सीतापुर के बिसवां तहसील क्षेत्र के महराजनगर ग्राम में स्थित अंग्रेजी शराब एवं बीयर की दुकान को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि दुकान के आसपास लंबे समय से शराबी खुलेआम शराब का सेवन करते आ रहे हैं, जिससे अब स्थिति और भी गंभीर हो गई है और नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार, शुक्रवार रात्रि लगभग 8:49 बजे कुछ लोग अंग्रेजी शराब की दुकान की छत पर बैठकर शराब पीते हुए देखे गए। इस घटना ने ग्रामीणों में और भी असुरक्षा और असहजता का माहौल पैदा कर दिया है, क्योंकि शराब की दुकान के आसपास और समीपवर्ती मकानों में परिवार रहते हैं। शाम के समय महिलाएं एवं युवतियां अक्सर अपनी-अपनी घरों की छतों पर मौजूद रहती हैं, इसके बावजूद शराबी बेखौफ होकर दुकान की छत पर बैठकर शराब का सेवन करते नजर आए, जिससे क्षेत्र का सामाजिक वातावरण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में कई बार संबंधित विभागों और उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायतें और प्रार्थना पत्र दिए हैं, लेकिन अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मामले की जांच कराने और शराब दुकान परिसर एवं उसके आसपास खुलेआम शराब पीने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों ने यह भी विचार करने का आग्रह किया है कि गांव के मध्य स्थित इस शराब दुकान को आबादी क्षेत्र से हटाया जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे।
सीतापुर के बिसवां तहसील क्षेत्र के महराजनगर ग्राम में स्थित अंग्रेजी शराब एवं बीयर की दुकान को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि दुकान के आसपास लंबे समय से शराबी खुलेआम शराब का सेवन करते आ रहे हैं, जिससे अब स्थिति और भी गंभीर हो गई है और नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार, शुक्रवार रात्रि लगभग 8:49 बजे कुछ लोग अंग्रेजी शराब की दुकान की छत पर बैठकर शराब पीते हुए देखे गए। इस घटना ने ग्रामीणों में और भी असुरक्षा और असहजता का माहौल पैदा कर दिया है, क्योंकि शराब की दुकान के आसपास और समीपवर्ती मकानों में परिवार रहते हैं। शाम के समय महिलाएं एवं युवतियां अक्सर अपनी-अपनी घरों की छतों पर मौजूद रहती हैं, इसके बावजूद शराबी बेखौफ होकर दुकान की छत पर बैठकर शराब का सेवन करते नजर आए, जिससे क्षेत्र का सामाजिक वातावरण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में कई बार संबंधित विभागों और उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायतें और प्रार्थना पत्र दिए हैं, लेकिन अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मामले की जांच कराने और शराब दुकान परिसर एवं उसके आसपास खुलेआम शराब पीने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसके अतिरिक्त, ग्रामीणों ने यह भी विचार करने का आग्रह किया है कि गांव के मध्य स्थित इस शराब दुकान को आबादी क्षेत्र से हटाया जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे।
- प्रदेश सरकार द्वारा लागू की जा रही ई-पंजीकरण (ई-रजिस्ट्री) व्यवस्था के विरोध में शनिवार को सीतापुर में बैनामा लेखक, स्टांप विक्रेता, मुंशी और कंप्यूटर ऑपरेटरों ने मोर्चा खोल दिया। रजिस्ट्री कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों ने धरना देकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और नई व्यवस्था को तुरंत वापस लेने की मांग की। धरने पर बैठे बैनामा लेखकों और स्टांप विक्रेताओं का आरोप है कि ई-पंजीकरण प्रणाली लागू होने से उनका रोजगार पूरी तरह छिन जाएगा। उनके अनुसार, ऑनलाइन प्रक्रिया हजारों लोगों के सामने बेरोजगारी का संकट खड़ा कर देगी जो वर्षों से इस कार्य से जुड़े हैं। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि सरकार को डिजिटल व्यवस्था लाने से पहले उन लोगों के भविष्य की चिंता करनी चाहिए, और इस नई प्रणाली से आम लोगों को भी तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसी मुद्दे को लेकर प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इस अनिश्चितकालीन धरने के चलते सीतापुर रजिस्ट्री कार्यालय का कामकाज पूरी तरह प्रभावित रहा, जिससे अपने दस्तावेजों संबंधी कार्यों के लिए आए लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी और उन्हें इंतजार करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और भी तेज किया जाएगा तथा पूरे प्रदेश में एक व्यापक संघर्ष छेड़ा जाएगा। धरना स्थल से नेताओं और कर्मचारियों ने एक स्वर में 'रोजगार बचाओ, ई-रजिस्ट्री वापस लो' का नारा बुलंद किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक यह अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।2
