उत्तर प्रदेश के इटावा में एक विचित्र घटना सामने आई है, जहाँ कोमल सिंह नामक व्यक्ति ने अपनी ही पत्नी पर तमंचा तान दिया और फिर स्वयं पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर कोमल सिंह ने बताया कि उसे सेंट्रल जेल देखने की लालसा थी, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। कोमल सिंह के अनुसार, उसकी पत्नी उसकी भाभी भी है और उन दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता रहता था, जिसका मुख्य कारण कोई संतान न होना था। वह ट्रैक्टर चलाकर अपना जीवन यापन करता है। उसने पुलिस को बताया कि उसके भैया की दो शादियाँ हुई थीं, और बड़ी वाली उसे दे दी गई थी। इसी पत्नी की छाती पर उसने तमंचा लगाया था, क्योंकि अब उसे सेंट्रल जेल देखनी थी। उसने यह भी बताया कि वह तीन बार उरई जेल जा चुका है, लेकिन उसे वह बेकार लगती है, और वह सेंट्रल जेल देखना चाहता है, जहाँ जाली और शीशे के अंदर से मिलाई होती है। इटावा से वायरल हुआ यह वीडियो न केवल एक सनक को दर्शाता है, बल्कि कानून के प्रति डर के खत्म होने की तस्वीर भी प्रस्तुत कर रहा है। कोमल सिंह ने अपनी पत्नी पर तमंचा तानने के बाद खुलेआम जेल और अपराध पर डींगें मारते हुए यह सब किया।
उत्तर प्रदेश के इटावा में एक विचित्र घटना सामने आई है, जहाँ कोमल सिंह नामक व्यक्ति ने अपनी ही पत्नी पर तमंचा तान दिया और फिर स्वयं पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर कोमल सिंह ने बताया कि उसे सेंट्रल जेल देखने की लालसा थी, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। कोमल सिंह के अनुसार, उसकी पत्नी उसकी भाभी भी है और उन दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता रहता था, जिसका मुख्य कारण कोई संतान न होना था। वह ट्रैक्टर चलाकर अपना जीवन यापन करता है। उसने पुलिस को बताया कि उसके भैया की दो शादियाँ हुई थीं, और बड़ी वाली उसे दे दी गई थी। इसी पत्नी की छाती पर उसने तमंचा लगाया था, क्योंकि अब उसे सेंट्रल जेल देखनी थी। उसने यह भी बताया कि वह तीन बार उरई जेल जा चुका है, लेकिन उसे वह बेकार लगती है, और वह सेंट्रल जेल देखना चाहता है, जहाँ जाली और शीशे के अंदर से मिलाई होती है। इटावा से वायरल हुआ यह वीडियो न केवल एक सनक को दर्शाता है, बल्कि कानून के प्रति डर के खत्म होने की तस्वीर भी प्रस्तुत कर रहा है। कोमल सिंह ने अपनी पत्नी पर तमंचा तानने के बाद खुलेआम जेल और अपराध पर डींगें मारते हुए यह सब किया।
- आगरा के थाना बरहन क्षेत्र निवासी रणदीप सिंह ने पुलिस कमिश्नर को दिए प्रार्थना पत्र में पुलिस महकमे में हलचल मचाने वाले गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने दावा किया है कि उसके घर हुई चोरी के मामले में बरामद हुए करीब 11 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के असली आभूषण पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से गायब कर दिए गए हैं। पीड़ित के अनुसार, वर्ष 2025 में उनके घर से लाखों के आभूषण और नकदी चोरी हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बरामदगी दिखाने के लिए जब पीड़ित अपनी पत्नी के साथ थाने पहुंचे, तो उन्हें केवल एक सोने की अंगूठी दिखाई गई, जबकि चोरी हुए अन्य बहुमूल्य आभूषण बरामदगी फर्द में शामिल नहीं किए गए थे। प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने पीड़ित के मोबाइल में मौजूद असली बरामद आभूषणों की तस्वीरें तक हटवा दीं और बरामदगी का रिकॉर्ड बदल दिया। इतना ही नहीं, पीड़ित पर कथित रूप से फर्द पर जबरन हस्ताक्षर करने का दबाव भी बनाया गया। पीड़ित का यह भी दावा है कि चोरी के असली गहने आरोपियों की निशानदेही पर एक स्वर्णकार की दुकान से बरामद हुए थे, लेकिन संबंधित पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर मोटी रकम लेकर स्वर्णकार को जांच से बाहर कर दिया और फर्जी दस्तावेज तैयार कर पूरे मामले को दबाने की कोशिश की। इस पूरे प्रकरण में तत्कालीन थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठे हैं, और आरोप है कि इन्हीं अधिकारियों की मिलीभगत से बरामद किए गए असली आभूषण हड़प लिए गए। इन गंभीर आरोपों से आगरा पुलिस पर 'सबसे बड़ा दाग' लगने और पूरे विभाग में हड़कंप मचने की बात कही गई है।1
