अर्टिगा कार और पिकप में आमने सामने की टक्कर तीन लोगों की मौत म्योरपुर थाना क्षेत्र के किरबिल गांव के पास बीजपुर-मूर्धवा मार्ग पर रविवार शाम को एक भीषण सड़क हादसा हुआ,म्योरपुर थाना क्षेत्र के बीजपुर–मुर्धवा मार्ग पर विषघरवा टोला के पास कार और पिकअप वाहन की आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।इस दर्दनाक दुर्घटना में कार सवार तीन लोगों की, जिनमें एक महिला भी शामिल है, मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। एक व्यक्ति कार में फंस गया था, जिसे पुलिस और स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला,पुलिस ने तीनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सूचना मिलते ही म्योरपुर पुलिस मौके पर पहुंची और 108 एंबुलेंस की मदद से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र म्योरपुर भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है,फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटी है, प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार को वजह माना जा रहा है।मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकालकर म्योरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। हादसे में मृतकों की पहचान संजय (60 वर्ष) निवासी ग्राम चेतवा थाना बीजपुर, अखिलेश (65 वर्ष) तथा उनकी पत्नी हीरामनी (55 वर्ष) निवासी सेवकामोड़ थाना बीजपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए दुद्धी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया है। वहीं पिकअप चालक मुस्लिम (20 वर्ष) पुत्र इद्दु निवासी बडहोर तथा गोविंद (35 वर्ष) पुत्र रमेश जायसवाल निवासी बभनी थाना बभनी घायल हो गए, जिनका इलाज चल रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार में चालक समेत चार लोग सवार थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक प्रभु निवासी सेवकामोड़ थाना बीजपुर गंभीर रूप से घायल हो गया। चालक ने बताया कि सभी लोग कार से राबर्ट्सगंज एक बर्थडे पार्टी में शामिल होने जा रहे थे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक कार सवार वाहन में फंस गया, जिसे निकालने के लिए पुलिस और ग्रामीणों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने तीन कार सवारों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतकों के शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए दुद्धी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया है। हादसे में दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए है।
अर्टिगा कार और पिकप में आमने सामने की टक्कर तीन लोगों की मौत म्योरपुर थाना क्षेत्र के किरबिल गांव के पास बीजपुर-मूर्धवा मार्ग पर रविवार शाम को एक भीषण सड़क हादसा हुआ,म्योरपुर थाना क्षेत्र के बीजपुर–मुर्धवा मार्ग पर विषघरवा टोला के पास कार और पिकअप वाहन की आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।इस दर्दनाक दुर्घटना में कार सवार तीन लोगों की, जिनमें एक महिला भी शामिल है, मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। एक व्यक्ति कार में फंस गया था, जिसे पुलिस और स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला,पुलिस ने तीनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सूचना मिलते ही म्योरपुर पुलिस मौके पर पहुंची और 108 एंबुलेंस की मदद से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र म्योरपुर भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है,फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटी है, प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार को वजह माना जा रहा है।मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों की मदद से घायलों को बाहर निकालकर म्योरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। हादसे में मृतकों की पहचान संजय (60 वर्ष) निवासी
