भीलवाड़ा शहर की विभिन्न कच्ची बस्तियों के निवासियों ने बुधवार दोपहर करीब 2 बजे भीलवाड़ा कच्ची बस्ती विकास मंच के नेतृत्व में नगर निगम कार्यालय पहुंचकर पट्टों की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन शहरों के संग अभियान 2021-22 के दौरान दिए गए उनके आवेदनों पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके कारण हजारों गरीब परिवार अपने मकानों के पट्टों से वंचित हैं। मंच के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कच्ची बस्तीवासी नगर निगम पहुंचे और अधिकारियों से वर्षों से लंबित पड़ी फाइलों का शीघ्र निस्तारण कर पट्टे जारी करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने हाल ही में धारा 69-ए के तहत पात्र गरीब परिवारों को पट्टे देने के निर्देश जारी किए हैं, लेकिन नगर निगम में कई वर्षों पुरानी फाइलें अभी भी लंबित पड़ी हुई हैं। मंच के पदाधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि कई लोगों ने चार से पांच वर्ष पहले आवेदन किए थे, पर उनकी फाइलों को न तो अब तक ऑनलाइन किया गया है और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई की गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मकान के पट्टे मिलने से गरीब, वंचित और बेसहारा परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ, बैंक ऋण तथा आवास के विकास की सुविधा मिल सकेगी। इस दौरान वक्ताओं ने हाल ही में आए आंधी-तूफान का उल्लेख करते हुए कहा कि कच्ची बस्तियों में रहने वाले लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा, जिससे स्थायी आवास और पट्टों की जरूरत और भी बढ़ गई है। उन्होंने प्रशासन से राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप लंबित मामलों का शीघ्र समाधान कर पात्र परिवारों को पट्टे जारी करने की मांग की। भीलवाड़ा कच्ची बस्ती विकास मंच के प्रतिनिधि गोवर्धन सिंह कटार ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि नगर निगम में वर्षों से लंबित पड़ी फाइलों पर शीघ्र कार्रवाई कर पट्टे जारी नहीं किए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
भीलवाड़ा शहर की विभिन्न कच्ची बस्तियों के निवासियों ने बुधवार दोपहर करीब 2 बजे भीलवाड़ा कच्ची बस्ती विकास मंच के नेतृत्व में नगर निगम कार्यालय पहुंचकर पट्टों की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन शहरों के संग अभियान 2021-22 के दौरान दिए गए उनके आवेदनों पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके कारण हजारों गरीब परिवार अपने मकानों के पट्टों से वंचित हैं। मंच के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कच्ची बस्तीवासी नगर निगम पहुंचे और अधिकारियों से वर्षों से लंबित पड़ी फाइलों का शीघ्र निस्तारण कर पट्टे जारी करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने हाल ही में धारा 69-ए के तहत पात्र गरीब परिवारों को पट्टे देने के निर्देश जारी किए हैं, लेकिन नगर निगम में कई वर्षों पुरानी फाइलें अभी भी लंबित पड़ी हुई हैं। मंच के पदाधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि कई लोगों ने चार से पांच वर्ष पहले आवेदन किए थे, पर उनकी फाइलों को न तो अब तक ऑनलाइन किया गया है और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई की गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मकान के पट्टे मिलने से गरीब, वंचित और बेसहारा परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ, बैंक ऋण तथा आवास के विकास की सुविधा मिल सकेगी। इस दौरान वक्ताओं ने हाल ही में आए आंधी-तूफान का उल्लेख करते हुए कहा कि कच्ची बस्तियों में रहने वाले लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा, जिससे स्थायी आवास और पट्टों की जरूरत और भी बढ़ गई है। उन्होंने प्रशासन से राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप लंबित मामलों का शीघ्र समाधान कर पात्र परिवारों को पट्टे जारी करने की मांग की। भीलवाड़ा कच्ची बस्ती विकास मंच के प्रतिनिधि गोवर्धन सिंह कटार ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि नगर निगम में वर्षों से लंबित पड़ी फाइलों पर शीघ्र कार्रवाई कर पट्टे जारी नहीं किए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
