सिसई : अवैध जमीन बिक्री का मामला, अंचलाधिकारी ने दाख़िल -खारिज पर लगाई रोक; भाई- बहनों की शिकायत पर हुई कार्रवाई सिसई (गुमला): सिसई प्रखंड में अवैध रूप से जमीन बिक्री और दाखिल-खारिज कराने के प्रयास का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद अंचलाधिकारी ने हस्तक्षेप करते हुए संबंधित जमीन की दाखिल-खारिज प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिसई बस्ती निवासी स्वर्गीय जसीमन खातून ने सिसई मौजा के खाता संख्या 178, प्लॉट संख्या 2963 व 2965 में क्रमशः 31 और 25 डिसमिल, कुल 56 डिसमिल तथा कुदरा मौजा के खाता संख्या 54, प्लॉट संख्या 772 में 21 डिसमिल जमीन खरीदी थी। इस प्रकार कुल 77 डिसमिल जमीन उनकी स्वयं अर्जित संपत्ति बताई जा रही है। पीड़ित पक्ष के अनुसार, जसीमन खातून के निधन के बाद उक्त जमीन पर उनके नौ पुत्र-पुत्रियों—फातमा खातून, अनवर अंसारी, हारून रशीद अंसारी, बजेगा खातून, नासरीन बीबी, मो. मामून अंसारी, असलम अंसारी, असरफुन निशा और मो. अकील अंसारी—का समान अधिकार है और सभी वर्षों से जमीन पर दखल-कब्जा रखते हुए नियमित मालगुजारी भी जमा करते आ रहे हैं। आरोप है कि उनके 92 वर्षीय पिता अब्दुल सतार अंसारी, जो मानसिक रूप से अस्वस्थ बताए जा रहे हैं, से कथित रूप से छल-कपट कर संझले पुत्र मो. मामून अंसारी ने अपने नाम जमीन की रजिस्ट्री करा ली और दाखिल-खारिज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इस कार्य में एक अन्य भाई हारून रशीद अंसारी के सहयोग का भी आरोप लगाया गया है। मामले की जानकारी मिलने पर अन्य भाई-बहनों ने 9 फरवरी 2026 को अंचल कार्यालय सिसई में सामूहिक आवेदन देकर दाखिल-खारिज पर रोक लगाने की मांग की थी। इसके बाद अंचलाधिकारी ने दोनों पक्षों को 25 फरवरी 2026 को संबंधित दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया। दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत कागजातों की जांच के बाद प्रथम दृष्टया जमीन की बिक्री में अनियमितता पाई गई। इसके मद्देनजर अंचलाधिकारी ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए संबंधित जमीन की दाखिल-खारिज प्रक्रिया पर रोक लगा दी। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि सिसई प्रखंड में इस तरह के कई मामले सामने आ रहे हैं, जहां कथित रूप से कुछ कर्मियों की मिलीभगत से अवैध जमीन खरीद-फरोख्त कर लोगों के अधिकार छीने जा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने तथा अवैध दाखिल-खारिज पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की है।
सिसई : अवैध जमीन बिक्री का मामला, अंचलाधिकारी ने दाख़िल -खारिज पर लगाई रोक; भाई- बहनों की शिकायत पर हुई कार्रवाई सिसई (गुमला): सिसई प्रखंड में अवैध रूप से जमीन बिक्री और दाखिल-खारिज कराने के प्रयास का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद अंचलाधिकारी ने हस्तक्षेप करते हुए संबंधित जमीन की दाखिल-खारिज प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिसई बस्ती निवासी स्वर्गीय जसीमन खातून ने सिसई मौजा के खाता संख्या 178, प्लॉट संख्या 2963 व 2965 में क्रमशः 31 और 25 डिसमिल, कुल 56 डिसमिल तथा कुदरा मौजा के खाता
संख्या 54, प्लॉट संख्या 772 में 21 डिसमिल जमीन खरीदी थी। इस प्रकार कुल 77 डिसमिल जमीन उनकी स्वयं अर्जित संपत्ति बताई जा रही है। पीड़ित पक्ष के अनुसार, जसीमन खातून के निधन के बाद उक्त जमीन पर उनके नौ पुत्र-पुत्रियों—फातमा खातून, अनवर अंसारी, हारून रशीद अंसारी, बजेगा खातून, नासरीन बीबी, मो. मामून अंसारी, असलम अंसारी, असरफुन निशा और मो. अकील अंसारी—का समान अधिकार है और सभी वर्षों से जमीन पर दखल-कब्जा रखते हुए नियमित मालगुजारी भी जमा करते आ रहे हैं। आरोप है कि उनके 92 वर्षीय पिता अब्दुल सतार अंसारी, जो मानसिक रूप से अस्वस्थ
