बालाघाट जिले के आठ परीक्षा केंद्रों पर 21 जून को नीट री-एग्जाम का शांतिपूर्ण आयोजन किया गया, जिसमें कुल 2783 परीक्षार्थियों ने भाग लिया। यह परीक्षा दोपहर 02 बजे से शाम 05:15 बजे तक पूरी तरह से सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में संपन्न हुई। परीक्षा की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा एक दिन पहले ही कलेक्टर मृणाल मीना और एसपी ने लिया था। प्रशासन की ओर से परीक्षार्थियों के लिए निःशुल्क वाहन सेवा और पेयजल की व्यवस्था भी की गई थी। सभी आठ परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया गया, जिसके तहत मोबाइल, घड़ी, बेल्ट, आभूषण और स्टेशनरी जैसी वस्तुएं पूरी तरह से प्रतिबंधित थीं। परीक्षार्थियों को केवल साधारण कपड़े, कम हील की चप्पलें और पारदर्शी पानी की बोतल के साथ प्रवेश दिया गया। परीक्षा के दौरान जिला नोडल अधिकारी सहित जिला प्रशासन और पुलिस के सभी अधिकारी व्यवस्था संभालते हुए नजर आए, जिसके परिणामस्वरूप यह नीट री-एग्जाम शांतिपूर्वक संपन्न हुई।
बालाघाट जिले के आठ परीक्षा केंद्रों पर 21 जून को नीट री-एग्जाम का शांतिपूर्ण आयोजन किया गया, जिसमें कुल 2783 परीक्षार्थियों ने भाग लिया। यह परीक्षा दोपहर 02 बजे से शाम 05:15 बजे तक पूरी तरह से सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में संपन्न हुई। परीक्षा की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा एक दिन पहले ही कलेक्टर मृणाल मीना और एसपी ने लिया था। प्रशासन की ओर से परीक्षार्थियों के लिए निःशुल्क वाहन सेवा और पेयजल की व्यवस्था भी की गई थी। सभी आठ परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया गया, जिसके तहत मोबाइल, घड़ी, बेल्ट, आभूषण और स्टेशनरी जैसी वस्तुएं पूरी तरह से प्रतिबंधित थीं। परीक्षार्थियों को केवल साधारण कपड़े, कम हील की चप्पलें और पारदर्शी पानी की बोतल के साथ प्रवेश दिया गया। परीक्षा के दौरान जिला नोडल अधिकारी सहित जिला प्रशासन और पुलिस के सभी अधिकारी व्यवस्था संभालते हुए नजर आए, जिसके परिणामस्वरूप यह नीट री-एग्जाम शांतिपूर्वक संपन्न हुई।
- बालाघाट में रविवार, 21 जून को आदिवासी गोवारी समाज संगठन की एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जहाँ गोवारी जाति को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की सूची के क्रमांक-1 से विलोपित करवाने की मांग को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया गया। समाज के पदाधिकारियों ने राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग और जिला प्रशासन को इस संबंध में ज्ञापन सौंपने की रणनीति बनाई है, जिसे अधिकारों की लड़ाई के लिए समाज की हुंकार के रूप में देखा जा रहा है। बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि इसी सप्ताह मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य भगत सिंह नेताम से मिलकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके अतिरिक्त, जून माह के अंतिम सप्ताह में बालाघाट जिला कलेक्टर से भी मुलाकात कर समाज की मांगों को प्रस्तुत किया जाएगा। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो आगे की रणनीति बनाकर आंदोलनात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। इस दौरान, आदिवासी गोवारी जाति से जुड़े सामाजिक एवं संवैधानिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। आदिवासी गोवारी समाज लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्षरत है। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष महेश सहारे, जिला अध्यक्ष कन्हैया राऊत, जिला सचिव परमानंद नागोसे, कर्मचारी संघ संयोजक राधेलाल बगारे, प्रदेश कोषाध्यक्ष रामेश्वर सोनवाने, पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष अरुण कुमार मंडलवार, जनपद अध्यक्ष फूलचंद सहारे, राजेश कारसर्पे, जिला उपाध्यक्ष प्रहलाद सहारे, कमल प्रसाद मंडलवार, मीडिया प्रभारी अर्जुन सेंदरे, लांजी ब्लॉक अध्यक्ष ओमकार मंडलवार, किरनापुर ब्लॉक अध्यक्ष दिनेश चौधरी, उकवा ब्लॉक से हीरालाल सहारे, मलाजखंड क्षेत्रीय अध्यक्ष राजकुमार टांगसे सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।4
