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मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत कथित नकली मंगलसूत्र वितरण के मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर के अध्यक्ष सौरव मिश्रा की शिकायत को जिला प्रशासन की जांच में प्रथम दृष्टया सही पाया गया है। जिला कलेक्टर द्वारा गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में खरीद प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि की है और संबंधित अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले ही महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक द्वारा इस मामले को 'निराधार' बताकर जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सौरव मिश्रा ने 18 जून 2026 को जिला कलेक्टर से लिखित शिकायत कर 10 फरवरी 2026 को विकासखंड खड़गवां के चनवारीडांड स्थित महामाया मंदिर परिसर में हुए सामूहिक विवाह समारोह में वितरित मंगलसूत्रों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। शिकायत में बताया गया था कि योजना के तहत 184 जोड़ों का विवाह कराया गया था, लेकिन बाद में कई नवविवाहित महिलाओं ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि उन्हें चांदी के नाम पर निम्न गुणवत्ता के मंगलसूत्र दिए गए। इसे शासन की महत्वाकांक्षी योजना में संभावित वित्तीय अनियमितता, शासकीय धन के दुरुपयोग और नवविवाहित महिलाओं के सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला बताया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने जांच समिति का गठन किया। लेकिन जांच रिपोर्ट आने से पहले ही महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूरे मामले को निराधार बताया था, दावा किया था कि योजना में कोई अनियमितता नहीं हुई और सोशल मीडिया के आरोप तथ्यहीन हैं। अब कलेक्टर की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि जांच जारी रहते हुए विभाग ने किस आधार पर पहले ही मामले को क्लीन चिट दे दी। 19 जून 2026 को कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक को भेजे पत्र में स्पष्ट लिखा कि 'जांच समिति द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार प्रथम दृष्टया शिकायत सही पाई गई है', और जांच प्रतिवेदन को आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया। जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को 92 लाख रुपये का आवंटन मिला था, जिसमें प्रत्येक हितग्राही के लिए 50 हजार रुपये निर्धारित थे। इसमें से 35 हजार रुपये सीधे हितग्राही के बैंक खाते में और शेष राशि विवाह आयोजन व उपहार सामग्री पर खर्च होनी थी, जिसमें प्रति जोड़े 7 हजार रुपये का प्रावधान था और चांदी का मंगलसूत्र भी शामिल था। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिला स्तरीय क्रय समिति ने स्पष्ट रूप से चांदी का मंगलसूत्र खरीदने और GeM पोर्टल से प्राथमिकता देने की अनुशंसा की थी। इसके बावजूद, जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा समिति की अनुशंसाओं के विपरीत सीमित निविदा प्रक्रिया अपनाई गई। जांच में पाया गया कि कोटेशन प्राप्त करने, क्रय समिति से अनुमोदन लेने, सामग्री का भौतिक सत्यापन कराने और भुगतान से पूर्व आवश्यक प्रशासनिक स्वीकृति लेने जैसी अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। यह भी सामने आया कि गुणवत्ता संबंधी शिकायत के बाद संबंधित फर्म के भुगतान से प्रति मंगलसूत्र एक हजार रुपये की कटौती कर कुल 1 लाख 84 हजार रुपये हितग्राही महिलाओं के खातों में अंतरित किए गए, जिसके बाद फर्म को लगभग 12.85 लाख रुपये का भुगतान किया गया। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि यदि शिकायत निराधार थी, तो भुगतान में कटौती कर राशि लौटाने की आवश्यकता क्यों पड़ी। जांच समिति ने निष्कर्ष निकाला कि जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा ने क्रय समिति की अनुशंसाओं की अवहेलना की, चांदी के स्थान पर अन्य प्रकार के मंगलसूत्र वितरित किए और खरीद प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया। समिति ने उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की है। सौरव मिश्रा, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल, जिला कांग्रेस कमेटी की महामंत्री पूनम सिंह, पूर्व जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष रूमा चटर्जी, पार्षद किरण कुजूर, पूर्व पार्षद हमीदा खातून और पूर्व महिला कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष शोभना वर्मा सहित अन्य कांग्रेस नेताओं ने दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करने और विभाग द्वारा पहले जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने इसे गरीब बेटियों के सम्मान, शासन की विश्वसनीयता और पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।

2 hrs ago
user_M.D. KASIM
M.D. KASIM
चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
2 hrs ago