ग्राम चेतवा थाना बीजपुर, अखिलेश (65 वर्ष) तथा उनकी पत्नी हीरामनी (55 वर्ष) निवासी सेवकामोड़ थाना बीजपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए दुद्धी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया है। वहीं पिकअप चालक मुस्लिम (20 वर्ष) पुत्र इद्दु निवासी बडहोर तथा गोविंद (35 वर्ष) पुत्र रमेश जायसवाल निवासी बभनी थाना बभनी घायल हो गए, जिनका इलाज चल रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कार में चालक समेत चार लोग सवार थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार सवार तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक प्रभु निवासी सेवकामोड़ थाना बीजपुर गंभीर रूप से घायल हो गया। चालक ने बताया कि सभी लोग कार से राबर्ट्सगंज एक बर्थडे पार्टी में शामिल होने जा रहे थे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक कार सवार वाहन में फंस गया, जिसे निकालने के लिए पुलिस और ग्रामीणों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने तीन कार सवारों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतकों के शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए दुद्धी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया है। हादसे में दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए है।
- सोनभद्र जनपद में भव्य तरीके से 16 वे राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया गया अधिकारी कर्मचारी और छात्र-छात्राएं को भी दिलाया गया शपथ1
- *मानवाधिकार संगठन में मची रार: पूर्व उपाध्यक्ष पर वापसी के लिए बनाया जा रहा अनैतिक दबाव* *सोनभद्र/मिर्जापुर:* जनपद में मानवाधिकारों के संरक्षण का दावा करने वाले संगठन 'समग्र मानवाधिकार एसोसिएशन' के भीतर आंतरिक कलह और दबाव की राजनीति का मामला गरमाता नजर आ रहा है। संगठन के सोनभद्र जिला अध्यक्ष मुमताज अली और मिर्जापुर के पूर्व उपाध्यक्ष नितेश उपाध्याय के बीच हुई बातचीत का एक कथित ऑडियो सामने आया है, जिसमें मुमताज अली पूर्व उपाध्यक्ष पर संगठन में वापस लौटने और पद संभालने के लिए भारी दबाव बनाते सुनाई दे रहे हैं। *मर्यादाओं को ताक पर रखकर दी जा रही नसीहत* वायरल ऑडियो में मुमताज अली द्वारा नितेश उपाध्याय को संगठन की मजबूती की दुहाई देते हुए वापस आने को कहा जा रहा है। बातचीत के दौरान मुमताज अली का लहजा काफी सख्त और प्रभाव जमाने वाला है। वे नितेश उपाध्याय को यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि संगठन में रहने से ही उनकी ताकत बनी रहेगी, जबकि नितेश उपाध्याय पूर्व में हुए खराब अनुभवों और संगठन के भीतर मिली 'बदनामी' का हवाला देकर खुद को इससे दूर रखने की बात कह रहे हैं। *बदनामी और अभद्रता का लगा आरोप* नितेश उपाध्याय ने स्पष्ट किया कि संगठन में रहते हुए उन्हें सम्मान के बजाय अपमान झेलना पड़ा है। उन्होंने पूर्व की घटनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि किस तरह संगठन के ही लोगों द्वारा फैलाए गए भ्रम के कारण उन्हें अभद्रता का सामना करना पड़ा था। बावजूद इसके, मुमताज अली द्वारा उनकी बातों को दरकिनार कर लगातार 'सिपाही' बनने और संगठन में वापस आने का दबाव बनाया जा रहा है, जो किसी भी लोकतांत्रिक संस्था की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है। *सत्ता और रसूख का दिखाया जा रहा डर?