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वोट माँगने के समय मुस्कान, और जीतने के बाद पहचान भूल जाते हैं! यह गाना हर गाँव की सच्चाई है। “वोट माँग कर भूल जाएंगे!” – Hindi Song 🎵 अगर सच्चाई लगी हो तो शेयर ज़रूर करें।
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वोट माँगने के समय मुस्कान, और जीतने के बाद पहचान भूल जाते हैं! यह गाना हर गाँव की सच्चाई है। “वोट माँग कर भूल जाएंगे!” – Hindi Song 🎵 अगर सच्चाई लगी हो तो शेयर ज़रूर करें।
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- इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर से सामने ला दिया। मलिहाबाद के शिक्षा मित्र विजय कुमार वर्मा की ब्रेन हेमरेज से मौत परिवार का आरोप: बीएलओ के दबाव और तनाव ने ज़िंदगी छीन ली। आप इस सिस्टम के बारे में क्या सोचते हैं? अपनी राय कमेंट में लिखें।1
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- खगड़िया (बिहार) में जिले की कांग्रेस कमेटी ने “मनरेगा बचाओ संग्राम/अभियान” के तहत धरना-प्रदर्शन किया। ✔️ यह धरना कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों, विशेषकर मनरेगा योजना में बदलाव/नाम परिवर्तन के खिलाफ विरोध जताया। अधिकारी और कांग्रेस कार्यकर्ता एकत्रित होकर एक दिवसीय धरना दिया।1
- पूर्व मध्य रेलवे अंतर्गत सहरसा-मानसी रेलखंड पर स्थित सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण गुरुवार को डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा ने किया। यह निरीक्षण अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए किया गया। डीआरएम ने अपने विशेष सैलून से स्टेशन पहुंचकर प्लेटफार्म संख्या एक और पूरे स्टेशन परिसर का अवलोकन किया।1
- केसमेट कपडा कटिंग 🙏🥰1
- देखिए किस तरह देह व्यापार कर रही महीला पटना जैक्सन पर1
- मधेपुरा से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां निजी अस्पतालों और दलालों के गठजोड़ ने एक गरीब परिवार की खुशियां छीन लीं। आरोप है कि इलाज के नाम पर अवैध वसूली, दबाव और लापरवाही की वजह से एक नवजात की जान चली गई। मामला मधेपुरा शहर के कर्पूरी चौक स्थित सत्यम इमरजेंसी हॉस्पिटल का है। पीड़ित परिवार ग्वालपाड़ा प्रखंड के रसना पंचायत, वार्ड नंबर 09 का रहने वाला है। प्रकाश मंडल और उनकी पत्नी मीरा कुमारी ने इस पूरे मामले को लेकर जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन को लिखित शिकायत दी है। पीड़िता मीरा कुमारी का आरोप है कि तीन फरवरी को जब उन्हें प्रसव पीड़ा हुई तो पहले ग्वालपाड़ा सीएचसी ले जाया गया, लेकिन वहां संसाधनों की कमी का हवाला देकर रेफर कर दिया गया। इसके बाद उदाकिशुनगंज के एक नर्सिंग होम ने भी हायर सेंटर भेज दिया। पीड़ित परिवार का कहना है कि जैसे ही वे मधेपुरा पहुंचे, दो दलालों ने एंबुलेंस को रोक लिया और सदर अस्पताल में बेड नहीं होने की बात कहकर उन्हें जबरन कर्पूरी चौक स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने नवजात को ICU में रखने के नाम पर पहले पांच हजार और फिर चार हजार रुपये जबरन वसूले। इतना ही नहीं, डॉक्टरों ने इलाज के नाम पर पचास हजार रुपये तक खर्च होने की धमकी दी। मीरा कुमारी का कहना है कि जब उन्होंने अपनी गरीबी और असमर्थता बताई, तो अस्पताल कर्मियों ने उनके साथ बदसलूकी की, यहां तक कि उन्हें अपने नवजात को देखने तक नहीं दिया गया। इलाज में देरी और लापरवाही के चलते नवजात की हालत लगातार बिगड़ती चली गई और आखिरकार उसकी मौत हो गई। दर्दनाक बात यह है कि बच्चे की मौत के बाद भी अस्पताल प्रशासन ने मामले को दबाने की कोशिश की और परिजनों को अस्पताल से बाहर निकाल दिया। बाइट --पीड़िता मीरा कुमारी ने रोते हुए कहा— "मेरी गरीबी का फायदा उठाया गया, मेरे बच्चे की जान चली गई… हमें सिर्फ न्याय चाहिए।" इस मामले में जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन ने आरोपों को गंभीर बताते हुए जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं सिविल सर्जन ने कहा है कि यदि आरोप सही पाए गए, तो ऐसे फर्जी और अवैध निजी क्लिनिकों को सील किया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। फिलहाल सवाल यही है— क्या इस गरीब परिवार को न्याय मिलेगा, या यह मामला भी कागजों में दबकर रह जाएगा?4
- खबरें आ रही हैं कि पैसा देने में भी 'हिस्सा' मांगा जा रहा है। सुशासन में आखिर यह क्या हो रहा है? पूरा सच जानने के लिए वीडियो देखें।1