- आगरा के थाना नाई की मंडी पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 25 वर्षों से फरार चल रहे ₹50,000 के इनामी अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह है कि आरोपी तक पहुंचने का अहम सुराग एक ट्रैफिक चालान से मिला, जिसके आधार पर पुलिस ने तकनीकी जांच और सर्विलांस की मदद से उसे दबोच लिया। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान सैमुअल उर्फ सहदेव यादव उर्फ अमित मिश्रा के रूप में हुई है, जो वर्ष 2002 में एक लूटकांड और एक युवती को भगाने के मामले में वांछित था तथा लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से दूर चल रहा था। डीसीपी सिटी अली अब्बास ने एक प्रेसवार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए लगातार नाम और धर्म बदलता रहा और अलग-अलग राज्यों में ठिकाने बदलकर रह रहा था। हाल ही में दिल्ली के प्रेमनगर, नागलोई क्षेत्र में एक वाहन के ट्रैफिक चालान के दौरान मिले सुराग ने पुलिस को उसके करीब ला दिया। इसके बाद गहन तकनीकी जांच और सर्विलांस के जरिए उसकी लोकेशन ट्रेस कर उसे गिरफ्तार किया गया। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तारी से पहले आरोपी दिल्ली के एक निजी स्कूल में शूटिंग रेंज टीचर के रूप में कार्यरत था। प्रारंभिक पूछताछ में उसने खुलासा किया है कि उसने प्रेम विवाह के लिए लूट की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस अब इस बात की जानकारी जुटा रही है कि फरारी के 25 वर्षों के दौरान वह किन-किन राज्यों में रहा और किन गतिविधियों में शामिल रहा। अली अब्बास ने इस गिरफ्तारी को पुलिस की एक बड़ी उपलब्धि बताया है।1
- फिरोजाबाद के वार्ड नंबर 29 की नई बस्ती टोपा खुर्द स्थित दयालु मेमोरियल इंटर कॉलेज के पास पिछले 10 साल से रह रहे एक निवासी ने अपनी परेशानी व्यक्त की है। उनका आरोप है कि इस पूरे क्षेत्र में आज तक कोई विकास कार्य नहीं हुआ है और दस वर्षों से स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस संबंध में उन्होंने बताया कि वे कई बार पार्षद जी के घर के चक्कर लगा चुके हैं और मेयर साहब के कार्यालय भी जा चुके हैं, परंतु अभी तक उनकी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हुई है।1
- Abhijeet dipeeke i coming india please support everyone cockroachs1
- फिरोजाबाद के सैलई चौराहे पर व्यापार मंडल अध्यक्ष अंबेश शर्मा के नेतृत्व में व्यापारीगण अपनी समस्याओं को लेकर धरने पर बैठ गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि सड़क और बिजली के खंभों पर मरकरी लाइटें न लगी होने से इलाके में काफी अंधेरा रहता है, जिसके कारण उनका व्यापार पूरी तरह से चौपट हो गया है। व्यापारियों ने यह भी बताया कि अंधेरे और खराब सड़कों की वजह से महिलाएं और ग्राहक इस क्षेत्र में आने से कतराते हैं, जिससे उनके प्रतिष्ठानों पर ग्राहकों की आवाजाही न के बराबर हो गई है। व्यापारियों ने कई बार उच्च अधिकारियों को अपनी समस्याओं से अवगत कराने के लिए शिकायत पत्र दिए हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने ऐलान किया है कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया जाता है और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता है, तो वे पुतला दहन करेंगे।3
- दिल्ली में लोधी देवेंद्र सिंह ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान लक्की ट्रस्ट द्वारा किए गए महत्वपूर्ण कार्यों की गूंज रक्षा मंत्रालय तक पहुँच गई, जिससे इन प्रयासों को विशेष पहचान मिली।1
- फिरोजाबाद के थाना दक्षिण क्षेत्र स्थित ओम अस्पताल में हर्निया ऑपरेशन के बाद एक मरीज की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए मंगलवार को जमकर हंगामा किया। आसफाबाद के यादव नगर निवासी 46 वर्षीय राजेश कुमार शनिवार को स्टेशन रोड स्थित ओम हॉस्पिटल में हर्निया का ऑपरेशन कराने के लिए भर्ती हुए थे, और उसी दिन शाम को उनका ऑपरेशन किया गया था। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद राजेश कुमार की हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उन्हें उचित उपचार नहीं दिया। उनका यह भी कहना है कि मरीज की गंभीर स्थिति के बावजूद, अस्पताल प्रबंधन उन पर छुट्टी कराने का दबाव बना रहा था, और इसी दौरान मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने इस चिकित्सकीय लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल की सूचना पर थाना दक्षिण पुलिस मौके पर पहुंची, जिन्होंने लोगों को समझाकर शांत कराया और मामले की जांच शुरू कर दी। मृतक का शव अभी भी अस्पताल में है और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वहीं, अस्पताल के संचालक डॉक्टर गौरव अग्रवाल ने बताया कि दिव्यांग मरीज का ऑपरेशन सही तरीके से हुआ था और वह पूरी तरह स्वस्थ थे, संभवतः डिस्चार्ज से पहले उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया, जिससे उनकी मृत्यु हुई। हालांकि, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है ताकि मृत्यु का सही कारण पता चल सके। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि परिजनों की तहरीर और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले पर अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।1
- फ़िरोज़ाबाद के वार्ड नंबर 29 में स्थित नई बस्ती की स्थिति दयालु मेमोरियल इंटर कॉलेज के पास टापा खुर्द इलाके में देखी गई है।1
- इटावा जिले के जसवन्तनगर क्षेत्र में की जा रही चैकिंग के दौरान एक मोपेड पर छह सवारियों को बैठा पाया गया। इस मामले की जानकारी एमटीएफ न्यूज़ द्वारा दी गई है।1