- भीलवाड़ा जिले में पुलिस ने अपहरण, मारपीट और फिरौती मांगने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। इस गिरोह ने दिल्ली से लौट रहे एक युवक वसीम का रास्ते में अपहरण कर लिया था। उसे कई घंटों तक बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा गया और उसके परिवार से 5 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। गुलाबपुरा थाना प्रभारी संजय गुर्जर के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले के तीन हिस्ट्रीशीटर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, 18 जून को रात करीब 12 बजे वसीम का आई-20 कार में अपहरण कर उसे गंगापुर क्षेत्र ले जाया गया, जहाँ उसके साथ गंभीर मारपीट की गई और पैसों की मांग की गई। इस वारदात में कोतवाली थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर सिकंदर लौटरी, गांधीनगर थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर समीर पठान और काला नामक आरोपी शामिल थे। पीड़ित की रिपोर्ट पर गुलाबपुरा थाने में एफआईआर संख्या 202 दर्ज की गई थी, जिसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने इन तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सीओ सिटी सज्जन सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए सिकंदर लौटरी, समीर पठान और काला नामक तीनों आरोपी हिस्ट्रीशीटर हैं। बुधवार को इन तीनों आरोपियों को भीलवाड़ा लाकर पैदल मौका तस्दीक कराई गई, ताकि अपराधियों को यह स्पष्ट संदेश दिया जा सके कि भीलवाड़ा में रंगदारी, अपहरण और गुंडागर्दी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई भी व्यक्ति भय का माहौल पैदा करने या अशांति फैलाने का प्रयास करेगा, तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है।1
- शाहपुरा के महेश (बंटी) शर्मा ने बताया कि रायपुर से प्रतापपुरा तक की सड़क बहुत खराब हालत में है, जिसके चलते ग्रामीणों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में यह सड़क कीचड़ से भर जाती है, जिससे आवागमन मुश्किल हो जाता है। विशेष रूप से, जो बच्चे पढ़ाई के लिए प्रतापपुरा और शाहपुरा आते-जाते हैं, उनके कपड़े कीचड़ से खराब हो जाते हैं। खेतों में आने-जाने वाले ग्रामीणों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और कई बच्चे व ग्रामीण कीचड़ में फिसलकर गिर चुके हैं। आने वाली बारिश में स्थिति और खराब होने की आशंका है, जिससे लोगों को और अधिक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। महेश शर्मा और क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस सड़क का निर्माण कराने और उनकी समस्या का समाधान करने की मांग की है।2
- रोजगार मेले में युवाओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर दिया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया।1
- भीलवाड़ा के गुरला से, लादू लाल गुर्जर समाज सेवा और सुरक्षित भविष्य के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। वे समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए लोगों को जीवन बीमा के प्रति जागरूक कर रहे हैं। एक LIC Insurance Adviser के तौर पर, वे प्रत्येक परिवार की आवश्यकता और बजट के अनुसार उपयुक्त बीमा योजनाओं की जानकारी देकर सुरक्षित भविष्य की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। लादू लाल गुर्जर का मानना है कि जीवन अनिश्चितताओं से भरा है, और सही समय पर लिया गया बीमा निर्णय परिवार को किसी भी आर्थिक संकट से बचा सकता है। उनका मुख्य उद्देश्य केवल बीमा करवाना नहीं, बल्कि हर परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत और सुरक्षित बनाना है। समाज सेवा के इस कार्य के साथ, वे युवाओं को आत्मनिर्भर बनने, एकता, सम्मान और सेवा की भावना को बढ़ावा देने तथा ज़रूरतमंद लोगों की सहायता के लिए भी लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अपने परिवार के सुरक्षित भविष्य के लिए बीमा सेवा का एक अवसर अवश्य प्रदान करें।1
