सम्राट का राजतिलक: बिहार में नया युग, नई परीक्षा, "BJP के पहले मुख्यमंत्री के सामने इतिहास की सबसे बड़ी चुनौती" विजय कुमार , वरिष्ठ पत्रकार बिहार ने आज 15 अप्रैल 2026 को इतिहास की एक ऐसी पंक्ति लिखी जो अब से दशकों बाद भी पढ़ी जाएगी। लोकभवन में आज वह क्षण आया जब भारतीय जनता पार्टी का अपना नेता पहली बार बिहार की गद्दी पर बैठा। सम्राट चौधरी — एक ऐसा नाम जो कुशवाहा राजनीति की विरासत से उठकर, कई दलों की धूल फाँककर, आज बिहार के 24वें मुख्यमंत्री बन गया। यह सिर्फ एक नेता का अभिषेक नहीं है। यह भाजपा के 46 साल के संघर्ष का पुरस्कार है — और बिहार की जनता की उस परीक्षा की शुरुआत भी, जो आने वाले वर्षों में नई सरकार से बड़े सवाल करेगी। एक ऐतिहासिक सुबह — लोकभवन से बिहार तक, आज सुबह 10:50 बजे लोकभवन में राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। उनके साथ विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव को भी शपथ दिलाई गई — दोनों JDU कोटे से डिप्टी CM बनाए गए। शपथ ग्रहण समारोह में केंद्रीय मंत्री JP नड्डा, शिवराज सिंह चौहान, पूर्व CM नीतीश कुमार और एनडीए के वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। नीतीश कुमार का शपथ समारोह में उपस्थित होना — यह संदेश था कि उत्तराधिकार सौहार्दपूर्ण है और मार्गदर्शन जारी रहेगा। सम्राट का सफर: कई दलों की ठोकरें, एक मंजिल RJD से सियासी करियर की शुरुआत, 1999 में राबड़ी सरकार में मंत्री, JDU, फिर 2017 में BJP — सम्राट चौधरी का राजनीतिक जीवन उतार-चढ़ाव से भरा रहा। 2023 में बिहार BJP अध्यक्ष, 2024 में डिप्टी CM और अब 15 अप्रैल 2026 को CM पद की शपथ। यह यात्रा बताती है कि राजनीति में वफ़ादारी और अवसर दोनों साथ-साथ चलते हैं। शकुनी चौधरी के पुत्र सम्राट ने विरासत को महज पहचान नहीं बनने दिया — बल्कि अपनी एक अलग लड़ाकू छवि खड़ी की। BJP की ऐतिहासिक जीत — लेकिन चुनौतियाँ भारी, बिहार की राजनीति में यह पहली बार होगा जब JDU कोटे से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा रहे हैं। यह गठबंधन का नया समीकरण है — BJP CM की कुर्सी पर, JDU निगरानी में। सम्राट के सामने चुनौतियाँ बड़ी हैं। नई एनडीए सरकार के गठन के बाद भी कैबिनेट में अभी 33 मंत्री पद खाली हैं। बिहार पर 3.88 लाख करोड़ का कर्ज, रोजाना 132 करोड़ ब्याज, केंद्र पर 74% राजस्व निर्भरता — ये आंकड़े किसी भी नई सरकार के लिए पहाड़ जैसे हैं। नीतीश की छाया और सम्राट का अपना रास्ता, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार की विरासत को आगे बढ़ाने की बात कही है। लेकिन सवाल यह है कि विरासत को आगे बढ़ाना और विरासत में कैद रहना — दोनों में फर्क है। बिहार को अब सिर्फ 'नीतीश मॉडल' की निरंतरता नहीं चाहिए — चाहिए एक ऐसी सरकार जो अपने पैरों पर खड़े बिहार का सपना देखे, जो केंद्र की बैसाखी से मुक्त हो। निष्कर्ष: राजतिलक हुआ, अब जनता की अदालत में पेश होना है आज लोकभवन में ईश्वर की शपथ ली गई। यह शपथ केवल पद की नहीं — बिहार की देवतुल्य जनता के सामने एक वचन है। "सत्ता मिलना उपलब्धि है — सत्ता का सदुपयोग इतिहास बनाता है।" सम्राट चौधरी के पास अवसर है। बिहार के पास उम्मीद है। और जनता के पास — सवाल, जो हर रोज़ पूछे जाएंगे। बिहार के 24वें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को शुभकामनाएँ — लेकिन जनता की उम्मीदों पर खरे उतरने की जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी है।
