कलेक्टर हर्षल पंचोली को दी भावभीनी विदाई, नवागत कलेक्टर रत्नाकर झा ने संभाली विकास की कमान अनूपपुर। होटल सूर्या के सभागार में जिला प्रशासन परिवार द्वारा स्थानांतरित कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली के विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नवागत कलेक्टर श्री रत्नाकर झा सहित प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। समारोह को संबोधित करते हुए नवागत कलेक्टर श्री रत्नाकर झा ने कहा कि लंबे अंतराल के बाद पुनः इस अंचल में लौटना उनके लिए भावनात्मक अवसर है। उन्होंने बताया कि लगभग चार वर्ष पूर्व डिंडोरी में कार्य करने के बाद अब अनूपपुर जिले में सेवा का अवसर मिला है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पूर्व में अधूरे रह गए विकास कार्यों को आगे बढ़ाते हुए जिले को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मां नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक के प्राकृतिक वैभव, पर्यावरण और नदी संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। विकास और संरक्षण के कार्यों को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा। पंचोली के कार्यकाल की उपलब्धियों को आगे बढ़ाने का संकल्प नवागत कलेक्टर श्री झा ने कहा कि विदाई समारोह में अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने अपने नेतृत्व और कार्यशैली से सभी के बीच विश्वास कायम किया। उन्होंने कहा कि श्री पंचोली के कार्यकाल में जिले ने विभिन्न क्षेत्रों में जो उपलब्धियां हासिल की हैं, उनकी निरंतरता बनाए रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने श्री पंचोली के उज्ज्वल भविष्य तथा उनके परिवार के सुख, समृद्धि एवं उत्तम स्वास्थ्य की शुभकामनाएं दीं। स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल गवर्नेंस में हुए उल्लेखनीय कार्य स्थानांतरित कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने अपने संबोधन में कहा कि लगभग दो वर्षों के कार्यकाल के दौरान जिले के अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं मीडिया के सहयोग से स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल गवर्नेंस और आधारभूत विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए गए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के प्रयासों का उल्लेख किया। शिक्षा के क्षेत्र में जिले की उपलब्धियों के साथ उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, डिजिटल शिक्षा और स्थानीय युवाओं के कौशल विकास को भविष्य में भी प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई। कोदो प्रसंस्करण इकाई और औद्योगिक विकास पर जोर श्री पंचोली ने कहा कि नीति आयोग के सहयोग से कोदो प्रसंस्करण इकाई की स्थापना, औद्योगिक विकास तथा स्थानीय युवाओं के कौशल उन्नयन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। उन्होंने जल संरक्षण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और पर्यावरण संरक्षण को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए कहा कि औद्योगिक विकास के साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी जरूरी है। उन्होंने अमरकंटक में अतिक्रमण नियंत्रण, ड्रोन सर्वे, नर्मदा संरक्षण, नर्मदा समग्र मिशन एवं नर्मदा उत्सव जैसे प्रयासों को जिले की महत्वपूर्ण उपलब्धियां बताया और इन कार्यों की निरंतरता बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। टीम भावना से मिली जिले को पहचान श्री पंचोली ने डिजिटल गवर्नेंस, ई-ऑफिस, जनसुनवाई, लोक सेवा गारंटी, राजस्व प्रशासन और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि टीम भावना के साथ किए गए कार्यों के कारण अनूपपुर ने प्रदेश स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। अंत में उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए जिले की निरंतर प्रगति तथा सभी के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य और सफलता की कामना की। कार्यक्रम को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी, एसडीएम पुष्पराजगढ़ श्री वसीम अहमद भट्ट, एसडीएम अनूपपुर सुश्री प्राशी अग्रवाल एवं जिला समन्वयक जन अभियान परिषद श्री उमेश पाण्डेय ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन जिला पंचायत के मीडिया प्रभारी श्री अमित श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर स्थानांतरित कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली को वर्तमान कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा स्मृति चिन्ह एवं बीजापुरी शिल्प कास्ट से निर्मित मां नर्मदा का छायाचित्र भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में एसडीएम जैतहरी श्री कमलेश पुरी, एसडीएम कोतमा श्री टीआर नाग, डिप्टी कलेक्टर सुश्री शीतल ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर हर्षल पंचोली को दी भावभीनी विदाई, नवागत कलेक्टर रत्नाकर झा ने संभाली विकास की कमान अनूपपुर। होटल सूर्या के सभागार में जिला प्रशासन परिवार द्वारा स्थानांतरित कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली के विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नवागत कलेक्टर श्री रत्नाकर झा सहित प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। समारोह को संबोधित करते हुए नवागत कलेक्टर श्री रत्नाकर झा ने कहा कि लंबे अंतराल के बाद पुनः इस अंचल में लौटना उनके लिए भावनात्मक अवसर है। उन्होंने बताया कि लगभग चार वर्ष पूर्व डिंडोरी में कार्य करने के बाद अब अनूपपुर जिले में सेवा का अवसर मिला है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पूर्व में अधूरे रह गए विकास कार्यों को आगे बढ़ाते हुए जिले को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मां नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक के प्राकृतिक वैभव, पर्यावरण और नदी संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। विकास और संरक्षण के कार्यों को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा। पंचोली के कार्यकाल की उपलब्धियों को आगे बढ़ाने का संकल्प नवागत कलेक्टर श्री झा ने कहा कि विदाई समारोह में अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने अपने नेतृत्व और कार्यशैली से सभी के बीच विश्वास कायम किया। उन्होंने कहा कि श्री पंचोली के कार्यकाल में
जिले ने विभिन्न क्षेत्रों में जो उपलब्धियां हासिल की हैं, उनकी निरंतरता बनाए रखते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने श्री पंचोली के उज्ज्वल भविष्य तथा उनके परिवार के सुख, समृद्धि एवं उत्तम स्वास्थ्य की शुभकामनाएं दीं। स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल गवर्नेंस में हुए उल्लेखनीय कार्य स्थानांतरित कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली ने अपने संबोधन में कहा कि लगभग दो वर्षों के कार्यकाल के दौरान जिले के अधिकारियों, कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों एवं मीडिया के सहयोग से स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल गवर्नेंस और आधारभूत विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए गए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के प्रयासों का उल्लेख किया। शिक्षा के क्षेत्र में जिले की उपलब्धियों के साथ उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, डिजिटल शिक्षा और स्थानीय युवाओं के कौशल विकास को भविष्य में भी प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई। कोदो प्रसंस्करण इकाई और औद्योगिक विकास पर जोर श्री पंचोली ने कहा कि नीति आयोग के सहयोग से कोदो प्रसंस्करण इकाई की स्थापना, औद्योगिक विकास तथा स्थानीय युवाओं के कौशल उन्नयन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। उन्होंने जल संरक्षण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और पर्यावरण संरक्षण को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए कहा कि औद्योगिक विकास के साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी जरूरी है। उन्होंने अमरकंटक में अतिक्रमण नियंत्रण, ड्रोन सर्वे, नर्मदा संरक्षण,
नर्मदा समग्र मिशन एवं नर्मदा उत्सव जैसे प्रयासों को जिले की महत्वपूर्ण उपलब्धियां बताया और इन कार्यों की निरंतरता बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। टीम भावना से मिली जिले को पहचान श्री पंचोली ने डिजिटल गवर्नेंस, ई-ऑफिस, जनसुनवाई, लोक सेवा गारंटी, राजस्व प्रशासन और विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि टीम भावना के साथ किए गए कार्यों के कारण अनूपपुर ने प्रदेश स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। अंत में उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए जिले की निरंतर प्रगति तथा सभी के उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य और सफलता की कामना की। कार्यक्रम को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी, एसडीएम पुष्पराजगढ़ श्री वसीम अहमद भट्ट, एसडीएम अनूपपुर सुश्री प्राशी अग्रवाल एवं जिला समन्वयक जन अभियान परिषद श्री उमेश पाण्डेय ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन जिला पंचायत के मीडिया प्रभारी श्री अमित श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर स्थानांतरित कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली को वर्तमान कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा स्मृति चिन्ह एवं बीजापुरी शिल्प कास्ट से निर्मित मां नर्मदा का छायाचित्र भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में एसडीएम जैतहरी श्री कमलेश पुरी, एसडीएम कोतमा श्री टीआर नाग, डिप्टी