शाहाबाद उपखण्ड के केलवाड़ा के निकट स्थित धार्मिक नगरी में, आदिवासियों के 'लघुकुम्भ' के नाम से प्रसिद्ध सीताबाड़ी मेले के रंगमंच पर मंगलवार को सहरिया जनजाति की अनूठी संस्कृति का आकर्षक प्रदर्शन हुआ। मेले के मुख्य आकर्षण के रूप में सहरिया स्वांग नृत्य की शुरुआत की गई, जिसे देखने के लिए भारी संख्या में दर्शक उमड़े। सहरिया युवाओं ने हूबहू महिलाओं का वेश धारण कर मंच पर इतनी मनमोहक प्रस्तुतियां दीं कि सभी दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हो गए और उनकी इस अनोखी कला ने, जो सहरिया संस्कृति से ओतप्रोत थी, सभी दर्शकों का दिल जीत लिया। इन मनमोहक प्रस्तुतियों के साथ, स्थानीय सोशल मीडिया के चर्चित चेहरों ने भी कार्यक्रम में अपनी शानदार कला और प्रदर्शनों से लोगों को मंत्रमुग्ध किया। सांस्कृतिक धरोहर को समेटे हुए इस भव्य सीताबाड़ी मेले का समापन बुधवार रात एक शानदार अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के साथ होने वाला है, जिसमें देश के ख्याति प्राप्त कवि अपनी रचनाओं से श्रोताओं को सराबोर करेंगे। प्रशासन और मेला कमेटी ने समापन समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
शाहाबाद उपखण्ड के केलवाड़ा के निकट स्थित धार्मिक नगरी में, आदिवासियों के 'लघुकुम्भ' के नाम से प्रसिद्ध सीताबाड़ी मेले के रंगमंच पर मंगलवार को सहरिया जनजाति की अनूठी संस्कृति का आकर्षक प्रदर्शन हुआ। मेले के मुख्य आकर्षण के रूप में सहरिया स्वांग नृत्य की शुरुआत की गई, जिसे देखने के लिए भारी संख्या में दर्शक उमड़े। सहरिया युवाओं ने हूबहू महिलाओं का वेश धारण कर मंच पर इतनी मनमोहक प्रस्तुतियां दीं कि सभी दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हो गए और उनकी इस अनोखी कला ने,
जो सहरिया संस्कृति से ओतप्रोत थी, सभी दर्शकों का दिल जीत लिया। इन मनमोहक प्रस्तुतियों के साथ, स्थानीय सोशल मीडिया के चर्चित चेहरों ने भी कार्यक्रम में अपनी शानदार कला और प्रदर्शनों से लोगों को मंत्रमुग्ध किया। सांस्कृतिक धरोहर को समेटे हुए इस भव्य सीताबाड़ी मेले का समापन बुधवार रात एक शानदार अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के साथ होने वाला है, जिसमें देश के ख्याति प्राप्त कवि अपनी रचनाओं से श्रोताओं को सराबोर करेंगे। प्रशासन और मेला कमेटी ने समापन समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
- छीपाबड़ौद में बढ़ती गर्मी के बीच बेजुबान पक्षियों को बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया गया है। 'पक्षी बचाओ परिंडे लगाओ अभियान' के तहत पेड़ों पर परिंडे बांधे गए हैं, ताकि पक्षियों को पानी और दाना मिल सके। यह पहल इंडियन शेख अब्बासी अल्पसंख्यक महासभा की राष्ट्रीय सचिव रफीका खान, महिला कांग्रेस छीपाबड़ौद और समाजसेवी असफाक द्वारा की गई। उन्होंने सभी लोगों से अपील की है कि इन परिंडों में समय-समय पर पानी और दाना डालते रहें, ताकि पानी की कमी से किसी भी पक्षी की मौत न हो। आयोजकों ने इस बात पर जोर दिया कि पक्षी प्रकृति की सुंदरता में चार चांद लगाते हैं और उन्हें बचाना हम सबका कर्तव्य है। इसी दौरान, नवनियुक्त पुलिस थाना छीपाबड़ौद अधिकारी को भी उनकी नियुक्ति पर मुबारकबाद दी गई।3
- बारां जिले के छबड़ा-छीपाबड़ौद क्षेत्र में चल रहे अवैध शराब और स्मैक के कारोबार पर तत्काल रोक लगाने की मांग उठाई गई है। राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह मीणा ने जनहित में आवाज उठाते हुए जिला पुलिस अधीक्षक बारां को एक पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने क्षेत्र में पनप रहे इन अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।1
- बारां जिले के छिपाबड़ौद स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 3026 की तैयारियां की जा रही हैं। इन तैयारियों के तहत सेतुबंध आसन का अभ्यास किया जा रहा है।1
- कोटा से 24 वर्षीय बबलू मीणा के लापता होने की खबर सामने आई है। बबलू मीणा अन्ता के सिशवाली के कनाडा निवासी बताए जा रहे हैं, जो फिलहाल कोटा से लापता हो गए हैं। उनके लापता होने के बाद से परिजन उनकी तलाश में जुटे हैं और उनसे संबंधित जानकारी साझा करने की अपील कर रहे हैं।1
