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बेगूसराय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि बोगो सिंह के बोलते ही गिरिराज सिंह मंच से उठकर चले गए। इस घटना के बाद, जनता से यह सवाल पूछा जा रहा है कि गिरिराज सिंह का मंच छोड़कर जाना कोई राजनीतिक संदेश था या यह महज एक संयोग था।
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बेगूसराय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि बोगो सिंह के बोलते ही गिरिराज सिंह मंच से उठकर चले गए। इस घटना के बाद, जनता से यह सवाल पूछा जा रहा है कि गिरिराज सिंह का मंच छोड़कर जाना कोई राजनीतिक संदेश था या यह महज एक संयोग था।
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- बेगूसराय के मटिहानी में एक प्राइवेट स्कूल के सेमिनार कार्यक्रम में मटिहानी विधायक नरेंद्र सिंह शामिल हुए। इस दौरान, विधायक ने एनडीए सरकार पर हमला बोला, जिसके बाद केंद्रीय मंत्री सहित भारतीय जनता पार्टी के कई जनप्रतिनिधि कार्यक्रम से बाहर निकलते हुए देखे गए।1
- श्री परमानंद महाराज की जय का उद्घोष किया गया, जिसमें यह प्रेरक संदेश दिया गया कि 'कर्म ही पूजा है'।1
- बेगूसराय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि बोगो सिंह के बोलते ही गिरिराज सिंह मंच से उठकर चले गए। इस घटना के बाद, जनता से यह सवाल पूछा जा रहा है कि गिरिराज सिंह का मंच छोड़कर जाना कोई राजनीतिक संदेश था या यह महज एक संयोग था।1
- अमावस्या तिथि के अवसर पर बाढ़ में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहाँ सुबह से ही गंगा घाटों और विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा में पवित्र डुबकी लगाई और पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस विशेष अवसर पर महिलाओं ने विधि-विधान से पीपल वृक्ष की पूजा की और उसकी परिक्रमा कर अपने पति की लंबी आयु, परिवार की खुशहाली तथा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मांगा। पूजा के दौरान मंदिरों में गूंजते वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। स्थानीय पुजारी मुन्ना पांडेय ने बताया कि सनातन परंपरा में अमावस्या के दिन पीपल वृक्ष की पूजा और परिक्रमा का विशेष महत्व है। उनकी मान्यता के अनुसार, श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। पूरे दिन गंगा घाटों और मंदिर परिसरों में श्रद्धालुओं का आवागमन जारी रहा। प्रशासन ने भी भीड़ को देखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं की थीं, जिससे श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से अपने धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। अमावस्या के अवसर पर बाढ़ पूरी तरह श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के रंग में डूबा नजर आया।1
- एक पिता ने अपने बेटे को गोली मार दी। यह घटना इसलिए हुई क्योंकि बेटा अपने पिता के साथ मजाक कर रहा था।1
- बिहार सरकार के खनन एवं कला-संस्कृति मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी के लखीसराय शहर के पुरानी बाजार वार्ड संख्या-2 स्थित सामुदायिक भवन पहुँचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। मंत्री के आगमन पर स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला, जिन्होंने गर्मजोशी से उनका अभिनंदन किया। सामुदायिक भवन पहुँचते ही कार्यकर्ताओं ने मंत्री को फूल-मालाएँ पहनाकर सम्मानित किया और उनके स्वागत में जोरदार नारे भी लगाए, जिससे पूरे परिसर में हर्षोल्लास का माहौल बन गया। इस कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। मंत्री ने उपस्थित लोगों से मुलाकात की और क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं के साथ-साथ विकास कार्यों को लेकर गहन चर्चा की। इस पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रखी गई थी।1
- नागरिक कल्याण संस्थान द्वारा ओमर बालिका उच्च विद्यालय के सभागार में आयोजित पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम के दौरान, गोरखपुर विश्वविद्यालय के पीजी कॉलेज देवरिया के जन्तु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. प्रो. सुधीर कुमार ने इंटर्नशिप कर रहे छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पर्यावरण की रक्षा करना युवाओं की नैतिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। डॉ. कुमार ने स्पष्ट किया कि पर्यावरण केवल एक शब्द नहीं, बल्कि मनुष्य के संतुलित जीवन का आधार है। उन्होंने विकसित संसाधन बढ़ाने के नाम पर वृक्षों की कटाई और भौतिकवादी जीवनशैली को ऑक्सीजन की कमी तथा घरों में एसी के बढ़ते उपयोग से बाहरी स्वच्छ हवा पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों का मुख्य कारण बताया। उन्होंने छात्रों से प्लास्टिक के उपयोग से बचने, खेतों और जंगलों में आग न लगाने, तथा स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के बेहतर लाभ के लिए वाहनों का कम उपयोग कर साइकिल चलाने व पैदल चलने का आग्रह किया। डॉ. कुमार ने यह भी रेखांकित किया कि मनुष्य सिर्फ भोग के लिए दुनिया में नहीं आया है, बल्कि बेहतर दुनिया का संरक्षण करना भी उसकी जिम्मेदारी है। इस अवसर पर नागरिक कल्याण संस्थान के सचिव संजय गौतम ने 'विकसित भारत' में सड़क, उद्योग और पुल निर्माण में जिस गति से वृक्षों की कटाई हो रही है, उस रफ्तार से बड़े वृक्षों के न लगाए जाने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने उद्योगों की स्थापना में मानवीय जीवन मानकों का ध्यान रखने और वृक्षों को केवल लगाने ही नहीं, बल्कि उनके संरक्षण की जिम्मेदारी लेने पर भी बल दिया। कार्यक्रम में लगभग पाँच सौ छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे, जिन्होंने पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास दिलाया। इस मौके पर विश्वजीत कुमार, राहुल कुमार और अविनाश मिश्रा भी मौजूद रहे।4
- बिहार के बेगूसराय जिले में स्थित राजेंद्र सेतु पर रात के समय व्याप्त अंधेरे को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। पोस्ट के माध्यम से पटना और बेगूसराय प्रशासन पर तीखे सवाल उठाए गए हैं, जिसमें पूछा गया है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी यानी 'मौत' का इंतजार कर रहा है। यह आरोप लगाया गया है कि पुल पर ऊपर से अंधेरा छाया रहता है, जिससे संभावित दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है और यह प्रशासन की घोर लापरवाही को दर्शाता है।1