* बातचीत के दौरान मुमताज अली द्वारा बड़े अधिकारियों और राजनीतिक रसूख का हवाला भी दिया गया, जिसे नितेश उपाध्याय पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। संगठन के भीतर चल रही इस खींचतान ने यह साफ कर दिया है कि मानवाधिकारों की बात करने वाले खुद अपने पूर्व पदाधिकारियों की इच्छा और स्वाभिमान का सम्मान नहीं कर पा रहे हैं। *क्षेत्र में चर्चा का विषय* यह मामला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। जानकारों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को उसकी मर्जी के बिना किसी संगठन में बने रहने के लिए विवश करना अनैतिक है। अब देखना यह होगा कि इस दबाव की राजनीति के बाद नितेश उपाध्याय क्या रुख अपनाते हैं और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी इस विवाद पर क्या स्पष्टीकरण देते हैं। *मुमताज अली का दबावपूर्ण तर्क:* "मुमताज अली ऑडियो में स्पष्ट रूप से नितेश उपाध्याय को यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि संगठन में वापस आ जाओ, संगठन सिपाही से ही मजबूत होता है। उन्होंने सत्ता और रसूख का हवाला देते हुए यहाँ तक कह दिया कि 'यदि हमारे पास दम है तो हमें किसी चेयरमैन या नेता की जरूरत नहीं है, हमारी वाणी में दम होना चाहिए।' यह बयान दर्शाता है कि किस तरह संगठन के नाम पर व्यक्तिगत प्रभाव जमाने की कोशिश की जा रही है।" *नितेश उपाध्याय की तीखी प्रतिक्रिया:* "वहीं नितेश उपाध्याय ने दबाव को खारिज करते हुए मुमताज अली को आइना दिखाया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि 'मैं संगठन का मेम्बर नहीं बनना चाहता, आप मुझ पर ऐसा दबाव मत डालिए।' उन्होंने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन के लिए काम करने के बदले उन्हें सिर्फ बदनामी और अपमान मिला है, यहाँ तक कि पूर्व में उन्हें अभद्र व्यवहार का भी सामना करना पड़ा था, जिसे वे अब और बर्दाश्त नहीं करेंगे।"1
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- 🔥 सोनभद्र महा-घोटाला: क्या 'पुरस्कृत' भ्रष्टाचार के आगे लाचार है सरकारी तंत्र? 🛑 सचिवालय को सजाने वाले मज़दूर को मिलीं गंदी गालियां और जान से मारने की धमकी; "पत्राचार से क्या उखाड़ लोगे?"—गुलालझरिया के प्रधान ने लोकतंत्र और कानून को बताया अपनी जूती! जनपद सोनभद्र के दुद्धी ब्लॉक की ग्राम पंचायत गुलालझरिया आज तानाशाही और लूट का केंद्र बन चुकी है। मुख्यमंत्री पुरस्कार का मुखौटा पहनकर एक दबंग प्रधान ने न केवल एक मज़दूर का हक मारा, बल्कि उसे "ब्लैकमेलर" बताकर जान से मारने की धमकी भी दे डाली है। सचिवालय को अपने खून-पसीने से चमकाने वाले एक गरीब अल्पसंख्यक मज़दूर को भुगतान के बदले आज जान बचाने के लाले पड़ गए हैं। १. हक मांगा तो मिला "ब्लैकमेलर" का ठप्पा और मौत की धमकी! जब पीड़ित मज़दूर ने अपनी मेहनत की कमाई मांगी, तो प्रधान ने अपनी दबंगई दिखाते हुए उसे सरेआम "ब्लैकमेलर" करार दिया। प्रधान का अहंकार यहीं नहीं रुका, उसने मज़दूर को जान से मारने की सीधी धमकी देते हुए कहा कि अगर दोबारा पैसे मांगे या कहीं शिकायत की तो अंजाम बहुत बुरा होगा। पीड़ित का सवाल है— "साहब! अपना हक मांगना ब्लैकमेलिंग है क्या? क्या गरीब को अपनी मेहनत का पैसा मांगने पर जान से हाथ धोना पड़ेगा?" २. 