्मी में अपने ऐसी कमरों से बाहर नहीं निकलते और उनमें दया भावना का अभाव साफ झलकता है। यह वीडियो स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली की 'खुली पोल' खोल रहा है।1