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कानपुर देहात के अकबरपुर थाना क्षेत्र में, मुकदमा अपराध संख्या 309/2025 से संबंधित फरार अभियुक्त सुदेश उर्फ अमित सचान पुत्र अजय उर्फ अजय सचान के विरुद्ध न्यायालय के आदेश पर उद्घोषणा की कार्रवाई की गई है। अभियुक्त दिलवालपुर, थाना गजनेर, जनपद कानपुर देहात का निवासी है और उसके खिलाफ धारा 305, 307, 331(4), 331(6), 317(2), 317(4), 317(5), 112(2) एवं 61(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज है। पुलिस के अनुसार, उक्त अभियुक्त लंबे समय से फरार चल रहा था और न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहा था। इसी के मद्देनजर, माननीय न्यायालय के आदेशानुसार धारा 84 बीएनएसएस के अंतर्गत यह उद्घोषणा की कार्रवाई संपन्न कराई गई है। पुलिस ने अभियुक्त को कड़ी चेतावनी दी है कि वह शीघ्र ही न्यायालय अथवा पुलिस के समक्ष उपस्थित हो, अन्यथा निर्धारित अवधि के भीतर हाजिर न होने पर उसके विरुद्ध अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

1 day ago
user_Ashu Sriwastva
Ashu Sriwastva
Local News Reporter अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
1 day ago

कानपुर देहात के अकबरपुर थाना क्षेत्र में, मुकदमा अपराध संख्या 309/2025 से संबंधित फरार अभियुक्त सुदेश उर्फ अमित सचान पुत्र अजय उर्फ अजय सचान के विरुद्ध न्यायालय के आदेश पर उद्घोषणा की कार्रवाई की गई है। अभियुक्त दिलवालपुर, थाना गजनेर, जनपद कानपुर देहात का निवासी है और उसके खिलाफ धारा 305, 307, 331(4), 331(6), 317(2), 317(4), 317(5), 112(2) एवं 61(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज है। पुलिस के अनुसार, उक्त अभियुक्त लंबे समय से फरार चल रहा था और न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहा था। इसी के मद्देनजर, माननीय न्यायालय के आदेशानुसार धारा 84 बीएनएसएस के अंतर्गत यह उद्घोषणा की कार्रवाई संपन्न कराई गई है। पुलिस ने अभियुक्त को कड़ी चेतावनी दी है कि वह शीघ्र ही न्यायालय अथवा पुलिस के समक्ष उपस्थित हो, अन्यथा निर्धारित अवधि के भीतर हाजिर न होने पर उसके विरुद्ध अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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  • जालौन में हाल ही में आए भीषण आंधी-तूफान और बारिश से हुए व्यापक नुकसान की भरपाई की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय को एक ज्ञापन सौंपा है। किसानों ने विशेष रूप से फसलों, मकानों, विद्युत व्यवस्था और गौशालाओं को पहुंचे नुकसान का त्वरित सर्वे कराकर राहत प्रदान करने की अपील की है। मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव राजवीर सिंह जादौन के नेतृत्व में किसानों ने विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। ज्ञापन में बताया गया है कि आंधी-तूफान और बारिश ने मूंग की फसल को भारी क्षति पहुंचाई है। जिलाध्यक्ष द्विजेंद्र सिंह निरंजन ने जोर देते हुए कहा कि किसानों को हुए नुकसान का उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जाए और इसके लिए मूंग खरीद केंद्र स्थापित कर पारदर्शी तरीके से सीधे किसानों से खरीद सुनिश्चित की जाए। संगठन ने यह भी बताया कि तूफान के कारण कई स्थानों पर विद्युत पोल और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली और पेयजल का गंभीर संकट पैदा हो गया है। इसके अतिरिक्त, अनेक गरीब मजदूरों और किसानों के मकान भी भारी आंधी से क्षतिग्रस्त हुए हैं। भाकियू ने सूखे तालाबों को नहरों और राजकीय नलकूपों के माध्यम से भरवाने की मांग भी रखी है, ताकि जल संकट का समाधान हो सके।
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    जालौन में हाल ही में आए भीषण आंधी-तूफान और बारिश से हुए व्यापक नुकसान की भरपाई की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय को एक ज्ञापन सौंपा है। किसानों ने विशेष रूप से फसलों, मकानों, विद्युत व्यवस्था और गौशालाओं को पहुंचे नुकसान का त्वरित सर्वे कराकर राहत प्रदान करने की अपील की है।

मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव राजवीर सिंह जादौन के नेतृत्व में किसानों ने विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। ज्ञापन में बताया गया है कि आंधी-तूफान और बारिश ने मूंग की फसल को भारी क्षति पहुंचाई है। जिलाध्यक्ष द्विजेंद्र सिंह निरंजन ने जोर देते हुए कहा कि किसानों को हुए नुकसान का उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जाए और इसके लिए मूंग खरीद केंद्र स्थापित कर पारदर्शी तरीके से सीधे किसानों से खरीद सुनिश्चित की जाए।

संगठन ने यह भी बताया कि तूफान के कारण कई स्थानों पर विद्युत पोल और ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली और पेयजल का गंभीर संकट पैदा हो गया है। इसके अतिरिक्त, अनेक गरीब मजदूरों और किसानों के मकान भी भारी आंधी से क्षतिग्रस्त हुए हैं। भाकियू ने सूखे तालाबों को नहरों और राजकीय नलकूपों के माध्यम से भरवाने की मांग भी रखी है, ताकि जल संकट का समाधान हो सके।
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • इटावा से सामने आए एक मामले में, एक अजीब विडंबना देखने को मिल रही है, जहाँ लोग पुलिस के हाथों पकड़े जाने के डर से घबराए हुए हैं। हालाँकि, विरोधाभास यह है कि अपनी किसी समस्या के समाधान के लिए उन्हें खुद पुलिस के पास ही जाना पड़ रहा है। इस पूरी स्थिति पर सोशल मीडिया पोस्ट में हल्की व्यंग्यात्मकता और अचरज के साथ टिप्पणी की गई है, 'वाह रे भैया!'।
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    इटावा से सामने आए एक मामले में, एक अजीब विडंबना देखने को मिल रही है, जहाँ लोग पुलिस के हाथों पकड़े जाने के डर से घबराए हुए हैं। हालाँकि, विरोधाभास यह है कि अपनी किसी समस्या के समाधान के लिए उन्हें खुद पुलिस के पास ही जाना पड़ रहा है। इस पूरी स्थिति पर सोशल मीडिया पोस्ट में हल्की व्यंग्यात्मकता और अचरज के साथ टिप्पणी की गई है, 'वाह रे भैया!'।
    user_Rahul kumar
    Rahul kumar
    Student Accommodation Centre Orai, Jalaun•
    10 hrs ago
  • जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र स्थित पीएल कमला हॉस्पिटल में एक प्रसूता की मौत के बाद उसके परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों का गंभीर आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने मृत प्रसूता के शव को जबरन एम्बुलेंस में डालकर कहीं और रेफर कर दिया। मृतिका के परिजनों ने डॉक्टरों पर घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है, जिसे उन्होंने प्रसूता की मौत का कारण बताया। यह पूरा मामला जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र के पीएल कमला हॉस्पिटल से जुड़ा हुआ है।
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    जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र स्थित पीएल कमला हॉस्पिटल में एक प्रसूता की मौत के बाद उसके परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों का गंभीर आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने मृत प्रसूता के शव को जबरन एम्बुलेंस में डालकर कहीं और रेफर कर दिया।

मृतिका के परिजनों ने डॉक्टरों पर घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है, जिसे उन्होंने प्रसूता की मौत का कारण बताया। यह पूरा मामला जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र के पीएल कमला हॉस्पिटल से जुड़ा हुआ है।
    user_Rehan Raza KKD NEWS Jalaun
    Rehan Raza KKD NEWS Jalaun
    रिपोर्टर उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि देश और समाज के लिए खतरा बनने वाले तत्वों के विरुद्ध आवश्यकता पड़ने पर कठोर कार्रवाई करनी पड़ती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कानून व्यवस्था बनाए रखना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा, "देश और समाज के लिए खतरा बनने वालों के लिए जरूर पड़ने पर हिंसा अपनानी पड़ती है।" उन्होंने यह भी बताया कि सरकार अपराध, अराजकता और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति पर काम कर रही है। उनका उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना तथा अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करना है, क्योंकि समाज में शांति, सुरक्षा और विकास के लिए कानून का शासन आवश्यक है। मुख्यमंत्री के इस बयान पर विभिन्न वर्गों में चर्चा जारी है। समर्थकों का मानना है कि समाज की सुरक्षा के लिए कठोर कानून व्यवस्था आवश्यक है, जबकि आलोचक इन बयानों पर अपने-अपने अलग दृष्टिकोण रखते हैं।
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    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि देश और समाज के लिए खतरा बनने वाले तत्वों के विरुद्ध आवश्यकता पड़ने पर कठोर कार्रवाई करनी पड़ती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कानून व्यवस्था बनाए रखना और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा, "देश और समाज के लिए खतरा बनने वालों के लिए जरूर पड़ने पर हिंसा अपनानी पड़ती है।" उन्होंने यह भी बताया कि सरकार अपराध, अराजकता और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति पर काम कर रही है। उनका उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना तथा अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करना है, क्योंकि समाज में शांति, सुरक्षा और विकास के लिए कानून का शासन आवश्यक है।

