आमला क्षेत्र के ग्रामीणों ने अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर स्थानीय विधायक से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली, पेयजल, सड़क और रपटों से संबंधित इन समस्याओं के कारण उन्हें लंबे समय से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने विधायक से मांग की है कि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति में सुधार किया जाए, पेयजल की समुचित व्यवस्था की जाए, जर्जर सड़कों का तत्काल निर्माण कराया जाए और बरसात के दौरान आवागमन को बाधित करने वाले रपटों का निर्माण एवं मरम्मत की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान न होने से आमजन का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। विधायक ने ग्रामीणों की इन समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि वे संबंधित विभागों के अधिकारियों से चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि इन समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
आमला क्षेत्र के ग्रामीणों ने अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर स्थानीय विधायक से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली, पेयजल, सड़क और रपटों से संबंधित इन समस्याओं के कारण उन्हें लंबे समय से भारी परेशानियों का
सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने विधायक से मांग की है कि क्षेत्र में बिजली आपूर्ति में सुधार किया जाए, पेयजल की समुचित व्यवस्था की जाए, जर्जर सड़कों का तत्काल निर्माण कराया जाए और बरसात के दौरान आवागमन को बाधित करने
वाले रपटों का निर्माण एवं मरम्मत की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान न होने से आमजन का दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। विधायक ने ग्रामीणों की इन समस्याओं को गंभीरता से सुना और
उन्हें आश्वासन दिया कि वे संबंधित विभागों के अधिकारियों से चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई करेंगे। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि इन समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
- जिला अस्पताल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही का एक मामला सामने आया है, जहाँ पीने के लिए इस्तेमाल होने वाले आरओ (RO) के पानी का उपयोग बर्तन धोने जैसे कार्यों के लिए किया जा रहा है।1
- इटारसी के वार्ड नंबर 12 से पार्षद मनजीत कलोसिया पर एक बार फिर लापरवाही और भेदभाव के गंभीर आरोप लगे हैं। वार्ड के निवासियों का दावा है कि पार्षद के एक 'खास' व्यक्ति करण बरगले के घर के सामने और आसपास तो नियमित रूप से झाड़ू लगाई जाती है, लेकिन उसी लाइन में आगे के 4-5 घरों के सामने साफ-सफाई नहीं की जाती। इस स्थिति ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अब साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधा के लिए भी पार्षद का 'खास' होना जरूरी है। इतना ही नहीं, जनता की समस्याओं को सुनने के लिए बनाए गए वार्ड के व्हाट्सएप ग्रुप पर जैसे ही कोई निवासी कचरे या गंदी नाली की शिकायत करता है, पार्षद जी उसे तुरंत डिलीट कर देते हैं। पूछने पर पार्षद द्वारा 'गलती से डिलीट हो गया' का बहाना दिया जाता है। इस मामले पर वार्ड 12 की जनता में भारी गुस्सा देखा जा रहा है।1
- किसान अपनी मूंग की फसल की 100% खरीदी की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन पर उतर आए हैं। इस विरोध प्रदर्शन के तहत किसानों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ सरकार की शव यात्रा निकाली, जिससे उनकी नाराजगी और मांग स्पष्ट रूप से सामने आई।1
- आज गुरुवार शाम 4 बजे छिंदवाड़ा के किसान कल्याण तथा कृषि विकास कार्यालय में खरीफ फसल के लिए उर्वरक की समयोचित आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु जिले की सभी उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधियों की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में उप संचालक कृषि मोरिस नाथ ने महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों की बढ़ती मांग को देखते हुए जिले भर में उर्वरक रैक लगातार भरे जाएं और उपलब्ध मात्रा को निजी विक्रेताओं, सहकारी समितियों, एमपी एग्रो तथा मार्कफेड के डबल-लॉक केंद्रों में ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से तुरंत स्थानांतरित किया जाए। मोरिस नाथ ने स्पष्ट किया कि उर्वरक का वितरण ई-टोकन व्यवस्था के तहत किया जाएगा, ताकि सभी पात्र किसानों तक समय पर खाद पहुंच सके और खरीफ की बुवाई किसी भी तरह से प्रभावित न हो।1
