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पूर्व सांसद एवं विधायक श्री राम नारायण मीणा ने कोटा KDA मामले को लेकर 8 जून को होने वाले जन आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने हेतु कर्मठ कार्यकर्ताओं और आम जनता से आग्रह एवं विनम्र निवेदन किया है। यह आंदोलन कोटा दशहरा मैदान में आयोजित किया जाएगा और इसका उद्देश्य कोटा KDA के “काला कानून” का विरोध करना है। मीणा ने जोर दिया है कि अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए जनता की सहभागिता आवश्यक है, क्योंकि “जनता की एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है”।

7 hrs ago
user_दुर्गा शंकर मीणा गांव तहसील रायथल जिला बूंदी
दुर्गा शंकर मीणा गांव तहसील रायथल जिला बूंदी
Local News Reporter तालेड़ा, बूंदी, राजस्थान•
7 hrs ago

पूर्व सांसद एवं विधायक श्री राम नारायण मीणा ने कोटा KDA मामले को लेकर 8 जून को होने वाले जन आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने हेतु कर्मठ कार्यकर्ताओं और आम जनता से आग्रह एवं विनम्र निवेदन किया है। यह आंदोलन कोटा दशहरा मैदान में आयोजित किया जाएगा और इसका उद्देश्य कोटा KDA के “काला कानून” का विरोध करना है। मीणा ने जोर दिया है कि अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए जनता की सहभागिता आवश्यक है, क्योंकि “जनता की एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है”।

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  • पूर्व सांसद एवं विधायक श्री राम नारायण मीणा ने कोटा KDA मामले को लेकर 8 जून को होने वाले जन आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने हेतु कर्मठ कार्यकर्ताओं और आम जनता से आग्रह एवं विनम्र निवेदन किया है। यह आंदोलन कोटा दशहरा मैदान में आयोजित किया जाएगा और इसका उद्देश्य कोटा KDA के “काला कानून” का विरोध करना है। मीणा ने जोर दिया है कि अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए जनता की सहभागिता आवश्यक है, क्योंकि “जनता की एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है”।
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    पूर्व सांसद एवं विधायक श्री राम नारायण मीणा ने कोटा KDA मामले को लेकर 8 जून को होने वाले जन आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने हेतु कर्मठ कार्यकर्ताओं और आम जनता से आग्रह एवं विनम्र निवेदन किया है। यह आंदोलन कोटा दशहरा मैदान में आयोजित किया जाएगा और इसका उद्देश्य कोटा KDA के “काला कानून” का विरोध करना है। मीणा ने जोर दिया है कि अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करने के लिए जनता की सहभागिता आवश्यक है, क्योंकि “जनता की एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है”।
    user_दुर्गा शंकर मीणा गांव तहसील रायथल जिला बूंदी
    दुर्गा शंकर मीणा गांव तहसील रायथल जिला बूंदी
    Local News Reporter तालेड़ा, बूंदी, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • Post by Mahendar.merotha
    2
    Post by Mahendar.merotha
    user_Mahendar.merotha
    Mahendar.merotha
    Voice of people लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • कोटा के ऐतिहासिक चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या के बाद शहर में लगातार तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। इस घटना को लेकर मठ से जुड़े लोगों में भारी रोष व्याप्त है। एमबीएस अस्पताल की मॉर्च्यूरी के बाहर साधु-संत, साधक और विभिन्न संगठनों के लोग धरने पर बैठे हैं और उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव लेने से इनकार कर दिया है। इस बीच, सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम मौके पर पहुंचीं और बताया कि पुलिस ने इस मामले में 6 से 7 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि हत्या का खुलासा करने के लिए जांच प्रक्रिया तेज कर दी गई है। परिजनों, संत समाज और अन्य संगठनों द्वारा उठाई गई सभी आशंकाओं व शिकायतों के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जुटाए गए साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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    कोटा के ऐतिहासिक चंद्रेसल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या के बाद शहर में लगातार तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। इस घटना को लेकर मठ से जुड़े लोगों में भारी रोष व्याप्त है। एमबीएस अस्पताल की मॉर्च्यूरी के बाहर साधु-संत, साधक और विभिन्न संगठनों के लोग धरने पर बैठे हैं और उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव लेने से इनकार कर दिया है।