'जनसुनवाई पोर्टल' (IGRS) की नाकामी: रसूखदारों की 'सेटिंग' का अड्डा! पीड़ित ने जब न्याय की उम्मीद में पोर्टल पर गुहार लगाई, तो वहां न्याय के बजाय 'साठ-गांठ' का नंगा नाच देखने को मिला। अधिकारियों ने बिना धरातल पर जांच किए, प्रधान के रसूख के आगे घुटने टेकते हुए शिकायतों को कागजों में ही 'निस्तारित' दिखा दिया। पीड़ित का आरोप है कि— "अधिकारी और प्रधान मिलकर शिकायतों का सौदा कर लेते हैं। आम नागरिक की आवाज़ केवल फाइलों में दबने के लिए है।" ३. "मीडिया ₹50 की, दरोगा-पत्रकार मेरे पालतू"—सिस्टम का सरेआम अपमान जब पीड़ित ने सच उजागर करने की चेतावनी दी, तो प्रधान ने सिस्टम को अपनी जागीर बताते हुए कहा— "लोकल मीडिया की औकात ₹50 की है, उन्हें मैं अपनी जेब में रखता हूँ। 2-4 पालतू पत्रकार और दरोगा तो मैंने भी पाल रखे हैं जो मेरे टुकड़ों पर पलते हैं।" उसने पुलिस विभाग को ललकारते हुए कहा— "थाना मेरी जेब में रहता है। तेरे बकाये पैसे में से 10% पुलिस को दूंगा और तुझे वहीं उल्टा लटकवाकर मारूंगा। 2-4 फर्जी केस लगाकर तुझे उम्र भर के लिए जेल में सड़ा दूंगा।" ४. अधिकारियों पर '40% कमीशन' का आरोप और ₹80 बनाम ₹200 का खेल! भ्रष्टाचार की जड़ें बहुत गहरी हैं। अपनी गर्दन बचाने के लिए प्रधान ने खुद कुबूल किया कि— "हर काम में 40% कमीशन ब्लॉक के अधिकारियों और तंत्र में बांटना पड़ता है, तब बिल पास होता है।" इसी लूट को अंजाम देने के लिए जिस इंटीरियर कार्य का वास्तविक रेट ₹80/sqft था, उसे सरकारी कागजों में ₹200 से ऊपर का दिखाया गया है। हमारी मांग है कि पूरे पंचायत के कार्यों का तत्काल 'टेक्निकल ऑडिट' कराया जाए। आसपास के 4-5 गांव के कामो का स्पेेशल टीम से जांच पड़ताल कराया जाये ५. भद्दी गालियां, सांप्रदायिक प्रताड़ना और 'न्यायपालिका' को चुनौती अपना हक मांगने पर पीड़ित को ऐसी भद्दी और अमर्यादित गालियां दी जा रही हैं जिसे सभ्य समाज में सुना भी नहीं जा सकता। प्रधान सरेआम कहता है— "DM से शिकायत करोगे DM पैैसा दिला देगा और जज तुम्हारी जेब नहीं भरेंगे, पत्राचार करके क्या उखाड़ लोगे? कोई कोर्ट-कचहरी तुझे पैसा नहीं दिला पाएगी। ग्राम प्रधान का पावर बहुत होता है।" ⚠️ शासन और जिला प्रशासन के लिए चुभते सवाल: @dm_sonbhadra: साहब! एक गरीब की आंखों में आंसू हैं और आपके पद की सरेआम नीलामी हो रही है। क्या एक "मज़दूर" को "ब्लैकमेलर" कहकर उसकी जान लेने की धमकी देने वाले पर कार्रवाई होगी? @sonbhadrapolice: प्रधान दावा कर रहा है कि दरोगा उसके पालतू हैं और वह 10% रिश्वत देकर मज़दूर को उल्टा लटकवाएगा। क्या पुलिस विभाग अपनी वर्दी का यह अपमान सहेगा? सोनभद्र के पत्रकारों: क्या आप ₹50 की औकात बताने वाले और पत्रकारों को 'पालतू' कहने वाले इस भ्रष्ट प्रधान को अपनी कलम की ताकत दिखाएंगे? 3
- Post by Awaaz -e-Bharat1
- सोनभद्र में निष्पक्ष पत्रकारिता को डराने-धमकाने का एक और निंदनीय प्रयास सामने आया है। हाल ही में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग वायरल हुई है, जिसमें समग्र मानवाधिकार एसोसिएशन के जिला प्रभारी इस्तियाक अली अंसारी, मिर्ज़ापुर के पूर्व ब्लॉक उपाध्यक्ष नितेश उपाध्याय से बात करते हुए 'दैनिक अयोध्या टाइम्स' के ब्यूरो चीफ को सरेआम धमकी दे रहे हैं। ⚠️ रिकॉर्डिंग के कुछ अंश: • पत्रकार को "फर्जी" बताना और झूठे मामलों में फंसाने की साजिश। • "मार देने" और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी। • सच्चाई लिखने से रोकने के लिए मानसिक और शारीरिक दबाव बनाने की कोशिश। जब मानवाधिकारों की रक्षा का दावा करने वाले लोग ही कानून को अपने हाथ में लेने और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ (मीडिया) को कुचलने की बात करने लगें, तो समाज में न्याय की उम्मीद किससे की जाए? 