कलेक्टर सुश्री शीतल ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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- निर्माणाधीन पंचायत एवं ग्रामीण विकास कार्यों को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूरा करें : कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया डिंडौरी, - जिले में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित निर्माणाधीन कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराने और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पंचायत भवन, आंगनवाड़ी भवन, जनमन योजना अंतर्गत जनमन आंगनवाड़ी, सामुदायिक भवन तथा स्मार्ट फिश पार्लर सहित विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान कलेक्टर श्रीमती भदौरिया ने सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं उपयंत्रियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं तथा गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी निर्माण कार्यों में मानकों के अनुरूप गुणवत्तायुक्त सामग्री का उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि भवन लंबे समय तक सुरक्षित एवं उपयोगी बने रहें। कलेक्टर ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि पंचायत भवन सहित सभी निर्माणाधीन परिसरों के आसपास फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण कराया जाए। इसके साथ ही वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक निर्माण स्थल पर सोकपिट तथा जैविक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए नाडेप निर्माण भी अनिवार्य रूप से कराया जाए। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री पंकज जैन, सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, उपयंत्री तथा संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- भिम्माडोगरी में वेस्ट ऑफ शहडोल कोल माइन की जनसुनवाई संपन्न, 'शून्य विस्थापन और 20 गुना वृक्षारोपण' का दावा उमरिया | रिपोर्टर श्याम गुप्ता ग्राम पंचायत भिम्माडोगरी में 31 जुलाई 2026 को मेसर्स जेके सीमेंट लिमिटेड को आवंटित वेस्ट ऑफ शहडोल (साउथ) कोल माइन की पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए लोक जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला कलेक्टर पी.के. सेन गुप्ता ने की। जनसुनवाई के दौरान जेके सीमेंट लिमिटेड के महाप्रबंधक अनुज राज गौतम ने परियोजना की जानकारी देते हुए कहा कि यह पूरी तरह भूमिगत (अंडरग्राउंड) खदान होगी, जिससे किसी भी परिवार का विस्थापन नहीं होगा और वन्यजीवों पर भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए लगभग 3,500 पेड़ काटे जाएंगे, लेकिन इसके बदले 20 गुना से अधिक वृक्षारोपण किया जाएगा। सड़क किनारे छायादार एवं फलदार पौधे भी लगाए जाएंगे। कंपनी ने स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत कई घोषणाएं कीं। कंपनी के अनुसार क्षेत्र में चलित स्वास्थ्य सेवा, एम्बुलेंस सुविधा, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्थानीय युवाओं को रोजगार, स्व-सहायता समूहों को स्वरोजगार तथा गांवों में सौर ऊर्जा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कंपनी का दावा है कि सरकार के नियमों के अनुसार 70 प्रतिशत रोजगार स्थानीय लोगों को दिया जाएगा। पर्यावरण सलाहकार मृणाल ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए नियमित जल छिड़काव, 90 हेक्टेयर हरित पट्टी तथा 51,813 पौधों का रोपण किया जाएगा। यह प्रस्तावित परियोजना 1,481.19 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली है, जिसमें 965 हेक्टेयर वन भूमि शामिल है। इससे अमिलिहा, भिम्माडोगरी, महरोई, बंधवा वारा, कत्राबहरा, देवगवां, चंदनिया, बंधवा खुर्द एवं बरगवां सहित 9 गांव प्रभावित होंगे। परियोजना में 153 मिलियन टन कोयला भंडार, 0.70 मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता, 600 करोड़ रुपये की लागत, 34 वर्षों तक खनन तथा 641 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का दावा किया गया है। जनसुनवाई में जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने परियोजना का समर्थन करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी रखे। जनपद अध्यक्ष मनीष सिंह ने भूमि धंसाव की स्थिति में पुनर्वास, पेयजल पाइपलाइन, स्थानीय लोगों को सीधा रोजगार और CSR में महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की। जनपद उपाध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि उद्योग से क्षेत्र का विकास होगा, लेकिन जल, वायु और ध्वनि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है तथा खदान के पानी का उपयोग सिंचाई में किया जाना चाहिए। जिला पंचायत सदस्य हेमनाथ बैगा ने बैगा समुदाय के हितों की रक्षा, वनोपज आधारित वृक्षारोपण, जल स्तर की सुरक्षा तथा विशेष जनजातीय विकास योजना बनाने की मांग रखी। जनसुनवाई के अंत में अतिरिक्त जिला कलेक्टर पी.के. सेन गुप्ता ने कहा कि बैठक में प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों का संकलन कर पर्यावरण मंत्रालय एवं संबंधित समिति को भेजा जाएगा। अब अंतिम निर्णय पर्यावरण मंत्रालय द्वारा सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद लिया जाएगा।4