इस बीच, सिटी एसपी तेजस्विनी गौतम मौके पर पहुंचीं और बताया कि पुलिस ने इस मामले में 6 से 7 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि हत्या का खुलासा करने के लिए जांच प्रक्रिया तेज कर दी गई है। परिजनों, संत समाज और अन्य संगठनों द्वारा उठाई गई सभी आशंकाओं व शिकायतों के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जुटाए गए साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
    user_Journalist Asif khan KOTA City NEWS
    Journalist Asif khan KOTA City NEWS
    जर्नलिज्म,पत्रकारिता लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • राजस्थान के कोटा में एक परिवार को अपना घर बनाने में गंभीर बाधाओं का सामना करना पड़ा, जहाँ वर्षों किराए के मकान में रहने के बाद अपने आशियाने का सपना साकार करने की दहलीज पर भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा था। भूमि खरीदने, मुहूर्त निकालने और भूमि पूजन के बाद भी, काम नहीं चला और यहाँ तक कि तीसरी बार भूमि पूजन कराने पर भी भूमि मौन रही, मानो वह कह रही हो — अभी नहीं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह केवल इस एक परिवार की नहीं, बल्कि उन हजारों लोगों की कहानी है जो वास्तु को केवल एक रस्म समझकर उसकी गहरी विज्ञान को नजरअंदाज कर देते हैं। इस मामले में हुई एक प्रमुख गलती यह थी कि ज्योतिषीय गणना के अनुसार भूमि पूजन नैऋत्य (Southwest) क्षेत्र में होना चाहिए था, लेकिन इसे दक्षिण-नैऋत्य (South-Southwest) क्षेत्र में किया गया। वास्तु विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि कई लोग इस 'कुछ डिग्री के फर्क' को मामूली मान सकते हैं, लेकिन वास्तुशास्त्र में ऊर्जा के प्रवाह पर इसका गहरा असर पड़ता है, ठीक वैसे ही जैसे कुछ डिग्री का अंतर किसी विमान को दूसरे देश में या जहाज को उसकी मंजिल से भटका सकता है। वास्तु 32 दिशात्मक ऊर्जा खंडों पर काम करता है, जिसके तहत दक्षिण और नैऋत्य के बीच भी अलग-अलग ऊर्जा क्षेत्र होते हैं। जहाँ नैऋत्य क्षेत्र स्थायित्व, भूमि तत्व, निर्माण की मजबूती, पारिवारिक नियंत्रण और संपत्ति की सुरक्षा से जुड़ा है, वहीं दक्षिण-नैऋत्य क्षेत्र कई स्थितियों में रुकावट, असंतुलन और ऊर्जा अवरोध का कारण बन सकता है, जिससे निर्माण शुरू होकर रुक जाना, धन अटकना, मजदूर न मिलना या बिना कारण निर्माण का टलना जैसी बाधाएं आती हैं। इसीलिए वास्तु विशेषज्ञ केवल कम्पास नहीं, बल्कि डिग्री भी देखते हैं। इसके अतिरिक्त, दूसरी गंभीर गलती यह थी कि भूमि पूजन के समय पंडित जी का मुख दक्षिण दिशा की ओर था। वैदिक अनुष्ठानों में दिशा केवल बैठने की व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह ऊर्जा का मार्ग निर्धारित करती है, जिससे मंत्र शक्ति, संकल्प और आह्वान सही ऊर्जा केंद्र तक पहुँचते हैं। ऋषियों ने भूमि को केवल मिट्टी का टुकड़ा नहीं माना, बल्कि उसे 'वास्तुपुरुष का शरीर' कहा है। इस संदर्भ में, भूमि पूजन कोई सामान्य 'फोटो खिंचवाने का कार्यक्रम' नहीं, बल्कि यह वास्तुपुरुष से अनुमति लेने का एक संस्कार है, भूमि को जागृत करने का विज्ञान है। यह ग्रह, दिशा, ऊर्जा और संकल्प का संगम है।
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    राजस्थान के कोटा में एक परिवार को अपना घर बनाने में गंभीर बाधाओं का सामना करना पड़ा, जहाँ वर्षों किराए के मकान में रहने के बाद अपने आशियाने का सपना साकार करने की दहलीज पर भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा था। भूमि खरीदने, मुहूर्त निकालने और भूमि पूजन के बाद भी, काम नहीं चला और यहाँ तक कि तीसरी बार भूमि पूजन कराने पर भी भूमि मौन रही, मानो वह कह रही हो — अभी नहीं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह केवल इस एक परिवार की नहीं, बल्कि उन हजारों लोगों की कहानी है जो वास्तु को केवल एक रस्म समझकर उसकी गहरी विज्ञान को नजरअंदाज कर देते हैं।

