दिल्ली दंगों (2020) और यूएपीए (UAPA) के तहत आरोपी उमर खालिद, शरजील इमाम समेत अन्य कैदियों की जमानत में हो रही देरी पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि जमानत न मिलने की असली वजह देश की अदालतों पर लंबित मुकदमों का बड़ा बोझ है। उन्होंने बताया कि देश की निचली अदालतों में फिलहाल 5.05 करोड़ से अधिक मामले लंबित पड़े हैं और यही मुख्य वजह है कि UAPA जैसे गंभीर मामलों में सुनवाई और फैसले आने में देरी हो रही है। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने UAPA, PMLA और NDPS जैसे गंभीर मामलों की तेज सुनवाई के लिए 'विशेष अदालतें' बनाने पर अपनी सहमति जताई है। CJI ने उम्मीद जताई है कि इन विशेष अदालतों के गठन से एक साल के भीतर जमानत से जुड़े विवादों का पूरी तरह से समाधान हो जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब उमर खालिद और शरजील इमाम लगभग 5-6 साल से जेल में बंद हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पहले इस मामले के कुछ सह-अभियुक्तों को जमानत दे दी थी, लेकिन इन दोनों की कथित भूमिका को 'केंद्रीय' बताते हुए इन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने पूर्व में टिप्पणी की थी कि ट्रायल में होने वाली देरी कोई 'ट्रंप कार्ड' नहीं हो सकती, हालांकि लंबी हिरासत की अवधि पर विचार किया जाना जरूरी है। साल 2020 के दिल्ली दंगे की साजिश रचने के मामले में UAPA के तहत गिरफ्तार किए गए उमर खालिद और शरजील इमाम पर गंभीर आरोप हैं और उन्हें इस साजिश का 'मास्टरमाइंड' या 'आइडियोलॉजिकल ड्राइवर' बताया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कुछ मामलों में जमानत दी भी है, लेकिन इन दोनों के लिए शर्तें बेहद सख्त रखी हैं, जैसे प्रोटेक्टेड विटनेस की जांच पूरी होने तक इंतजार करना या एक साल बाद फिर से याचिका लगाने की छूट। इस पूरे घटनाक्रम पर स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ ने अपील की है कि न्याय व्यवस्था में सुधार पाना हर नागरिक का अधिकार है, इसलिए लंबित मामलों के भारी बोझ को कम करने के लिए सरकार, न्यायपालिका और वकीलों को मिलकर काम करना चाहिए ताकि किसी भी निर्दोष को लंबे समय तक जेल में न रहना पड़े।
दिल्ली दंगों (2020) और यूएपीए (UAPA) के तहत आरोपी उमर खालिद, शरजील इमाम समेत अन्य कैदियों की जमानत में हो रही देरी पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि जमानत न मिलने की असली वजह देश की अदालतों पर लंबित मुकदमों का बड़ा बोझ है। उन्होंने बताया कि देश की निचली अदालतों में फिलहाल 5.05 करोड़ से अधिक मामले लंबित पड़े हैं और यही मुख्य वजह है कि UAPA जैसे गंभीर मामलों में सुनवाई और फैसले आने में देरी हो रही है। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने UAPA, PMLA और NDPS जैसे गंभीर मामलों की तेज सुनवाई के लिए 'विशेष अदालतें' बनाने पर अपनी सहमति जताई है। CJI ने उम्मीद जताई है कि इन विशेष अदालतों के गठन से एक साल के भीतर जमानत से जुड़े विवादों का पूरी तरह से समाधान हो जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब उमर खालिद और शरजील इमाम लगभग 5-6 साल से जेल में बंद हैं। सुप्रीम कोर्ट ने पहले इस मामले के कुछ सह-अभियुक्तों को जमानत दे दी थी, लेकिन इन दोनों की कथित भूमिका को 'केंद्रीय' बताते हुए इन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने पूर्व में टिप्पणी की थी कि ट्रायल में होने वाली देरी कोई 'ट्रंप कार्ड' नहीं हो सकती, हालांकि लंबी हिरासत की अवधि पर विचार किया जाना जरूरी है। साल 2020 के दिल्ली दंगे की साजिश रचने के मामले में UAPA के तहत गिरफ्तार किए गए उमर खालिद और शरजील इमाम पर गंभीर आरोप हैं और उन्हें इस साजिश का 'मास्टरमाइंड' या 'आइडियोलॉजिकल ड्राइवर' बताया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कुछ मामलों में जमानत दी भी है, लेकिन इन दोनों के लिए शर्तें बेहद सख्त रखी हैं, जैसे प्रोटेक्टेड विटनेस की जांच पूरी होने तक इंतजार करना या एक साल बाद फिर से याचिका लगाने की छूट। इस पूरे घटनाक्रम पर स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ ने अपील की है कि न्याय व्यवस्था में सुधार पाना हर नागरिक का अधिकार है, इसलिए लंबित मामलों के भारी बोझ को कम करने के लिए सरकार, न्यायपालिका और वकीलों को मिलकर काम करना चाहिए ताकि किसी भी निर्दोष को लंबे समय तक जेल में न रहना पड़े।