- मंच पर उन छात्रों के पोस्टर लगाए गए, जिन्होंने आत्महत्या कर ली थी, जिसके साथ ही शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई। इसी संबंध में, दीपके ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी को एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने आत्महत्या करने वाले नीट (NEET) छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की है।1
- सीतापुर के सदरपुर में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष स्वर्गीय महेन्द्र सिंह वर्मा की 64वीं जयंती के उपलक्ष्य में शनिवार को एक विशाल निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। महेन्द्र सिंह वर्मा मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा आयोजित यह शिविर उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री नरेन्द्र वर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें क्षेत्र के हजारों लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया। स्वर्गीय महेन्द्र सिंह वर्मा का जन्म 20 जून 1962 को हुआ था और उनका निधन 12 मार्च 2022 को हुआ था। उनकी स्मृति में आयोजित इस शिविर में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सुशील वर्मा, स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नूपुर, जनरल फिजीशियन डॉ. राघव राम, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अखिलेश, दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक वंशवार तथा बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कपिल सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक टीम ने मरीजों का परीक्षण किया। इस दौरान निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श और दवा वितरण की व्यापक व्यवस्था की गई, जहाँ सुबह से ही विभिन्न गांवों और कस्बों से आए लोगों का तांता लगा रहा। चिकित्सकों ने बड़ी संख्या में मरीजों का परीक्षण कर उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी सलाह दी और दवाएं उपलब्ध कराईं। इस अवसर पर स्वर्गीय महेन्द्र सिंह वर्मा के सुपुत्र उत्कर्ष वर्मा तथा पूर्व कैबिनेट मंत्री नरेन्द्र वर्मा के सुपुत्र हर्ष वर्मा समेत अनेक गणमान्य नागरिक, समाजसेवी और क्षेत्रीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने स्वर्गीय महेन्द्र सिंह वर्मा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके सामाजिक एवं जनसेवा कार्यों को भावपूर्ण स्मरण किया। महेन्द्र सिंह वर्मा मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा समाज सेवा और जनकल्याण के प्रति समर्पित यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण मानी गई और इसकी सराहना की गई।2
- जनपद सीतापुर के कोतवाली लहरपुर क्षेत्र में चोरों ने एक होटल को निशाना बनाया है। चोरों ने ताला काटकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया, जिसके बाद पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।1
- सिधौली रेलवे स्टेशन पर मौजूद लोग वहाँ के स्टेशन मास्टर को उत्सुकता से देख रहे हैं। सभी की निगाहें उन पर टिकी हुई हैं, जिसके चलते यह सवाल उठ रहा है कि आखिर लोग उन्हें क्यों देख रहे हैं। यह घटना सोशल मीडिया पर भी ट्रेंड कर रही है।1
- उत्तर प्रदेश के सीतापुर जनपद अंतर्गत नैमिषारण्य थाना क्षेत्र के रामपुर खेवटा गांव में एक प्रेमी युगल के शव एक ही दुपट्टे में लटके मिलने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। शनिवार सुबह करीब 9 बजे गांव के बाहर एक आम के पेड़ से लटके मिले इन शवों की पहचान गांव निवासी प्रियवंश पुत्र रामू और रजनी पुत्री मलखान के रूप में हुई है, जिनके बीच प्रेम संबंध बताया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा जारी बयान में बताया गया है कि यह प्रेमी युगल शुक्रवार देर रात से लापता था। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल पर आम के पेड़ में दोनों के शव एक ही दुपट्टे के दो फंदों के सहारे लटके मिले, साथ ही बिंदी, सिंदूर और अन्य श्रृंगार सामग्री भी बरामद हुई है, जिसके कारण इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।2