- कोटा शहर के रेलवे थाना क्षेत्र के सोगरिया इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक 10 वर्षीय मासूम बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्या के बाद बच्चे के शव को झोपड़ियों में फेंक दिया गया था, जिसे पुलिस ने बरामद कर अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने बताया कि पहले एक बालक की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी, जिसकी जांच के दौरान यह मामला हत्या में बदल गया। गहन जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। बताया गया है कि गिरफ्तार किया गया आरोपी नाबालिग है।1
- शाहाबाद उपखण्ड के केलवाड़ा के निकट स्थित धार्मिक नगरी में, आदिवासियों के 'लघुकुम्भ' के नाम से प्रसिद्ध सीताबाड़ी मेले के रंगमंच पर मंगलवार को सहरिया जनजाति की अनूठी संस्कृति का आकर्षक प्रदर्शन हुआ। मेले के मुख्य आकर्षण के रूप में सहरिया स्वांग नृत्य की शुरुआत की गई, जिसे देखने के लिए भारी संख्या में दर्शक उमड़े। सहरिया युवाओं ने हूबहू महिलाओं का वेश धारण कर मंच पर इतनी मनमोहक प्रस्तुतियां दीं कि सभी दांतों तले उंगली दबाने को मजबूर हो गए और उनकी इस अनोखी कला ने, जो सहरिया संस्कृति से ओतप्रोत थी, सभी दर्शकों का दिल जीत लिया। इन मनमोहक प्रस्तुतियों के साथ, स्थानीय सोशल मीडिया के चर्चित चेहरों ने भी कार्यक्रम में अपनी शानदार कला और प्रदर्शनों से लोगों को मंत्रमुग्ध किया। सांस्कृतिक धरोहर को समेटे हुए इस भव्य सीताबाड़ी मेले का समापन बुधवार रात एक शानदार अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के साथ होने वाला है, जिसमें देश के ख्याति प्राप्त कवि अपनी रचनाओं से श्रोताओं को सराबोर करेंगे। प्रशासन और मेला कमेटी ने समापन समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।2
- छीपाबड़ौद स्थित श्री कालाजी भागवत गौशाला समिति ने मुखमंत्री के 'वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान' के तहत श्रमदान किया। इस दौरान गौशाला परिसर में पानी की टंकियों और पानी के खेले की साफ-सफाई कर पुताई की गई, साथ ही पौधारोपण भी किया गया। समिति के सदस्यों ने पूरे गौशाला परिसर में झाड़ू लगाकर स्वच्छता सुनिश्चित की। समिति सदस्य रघुवीर वर्मा ने बताया कि यह अभियान हर साल गंगा दशहरा (25 मई) से विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) तक आयोजित किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य सफाई करना, वर्षा जल संचयन (रेनवॉटर हार्वेस्टिंग) को बढ़ावा देना और भूजल स्तर को सुधारने के लिए लोगों को जागरूक करना है। अभियान में चौपाल और 'मिशन हरियालो राजस्थान' के तहत पौधारोपण जैसे जन-जागरूकता कार्यक्रम भी शामिल हैं, जो आम नागरिकों की भागीदारी से जल संरक्षण को एक जन-आंदोलन का रूप देते हैं। इस अभियान में गौशाला समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र यादव, कोषाध्यक्ष मोहन नागर, उपाध्यक्ष राधेश्याम मीणा सहित रघुवीर वर्मा, रवि मालव, मनीष वर्मा और धन्नालाल मेरोठा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।4
- एक महत्वपूर्ण संदेश में लोगों से 'जल बदलिए-जीवन बदलिए' का आह्वान किया गया है, जिसमें बताया गया है कि घरों में फैल रही विभिन्न बीमारियों का मुख्य कारण प्रदूषित अन्न और जल है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए, लोगों को आज ही निर्णय लेने और केन्गन मशीन लगवाने हेतु 9413006192 पर संपर्क करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। जनहित में, इस वीडियो संदेश को सुनने, लाइक करने और शेयर करने का भी आग्रह किया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस जानकारी से लाभान्वित हो सकें।1
- केरलम के पूर्व मुख्यमंत्री पी. विजयन के आवास पर छापेमारी करने गई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम पर आक्रोशित लोगों ने हमला कर दिया। इस दौरान गुस्साए लोगों ने ईडी टीम के वाहनों में जमकर तोड़फोड़ भी की। लोगों का यह आक्रोश सरकार की उस नीति को लेकर भड़का था, जिसमें संवैधानिक एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं को आतंकित करने का आरोप है। घटना के बाद यह सवाल उठाया जा रहा है कि एक कॉमरेड के घर से ईडी को आखिर क्या मिलेगा।1