बताए जा रहे हैं, से कथित रूप से छल-कपट कर संझले पुत्र मो. मामून अंसारी ने अपने नाम जमीन की रजिस्ट्री करा ली और दाखिल-खारिज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इस कार्य में एक अन्य भाई हारून रशीद अंसारी के सहयोग का भी आरोप लगाया गया है। मामले की जानकारी मिलने पर अन्य भाई-बहनों ने 9 फरवरी 2026 को अंचल कार्यालय सिसई में सामूहिक आवेदन देकर दाखिल-खारिज पर रोक लगाने की मांग की थी। इसके बाद अंचलाधिकारी ने दोनों पक्षों को 25 फरवरी 2026 को संबंधित दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया। दोनों पक्षों
द्वारा प्रस्तुत कागजातों की जांच के बाद प्रथम दृष्टया जमीन की बिक्री में अनियमितता पाई गई। इसके मद्देनजर अंचलाधिकारी ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए संबंधित जमीन की दाखिल-खारिज प्रक्रिया पर रोक लगा दी। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि सिसई प्रखंड में इस तरह के कई मामले सामने आ रहे हैं, जहां कथित रूप से कुछ कर्मियों की मिलीभगत से अवैध जमीन खरीद-फरोख्त कर लोगों के अधिकार छीने जा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने तथा अवैध दाखिल-खारिज पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की है।
- श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का समापन के पश्चात आयोजित हुआ 12 घंटे का अखंड हरिकीर्तन1
- ब्रह्माकुमारीज शिव दर्शन भवन गुमला में ‘सेल्फ एंपावरमेंट टू नेशन एंपावरमेंट’ अभियान अंतर्गत प्रेरणादायी कार्यक्रम गुमला। ब्रह्मा कुमारीज के सिक्योरिटी सर्विस विंग द्वारा ‘सेल्फ एंपावरमेंट टू नेशन एंपावरमेंट’ अभियान के अंतर्गत शिव दर्शन भवन, गुमला में ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक एवं भूतपूर्व सैनिक कल्याण संगठन के सदस्यों हेतु एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारजनों को मानसिक सशक्तिकरण, सकारात्मक चिंतन और राजयोग ध्यान के माध्यम से आंतरिक शांति का अनुभव कराना था। इस अवसर पर ऑफिसर कमांडिंग ईसीएचएस, गुमला कर्नल आर. के. सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। भूतपूर्व सैनिक कल्याण संगठन के अध्यक्ष सूबेदार लक्ष्मण बड़ाईक (सेवानिवृत), सूबेदार सहदेव महतो (सेवानिवृत) सहित अनेक पूर्व सैनिकों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। मुख्य वक्ता राजयोगिनी शांति दीदी ने अपने अनुभवयुक्त संबोधन में कहा कि जिस प्रकार सैनिक देश की रक्षा और सुरक्षा में अपना अमूल्य जीवन समर्पित करते हैं, उसी प्रकार अब उन्हें अपने मन और स्वास्थ्य की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सकारात्मक बोल, मन की स्वच्छता और नियमित दिनचर्या में ध्यान को अपनाने से मानसिक शुद्धता एवं स्थायी शांति का अनुभव संभव है। कार्यक्रम में बीके अमृता बहन, बीके ममता बहन, बीके अमित एवं बीके मंगल ने भी अपने प्रेरणादायी विचार रखे और राजयोग के माध्यम से आत्मबल बढ़ाने की विधि बताई। वक्ताओं ने कहा कि सशक्त व्यक्ति ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण कर सकता है। कर्नल आर. के. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि सैनिक जीवन अनुशासन, समर्पण और साहस का प्रतीक है, वहीं आध्यात्मिक सशक्तिकरण से जीवन में संतुलन और मानसिक दृढ़ता आती है। उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों को समाज के लिए उपयोगी बताया। अंत में सभी उपस्थित जनों ने सकारात्मक जीवनशैली अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ।1
- आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ मनेगी होली, शांति समिति की बैठक संपन्न आगामी होली पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से चैनपुर थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। जानकारी देते हुए दोपहर एक बजे बताया गया कि पर्व को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है तथा विधि-व्यवस्था बनाए रखने हेतु आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी यादव बैठा ने कहा कि इस वर्ष होली ऐसे समय में पड़ रही है जब मुस्लिम समुदाय का पवित्र रमजान (रोजा) तथा ईसाई समुदाय का चालीसा पर्व भी चल रहा है। उन्होंने सभी समुदायों से आपसी प्रेम, भाईचारा और धार्मिक भावनाओं के सम्मान के साथ पर्व मनाने की अपील की। पुलिस अंचल निरीक्षक जितेंद्र राम ने स्पष्ट कहा कि पर्व के दौरान हुड़दंग, जबरन रंग लगाने अथवा अश्लील गीत बजाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। शांति समिति के सदस्यों से अपील की गई कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल थाना को दें। अंचल अधिकारी दिनेश गुप्ता एवं जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए रासायनिक रंगों के बजाय अबीर-गुलाल के प्रयोग की सलाह दी। साथ ही अन्य धर्मों के पूजा स्थलों का सम्मान करने की अपील की। बैठक के अंत में उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को अबीर लगाकर होली की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर थाना प्रभारी अरविंद कुमार, एसआई राजेंद्र मंडल, एसआई विजय उरांव, मो० आरिफ अंसारी, बुधराम नायक, शकील खान, ललित मिंज, मंझार अली सहित शांति समिति के कई सदस्य उपस्थित थे।1
- गुमला: नगर परिषद गुमला के अध्यक्ष एवं वार्ड पार्षद पद हेतु संपन्न निर्वाचन की मतगणना दिनांक 27 फरवरी को कार्तिक उरांव महाविद्यालय परिसर स्थित मतगणना केंद्र में की जाएगी। मतगणना कार्य पूर्ण कर परिणाम 27 फरवरी की शाम तक घोषित कर दिए जाएंगे।मतगणना केंद्र में कुल 22 टेबल लगाए गए हैं। प्रत्येक टेबल पर 3-3 मतगणना कर्मी प्रतिनियुक्त रहेंगे। मतगणना दो चरणों (राउंड) में संपन्न होगी। प्रथम राउंड में बूथ संख्या 1 से 11 तक के मतों की गिनती की जाएगी, जबकि द्वितीय राउंड में बूथ संख्या 12 से 22 तक के मतों की गणना होगी। इसके उपरांत अध्यक्ष पद का परिणाम घोषित किया जाएगा।अध्यक्ष पद हेतु कुल 9 अभ्यर्थियों ने चुनाव लड़ा है, जबकि वार्ड पार्षद पद हेतु कुल 112 अभ्यर्थी मैदान में हैं। विशेष सुरक्षा व्यवस्था मतगणना केंद्र पर जिला प्रशासन द्वारा व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। केंद्र परिसर में मोबाइल फोन एवं तंबाकू पदार्थ ले जाने तथा उनके उपयोग पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। सभी पोलिंग एजेंटों को पहचान पत्र निर्गत किए गए हैं, जिनके आधार पर वे निर्धारित नियमों का पालन करते हुए मतगणना केंद्र में प्रवेश कर सकेंगे। मतगणना केंद्र की सुरक्षा तीन स्तरीय (3-लेयर) व्यवस्था के अंतर्गत की गई है। लगभग 300 पुलिस बल की तैनाती की जाएगी, जो विधि-व्यवस्था बनाए रखने हेतु मुस्तैद रहेंगे। पार्किंग व्यवस्था गुमला नगर परिषद क्षेत्र की ओर से आने वाले सभी वाहनों के लिए पार्किंग स्थल के०ओ० कॉलेज, गुमला से करमडीपा जाने वाले मार्ग स्थित चंदा बगीचा मैदान में निर्धारित किया गया है। बैरिकेडिंग एवं यातायात नियंत्रण कार्तिक उरांव महाविद्यालय के मुख्य द्वार से 50 मीटर की दूरी पर गुमला जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग।मुख्य द्वार से 50 मीटर की दूरी पर पालकोट जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग।मुख्य द्वार के दाहिने एवं बाएं ओर बने बैरिकेडिंग क्षेत्र के बीच पैदल गश्ती की व्यवस्था।कार्तिक उरांव महाविद्यालय से करमडीपा जाने वाले मार्ग के समीप विशेष निगरानी।ड्रॉप गेट व्यवस्था (भारी वाहनों हेतु रोक)घाघरा की ओर से आने वाले भारी वाहनों को पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास रोका जाएगा। पुगु बाईपास, सिलम बाईपास एवं डुमरडीह बाईपास रोड के पास मतगणना केंद्र की ओर आने वाले भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। परिसदन, गुमला स्थित मंडल कारा, गुमला मोड़ के पास भी नियंत्रण व्यवस्था लागू रहेगी। जिला प्रशासन द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों एवं आमजन से अपील है कि वे विधि-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें तथा निर्धारित दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें, ताकि मतगणना कार्य शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।3