- बहराइच जनपद में 20 जून को उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव (खाद्य एवं रसद विभाग) तथा जनपद के नामित नोडल अधिकारी रणवीर प्रसाद ने कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। यह बैठक प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात विभाग और बहराइच के प्रभारी मंत्री, श्री दिनेश प्रताप सिंह द्वारा जनपद भ्रमण के दौरान दिए गए निर्देशों के अनुपालन में आयोजित की गई थी। इस दौरान जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी सौरभ दुबे और अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। नोडल अधिकारी रणवीर प्रसाद ने प्रभारी मंत्री के निर्देशों के क्रम में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए सीएमओ को सभी सीएचसी और पीएचसी का स्थलीय निरीक्षण कराने तथा महर्षि बालार्क चिकित्सालय में स्थापित जन औषधि केंद्र को बाहर स्थापित करने का निर्देश दिया। कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान जिला कृषि अधिकारी को योजना के तहत किसान सम्मान निधि, केसीसी और अन्य योजनाओं का लाभ प्राप्त कर रहे किसानों की संख्या बताने को कहा गया। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को अपनी-अपनी कार्ययोजना की अनुपालन रिपोर्ट जनप्रतिनिधियों को भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। नोडल अधिकारी ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम की तैयारियों की भी समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। नोडल अधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं और कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर लाभ मिल सके। उन्होंने विकास परियोजनाओं, राजस्व मामलों, खाद्य एवं रसद व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, कृषि, स्वच्छता सहित अन्य महत्वपूर्ण विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने अधिकारियों को प्रभारी मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों का अक्षरशः पालन करने और जनहित से जुड़े मामलों का त्वरित निस्तारण करने का निर्देश दिया, साथ ही विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष बल दिया। बैठक में जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने जनपद में संचालित विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति से अवगत कराते हुए बताया कि सभी विभाग शासन की मंशा के अनुरूप लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। इस अवसर पर पीडी डीआरडीए मनीष कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी नरेन्द्र तिवारी, सीवीओ डॉ. राजेश उपाध्याय, डीएसटीओ घासीराम सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। अंत में, नोडल अधिकारी रणवीर प्रसाद ने विभागीय अधिकारियों को जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और समयबद्ध लक्ष्य पूर्ति के लिए पुनः निर्देश दिए।1
- उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के संदना थाना क्षेत्र की पुरानी बस्ती में चोरों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम देते हुए लाखों रुपये की नकदी और कीमती जेवरात उड़ा लिए हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि घटना स्थल संदना थाने से महज कुछ ही कदमों की दूरी पर स्थित है, जिसके कारण क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। अज्ञात चोरों ने रात के अंधेरे का फायदा उठाकर घर में घुसपैठ की और नकदी सहित सोने-चांदी के जेवरात और अन्य बेशकीमती सामान साफ कर दिया। सुबह जब परिवार को चोरी का पता चला तो वे सदमे में आ गए, और देखते ही देखते मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की, आसपास के लोगों से पूछताछ कर सुराग जुटाने का प्रयास किया। पीड़ित परिवार ने लाखों के नुकसान का दावा किया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि थाने के इतना करीब होने के बावजूद चोरी की यह घटना पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है। उन्होंने क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने और जल्द से जल्द चोरों की गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। इस वारदात के बाद पुरानी बस्ती और आसपास के इलाकों में दहशत और आक्रोश का माहौल है।1