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत कथित नकली मंगलसूत्र वितरण के मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर के अध्यक्ष सौरव मिश्रा की शिकायत को जिला प्रशासन की जांच में प्रथम दृष्टया सही पाया गया है। जिला कलेक्टर द्वारा गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में खरीद प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि की है और संबंधित अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले ही महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक द्वारा इस मामले को 'निराधार' बताकर जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सौरव मिश्रा ने 18 जून 2026 को जिला कलेक्टर से लिखित शिकायत कर 10 फरवरी 2026 को विकासखंड खड़गवां के चनवारीडांड स्थित महामाया मंदिर परिसर में हुए सामूहिक विवाह समारोह में वितरित मंगलसूत्रों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। शिकायत में बताया गया था कि योजना के तहत 184 जोड़ों का विवाह कराया गया था, लेकिन बाद में कई नवविवाहित महिलाओं ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि उन्हें चांदी के नाम पर निम्न गुणवत्ता के मंगलसूत्र दिए गए। इसे शासन की महत्वाकांक्षी योजना में संभावित वित्तीय अनियमितता, शासकीय धन के दुरुपयोग और नवविवाहित महिलाओं के सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला बताया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने जांच समिति का गठन किया। लेकिन जांच रिपोर्ट आने से पहले ही महिला एवं बाल

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विकास विभाग के संचालक ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूरे मामले को निराधार बताया था, दावा किया था कि योजना में कोई अनियमितता नहीं हुई और सोशल मीडिया के आरोप तथ्यहीन हैं। अब कलेक्टर की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि जांच जारी रहते हुए विभाग ने किस आधार पर पहले ही मामले को क्लीन चिट दे दी। 19 जून 2026 को कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक को भेजे पत्र में स्पष्ट लिखा कि 'जांच समिति द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार प्रथम दृष्टया शिकायत सही पाई गई है', और जांच प्रतिवेदन को आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया। जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को 92 लाख रुपये का आवंटन मिला था, जिसमें प्रत्येक हितग्राही के लिए 50 हजार रुपये निर्धारित थे। इसमें से 35 हजार रुपये सीधे हितग्राही के बैंक खाते में और शेष राशि विवाह आयोजन व उपहार सामग्री पर खर्च होनी थी, जिसमें प्रति जोड़े 7 हजार रुपये का प्रावधान था और चांदी का मंगलसूत्र भी शामिल था। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिला स्तरीय क्रय समिति ने स्पष्ट रूप से चांदी का मंगलसूत्र खरीदने और GeM पोर्टल से प्राथमिकता देने की अनुशंसा की थी। इसके बावजूद, जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा समिति की अनुशंसाओं के विपरीत सीमित निविदा प्रक्रिया अपनाई गई। जांच में पाया गया कि कोटेशन प्राप्त

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करने, क्रय समिति से अनुमोदन लेने, सामग्री का भौतिक सत्यापन कराने और भुगतान से पूर्व आवश्यक प्रशासनिक स्वीकृति लेने जैसी अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। यह भी सामने आया कि गुणवत्ता संबंधी शिकायत के बाद संबंधित फर्म के भुगतान से प्रति मंगलसूत्र एक हजार रुपये की कटौती कर कुल 1 लाख 84 हजार रुपये हितग्राही महिलाओं के खातों में अंतरित किए गए, जिसके बाद फर्म को लगभग 12.85 लाख रुपये का भुगतान किया गया। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि यदि शिकायत निराधार थी, तो भुगतान में कटौती कर राशि लौटाने की आवश्यकता क्यों पड़ी। जांच समिति ने निष्कर्ष निकाला कि जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा ने क्रय समिति की अनुशंसाओं की अवहेलना की, चांदी के स्थान पर अन्य प्रकार के मंगलसूत्र वितरित किए और खरीद प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया। समिति ने उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की है। सौरव मिश्रा, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल, जिला कांग्रेस कमेटी की महामंत्री पूनम सिंह, पूर्व जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष रूमा चटर्जी, पार्षद किरण कुजूर, पूर्व पार्षद हमीदा खातून और पूर्व महिला कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष शोभना वर्मा सहित अन्य कांग्रेस नेताओं ने दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करने और विभाग द्वारा पहले जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने इसे गरीब बेटियों के सम्मान, शासन की विश्वसनीयता और पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।

