धर्मजयगढ़ वनमंडल क्षेत्र में हाथियों की लगातार बढ़ती गतिविधियों ने ग्रामीणों और वन विभाग दोनों की चिंता बढ़ा दी है। इस क्षेत्र में हाथी दल कभी सड़क पार करते तो कभी रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं, जिससे हाथी प्रभावित क्षेत्रों में दहशत का माहौल बना हुआ है। इस स्थिति को देखते हुए, वन विभाग द्वारा हाथियों की आवाजाही से जुड़े विजुअल और सूचनाएं लगातार साझा की जा रही हैं, ताकि ग्रामीण समय रहते सतर्क हो सकें और किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके। हाथी मित्र दल, वनकर्मी और चौकीदार सक्रिय रूप से हाथियों की निगरानी कर रहे हैं और लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार, धर्मजयगढ़ रेंज के पोटीयां, सागरपुर और दर्दीडीह क्षेत्र में लगभग 30 हाथियों का दल विचरण कर रहा है, जबकि बोरो रेंज और छाल रेंज के जंगलों में भी अन्य हाथी दल मौजूद हैं। बताया गया है कि पूरे धर्मजयगढ़ वनमंडल क्षेत्र में वर्तमान में करीब 135 हाथी विचरण कर रहे हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों से विशेष अपील की है कि वे हाथियों के करीब न जाएं, रात के समय जंगल या सुनसान रास्तों पर अकेले निकलने से बचें और हाथियों की सूचना मिलते ही तुरंत सतर्क हो जाएं। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि मानव-हाथी संघर्ष की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
धर्मजयगढ़ वनमंडल क्षेत्र में हाथियों की लगातार बढ़ती गतिविधियों ने ग्रामीणों और वन विभाग दोनों की चिंता बढ़ा दी है। इस क्षेत्र में हाथी दल कभी सड़क पार करते तो कभी रिहायशी इलाकों की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं, जिससे हाथी प्रभावित क्षेत्रों में दहशत का माहौल बना हुआ है। इस स्थिति को देखते हुए, वन विभाग द्वारा हाथियों की आवाजाही से जुड़े विजुअल और सूचनाएं लगातार साझा की जा रही हैं, ताकि ग्रामीण समय रहते सतर्क हो सकें और किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके। हाथी मित्र दल, वनकर्मी और चौकीदार सक्रिय रूप से हाथियों की निगरानी कर रहे हैं और लोगों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार, धर्मजयगढ़ रेंज के पोटीयां, सागरपुर और दर्दीडीह क्षेत्र में लगभग 30 हाथियों का दल विचरण कर रहा है, जबकि बोरो रेंज और छाल रेंज के जंगलों में भी अन्य हाथी दल मौजूद हैं। बताया गया है कि पूरे धर्मजयगढ़ वनमंडल क्षेत्र में वर्तमान में करीब 135 हाथी विचरण कर रहे हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों से विशेष अपील की है कि वे हाथियों के करीब न जाएं, रात के समय जंगल या सुनसान रास्तों पर अकेले निकलने से बचें और हाथियों की सूचना मिलते ही तुरंत सतर्क हो जाएं। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि मानव-हाथी संघर्ष की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
- छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राहुल गांधी के एक बयान को लेकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के बयान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए उनका पुतला दहन किया।1
- जांजगीर की अमिता श्रीवास ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने 8848 मीटर ऊंची इस चोटी पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराया, जिससे देश का गौरव बढ़ा। हालांकि, एवरेस्ट फतह करने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके कारण उन्हें काठमांडू के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया का भी उल्लेख किया गया है।1
- केराकछार में आयोजित समाधान शिविर के दौरान रोजगार सहायक के खिलाफ कई शिकायतें सामने आईं। ग्रामीणों द्वारा दर्ज कराई गई इन शिकायतों पर जब रोजगार सहायक से जवाब मांगा गया, तो वे सवालों से बचते नजर आए और कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी।1
- प्रधानमंत्री मोदी के नीदरलैंड दौरे का मुख्य केंद्र भारतीय समुदाय से जुड़े कार्यक्रम और वैश्विक रिश्ते रहेंगे।1
- कांग्रेस कमेटी हरदीबाजार द्वारा झीरम घाटी में शहीद हुए नेताओं का शहीद दिवस मनाया गया।4
- अंबिकापुर सहित सरगुजा जिले में नौतपा शुरू होने से पहले ही भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, जहाँ पारा 41.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया है। आग उगलती धूप और झुलसाने वाली लू के कारण शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है, और मौसम विभाग ने लू को लेकर अलर्ट जारी किया है। सुबह 10 बजे के बाद लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है, जबकि दोपहर में सड़कें पूरी तरह खाली दिख रही हैं। अधिकतम तापमान 42 डिग्री के करीब पहुँच गया है, और लू व गर्म हवाओं से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। मौसम वैज्ञानिक एसके मंडल के अनुसार, पश्चिम दिशा से आ रही राजस्थान की गर्म हवाओं के प्रवाह के कारण लू की स्थिति बनी हुई है। अगले कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं, बल्कि अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की और वृद्धि होने का अनुमान है। रविवार को अंबिकापुर का अधिकतम तापमान 41.7 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री दर्ज किया गया। शाम 6 बजे तक गर्म हवाओं के थपेड़े चलते रहते हैं, जिससे पंखे-कूलर भी गर्म हवा दे रहे हैं और घरों में भी शांति नहीं मिल रही है। नौतपा, जो सोमवार से 25 मई से 2 जून के बीच शुरू हो रहा है, के दौरान तापमान में और वृद्धि की संभावना जताई गई है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, इस अवधि में सूर्य कर्क रेखीय वृत्त के लगभग लम्बवत होता है, जो उत्तरी गोलार्ध के वायुमंडलीय तापमान में तीव्र वृद्धि का कारण बनता है। यह स्थिति भयंकर गर्मी, लू, गर्म हवाओं के थपेड़ों के साथ-साथ आंधी और बवंडर को भी जन्म दे सकती है। इस भीषण गर्मी और लू के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है, विशेषकर बच्चे और वृद्ध इसकी चपेट में आ रहे हैं। बच्चे उल्टी-दस्त का शिकार हो रहे हैं, और प्रतिदिन 4-5 बच्चे जिला अस्पताल में इसी शिकायत के साथ पहुँच रहे हैं। चिकित्सकों ने लू से बचने के लिए अधिक पानी और तरल पदार्थों का सेवन करने तथा तले-भुने भोजन से परहेज करने की सलाह दी है।1
- जिले में आयोजित एक ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। यह शिविर जिला स्तर पर आयोजित किया गया था, जिसमें विभिन्न खेलों का प्रशिक्षण दिया गया।1
- केराकछार में आयोजित समाधान शिविर के दौरान कृषि विस्तार अधिकारी ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया और अपनी बात रखी। इस दौरान कही गई बातों और कार्यक्रम से जुड़ी विस्तृत जानकारी एक वीडियो में देखी जा सकती है।1
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राहुल गांधी के एक बयान के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान, भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया और तीखी नारेबाजी कर अपना कड़ा विरोध जताया।1