- ☑️कमिश्नर ने मणिबाग में भगवान आशुतोष के किए दर्शन मणिबाग को पर्यटन एवं इको-टूरिज्म का केंद्र बनाने के दिए निर्देश उमरिया//शहडोल संभाग की कमिश्नर श्रीमती सुरभि गुप्ता ने उमरिया जिले के ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल मणिबाग पहुंचकर प्राचीन शिवलिंग के दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर का अवलोकन कर मंदिर के इतिहास, धार्मिक महत्व तथा यहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी संबंधित अधिकारियों से प्राप्त की। ☑️ निरीक्षण के दौरान कमिश्नर श्रीमती गुप्ता ने मणिबाग क्षेत्र में पर्यटन की अपार संभावनाओं पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को इस स्थल के समग्र विकास के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य एवं धार्मिक आस्था से जुड़े ऐसे स्थलों को इको-टूरिज्म के रूप में विकसित कर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। ☑️ कमिश्नर ने मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता, सौंदर्यीकरण, पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाएं, मार्ग संकेतक, बैठने की व्यवस्था तथा पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में प्राकृतिक वातावरण को संरक्षित रखते हुए इको-फ्रेंडली उपाय अपनाए जाएं, ताकि क्षेत्र की धार्मिक एवं प्राकृतिक पहचान बनी रहे और अधिक से अधिक पर्यटक यहां आकर्षित हो सकें। निरीक्षण के समय कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय, सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह, अपर कलेक्टर प्रमोद कुमार सेन गुप्ता, अनुविभागीय बांधवगढ अंबिकेश प्रताप सिंह उपस्थित रहे।1
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- सावन के प्रथम सोमवार को भोरमदेव पदयात्रा के लिए कबीरधाम पुलिस ने किए व्यापक यातायात एवं सुरक्षा इंतजाम सावन माह के प्रथम सोमवार 03 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाली बूढ़ा महादेव मंदिर कवर्धा से भोरमदेव मंदिर तक की पदयात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं सुगम बनाने के लिए कबीरधाम पुलिस द्वारा आवश्यक यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। कबीरधाम जिला के पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र कुमार यादव (आई.पी.एस.) के कुशल निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हेमसागर सिदार व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमित पटेल के मार्गदर्शन में यातायात पुलिस द्वारा पदयात्रा मार्ग में आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी हजारों शिवभक्त एवं श्रद्धालु बूढ़ा महादेव मंदिर से भगवान भोरमदेव के दर्शन एवं जलाभिषेक के लिए पदयात्रा करेंगे। यात्रा के दौरान जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए यातायात संचालन, मार्ग डायवर्सन, पार्किंग एवं सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया है।1
- बेलगाम रफ्तार का कहर: तेज़ रफ़्तार कार ने कई लोगों को रौंदा, शहर की यातायात व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल मनेन्द्रगढ़/एमसीबी। शुक्रवार शाम लगभग 5 बजे मनेन्द्रगढ़ शहर में तेज़ रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का एक गंभीर मामला सामने आया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सीजी 16 बी 8323 नंबर की एक कार ने खेडिया टॉकीज के पास से लेकर मेन रोड मौहार पारा तक कई लोगों को लगातार टक्कर मार दी, जिससे कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग घायलों की मदद के लिए दौड़ पड़े। बताया जा रहा है कि कार चालक अत्यधिक तेज गति से वाहन चला रहा था। जब तक लोग कुछ समझ पाते और वाहन को रोकने का प्रयास करते, तब तक चालक तेज़ी से मौके से फरार हो चुका था। इस घटना ने शहर की यातायात व्यवस्था और लापरवाह वाहन चालकों पर कार्रवाई को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर की व्यस्त सड़कों पर आए दिन तेज रफ्तार वाहन लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं, लेकिन प्रभावी निगरानी और कड़ी कार्रवाई के अभाव में ऐसे हादसे लगातार सामने आ रहे हैं। नागरिकों ने दोषी चालक की शीघ्र गिरफ्तारी, घायलों को समुचित उपचार तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त यातायात व्यवस्था लागू करने की मांग की है। बहरहाल घायलों की संख्या और दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।1