सम्राट का राजतिलक: बिहार में नया युग, नई परीक्षा, "BJP के पहले मुख्यमंत्री के सामने इतिहास की सबसे बड़ी चुनौती" विजय कुमार , वरिष्ठ पत्रकार बिहार ने आज 15 अप्रैल 2026 को इतिहास की एक ऐसी पंक्ति लिखी जो अब से दशकों बाद भी पढ़ी जाएगी। लोकभवन में आज वह क्षण आया जब भारतीय जनता पार्टी का अपना नेता पहली बार बिहार की गद्दी पर बैठा। सम्राट चौधरी — एक ऐसा नाम जो कुशवाहा राजनीति की विरासत से उठकर, कई दलों की धूल फाँककर, आज बिहार के 24वें मुख्यमंत्री बन गया। यह सिर्फ एक नेता का अभिषेक नहीं है। यह भाजपा के 46 साल के संघर्ष का पुरस्कार है — और बिहार की जनता की उस परीक्षा की शुरुआत भी, जो आने वाले वर्षों में नई सरकार से बड़े सवाल करेगी। एक ऐतिहासिक सुबह — लोकभवन से बिहार तक, आज सुबह 10:50 बजे
लोकभवन में राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। उनके साथ विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव को भी शपथ दिलाई गई — दोनों JDU कोटे से डिप्टी CM बनाए गए। शपथ ग्रहण समारोह में केंद्रीय मंत्री JP नड्डा, शिवराज सिंह चौहान, पूर्व CM नीतीश कुमार और एनडीए के वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। नीतीश कुमार का शपथ समारोह में उपस्थित होना — यह संदेश था कि उत्तराधिकार सौहार्दपूर्ण है और मार्गदर्शन जारी रहेगा। सम्राट का सफर: कई दलों की ठोकरें, एक मंजिल RJD से सियासी करियर की शुरुआत, 1999 में राबड़ी सरकार में मंत्री, JDU, फिर 2017 में BJP — सम्राट चौधरी का राजनीतिक जीवन उतार-चढ़ाव से भरा रहा। 2023 में बिहार BJP अध्यक्ष, 2024 में डिप्टी CM और अब 15 अप्रैल 2026 को CM पद की शपथ। यह यात्रा बताती है कि
राजनीति में वफ़ादारी और अवसर दोनों साथ-साथ चलते हैं। शकुनी चौधरी के पुत्र सम्राट ने विरासत को महज पहचान नहीं बनने दिया — बल्कि अपनी एक अलग लड़ाकू छवि खड़ी की। BJP की ऐतिहासिक जीत — लेकिन चुनौतियाँ भारी, बिहार की राजनीति में यह पहली बार होगा जब JDU कोटे से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा रहे हैं। यह गठबंधन का नया समीकरण है — BJP CM की कुर्सी पर, JDU निगरानी में। सम्राट के सामने चुनौतियाँ बड़ी हैं। नई एनडीए सरकार के गठन के बाद भी कैबिनेट में अभी 33 मंत्री पद खाली हैं। बिहार पर 3.88 लाख करोड़ का कर्ज, रोजाना 132 करोड़ ब्याज, केंद्र पर 74% राजस्व निर्भरता — ये आंकड़े किसी भी नई सरकार के लिए पहाड़ जैसे हैं। नीतीश की छाया और सम्राट का अपना रास्ता, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार की विरासत को आगे बढ़ाने की
बात कही है। लेकिन सवाल यह है कि विरासत को आगे बढ़ाना और विरासत में कैद रहना — दोनों में फर्क है। बिहार को अब सिर्फ 'नीतीश मॉडल' की निरंतरता नहीं चाहिए — चाहिए एक ऐसी सरकार जो अपने पैरों पर खड़े बिहार का सपना देखे, जो केंद्र की बैसाखी से मुक्त हो। निष्कर्ष: राजतिलक हुआ, अब जनता की अदालत में पेश होना है आज लोकभवन में ईश्वर की शपथ ली गई। यह शपथ केवल पद की नहीं — बिहार की देवतुल्य जनता के सामने एक वचन है। "सत्ता मिलना उपलब्धि है — सत्ता का सदुपयोग इतिहास बनाता है।" सम्राट चौधरी के पास अवसर है। बिहार के पास उम्मीद है। और जनता के पास — सवाल, जो हर रोज़ पूछे जाएंगे। बिहार के 24वें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को शुभकामनाएँ — लेकिन जनता की उम्मीदों पर खरे उतरने की जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी है।
- Post by Hindustan Express News1