📍 हम मांग करते हैं: 1. सोनभद्र पुलिस ( SP Sonbhadra ) इस मामले का तत्काल संज्ञान ले। 2. धमकी देने वाले दोषियों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई हो। 3. पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए ताकि वे बिना डरे सच सामने ला सकें। #JournalismUnderAttack #JusticeForJournalist #SonbhadraPolice #UPPolice #DainikAyodhyaTimes #HumanRightsViolation #FreedomOfPress1
- Post by @PappuKumar-ky6qb you tube my channel1
- सोनभद्र *सोनभद्र विंध्य की पहाड़ियाँ और सोनांचल की माटी प्रदेश की असली शान-रविंद्र जायसवाल* *कलेक्ट्रेट में उत्तर प्रदेश दिवस का भव्य आयोजन, प्रभारी मंत्री ने गिनाईं सोनभद्र की विशेषताएँ* *गरीबों को मिले आवास, दिव्यांगों को ट्राई-साइकिल और मत्स्य पालकों को मिलीं आइसकिट, आयुष्मान कार्ड, निराश्रित महिलाओं को पेंशन, पी0एम0 विश्वकर्मा योजनाओं के लाभार्थियों को टूलकिट, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ऋण स्वीकृति प्रमाण-पत्र* *प्रदेश सरकार की जन कल्याणकारी उपलब्धियों पर आधार तीन दिवसीय प्रदर्शनी का मा0 प्रभारी मंत्री जी ने फीता काटकर किये शुभारंभ* *प्रदर्शनी के माध्यम से जनमानस प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से होंगें रूबरू* *करमा नृत्य, शैला नृत्य व देशभक्ति गीतों की, की गयी सुन्दर प्रस्तुति* जनपद सोनभद्र के कलेक्ट्रेट परिसर में आज उत्तर प्रदेश दिवस को गरिमामयी व भव्य तरीके से मनाया गया, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और जनपद के प्रभारी मंत्री रविंद्र जायसवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने सोनभद्र की प्राकृतिक सुंदरता और इसके भौगोलिक महत्व को रेखांकित करते हुए इसे प्रदेश का सबसे अनमोल जिला बताया। विंध्य पर्वत और गंगा का सानिध्य हमारी पहचान है, जनसभा को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि हमें गर्व के साथ कहना चाहिए कि हम सोनभद्र के निवासी हैं। राष्ट्रगान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, विंध्य हिमाचल यमुना गंगा... यानी देश की गाथा में विंध्य का नाम स्वर्ण अक्षरों में है। जहाँ विंध्य पर्वत की चोटियाँ हों और माँ गंगा का आशीर्वाद हो, वह हमारा सोनभद्र है। उन्होंने आगे कहा कि उत्तराखंड के अलग होने के बाद भी उत्तर प्रदेश के पास जो पर्वतीय वैभव बचा है, वह सोनभद्र और मिर्जापुर की पहचान है, यह सोनांचल जिला उत्तर प्रदेश की शान है। केन्द्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाअेां से लाभार्थियों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार हो रहा है, उन्होंने कहा कि बेटियों के जन्म होने पर कन्या सुमंगला योजना से लाभान्वित किया जाता है, उसके बाद शिक्षा ग्रहण करने के दौरान उन्हें छात्रवृत्ति की सुविधा उपलब्ध होती है, उसके बाद प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से विवाह भी कराया जाता है, जिसमें प्रति जोड़ों पर 1 लाख रूपये सरकार द्वारा उपलब्ध कराये जाते हैं, उन्होंने कहा कि प्राईवेट नौकरियों के माध्यम से 2 करोड़ नौजवानों