- गुमला | 26 फरवरी 2026 गुमला जिला प्रशासन ने सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एक अनूठी और भावनात्मक पहल शुरू की है। भविष्य की पीढ़ी को जागरूक कर अभिभावकों के व्यवहार में बदलाव लाने के उद्देश्य से जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) ज्ञान शंकर जायसवाल के निर्देशानुसार में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज राजकीयकृत मध्य विद्यालय, टोटो में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हादसों के खौफनाक वीडियो देख सहम गए बच्चे अभियान के दौरान मोटरयान निरीक्षक (MVI) ने कक्षा 4 से 7 तक के बच्चों को सड़क दुर्घटनाओं की वास्तविक वीडियो फुटेज दिखाई। सीसीटीवी कैमरों में कैद उन भयावह दृश्यों को देखकर बच्चे सिहर उठे। इस दौरान उन्हें समझाया गया कि कैसे महज एक सेकंड की लापरवाही खुशहाल परिवारों को तबाह कर देती है। तकनीकी बारीकियों को साझा करते हुए बताया गया कि सड़क हादसों में होने वाली अधिकांश मौतों का मुख्य कारण सिर की चोट है, जिससे एक मानक हेलमेट आसानी से बचा सकता है। "गार्जियन को बनना होगा रोल मॉडल" कार्यक्रम में बच्चों को संबोधित करते हुए MVI ने अभिभावकों की जिम्मेदारी पर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा: > "जब घर के बड़े खुद हेलमेट नहीं पहनते, तो वे बच्चों से नियमों के पालन की उम्मीद कैसे कर सकते हैं? माता-पिता ही बच्चों के पहले शिक्षक होते हैं। अगर वे खुद हेलमेट पहनकर गाड़ी चलाएंगे, तो आने वाली पीढ़ी इसे संस्कार के रूप में अपनाएगी।" > *बच्चों ने ली शपथ: "बिना हेलमेट घर से नहीं निकलने देंगे माता-पिता को"* प्रशासन की इस इमोशनल अपील का बच्चों पर गहरा असर दिखा। कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं ने सामूहिक शपथ ली कि: *वे अपने माता-पिता को तब तक गाड़ी की चाबी नहीं देंगे या घर से बाहर नहीं जाने देंगे, जब तक वे हेलमेट या सीट बेल्ट न लगा लें।* *वाहन चलाते समय यदि परिजन तेज रफ्तार में होंगे, तो बच्चे उन्हें तुरंत टोकेंगे।* *वे अपने आसपास के लोगों को 'धीमी गति' और 'सुरक्षित सफर' के लिए प्रेरित करेंगे।* *पूरे जिले में गूंज रही है 'सुरक्षा की आवाज'* *डीटीओ ज्ञान शंकर जायसवाल ने बताया कि प्रशासन केवल स्कूलों तक सीमित नहीं है।* गुमला के सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम (लाउडस्पीकर) सक्रिय कर दिए गए हैं। इन लाउडस्पीकरों के माध्यम से लगातार लोगों को यातायात नियमों, हेलमेट की अनिवार्यता और तेज रफ्तार के खतरों के प्रति सचेत किया जा रहा है। प्रशासन का सीधा संदेश: आपकी जान अनमोल है। इसे सड़क पर लापरवाही की भेंट न चढ़ाएं। सुरक्षित चलें, सुरक्षित रहें।3
- चैनपुर: चैनपुर थाना परिसर में गुरुवार को होली और रमजान पर्व को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी यादव बैठा एवं अंचल अधिकारी दिनेश कुमार गुप्ता ने की। बैठक में जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा, सर्किल इंस्पेक्टर, थाना प्रभारी अरविंद कुमार, मुखिया शोभा देवी सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिक और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।1
- प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के दौरान आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का हुआ समापन व्यास जी मुखारवृन्द से भक्तों ने किया श्रवण1