- अग्निशमन विभाग रफीगंज द्वारा 14 से 20 अप्रैल तक मनाए जा रहे अग्निशमन सेवा सप्ताह के तहत गुरुवार को तीसरे दिन 5 किलोमीटर मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया। इस दौड़ में स्थानीय युवाओं एवं प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अग्निशमन प्रभारी मुन्ना कुमार ने बताया कि दौड़ प्रतियोगिता रफीगंज प्रखंड मुख्यालय से शुरू होकर मखदुमपुर के समीप तक गई और पुनः वहीं से लौटकर प्रखंड मुख्यालय पर समाप्त हुई। इस प्रकार कुल 5 किलोमीटर की दूरी तय कर मैराथन का समापन हुआ। उन्होंने कहा कि अग्निशमन सेवा सप्ताह के दौरान लोगों को आग से बचाव एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मैराथन दौड़ का भी मुख्य उद्देश्य लोगों में जागरूकता फैलाना और फिटनेस के प्रति प्रेरित करना है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों में उत्साह देखने को मिला और विभाग द्वारा आगे भी कई जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की बात कही गई।1
- Post by Ashutosh kumar1
- चतरा: हजारीबाग जोन के आईजी अंजनी कुमार झा बुधवार को चतरा पहुंचे, जहां उन्होंने जिले में हाल के आपराधिक घटनाक्रम की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईजी ने संगठित अपराध, नारकोटिक्स और सक्रिय गैंगों पर सख्ती के संकेत दिए। आईजी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में टीपीसी और जेजेएमपी जैसे संगठनों के नाम पर हुई लूट की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए उनकी गहन समीक्षा की गई है। इन मामलों में शामिल कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष रणनीति तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि गैंग के सक्रिय सदस्यों पर नकेल कसने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और जल्द ही शेष आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही, नारकोटिक्स के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का जिक्र करते हुए आईजी ने बताया कि पहले अफीम की अवैध खेती को नष्ट किया गया था और हाल के दिनों में बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों की जब्ती भी हुई है। आईजी ने कहा कि इन सभी मुद्दों पर जिले के पुलिस अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल नक्सलियों द्वारा किसी बड़ी घटना को अंजाम नहीं दिया गया है। अंत में आईजी ने अपील करते हुए कहा कि यदि कोई नक्सली अभी भी छिपे हुए हैं, तो वे झारखंड सरकार की सरेंडर पॉलिसी का लाभ उठाकर मुख्यधारा में लौट सकते1
- गोह(औरंगाबाद) गुरुवार की दोपहर करीब 12 बजे गोह थाना क्षेत्र के NH120 गया-दाऊदनगर मुख्य पथ पर निजामपुर लाइन होटल के समीप दो बाइकों की जोरदार टक्कर में एक बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के शेखपुरा गांव निवासी सुरेश प्रजापत के 18 वर्षीय पुत्र अमन कुमार अपने बाइक से नगाइन जा रहा था, जैसे ही निजामपुर लाइन होटल के समीप पहुँचा की दाउदनगर के तरफ से तेज रफ्तार से आ रहे हसपुरा थाना क्षेत्र के चिरैया टाड़ निवासी नसीम शेख के पुत्र नईअर शेख का अचानक संतुलन बिगड़ने से जोरदार टक्कर मार दिया, जिससे अमन गंभीर रूप से जख्मी हो गया, जख्मी युवक को स्थानीय लोगों के सहयोग से गोह सरकारी अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ से बेहतर इलाज के लिए गयाजी मगध मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार दूसरा युवक किसी आवश्यक कार्य से गयाजी जा रहा था।1
- सम्राट चौधरी बने सीएम तो खत्म होगी शराबबंदी? अनंत सिंह का बड़ा बयान #v#fbreelsfyp #nitishkumarnews #janadeshnews #trending #BiharCM1
