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मध्य प्रदेश के देवास में एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका हुआ है। इस हृदयविदारक हादसे में कई लोगों की जान चली गई है और अनेक लोग घायल हुए हैं। स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुँचकर बचाव कार्य में जुटा है।
Deepesh Pandey Dist Chief Director ACFI Rewa
मध्य प्रदेश के देवास में एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका हुआ है। इस हृदयविदारक हादसे में कई लोगों की जान चली गई है और अनेक लोग घायल हुए हैं। स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुँचकर बचाव कार्य में जुटा है।
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- रीवा के रामनई में एक तेज रफ्तार बस ने गाय को टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। हालांकि, रामनई के कुछ युवा गौ-रक्षकों ने तुरंत पहुंचकर बेजुबान की जान बचा ली।1
- मध्य प्रदेश के देवास में एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका हुआ है। इस हृदयविदारक हादसे में कई लोगों की जान चली गई है और अनेक लोग घायल हुए हैं। स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुँचकर बचाव कार्य में जुटा है।1
- मध्य प्रदेश के उमरिया जिला अस्पताल में वन विभाग कर्मचारी की पत्नी की उपचार के दौरान कथित लापरवाही से मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों और स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। यह घटना जिले के अस्पताल व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े करती है।1
- मध्य प्रदेश के सिंगरौली में बिरला कंपनी पर गंभीर आरोप लगे हैं। नागरिकों का कहना है कि कंपनी जबरदस्ती बुलडोजर चलाकर उनकी जमीन छीनने की कोशिश कर रही है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।1
- मध्य प्रदेश के सतना जिले के कोटर स्थित लौलाक्ष खरीदी केंद्र पर गेहूं की तौलाई में बड़ी धांधली का आरोप लगा है। किसानों का कहना है कि हर बोरी पर निर्धारित से ज्यादा वजन (51.3 किलो) लेकर उनकी आर्थिक चपत लगाई जा रही है। बार-बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे, जिससे किसानों में भारी रोष है।1
- रीवा से सटे चित्रकूट के पालदेव में पुलिस ने भैंसों से लदा एक पिकअप पकड़ा। पिकअप में भैंसों को ठूंस-ठूंस कर भरा गया था, मौके पर थाना प्रभारी और पुलिस बल मौजूद थे।1
- मध्य प्रदेश के रीवा और सतना जिलों के किसान गेहूं खरीदी केंद्रों पर भारी दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। पांच-पांच दिन रुकने के बावजूद उनका कांटा नहीं हो रहा और खुलेआम भ्रष्टाचार व लूट मची हुई है।1
- पूरे भारत में बेटियों के साथ बलात्कार और मारपीट जैसी घटनाओं में वृद्धि चिंताजनक है। प्रशासन को इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल और ठोस कार्रवाई करने की आवश्यकता है ताकि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।1