- राजस्थान के कोटपुतली में एक कोल्ड ड्रिंक की पैक बोतल के अंदर कॉकरोच मिलने का मामला सामने आया है। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- गंगापुर मेला ग्राउंड के पास एक युवक भैरूलाल कुम्हार का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया है। चीड़खेड़ा ग्राम पंचायत के कुम्हारिया खेड़ा निवासी भैरूलाल की मौत को परिजन हत्या बता रहे हैं, जिसके विरोध में उन्होंने शव उठाने से इनकार कर दिया और गंगापुर सैटेलाइट अस्पताल की मोर्चरी के बाहर आरोपियों की गिरफ्तारी तथा निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। जानकारी के अनुसार, भैरूलाल रविवार शाम अपने घर से निकले थे, और मंगलवार सुबह उनका शव मिला। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि भैरूलाल के साथ गंभीर मारपीट की गई थी, जिसके कारण उनकी जान चली गई। मृतक के भाई ने बागोर निवासी एक व्यक्ति पर सीधे आरोप लगाए हैं, जिसके यहां भैरूलाल ट्रैक्टर चलाने का काम करते थे। भाई का दावा है कि उस व्यक्ति ने स्वयं उनके घर आकर भैरूलाल को डंडों से पीटने की बात स्वीकार की थी। परिजन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गंगापुर एसडीएम और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुँचे और आक्रोशित परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि जाँच में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और सभी उपलब्ध तथ्यों, बयानों तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरी निष्पक्षता से जाँच की जाएगी। हालांकि, परिजनों ने यह भी शिकायत की कि शव को गंगापुर लाते समय पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोका, जिससे उन्हें परेशानी हुई। इस पर एसडीएम ने स्पष्ट किया कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति को टालने के लिए एहतियातन उठाए गए थे, तथा मामले को दबाने या किसी को बचाने का कोई प्रयास नहीं है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जाँच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जाँच को आगे बढ़ाया जाएगा, और जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनके संबंध में भी उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो वे अपने आंदोलन को और तीव्र करेंगे। वहीं, प्रशासन ने पुनः दोहराया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जाँच को प्राथमिकता दी जा रही है और पीड़ित परिवार को न्याय सुनिश्चित करने के लिए सभी संभव प्रयास किए जाएँगे।2
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में हाल ही में सामाजिक, धार्मिक, खेल और जनहित से जुड़ी गतिविधियों की धूम रही। इस दौरान रक्तदान जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम से लेकर सैनिकों के सम्मान तक विभिन्न प्रकार के आयोजनों का सफल संचालन किया गया।1
- भीलवाड़ा शहर की विभिन्न कच्ची बस्तियों के निवासियों ने बुधवार दोपहर करीब 2 बजे भीलवाड़ा कच्ची बस्ती विकास मंच के नेतृत्व में नगर निगम कार्यालय पहुंचकर पट्टों की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन शहरों के संग अभियान 2021-22 के दौरान दिए गए उनके आवेदनों पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके कारण हजारों गरीब परिवार अपने मकानों के पट्टों से वंचित हैं। मंच के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कच्ची बस्तीवासी नगर निगम पहुंचे और अधिकारियों से वर्षों से लंबित पड़ी फाइलों का शीघ्र निस्तारण कर पट्टे जारी करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने हाल ही में धारा 69-ए के तहत पात्र गरीब परिवारों को पट्टे देने के निर्देश जारी किए हैं, लेकिन नगर निगम में कई वर्षों पुरानी फाइलें अभी भी लंबित पड़ी हुई हैं। मंच के पदाधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि कई लोगों ने चार से पांच वर्ष पहले आवेदन किए थे, पर उनकी फाइलों को न तो अब तक ऑनलाइन किया गया है और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई की गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मकान के पट्टे मिलने से गरीब, वंचित और बेसहारा परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ, बैंक ऋण तथा आवास के विकास की सुविधा मिल सकेगी। इस दौरान वक्ताओं ने हाल ही में आए आंधी-तूफान का उल्लेख करते हुए कहा कि कच्ची बस्तियों में रहने वाले लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा, जिससे स्थायी आवास और पट्टों की जरूरत और भी बढ़ गई है। उन्होंने प्रशासन से राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप लंबित मामलों का शीघ्र समाधान कर पात्र परिवारों को पट्टे जारी करने की मांग की। भीलवाड़ा कच्ची बस्ती विकास मंच के प्रतिनिधि गोवर्धन सिंह कटार ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि नगर निगम में वर्षों से लंबित पड़ी फाइलों पर शीघ्र कार्रवाई कर पट्टे जारी नहीं किए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।1