- गया केंद्रीय कारा का नामकरण शहीद बैकुंठ शुक्ल केंद्रीय कारा कराने हेतु केंद्रीय कारा के उत्तरी गेट पर अनशन कार्यक्रम गया केंद्रीय कारा का नामकरण महान स्वतंत्रता सेनानी क्रांति वीर योद्धा शहीद बैकुंठ शुक्ल के नाम पर करवाने हेतु वर्षो से की जा रही मांग को बिहार सरकार द्वारा अभी तक अनसुनी करने के खिलाफ गया जिला के सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, छात्र - नौजवानों के आह्वान पर शहीद बैकुंठ शुल्क विचार मंच के बैनर तले 10 मई 2026 से केंद्रीय कारा के उत्तरी गेट पर शांतिपूर्ण अनशन देने का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। शहीद बैकुंठ शुक्ल विचार मंच से जुड़े कॉंग्रेस नेता विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, रंजीत कुमार, पूर्व वार्ड पार्षद लालजी प्रसाद, वार्ड पार्षद गजेंद्र सिंह, विपिन बिहारी सिन्हा, सुधीर कुमार, राधे कांत शर्मा, टिंकू गिरी, आदि ने कहा कि गया, मगध एवं बिहार के लोगों के लगातार मांग के बाद भी महान क्रांति वीर बैकुंठ शुक्ल जिन्होंने शहीदे आजम भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव के फांसी की सजा में मुखबिरी एवं इकबालिया गवाह देने वाला बेतीया निवासी फनीनद्र नाथ घोष को मौत की नींद सुलाने के जुल्म में उन्हें ब्रिटिश हुकूमत ने 14 मई 1934 को गया केंद्रीय कारा में फांसी की सजा देने का काम किया था। नेताओं ने कहा कि बिहार के मुजफ्फरपुर केंद्रीय कारा में खुदी राम बोस को फांसी की सजा होने के कारण उसका नाम शहीद खुदी राम बोस केंद्रीय कारा है, तो भागलपुर केंद्रीय कारा में जुबा सहनी को फांसी की सजा होने के कारण इसका नाम शहीद जुबा सहनी केंद्रीय कारा है, परंतु गया केंद्रीय कारा में बैकुंठ शुक्ल की फांसी की सजा मिलने के 92 वर्ष बीत जाने के बाद भी अभी तक गया केंद्रीय कारा का नामकरण शहीद बैकुंठ शुल्क केंद्रीय कारा नहीं हुआ है, जिससे राज्य की जनमानस में काफी आक्रोश है। नेताओं ने कहा विगत 30 वर्षों से लगातार प्रति वर्ष बैकुंठ शुक्ल के शहादत दिवस 14 मई को शहीद बैकुंठ शुक्ल विचार मंच के बैनर तले कार्यक्रम आयोजित कर राज्य सरकार को विस्तृत ज्ञापन भेज कर गया केंद्रीय कारा का नामकरण शहीद बैकुंठ शुक्ल केंद्रीय कारा करने, इनके नाम पर गया गांधी मैदान के दक्षिण _ पूर्व में बने द्वार का जीर्णोद्धार करने, इनके नाम पर गया के चाणक्यपुरी में बने पार्क में इनकी आदम कद प्रतिमा लगाने की मांग लगातार करने के बाद भी राज्य सरकार के कान पर जू तक नहीं रेंग रहा है, । नेताओं ने कहा कि इस बार भी अब 14 मई आने में एक माह की देरी है, परंतु अभी तक जिला एवं जेल प्रशासन द्वारा कई बार केंद्रीय कारा गया का नामकरण शहीद बैकुंठ शुल्क करने की अनुशंसा एवं सरकार को सभी प्रकार की जानकारी भेजे जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने से लोगों में भारी मायूसी है, इसलिए बैकुंठ शुक्ल विचार मंच से जुड़े सभी लोगों ने यह फैसला लिया कि 10 मई 2026 से लगातार अनशन का कार्यक्रम आयोजित कर राज्य सरकार के कुंभकर्णी निद्रा को तोड़वाने तथा जब तक गया केंद्रीय कारा का नामकरण शहीद बैकुंठ शुक्ल नहीं होता तब तक अनशन जारी रहेगा। ,भवदीय विजय कुमार मिट्ठू1
- जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा द्वारा भीषण गर्मी को देखते हुए पेयजल समस्या के समाधान हेतु नल-जल योजनाओं का घर-घर जाकर स्थलीय निरीक्षण किया गया, ताकि हर घर तक शुद्ध जल की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। 💧 #JalJeevanMission #Aurangabad #PublicService #GoodGovernance #WaterForAll #नलजल Information & Public Relations Department, Government of Bihar CMO Bihar1