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  • मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत कथित नकली मंगलसूत्र वितरण के मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर के अध्यक्ष सौरव मिश्रा की शिकायत को जिला प्रशासन की जांच में प्रथम दृष्टया सही पाया गया है। जिला कलेक्टर द्वारा गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में खरीद प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि की है और संबंधित अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले ही महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक द्वारा इस मामले को 'निराधार' बताकर जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सौरव मिश्रा ने 18 जून 2026 को जिला कलेक्टर से लिखित शिकायत कर 10 फरवरी 2026 को विकासखंड खड़गवां के चनवारीडांड स्थित महामाया मंदिर परिसर में हुए सामूहिक विवाह समारोह में वितरित मंगलसूत्रों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। शिकायत में बताया गया था कि योजना के तहत 184 जोड़ों का विवाह कराया गया था, लेकिन बाद में कई नवविवाहित महिलाओं ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि उन्हें चांदी के नाम पर निम्न गुणवत्ता के मंगलसूत्र दिए गए। इसे शासन की महत्वाकांक्षी योजना में संभावित वित्तीय अनियमितता, शासकीय धन के दुरुपयोग और नवविवाहित महिलाओं के सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला बताया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने जांच समिति का गठन किया। लेकिन जांच रिपोर्ट आने से पहले ही महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूरे मामले को निराधार बताया था, दावा किया था कि योजना में कोई अनियमितता नहीं हुई और सोशल मीडिया के आरोप तथ्यहीन हैं। अब कलेक्टर की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि जांच जारी रहते हुए विभाग ने किस आधार पर पहले ही मामले को क्लीन चिट दे दी। 19 जून 2026 को कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक को भेजे पत्र में स्पष्ट लिखा कि 'जांच समिति द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार प्रथम दृष्टया शिकायत सही पाई गई है', और जांच प्रतिवेदन को आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया। जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को 92 लाख रुपये का आवंटन मिला था, जिसमें प्रत्येक हितग्राही के लिए 50 हजार रुपये निर्धारित थे। इसमें से 35 हजार रुपये सीधे हितग्राही के बैंक खाते में और शेष राशि विवाह आयोजन व उपहार सामग्री पर खर्च होनी थी, जिसमें प्रति जोड़े 7 हजार रुपये का प्रावधान था और चांदी का मंगलसूत्र भी शामिल था। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिला स्तरीय क्रय समिति ने स्पष्ट रूप से चांदी का मंगलसूत्र खरीदने और GeM पोर्टल से प्राथमिकता देने की अनुशंसा की थी। इसके बावजूद, जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा समिति की अनुशंसाओं के विपरीत सीमित निविदा प्रक्रिया अपनाई गई। जांच में पाया गया कि कोटेशन प्राप्त करने, क्रय समिति से अनुमोदन लेने, सामग्री का भौतिक सत्यापन कराने और भुगतान से पूर्व आवश्यक प्रशासनिक स्वीकृति लेने जैसी अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। यह भी सामने आया कि गुणवत्ता संबंधी शिकायत के बाद संबंधित फर्म के भुगतान से प्रति मंगलसूत्र एक हजार रुपये की कटौती कर कुल 1 लाख 84 हजार रुपये हितग्राही महिलाओं के खातों में अंतरित किए गए, जिसके बाद फर्म को लगभग 12.85 लाख रुपये का भुगतान किया गया। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि यदि शिकायत निराधार थी, तो भुगतान में कटौती कर राशि लौटाने की आवश्यकता क्यों पड़ी। जांच समिति ने निष्कर्ष निकाला कि जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा ने क्रय समिति की अनुशंसाओं की अवहेलना की, चांदी के स्थान पर अन्य प्रकार के मंगलसूत्र वितरित किए और खरीद प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया। समिति ने उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की है। सौरव मिश्रा, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल, जिला कांग्रेस कमेटी की महामंत्री पूनम सिंह, पूर्व जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष रूमा चटर्जी, पार्षद किरण कुजूर, पूर्व पार्षद हमीदा खातून और पूर्व महिला कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष शोभना वर्मा सहित अन्य कांग्रेस नेताओं ने दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करने और विभाग द्वारा पहले जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने इसे गरीब बेटियों के सम्मान, शासन की विश्वसनीयता और पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।
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    मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत कथित नकली मंगलसूत्र वितरण के मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर के अध्यक्ष सौरव मिश्रा की शिकायत को जिला प्रशासन की जांच में प्रथम दृष्टया सही पाया गया है। जिला कलेक्टर द्वारा गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में खरीद प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि की है और संबंधित अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले ही महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक द्वारा इस मामले को 'निराधार' बताकर जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