मुख्यमंत्री के इस बयान पर विभिन्न वर्गों में चर्चा जारी है। समर्थकों का मानना है कि समाज की सुरक्षा के लिए कठोर कानून व्यवस्था आवश्यक है, जबकि आलोचक इन बयानों पर अपने-अपने अलग दृष्टिकोण रखते हैं।
    user_Pankaj Gupta
    Pankaj Gupta
    Media and information sciences faculty उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • कानपुर देहात के माती कोर्ट में माननीय न्यायालय जे.एम. भोगनीपुर ने गाली गलौज और मारपीट से संबंधित एक मामले में अभियुक्त शमशुला को दोषी ठहराया है। अभियुक्त शमशुला, पुत्र गफ्फार, ग्राम ग्रोर, थाना बरौर, जनपद कानपुर देहात का निवासी है। न्यायालय ने अभियुक्त को न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई है और साथ ही ₹1,300 का अर्थदंड भी लगाया है।
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    कानपुर देहात के माती कोर्ट में माननीय न्यायालय जे.एम. भोगनीपुर ने गाली गलौज और मारपीट से संबंधित एक मामले में अभियुक्त शमशुला को दोषी ठहराया है। अभियुक्त शमशुला, पुत्र गफ्फार, ग्राम ग्रोर, थाना बरौर, जनपद कानपुर देहात का निवासी है। न्यायालय ने अभियुक्त को न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई है और साथ ही ₹1,300 का अर्थदंड भी लगाया है।
    user_Arvind sharma kanpur dehat
    Arvind sharma kanpur dehat
    Local News Reporter अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र स्थित पीएल कमला हॉस्पिटल नाम के एक निजी अस्पताल में एक प्रसूता की मौत हो गई, जिसके बाद मृतका के परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि प्रसूता की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने उसके शव को जबरन एम्बुलेंस में डालकर कहीं और रेफर कर दिया। इस घटना को लेकर मृतका के परिवार ने अस्पताल के डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप भी लगाया है।
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    जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र स्थित पीएल कमला हॉस्पिटल नाम के एक निजी अस्पताल में एक प्रसूता की मौत हो गई, जिसके बाद मृतका के परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि प्रसूता की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन ने उसके शव को जबरन एम्बुलेंस में डालकर कहीं और रेफर कर दिया। इस घटना को लेकर मृतका के परिवार ने अस्पताल के डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप भी लगाया है।
    user_Dev Patel
    Dev Patel
    Local News Reporter कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के कालपी तहसील का उपनिबंधक कार्यालय अब सरकारी दफ्तर से ज्यादा गुंडागर्दी का अड्डा बन गया है। उरई से बैनामा कराने आए एक युवक के साथ हुई घटना ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी है, जहाँ एक मामूली फाइल नंबर के विवाद ने इतना विकराल रूप ले लिया कि रजिस्ट्रार ऑफिस के भीतर ही कानून की धज्जियाँ उड़ गईं। युवक ने सिर्फ इतना पूछा था कि उसकी फाइल पहले होने के बावजूद पीछे क्यों कर दी गई, जिसके जवाब में वहाँ मौजूद बैनामा लेखकों और बाबुओं का पारा चढ़ गया। जवाब देने की बजाय उन्होंने कानून को हाथ में ले लिया, और देखते ही देखते गाली-गलौज, धमकी तथा सरेआम लात-घूंसे बरसने लगे। यह बवाल सरकारी दफ्तर के अंदर शुरू होकर बाहर सड़क तक आ गया, जहाँ दबंगई लगातार जारी रही। चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा घटनाक्रम लोगों के सामने हुआ, लेकिन जिम्मेदार सिस्टम कहीं भी नजर नहीं आया। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि बैनामा लेखक और बाबुओं ने मिलकर युवक को पीटा। इस घटना के वायरल वीडियो ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जैसे कि क्या कालपी तहसील में काम बिना 'सेटिंग' के नहीं होता और क्या फाइलों की हेराफेरी पर सवाल उठाना अब गुनाह बन गया है। यह भी पूछा जा रहा है कि क्या सरकारी कर्मचारी अब खुलेआम दबंगई करेंगे, और आम आदमी को तहसील में काम कराने के लिए पिटाई का जोखिम भी उठाना पड़ेगा। अगर तहसील जैसे संवेदनशील सरकारी दफ्तर में आम आदमी सुरक्षित नहीं है, तो फिर न्याय की उम्मीद कहाँ से की जाए? सबसे बड़ा सवाल प्रशासन पर उठ रहा है कि क्या वह इस गुंडागर्दी पर कोई कार्रवाई करेगा या फिर सबकुछ हमेशा की तरह 'मैनेज' कर लिया जाएगा। अब देखना यह है कि इस वायरल वीडियो के बाद प्रशासन हरकत में आता है या फिर सिस्टम इसे भी निगल जाएगा, क्योंकि यह घटना तहसील में 'जंगलराज' जैसी स्थिति को दर्शाती है।
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    उत्तर प्रदेश के कालपी तहसील का उपनिबंधक कार्यालय अब सरकारी दफ्तर से ज्यादा गुंडागर्दी का अड्डा बन गया है। उरई से बैनामा कराने आए एक युवक के साथ हुई घटना ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी है, जहाँ एक मामूली फाइल नंबर के विवाद ने इतना विकराल रूप ले लिया कि रजिस्ट्रार ऑफिस के भीतर ही कानून की धज्जियाँ उड़ गईं। युवक ने सिर्फ इतना पूछा था कि उसकी फाइल पहले होने के बावजूद पीछे क्यों कर दी गई, जिसके जवाब में वहाँ मौजूद बैनामा लेखकों और बाबुओं का पारा चढ़ गया। जवाब देने की बजाय उन्होंने कानून को हाथ में ले लिया, और देखते ही देखते गाली-गलौज, धमकी तथा सरेआम लात-घूंसे बरसने लगे। यह बवाल सरकारी दफ्तर के अंदर शुरू होकर बाहर सड़क तक आ गया, जहाँ दबंगई लगातार जारी रही। चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा घटनाक्रम लोगों के सामने हुआ, लेकिन जिम्मेदार सिस्टम कहीं भी नजर नहीं आया।