- बदायूँ में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर पार्क में आज भी धरना-प्रदर्शन जारी रहा, जो कि इसका दसवां दिन है। इस विरोध प्रदर्शन में एक पूर्व कमिश्नर भी मौजूद रहे।1
- छिंदवाड़ा जिले के होमगार्ड परिसर में सिविल डिफेंस वालेंटियर्स के सात दिवसीय क्षमतावर्धन प्रशिक्षण का दूसरा बैच आज गुरुवार को शुरू हो गया है। होमगार्ड कमांडेंट श्रीमती स्नेहलता पाठ्या ने दोपहर 3 बजे बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य स्वयंसेवकों को प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं के दौरान त्वरित और प्रभावी सहयोग प्रदान करने के लिए आवश्यक व्यवहारिक और तकनीकी कौशल से लैस करना है। इस दौरान रिसोर्स पर्सन श्यामल राव ने आपदा प्रबंधन में स्थानीय नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए जागरूकता के महत्व को रेखांकित किया। वहीं, गणेश धुर्वे ने प्रशिक्षण के तहत सिविल डिफेंस के प्रमुख कार्यों, आकाशीय बिजली, बाढ़, जहरीले सर्पों की पहचान और एबीसी प्रकार के अग्निशामक यंत्रों के उपयोग पर विस्तृत जानकारी और व्यावहारिक अभ्यास कराया।1
- सोहागपुर के ग्राम सेमरी हरचंद में मौजीलाल नमकीन कंपनी के ₹5 के मक्का मिक्सचर नमकीन के पैकेट में लगभग 5 इंच लंबी प्लास्टिक की पन्नी मिलने का मामला सामने आया है। यह घटना गुरुवार दोपहर करीब 1:00 बजे की बताई जा रही है, जब सेमरी हरचंद की एक किराना दुकान से खरीदे गए पैकेट में यह पन्नी पाई गई। समय रहते प्लास्टिक की पन्नी दिखाई देने से एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना ने खाद्य सुरक्षा और उत्पाद की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उपभोक्ताओं ने खाद्य सुरक्षा विभाग से इस पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश दियावार ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।1
- किसानों ने मोहन सरकार से मूंग की शत-प्रतिशत (100%) तुलाई सुनिश्चित करने की मांग को लेकर एक आंदोलन शुरू किया है। इस विरोध प्रदर्शन के तहत एक किसान रैली का आयोजन किया गया, जिसमें 'जय जवान जय किसान' के नारे लगाए गए।1
- भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में गुरुवार दोपहर 3 बजे मध्य प्रदेश के सिवनी मालवा में ग्रीष्मकालीन मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी सहित विभिन्न मांगों को लेकर किसानों ने एक विशाल ट्रैक्टर रैली निकाली। तवा कॉलोनी से शुरू हुई यह रैली तहसीलदार कार्यालय पहुँची, जहाँ किसानों ने मध्य प्रदेश शासन की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकालकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव के विरोध में भी नारे लगाए गए, जिसमें किसानों का गुस्सा साफ दिखाई दिया। तहसील कार्यालय पहुँचने पर किसानों ने शव यात्रा के साथ कार्यालय के मुख्य द्वार पर धरना दिया, जहाँ भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने सरकार पर किसान विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। इसके बाद, यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम विजय राय को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि नर्मदापुरम जिले सहित प्रदेश के कई जिलों के किसानों ने भीषण गर्मी और कठिन परिस्थितियों में ग्रीष्मकालीन मूंग का उत्पादन किया, लेकिन सरकार ने केवल 25 प्रतिशत उपज खरीदने का निर्णय लेकर उनके साथ अन्याय किया है। ज्ञापन में किसानों द्वारा उत्पादित पूरी ग्रीष्मकालीन मूंग की 100 प्रतिशत खरीदी की मांग की गई है। किसानों ने खाद वितरण की ई-विकास प्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए, यह कहते हुए कि ई-टोकन व्यवस्था के कारण उन्हें डीएपी और यूरिया समय पर नहीं मिल पा रही है। भारतीय किसान यूनियन ने मांग की कि छत्तीसगढ़ की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी ई-टोकन प्रणाली को तुरंत बंद कर खाद वितरण की वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जाए। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने पूरी मूंग की खरीदी नहीं की, तो किसान अपने सभी ट्रैक्टर तहसील कार्यालय में खड़े कर उनकी चाबियां तहसीलदार को सौंप देंगे और अपनी मांगों के समर्थन में पैदल भोपाल कूच करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में किसानों ने ट्रैक्टरों के साथ हिस्सा लिया, और तहसील कार्यालय परिसर में सुरक्षा के लिए प्रशासन तथा पुलिस बल तैनात रहे।1