- सोशल मीडिया पर एक हैरान कर देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें चलती बाइक का संतुलन बिगड़ने से माता-पिता सड़क पर गिर पड़ते हैं। इसके बाद भी बाइक बिना किसी चालक के करीब 500 मीटर तक सड़क पर दौड़ती रही और इस दौरान एक मासूम बच्चा उस पर अकेला ही सवार रहा। अंत में बाइक सड़क किनारे डिवाइडर के पास पहुंची, जहां बच्चा झाड़ियों में गिर गया। राहत की बात यह रही कि स्थानीय लोगों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए मासूम बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया और उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। हालांकि, यह जानकारी वायरल वीडियो और सामने आई रिपोर्टों के दावों पर आधारित है, जिसकी स्वतंत्र रूप से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।1
- छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में डॉ. रमन सिंह ने कोरकोट्टी के शहीदों को नमन किया है। इसके साथ ही उन्होंने उमर अब्दुल्ला के बयान पर भी कड़ा पलटवार किया। डॉ. रमन सिंह ने उमर अब्दुल्ला पर निशाना साधते हुए कहा कि वे पहले अपनी पार्टी संभालें।1
- रायपुर के राज टॉकीज ने टिकटों की ऑनलाइन बुकिंग और अपने व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए आवश्यक जानकारी और लिंक साझा किए हैं। टॉकीज के लिए ऑनलाइन टिकट बुक माय शो (BookMyShow) के माध्यम से बुक किए जा सकते हैं। इसके साथ ही, राज टॉकीज ने संपर्क के लिए फोन नंबर 0771-2229223 भी जारी किया है। टॉकीज प्रशासन ने लोगों से उनके आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल होने और दूसरों को भी जोड़ने के लिए लिंक साझा करने की अपील की है।1
- मध्यप्रदेश के सतना जिले में एक निलंबित इंजीनियर के वायरल वीडियो ने सरकारी सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वित्तीय अनियमितता के आरोपों में पहले ही सस्पेंड हो चुके इंजीनियर सतीश समेले ने इस वीडियो के जरिए विभाग में चल रहे भ्रष्टाचार को लेकर बड़ा खुलासा किया है, जिससे पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में सतीश समेले ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि पंचायत से लेकर भोपाल तक कमीशन का खेल चलता है। उन्होंने दावा किया कि विभाग में बाकायदा "सूटकेस" सिस्टम काम करता है और इंजीनियरों से केवल "वसूली एजेंट" के रूप में काम करवाया जाता है। बंदूक लेकर निरीक्षण पर जाने वाले इस अधिकारी के इस बेबाक बयान ने भ्रष्टाचार की पोल खोलकर रख दी है। इस खुलासे के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। संजय पटेल (Sanjay Patel) नाम के एक यूजर ने अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए लिखा कि एक सामान्य व्यक्ति अगर 10 रुपये का हेरफेर करे तो उसे चोरी माना जाता है, और ये लोग प्रतिष्ठा के अगुवा बने फिर रहे हैं; इस सिस्टम को फेल करने वालों को फांसी की सजा होनी चाहिए। इस पूरे मामले पर फिलहाल शासन-प्रशासन की ओर से कोई भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- नयापारा राजिम के इंदिरा मार्केट स्थित नेहरू घाट पर शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहां महानदी के तेज बहाव में 35 वर्षीय युवक प्रदीप कश्यप लापता हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्रदीप अपनी पत्नी मंगला कश्यप के साथ नदी में नहाने गया था। इसी दौरान कुछ बच्चे गहरे पानी में चले गए, जिन्हें डूबने से बचाने के लिए प्रदीप नदी में उतरा। बच्चे तो सुरक्षित बाहर आ गए, लेकिन प्रदीप खुद तेज बहाव में बह गया और उसका कुछ पता नहीं चल सका। घटना की सूचना मिलते ही नवापारा पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। स्थानीय नागरिकों के सहयोग के साथ-साथ रायपुर से गोताखोरों की टीम को भी रेस्क्यू के लिए बुलाया गया। एसडीआरएफ की टीम ने ऑक्सीजन मास्क और बोट के जरिए करीब