- बालाघाट जिले के आठ परीक्षा केंद्रों पर 21 जून को नीट री-एग्जाम का शांतिपूर्ण आयोजन किया गया, जिसमें कुल 2783 परीक्षार्थियों ने भाग लिया। यह परीक्षा दोपहर 02 बजे से शाम 05:15 बजे तक पूरी तरह से सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में संपन्न हुई। परीक्षा की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा एक दिन पहले ही कलेक्टर मृणाल मीना और एसपी ने लिया था। प्रशासन की ओर से परीक्षार्थियों के लिए निःशुल्क वाहन सेवा और पेयजल की व्यवस्था भी की गई थी। सभी आठ परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया गया, जिसके तहत मोबाइल, घड़ी, बेल्ट, आभूषण और स्टेशनरी जैसी वस्तुएं पूरी तरह से प्रतिबंधित थीं। परीक्षार्थियों को केवल साधारण कपड़े, कम हील की चप्पलें और पारदर्शी पानी की बोतल के साथ प्रवेश दिया गया। परीक्षा के दौरान जिला नोडल अधिकारी सहित जिला प्रशासन और पुलिस के सभी अधिकारी व्यवस्था संभालते हुए नजर आए, जिसके परिणामस्वरूप यह नीट री-एग्जाम शांतिपूर्वक संपन्न हुई।1
- बालाघाट में री-नीट (यूजी) परीक्षा शांतिपूर्वक सम्पन्न हो गई है। इस परीक्षा के लिए कुल 3112 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 2783 परीक्षार्थी शामिल हुए। वहीं, 329 अभ्यर्थी परीक्षा में अनुपस्थित रहे।1
- वारासिवनी नगर के वार्ड नंबर 8 स्थित उत्कर्ष सिटी में रविवार की सुबह अज्ञात तत्वों ने नगरपालिका परिषद वारासिवनी द्वारा लगाए गए हरे-भरे वृक्षों को काट दिया। इन वृक्षों को नगरपालिका ने पिछले वर्ष पर्यावरण संरक्षण और सौंदर्यीकरण को ध्यान में रखते हुए लगाया था। यह आश्चर्य की बात है कि वृक्ष सिर्फ उत्कर्ष सिटी परिसर के भीतर ही काटे गए हैं, जबकि परिसर के बाहर लगे वृक्षों को कोई नुकसान नहीं पहुँचाया गया है। इस घटना के बाद, वार्ड नंबर 8 के पार्षद धरमु जोशी ने वृक्षों की इस कटाई में कासल घराने के मालिकों पर संदेह व्यक्त किया है। वहीं, सीएमओ सूर्यप्रकाश ऊके ने शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के इस मामले को लेकर वारासिवनी पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और मामले की जाँच कर उचित कार्यवाही की माँग की है।1
- किरनापुर के सुसवा गाँव में पिछले चार वर्षों से एक जल टंकी का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है, जिसके कारण ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। सरकार की महत्वाकांक्षी 'हर घर नल, हर घर जल' योजना का सपना इन ग्रामीणों के लिए अब तक अधूरा ही है। इस अधूरी परियोजना को लेकर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि ठेकेदार की उदासीनता के चलते निर्माण कार्य रुका हुआ है। भीषण गर्मी के इस मौसम में, सुसवा के निवासियों को अपनी दैनिक ज़रूरतों के लिए कई किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है।1
- पूर्व सांसद कंकर मुंजारे को सोशल मीडिया पर गाली-गलौच और जान से मारने की धमकी मिली है। इस मामले में उन्होंने पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की है, जिसमें आरोपी की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी, संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट की गहन जांच, और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना शामिल है।1
- बालाघाट जिले के महदुली स्थित एक तालाब में डूबने से एक 14 वर्षीय बालक की दर्दनाक मौत हो गई है।1
- वैनगंगा नदी के जागपुर घाट पर एक युवक डूब गया। घटना के बाद, एसडीईआरएफ और होमगार्ड की टीमों ने तत्काल सर्च अभियान चलाया। लगभग एक घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद, जगपुर घाट से ही युवक का शव बरामद कर लिया गया।1