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एक रिपोर्ट के अनुसार, एक महिला ने डॉक्टरों की वास्तविकता को उजागर करते हुए बताया है कि आज की सच्चाई यही है। इस घटना से यह सवाल उठता है कि शासकीय और अशासकीय डॉक्टर, जिन्हें भगवान का रूप माना जाता है, आखिर कब इस रूप में व्यवहार करेंगे। यह उन डॉक्टरों के लिए एक कड़ी चेतावनी है जो मरीजों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं और उनसे मोटी रकम वसूलते हैं। संदेश साफ है कि यदि जनता जाग गई तो ऐसे डॉक्टर कहीं के भी नहीं रहेंगे। जनहित में सभी शासकीय और अशासकीय डॉक्टरों से अपील की गई है कि वे भगवान का रूप होते हैं और उन्हें भगवान ही बनकर रहना चाहिए।
रिपोर्टर भगवान सिंह चौहान
एक रिपोर्ट के अनुसार, एक महिला ने डॉक्टरों की वास्तविकता को उजागर करते हुए बताया है कि आज की सच्चाई यही है। इस घटना से यह सवाल उठता है कि शासकीय और अशासकीय डॉक्टर, जिन्हें भगवान का रूप माना जाता है, आखिर कब इस रूप में व्यवहार करेंगे। यह उन डॉक्टरों के लिए एक कड़ी चेतावनी है जो मरीजों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं और उनसे मोटी रकम वसूलते हैं। संदेश साफ है कि यदि जनता जाग गई तो ऐसे डॉक्टर कहीं के भी नहीं रहेंगे। जनहित में सभी शासकीय और अशासकीय डॉक्टरों से अपील की गई है कि वे भगवान का रूप होते हैं और उन्हें भगवान ही बनकर रहना चाहिए।
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- सनावद के वार्ड क्रमांक-16 स्थित इंदौर-इच्छापुर मार्ग पर इरीगेशन कॉलोनी के पास लगे एक विद्युत ट्रांसफार्मर के नीचे खुले और असुरक्षित विद्युत तारों की लापरवाही के कारण करंट लगने से एक गौ माता की दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद पूरे नगर में भारी आक्रोश फैल गया है। गौ माता की मौत से उपजे इस गुस्से के बीच, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता एकजुट हुए। उन्होंने मृत गौ माता को एक ठेले पर रखकर विद्युत विभाग कार्यालय तक ले गए और वहाँ विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि विद्युत विभाग की घोर लापरवाही और खुले विद्युत तारों की अनदेखी ही इस दर्दनाक हादसे की वजह बनी, जिसने गौ माता की जान ले ली। प्रदर्शनकारियों ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा उर्फ लाली ने भी विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाते हुए व्यवस्था में तत्काल सुधार लाने की कड़ी चेतावनी दी। गौ माता की इस अकाल मृत्यु और बिजली विभाग की स्पष्ट लापरवाही को लेकर नगर में विद्युत सुरक्षा एवं विभागीय अनदेखी के खिलाफ जनाक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।1
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