प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि बैनामा लेखक और बाबुओं ने मिलकर युवक को पीटा। इस घटना के वायरल वीडियो ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जैसे कि क्या कालपी तहसील में काम बिना 'सेटिंग' के नहीं होता और क्या फाइलों की हेराफेरी पर सवाल उठाना अब गुनाह बन गया है। यह भी पूछा जा रहा है कि क्या सरकारी कर्मचारी अब खुलेआम दबंगई करेंगे, और आम आदमी को तहसील में काम कराने के लिए पिटाई का जोखिम भी उठाना पड़ेगा। अगर तहसील जैसे संवेदनशील सरकारी दफ्तर में आम आदमी सुरक्षित नहीं है, तो फिर न्याय की उम्मीद कहाँ से की जाए?

सबसे बड़ा सवाल प्रशासन पर उठ रहा है कि क्या वह इस गुंडागर्दी पर कोई कार्रवाई करेगा या फिर सबकुछ हमेशा की तरह 'मैनेज' कर लिया जाएगा। अब देखना यह है कि इस वायरल वीडियो के बाद प्रशासन हरकत में आता है या फिर सिस्टम इसे भी निगल जाएगा, क्योंकि यह घटना तहसील में 'जंगलराज' जैसी स्थिति को दर्शाती है।
    user_Dev Patel
    Dev Patel
    Local News Reporter कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
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