तीन घंटे तक नदी में सघन तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, देर शाम तक चले इस अभियान के बाद भी युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया। अंधेरा होने और नदी का बहाव बेहद तेज होने के कारण फिलहाल सर्च ऑपरेशन को रोक दिया गया है, जिसे रविवार सुबह दोबारा शुरू किया जाएगा। हादसे की खबर मिलने के बाद नगर पालिका अध्यक्ष ओम कुमारी साहू भी नेहरू घाट पहुंचीं और उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया। इस दौरान घटनास्थल पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा रही और लोग युवक की कुशलता की प्रार्थना करते नजर आए। लापता युवक की पत्नी मंगला कश्यप ने बताया कि प्रदीप ने बच्चों को डूबता देख बिना कुछ सोचे-समझे उन्हें बचाने की कोशिश की थी, जिसके कारण वह खुद गहरे पानी में चला गया। इस हादसे के बाद प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर और बहाव काफी अधिक है, इसलिए बिना सुरक्षा के नदी में नहाने से बचें।1
- केसीजी जिले के छुईखदान थाना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत ग्राम खैरी में एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने अवैध रूप से गांजा बेचने के आरोप में 50 वर्षीय भारत मरकाम उर्फ नंदू को गिरफ्तार किया है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ग्राम खैरी के मुख्य मार्ग पर स्थित कचरा शेड के पास घेराबंदी कर आरोपी को दबोचा। पूछताछ और तलाशी के दौरान आरोपी के पास मौजूद क्रीम रंग के थैले से 114 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से गांजे के साथ-साथ बिक्री के ₹350 नगद सहित कुल ₹3,150 का मशरूका जब्त किया है। इस मामले में आरोपी के खिलाफ छुईखदान थाने में अपराध क्रमांक 257/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर उपजेल सलोनी भेज दिया गया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।1
- खैरागढ़ के पिपलाकछार में बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही के कारण खेत में काम कर रहे 50 वर्षीय किसान धनसाय पटेल की करंट लगने से मौत हो गई, जबकि दो अन्य ग्रामीण घायल हो गए। यह हादसा बुधवार दोपहर का है, जब धनसाय अन्य मजदूरों के साथ खेत में धान की रोपाई कर रहे थे। दरअसल, खेत के पास बिजली का एक तार पिछले दो महीनों से टूटा पड़ा था, जो अनजाने में खेत के झटका तार से छू रहा था। रोपाई के दौरान चंपा साहू नामक महिला इस तार की चपेट में आ गई। उसे बचाने के लिए खेत मालिक का बेटा सीमन साहू दौड़ा और वह भी करंट की चपेट में आ गया। इसके बाद दोनों को बचाने पहुंचे धनसाय पटेल को करंट का जोरदार झटका लगा और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। बाद में एक अन्य युवक ने लकड़ी की मदद से तीनों को अलग किया। इस हादसे से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले दो महीनों से इस टूटे तार की कई बार लिखित और मौखिक शिकायत की गई थी, लेकिन विभाग ने सुध नहीं ली। हादसे के तुरंत बाद जब बिजली विभाग की टीम तार ठीक करने पहुँची, तो आक्रोशित ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया और "मौत के बाद जागने" का आरोप लगाते हुए जेई (JE) कार्यालय का घेराव किया। मौके पर पहुँची पुलिस ने ग्रामीणों को शांत कराया। वर्तमान में घायल सीमन और चंपा का इलाज सिविल अस्पताल में जारी है और ग्रामीण लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।2
- राजनांदगांव के रक्षित केंद्र में 12 जुलाई को शहीद दिवस मनाया गया। इस दौरान मदनवाड़ा-कोरकोट्टी नक्सली हमले में वीरगति को प्राप्त हुए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक वीके चौबे और अन्य शहीद पुलिस जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस कार्यक्रम में सांसद संतोष पांडे, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, महापौर मधुसूदन यादव और पर्यटन मंडल अध्यक्ष नीलू शर्मा उपस्थित रहे। इनके साथ ही पुलिस अधिकारी, जनप्रतिनिधि और कई विशिष्ट अतिथियों ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया और शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया।1