को रोजगार उपलब्ध कराये गये हैं और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजनान्तर्गत युवाओं को रोजगार से जोड़ने हेतु 5 लाख रूपये तक ऋण सुविधा सब्सिडी के साथ उपलब्ध करायी जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आवास, प्रधानमंत्री आवास, निराश्रित महिला पेंशन योजना के माध्यम से लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत देश विश्व के पटल पर चैथे अर्थव्यवस्था बन गया है, उन्होंने कहा कि लोकल फाॅर वोकल को बढ़ावा देने के लिए आज यहां पर विभिन्न विभागों द्वारा स्टाल लगाये गये हैं, उन्होंने कहा कि अर्जून के पेड़ पर किट के माध्यम से रेशम के टसर बनाने का कार्य जनपद सोनभद्र में किया जा रहा है, रेशम के टसर का प्रयोग यदि सेल्फ के रूप में हुआ तो, जनपद सोनभद्र में रेशम के माध्यम से भी लोगों को आय में बेहतर वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि आकांक्षीय जनपदों की जो देश में श्रेणी बनी है, जिसमें 112 जनपद सम्मिलित है, उसमें से जनपद सोनभद्र विकास के मामले में जनपद सोनभद्र देश में चैथे स्थान पर है, शीघ्र ही यह जनपद आकांशीय जनपदों की श्रेणी से बाहर होगा। इस जनपद में इन्वेस्टर्स द्वारा भारी संख्या में इन्वेस्ट कर उद्योग लगाकर लोगों को रोजगार से जोड़ने का भी कार्य किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर मा0 प्रभारी मंत्री जी ने प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं व उपलब्धियों पर आधारित कलेक्ट्रेट परिसर में सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग द्वारा लगायी गयी प्रदर्शनी का फीता काटकर शुभारंभ किये, इस दौरान मा0 प्रभारी मंत्री जी ने कहा कि इस प्रदर्शनी के माध्यम से जनमानस प्रदेश सरकार द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस दौरान जनपद के स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा करमा नृत्य, शैला नृत्य व देशभक्ति गीतों की सुन्दर प्रस्तुति की गयी। स्थापना दिवस के अवसर पर सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का पिटारा खुला, मा0 प्रभारी मंत्री, मा0 विधायक सदर श्री भूपेश चैबे, मा0 विधायक घोरावल डाॅ0 अनिल कुमार मौर्या ने मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों को उनके घरों की चाबियाँ सौंपी। ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक सशक्तिकरण के लिए चेक प्रदान किए। दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु ट्राई-साइकिल का वितरण किया। मत्स्य विभाग की ओर से मछुआरों को आइस-किट युक्त मोटरसाइकिलें दीं, ताकि वे अपने उत्पाद को सुरक्षित बाजार तक पहुँचा सकें। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष राधिका पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री नंदलाल गुप्ता, पूर्व सांसद राम सकल ने भी अपने विचार रखें। इस दौरान मा0 प्रभारी मंत्री जी ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाये गये स्टालों का निरीक्षण किये तथा विभिन्न उत्पादों की खरीद भी किये और बनाये गये विभिन्न व्यंजनों का स्वाद भी चखें। इस अवसर पर जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह, पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा और मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, नगर पालिका अध्यक्ष रूबी प्रसाद, सदर ब्लॉक प्रमुख अजीत रावत, भाजपा जिला प्रभारी अनिल सिंह सहित भारी संख्या में ग्रामीण व लाभार्थी उपस्थित रहे।3