इस मामले में हुई एक प्रमुख गलती यह थी कि ज्योतिषीय गणना के अनुसार भूमि पूजन नैऋत्य (Southwest) क्षेत्र में होना चाहिए था, लेकिन इसे दक्षिण-नैऋत्य (South-Southwest) क्षेत्र में किया गया। वास्तु विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि कई लोग इस 'कुछ डिग्री के फर्क' को मामूली मान सकते हैं, लेकिन वास्तुशास्त्र में ऊर्जा के प्रवाह पर इसका गहरा असर पड़ता है, ठीक वैसे ही जैसे कुछ डिग्री का अंतर किसी विमान को दूसरे देश में या जहाज को उसकी मंजिल से भटका सकता है। वास्तु 32 दिशात्मक ऊर्जा खंडों पर काम करता है, जिसके तहत दक्षिण और नैऋत्य के बीच भी अलग-अलग ऊर्जा क्षेत्र होते हैं। जहाँ नैऋत्य क्षेत्र स्थायित्व, भूमि तत्व, निर्माण की मजबूती, पारिवारिक नियंत्रण और संपत्ति की सुरक्षा से जुड़ा है, वहीं दक्षिण-नैऋत्य क्षेत्र कई स्थितियों में रुकावट, असंतुलन और ऊर्जा अवरोध का कारण बन सकता है, जिससे निर्माण शुरू होकर रुक जाना, धन अटकना, मजदूर न मिलना या बिना कारण निर्माण का टलना जैसी बाधाएं आती हैं। इसीलिए वास्तु विशेषज्ञ केवल कम्पास नहीं, बल्कि डिग्री भी देखते हैं।