- गुमला: 26 फरवरी 2026 गुमला जिला प्रशासन ने सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एक अनूठी और भावनात्मक पहल शुरू की है।भविष्य की पीढ़ी को जागरूक कर अभिभावकों के व्यवहार में बदलाव लाने के उद्देश्य से *जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) ज्ञान शंकर जायसवाल के निर्देशानुसार* में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज राजकीयकृत मध्य विद्यालय, टोटो में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।हादसों के खौफनाक वीडियो देख सहम गए बच्चे अभियान के दौरान मोटरयान निरीक्षक (MVI) ने कक्षा 4 से 7 तक के बच्चों को सड़क दुर्घटनाओं की वास्तविक वीडियो फुटेज दिखाई। सीसीटीवी कैमरों में कैद उन भयावह दृश्यों को देखकर बच्चे सिहर उठे। इस दौरान उन्हें समझाया गया कि कैसे महज एक सेकंड की लापरवाही खुशहाल परिवारों को तबाह कर देती है। तकनीकी बारीकियों को साझा करते हुए बताया गया कि सड़क हादसों में होने वाली अधिकांश मौतों का मुख्य कारण सिर की चोट है, जिससे एक मानक हेलमेट आसानी से बचा सकता है।"गार्जियन को बनना होगा रोल मॉडल" कार्यक्रम में बच्चों को संबोधित करते हुए MVI ने अभिभावकों की जिम्मेदारी पर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा: "जब घर के बड़े खुद हेलमेट नहीं पहनते, तो वे बच्चों से नियमों के पालन की उम्मीद कैसे कर सकते हैं? माता-पिता ही बच्चों के पहले शिक्षक होते हैं। अगर वे खुद हेलमेट पहनकर गाड़ी चलाएंगे, तो आने वाली पीढ़ी इसे संस्कार के रूप में अपनाएगी।" *बच्चों ने ली शपथ: "बिना हेलमेट घर से नहीं निकलने देंगे माता-पिता को"* प्रशासन की इस इमोशनल अपील का बच्चों पर गहरा असर दिखा। कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं ने सामूहिक शपथ ली कि वे अपने माता-पिता को तब तक गाड़ी की चाबी नहीं देंगे या घर से बाहर नहीं जाने देंगे, जब तक वे हेलमेट या सीट बेल्ट न लगा लें। वाहन चलाते समय यदि परिजन तेज रफ्तार में होंगे, तो बच्चे उन्हें तुरंत टोकेंगे।वे अपने आसपास के लोगों को 'धीमी गति' और 'सुरक्षित सफर' के लिए प्रेरित करेंगे।पूरे जिले में गूंज रही है 'सुरक्षा की आवाज' डीटीओ ज्ञान शंकर जायसवाल ने बताया कि प्रशासन केवल स्कूलों तक सीमित नहीं है।* गुमला के सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम (लाउडस्पीकर) सक्रिय कर दिए गए हैं। इन लाउडस्पीकरों के माध्यम से लगातार लोगों को यातायात नियमों, हेलमेट की अनिवार्यता और तेज रफ्तार के खतरों के प्रति सचेत किया जा रहा है।प्रशासन का सीधा संदेश: आपकी जान अनमोल है। इसे सड़क पर लापरवाही की भेंट न चढ़ाएं। सुरक्षित चलें, सुरक्षित रहें।*4
- जानकारी देते हुए दोपहर दो बजे प्रशासन ने बताया कि आकांक्षी प्रखंड डुमरी के औरापाठ गांव में ‘पहल’ परियोजना के तहत आजीविका सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के मार्गदर्शन एवं सतत मॉनिटरिंग में नीति आयोग द्वारा पोषित “पाथ टू एडवांसमेंट एंड होलिस्टिक एक्शन फॉर लाइवलीहुड इन औरापाठ (पहल)” परियोजना का प्रभावी क्रियान्वयन जारी है। इसी क्रम में दिनांक पच्चीस फरवरी दो हजार छब्बीस को मुर्गी पालन गतिविधि के अंतर्गत पंद्रह पीवीटीजी परिवारों के बीच जीविकोपार्जन वृद्धि हेतु मुर्गियों का वितरण किया गया। कार्यक्रम का संचालन नीति आयोग के सहयोग से जिला प्रशासन एवं आईएसडीजी रिसर्च फाउंडेशन, रांची द्वारा किया गया। प्रत्येक चयनित परिवार को देसी नस्ल की सौ मुर्गियां, सौ किलोग्राम चारा, दो ड्रिंकर एवं दो फीडर उपलब्ध कराए गए। लाभुकों को पूर्व में वैज्ञानिक पद्धति से मुर्गी पालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया है। साथ ही प्रत्येक घर पर डिस्प्ले बोर्ड स्थापित कर पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। उल्लेखनीय है कि परियोजना के तहत औरापाठ क्षेत्र में सिंचाई अवसंरचना सुदृढ़ करने के साथ कृषि एवं पशुपालन आधारित गतिविधियों को चरणबद्ध रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। कुल तैंतालीस पीवीटीजी परिवारों को स्थायी आजीविका से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित है। कार्यक्रम में प्रखंड प्रमुख जीवंती एक्का उपस्थित रहीं। जिला प्रशासन द्वारा नियमित समीक्षा कर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है।1