अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा ने संगठन को नई गति प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मैनपुरी निवासी मनोज कुमार शर्मा को अपना राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोनीत किया है। इस नियुक्ति की पुष्टि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट संजय तिवारी द्वारा 18 जून को जारी आधिकारिक मनोनयन पत्र के बाद 21 जून 2026 को की गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय तिवारी ने मनोज कुमार शर्मा की निष्ठा, समाज सेवा के प्रति समर्पण, अनुभव और ऊर्जा को इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए आधार बताया है। अध्यक्ष तिवारी ने विश्वास व्यक्त किया है कि शर्मा के अनुभव और ऊर्जा से संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूती मिलेगी, जिससे ब्राह्मण समाज के हितों की रक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों को नई दिशा प्राप्त होगी। मनोज कुमार शर्मा के इस महत्वपूर्ण पद पर मनोनीत होने से उनके स्थानीय समर्थकों और शुभचिंतकों में हर्ष का माहौल है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि उनके नेतृत्व में मैनपुरी सहित पूरे उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर संगठन की गतिविधियां अधिक प्रभावी ढंग से संचालित होंगी। इस नियुक्ति पर नीरज शर्मा, मृदुल कुलश्रेष्ठ, अभिषेक चौबे, अर्पित चतुर्वेदी, दीपक जैन, विपिन तिवारी, प्रवीण पाण्डेय, अजय किशोर, प्रेमलता पाण्डेय, पुष्पेन्द्र सिंह, अजय सक्सेना और अजय दीक्षित सहित अनेक लोगों ने शुभकामनाएं प्रेषित की हैं, जबकि संगठन के केंद्रीय कार्यालय ने भी उनके सफल कार्यकाल के लिए मंगल कामनाएं व्यक्त की हैं।
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा ने संगठन को नई गति प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मैनपुरी निवासी मनोज कुमार शर्मा को अपना राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोनीत किया है। इस नियुक्ति की पुष्टि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट संजय तिवारी द्वारा 18 जून को जारी आधिकारिक मनोनयन पत्र के बाद 21 जून 2026 को की गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय तिवारी ने मनोज कुमार शर्मा की निष्ठा, समाज सेवा के प्रति समर्पण, अनुभव और ऊर्जा को इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए आधार बताया है। अध्यक्ष तिवारी ने विश्वास व्यक्त किया है कि शर्मा के अनुभव और ऊर्जा से संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूती मिलेगी, जिससे ब्राह्मण समाज के हितों की
रक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों को नई दिशा प्राप्त होगी। मनोज कुमार शर्मा के इस महत्वपूर्ण पद पर मनोनीत होने से उनके स्थानीय समर्थकों और शुभचिंतकों में हर्ष का माहौल है। कार्यकर्ताओं का मानना है कि उनके नेतृत्व में मैनपुरी सहित पूरे उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर संगठन की गतिविधियां अधिक प्रभावी ढंग से संचालित होंगी। इस नियुक्ति पर नीरज शर्मा, मृदुल कुलश्रेष्ठ, अभिषेक चौबे, अर्पित चतुर्वेदी, दीपक जैन, विपिन तिवारी, प्रवीण पाण्डेय, अजय किशोर, प्रेमलता पाण्डेय, पुष्पेन्द्र सिंह, अजय सक्सेना और अजय दीक्षित सहित अनेक लोगों ने शुभकामनाएं प्रेषित की हैं, जबकि संगठन के केंद्रीय कार्यालय ने भी उनके सफल कार्यकाल के लिए मंगल कामनाएं व्यक्त की हैं।
- बिहार में भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर बड़ा बवाल मचा हुआ है। इस घटना पर यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या यह एनकाउंटर सही था या फर्जी।1
- गोरखपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के उपलक्ष्य में एक भव्य योगासन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर सूर्य नमस्कार के 12 स्टेप्स के माध्यम से निरोग रहने के महत्व पर विशेष बल दिया गया।1
- मऊ में हुए एक सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो जाने के बाद इलाके में जमकर हंगामा हुआ। गुस्साई भीड़ ने पत्थरबाजी की, जिसके बाद पुलिस को कार्रवाई करते हुए भीड़ को खदेड़ना पड़ा। स्थिति को नियंत्रित करने और आगे किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।1
- भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर पूरे देश में बड़े सवाल उठ खड़े हुए हैं। इस मामले में परिजनों ने सीधे तौर पर पुलिस की कार्रवाई को एक फर्जी एनकाउंटर बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटना के सामने आने के बाद से पुलिस की कार्यप्रणाली पर देशभर में तीखी बहस छिड़ गई है। मामले की असली सच्चाई अब केवल आने वाली जाँच रिपोर्ट पर ही टिकी हुई है, जिससे पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है।1
- गोरखपुर में बढ़ती गर्मी और उमस के बीच गहराते बिजली संकट से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। मोहद्दीपुर सब-स्टेशन पर देर रात उपभोक्ताओं ने बिजली कटौती को लेकर जमकर हंगामा किया। मोहद्दीपुर, नंदानगर, दरगहिया, मानिक नगर और जीतपुर दरगहिया जैसे क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से लगातार बिजली आपूर्ति बाधित रहने से स्थानीय लोग भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। शनिवार की रात करीब 11:30 बजे बिजली आपूर्ति ठप होने से नाराज़ उपभोक्ता सीधे मोहद्दीपुर सब-स्टेशन पहुँच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उपभोक्ताओं का आरोप है कि पिछले चार दिनों से बार-बार केबल जलने के कारण क्षेत्र में बिजली की समस्या बनी हुई है। उनका कहना है कि विभाग द्वारा लगाए गए केबल कुछ ही समय में खराब हो जा रहे हैं, जिससे इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं मिल पा रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुँचकर लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। वहीं, मुख्य अभियंता ए.के. शुक्ल और अधीक्षण अभियंता रणजीत चौधरी भी उपकेंद्र पर पहुँचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए। अधीक्षण अभियंता रणजीत चौधरी ने बताया कि बढ़ती गर्मी के कारण बिजली की मांग में भारी वृद्धि हुई है और विभाग व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।1
- बच्चों के मामूली झगड़े ने गोरखपुर में एक बड़े विवाद का रूप ले लिया, जब एक पड़ोसी ने अपने लगभग 10 साथियों को दूर-दराज से बुलाकर एक परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया। यह चौंकाने वाली घटना रात करीब 12 बजे हुई, जब हमलावरों ने 'भैया भैया' कहकर पीड़ित परिवार का दरवाजा खुलवाया। दरवाजा खुलते ही, इस झुंड ने घर में घुसकर परिवार के सदस्यों को बुरी तरह से पीटा, जिससे वे लहूलुहान हो गए। हमले के दौरान, बदमाशों ने परिवार से सोने की बनी कान की बालियां भी छीन लीं। पीड़ित परिवार ने इस खूनी हमले के ठीक बाद, रात 1 बजे चिलुआताल थाना क्षेत्र के तहत आने वाली चौकी फर्टिलाइजर में अपनी शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, शिकायत के बावजूद इस मामले में पुलिस द्वारा अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है, जिससे स्थिति 'शून्य कार्यवाही' बनी हुई है।1
- 32022 खेल अनुदेशक पदों पर भर्ती को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। इस भर्ती के लिए 1.54 लाख अभ्यर्थी पिछले 9 साल से इंतजार कर रहे हैं। यह अपडेट Yoga Day 2026 के संदर्भ में भी चर्चा में है।1
- गोरखपुर जिले की बांसगांव तहसील से एक कानूनगो का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। हालांकि, मीडिया इस वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।1
- आज (4 मुहर्रम) गोरखपुर में शिया समुदाय द्वारा हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और कर्बला के शहीदों की याद में एक मातमी जुलूस पूरे अकीदत और एहतराम के साथ निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अंजुमनों और अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने नौहाख्वानी और सीना-ज़नी करके अपना ग़म व्यक्त किया। यह जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा, जहाँ रास्तों में जगह-जगह सबील और लंगर लगाकर जनसुविधा का इंतज़ाम किया गया था। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और पुलिस बल मुस्तैद रहे। जुलूस का समापन मजलिस और दुआ के साथ हुआ, जिसमें विशेष रूप से अमन, भाईचारे और इंसानियत के लिए दुआएँ माँगी गईं।1