कानपुर के घाटमपुर स्थित ओवरब्रिज की जर्जर हालत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पुल की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पुल का स्लैब टूट चुका है, छत और बीम में कई जगह गहरी दरारें पड़ गई हैं, प्लास्टर झड़कर गिर रहा है और अंदर की सरिया तक बाहर दिख रही है। यह ओवरब्रिज पीएनसी कंपनी द्वारा लगभग 4 साल पहले ₹46 करोड़ की लागत से निर्मित किया गया था। जानकारी के अनुसार, पुल बनने के कुछ समय बाद ही इसकी स्लिप पर हेयरलाइन दरारें सामने आ गई थीं, जिन्हें तब निर्माण एजेंसी ने सामान्य बताकर खारिज कर दिया था। अब वायरल वीडियो में पुल की ऐसी दयनीय हालत देखकर स्थानीय लोग इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं। कानपुर-सागर हाईवे पर स्थित इस पुल से क्षमता से लगभग 10 गुना अधिक वाहनों का दबाव रहता है। स्लैब टूटने के बावजूद ओवरब्रिज से भारी वाहनों का आवागमन लगातार जारी है, जिससे किसी बड़े हादसे का डर बना हुआ है। हालांकि इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन स्थानीय लोग प्रशासन से इस मामले की जल्द से जल्द जांच कराने और पुल की मरम्मत की मांग कर रहे हैं ताकि किसी अनहोनी को टाला जा सके।
कानपुर के घाटमपुर स्थित ओवरब्रिज की जर्जर हालत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पुल की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पुल का स्लैब टूट चुका है, छत और बीम में कई जगह गहरी दरारें पड़ गई हैं, प्लास्टर झड़कर गिर रहा है और अंदर की सरिया तक बाहर दिख रही है। यह ओवरब्रिज पीएनसी कंपनी द्वारा लगभग 4 साल पहले ₹46 करोड़ की लागत से निर्मित किया गया था। जानकारी के अनुसार, पुल बनने के कुछ समय बाद ही इसकी स्लिप पर हेयरलाइन दरारें सामने आ गई थीं, जिन्हें तब निर्माण एजेंसी ने सामान्य बताकर खारिज कर दिया था। अब वायरल वीडियो में पुल की ऐसी दयनीय हालत देखकर स्थानीय लोग इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं। कानपुर-सागर हाईवे पर स्थित इस पुल से क्षमता से लगभग 10 गुना अधिक वाहनों का दबाव रहता है। स्लैब टूटने के बावजूद ओवरब्रिज से भारी वाहनों का आवागमन लगातार जारी है, जिससे किसी बड़े हादसे का डर बना हुआ है। हालांकि इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन स्थानीय लोग प्रशासन से इस मामले की जल्द से जल्द जांच कराने और पुल की मरम्मत की मांग कर रहे हैं ताकि किसी अनहोनी को टाला जा सके।
- बिहार से ताल्लुक रखने वाले भरत भूषण तिवारी का जीवन संघर्षों और विवादों से भरा रहा है, जिसके चलते उनकी कहानी को एक अधूरी कहानी के तौर पर देखा जाता है।1
- कानपुर नगर सहित उत्तर प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में अभी भी कम उम्र के और नाबालिग बच्चों से शारीरिक श्रम वाला कार्य कराया जा रहा है। भारत सूत्र लाइव टीवी डिजिटल मीडिया प्रेस की 21 जून रविवार शाम की रिपोर्ट के अनुसार, कई कार्यों में यह देखा गया है कि बाल शोषण और बाल मजदूरी जैसे कार्य कराए जा रहे हैं, जबकि इस पर रोक लगाई जा चुकी है। रिपोर्ट में इस स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा गया है कि आजकल लेबर की मजदूरी आमतौर पर ₹500 से अधिक होती है। इसके विपरीत, मजबूरी का फायदा उठाकर कम उम्र के बच्चों को कम पैसों का लालच देकर बाल मजदूरी में धकेला जाता है। सोशल मीडिया के माध्यम से यह अवगत कराया गया है कि बाल मजदूरी पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। साथ ही, पढ़ने-लिखने वाले बच्चों की शिक्षा की दिशा में अच्छा से अच्छा प्रयास किया जाना चाहिए। यह रिपोर्ट कानपुर से संवाददाता ओमवीर जी द्वारा भारत सूत्र लाइव टीवी डिजिटल मीडिया प्रेस के लिए प्रस्तुत की गई है।1