इसके अतिरिक्त, दूसरी गंभीर गलती यह थी कि भूमि पूजन के समय पंडित जी का मुख दक्षिण दिशा की ओर था। वैदिक अनुष्ठानों में दिशा केवल बैठने की व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह ऊर्जा का मार्ग निर्धारित करती है, जिससे मंत्र शक्ति, संकल्प और आह्वान सही ऊर्जा केंद्र तक पहुँचते हैं। ऋषियों ने भूमि को केवल मिट्टी का टुकड़ा नहीं माना, बल्कि उसे 'वास्तुपुरुष का शरीर' कहा है। इस संदर्भ में, भूमि पूजन कोई सामान्य 'फोटो खिंचवाने का कार्यक्रम' नहीं, बल्कि यह वास्तुपुरुष से अनुमति लेने का एक संस्कार है, भूमि को जागृत करने का विज्ञान है। यह ग्रह, दिशा, ऊर्जा और संकल्प का संगम है।
    user_Vastuvid Bhagyesh
    Vastuvid Bhagyesh
    Vastu consultant लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • कोटा ग्रामीण पुलिस ने 'ऑपरेशन साइबर शील्ड 2.0' के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान के दौरान, पुलिस ने कुल 114 गुमशुदा और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत 17.15 लाख रुपये बताई गई है, जिन्हें उनके वास्तविक मालिकों को वापस लौटा दिया गया है।
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    कोटा ग्रामीण पुलिस ने 'ऑपरेशन साइबर शील्ड 2.0' के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान के दौरान, पुलिस ने कुल 114 गुमशुदा और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत 17.15 लाख रुपये बताई गई है, जिन्हें उनके वास्तविक मालिकों को वापस लौटा दिया गया है।
    user_Anubhav Mittal Journalist
    Anubhav Mittal Journalist
    Court reporter Ladpura, Kota•
    13 hrs ago
  • बताया गया है कि 'कोकरोच पार्टी' का 'भांडाफोड़' हो गया है। दिल्ली के जंतर मंतर पर पार्टी के समर्थन में आए युवा समर्थकों को यह भी नहीं पता था कि पार्टी का संस्थापक कौन है। इसके अतिरिक्त, जो बात सबसे महत्वपूर्ण बताई गई है वह यह कि 'कोकरोच पार्टी' का यह प्रदर्शन दोपहर 3 बजे से पहले ही खत्म हो गया। इन सब कारणों से सोशल मीडिया पर 'कोकरोच पार्टी' को जमकर ट्रोल किया जा रहा है।
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    बताया गया है कि 'कोकरोच पार्टी' का 'भांडाफोड़' हो गया है। दिल्ली के जंतर मंतर पर पार्टी के समर्थन में आए युवा समर्थकों को यह भी नहीं पता था कि पार्टी का संस्थापक कौन है। इसके अतिरिक्त, जो बात सबसे महत्वपूर्ण बताई गई है वह यह कि 'कोकरोच पार्टी' का यह प्रदर्शन दोपहर 3 बजे से पहले ही खत्म हो गया। इन सब कारणों से सोशल मीडिया पर 'कोकरोच पार्टी' को जमकर ट्रोल किया जा रहा है।
    user_VKH NEWS
    VKH NEWS
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • Post by Mahendar.merotha
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    Post by Mahendar.merotha
    user_Mahendar.merotha
    Mahendar.merotha
    Voice of people लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • हरिद्वार-दिल्ली हाईवे पर बहादराबाद थाना क्षेत्र में शांताशाह पुलिस चौकी के पास देर रात बाबू ट्रेवल्स की एक निजी यात्री बस में तकनीकी खराबी के कारण भीषण आग लग गई। यह बस हरिद्वार से जयपुर और कोटा जा रही थी, जिसमें कुल 32 यात्री सवार थे और उनमें दो विदेशी नागरिक भी शामिल थे। बस ड्राइवर ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और किसी भी जनहानि की कोई सूचना नहीं है। हालांकि, इस आग में यात्रियों का सारा सामान, बैग और जरूरी दस्तावेज जलकर खाक हो गए। विदेशी यात्रियों के पासपोर्ट और वीजा भी आग की भेंट चढ़ गए।
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    हरिद्वार-दिल्ली हाईवे पर बहादराबाद थाना क्षेत्र में शांताशाह पुलिस चौकी के पास देर रात बाबू ट्रेवल्स की एक निजी यात्री बस में तकनीकी खराबी के कारण भीषण आग लग गई। यह बस हरिद्वार से जयपुर और कोटा जा रही थी, जिसमें कुल 32 यात्री सवार थे और उनमें दो विदेशी नागरिक भी शामिल थे।

बस ड्राइवर ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और किसी भी जनहानि की कोई सूचना नहीं है। हालांकि, इस आग में यात्रियों का सारा सामान, बैग और जरूरी दस्तावेज जलकर खाक हो गए। विदेशी यात्रियों के पासपोर्ट और वीजा भी आग की भेंट चढ़ गए।
    user_Dushyant singh gehlot (journal
    Dushyant singh gehlot (journal
    लाडपुरा, कोटा, राजस्थान•
    6 hrs ago
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