- ताज़ा खबर के अनुसार, ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ होने वाले निर्धारित हस्तस्कंबन और फोटो सेशन में भाग लेने से इनकार कर दिया है।1
- एक सोशल मीडिया वीडियो का हवाला देते हुए, एक नागरिक ने शराब के ठेकों पर सिगरेट और पान मसाले की तरह ही वैज्ञानिक चेतावनी अनिवार्य रूप से लागू करने की मांग की है। इस मांग में विशेष रूप से ठेकों पर 24 घंटे ऑडियो मोड में ऐसी चेतावनी चलाने का सुझाव दिया गया है, ठीक वैसे ही जैसे सिगरेट के पैकेटों पर 'सिगरेट पीना हानिकारक है' लिखा होता है। नागरिक ने अपनी टिप्पणी में यह भी जोड़ा कि उन्होंने अक्सर देखा है कि शराब के ठेकों पर 'शराब पीना शरीर के लिए हानिकारक है' जैसी कोई चेतावनी लिखी हुई नहीं होती है। इस विषय पर उन्होंने सीधे मोदी सरकार और योगी सरकार से अपील की है, खासकर उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की उपस्थिति का उल्लेख करते हुए। नागरिक का कहना है कि यदि ये सरकारें वास्तव में जनता के हित में हैं, तो उन्हें मात्र 200 रुपये के एक स्पीकर में 24 घंटे ऐसी ऑडियो चेतावनी चलानी चाहिए। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि अगर यह वीडियो सत्य है, जिसमें अमेरिका में हुई जांच का जिक्र है, तो सरकार को इस पर विचार करना चाहिए, क्योंकि 'हम ही नहीं रहेंगे तो वोट कौन देगा आपको।' यह अपील सरकारों से जनता के स्वास्थ्य और भविष्य के प्रति गंभीरता दिखाने की मांग करती है।1
- कानपुर नगर के परमट मंदिर आनंदेश्वर के पास गंगा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है, जहां छोटे बच्चे और कम आयु के लोग बीच धारा में स्नान व जलक्रीड़ा कर रहे हैं। वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ और समृद्धि भारत समाचार पत्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, 21 जून, रविवार को लगभग 7 बजकर 52 मिनट पर किसी जनमानस द्वारा यह वीडियो प्रकाशित किया गया था, जिसमें अज्ञात बच्चे बीच धारा में जल क्रीड़ा करते दिख रहे थे। हालांकि, संवाददाता दिनकर जी ने वीडियो की पुष्टि नहीं की है। इस खतरनाक स्थिति को देखते हुए, रिपोर्ट में गंभीर चिंता जताई गई है कि यदि इन बच्चों के साथ कोई अनहोनी या दुर्घटना होती है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। इसमें यह भी कहा गया है कि आमतौर पर जनरक्षक किसी समस्या या दुर्घटना के बाद ही उचित कार्रवाई करते हैं। भविष्य में संभावित अनहोनी और उसके बाद की जिम्मेदारी को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं, साथ ही शासन और प्रशासन की चुप्पी पर भी प्रश्नचिह्न लगाया गया है, यह पूछा गया है कि आखिर प्रशासन इस गंभीर विषय पर मौन क्यों है।1
- कानपुर-सागर हाईवे पर स्थित घाटमपुर ओवरब्रिज का स्लैब क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए, हमीरपुर से नौबस्ता और नौबस्ता से हमीरपुर की ओर जाने वाले सभी वाहनों को अब पुल के ऊपर से निकलने के बजाय सर्विस लेन का उपयोग कर अपने गंतव्य तक पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। कानपुर नगर ट्रैफिक पुलिस मौके पर तैनात है और यातायात संचालन सुनिश्चित कर रही है।1
- लखनऊ के थाना चौक स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के बाहर दबंगों की गुंडई का एक वीडियो वायरल हुआ है। बीती देर रात का बताया जा रहा यह वीडियो दिखाता है कि दबंग युवक सरेराह अन्य युवकों को बेल्ट और डंडों से बेरहमी से पीट रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सड़क पर यह पूरी मारपीट होती रही, लेकिन ट्रामा सेंटर में तैनात चौकी इंचार्ज और पुलिस कर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगी, जिससे घटना स्थल पर पुलिस की अनुपस्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।1