सौरव मिश्रा ने 18 जून 2026 को जिला कलेक्टर से लिखित शिकायत कर 10 फरवरी 2026 को विकासखंड खड़गवां के चनवारीडांड स्थित महामाया मंदिर परिसर में हुए सामूहिक विवाह समारोह में वितरित मंगलसूत्रों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। शिकायत में बताया गया था कि योजना के तहत 184 जोड़ों का विवाह कराया गया था, लेकिन बाद में कई नवविवाहित महिलाओं ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि उन्हें चांदी के नाम पर निम्न गुणवत्ता के मंगलसूत्र दिए गए। इसे शासन की महत्वाकांक्षी योजना में संभावित वित्तीय अनियमितता, शासकीय धन के दुरुपयोग और नवविवाहित महिलाओं के सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला बताया गया था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने जांच समिति का गठन किया। लेकिन जांच रिपोर्ट आने से पहले ही महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूरे मामले को निराधार बताया था, दावा किया था कि योजना में कोई अनियमितता नहीं हुई और सोशल मीडिया के आरोप तथ्यहीन हैं। अब कलेक्टर की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि जांच जारी रहते हुए विभाग ने किस आधार पर पहले ही मामले को क्लीन चिट दे दी। 19 जून 2026 को कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक को भेजे पत्र में स्पष्ट लिखा कि 'जांच समिति द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार प्रथम दृष्टया शिकायत सही पाई गई है', और जांच प्रतिवेदन को आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया।

जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना को 92 लाख रुपये का आवंटन मिला था, जिसमें प्रत्येक हितग्राही के लिए 50 हजार रुपये निर्धारित थे। इसमें से 35 हजार रुपये सीधे हितग्राही के बैंक खाते में और शेष राशि विवाह आयोजन व उपहार सामग्री पर खर्च होनी थी, जिसमें प्रति जोड़े 7 हजार रुपये का प्रावधान था और चांदी का मंगलसूत्र भी शामिल था। रिपोर्ट में कहा गया है कि जिला स्तरीय क्रय समिति ने स्पष्ट रूप से चांदी का मंगलसूत्र खरीदने और GeM पोर्टल से प्राथमिकता देने की अनुशंसा की थी। इसके बावजूद, जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा समिति की अनुशंसाओं के विपरीत सीमित निविदा प्रक्रिया अपनाई गई। जांच में पाया गया कि कोटेशन प्राप्त करने, क्रय समिति से अनुमोदन लेने, सामग्री का भौतिक सत्यापन कराने और भुगतान से पूर्व आवश्यक प्रशासनिक स्वीकृति लेने जैसी अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। यह भी सामने आया कि गुणवत्ता संबंधी शिकायत के बाद संबंधित फर्म के भुगतान से प्रति मंगलसूत्र एक हजार रुपये की कटौती कर कुल 1 लाख 84 हजार रुपये हितग्राही महिलाओं के खातों में अंतरित किए गए, जिसके बाद फर्म को लगभग 12.85 लाख रुपये का भुगतान किया गया। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि यदि शिकायत निराधार थी, तो भुगतान में कटौती कर राशि लौटाने की आवश्यकता क्यों पड़ी।

जांच समिति ने निष्कर्ष निकाला कि जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा ने क्रय समिति की अनुशंसाओं की अवहेलना की, चांदी के स्थान पर अन्य प्रकार के मंगलसूत्र वितरित किए और खरीद प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया। समिति ने उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की है। सौरव मिश्रा, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल, जिला कांग्रेस कमेटी की महामंत्री पूनम सिंह, पूर्व जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष रूमा चटर्जी, पार्षद किरण कुजूर, पूर्व पार्षद हमीदा खातून और पूर्व महिला कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष शोभना वर्मा सहित अन्य कांग्रेस नेताओं ने दोषी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करने और विभाग द्वारा पहले जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने इसे गरीब बेटियों के सम्मान, शासन की विश्वसनीयता और पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।
    user_M.D. KASIM
    M.D. KASIM
    चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत, एमसीबी जिले के मनेंद्रगढ़ स्थित खेड़िया चौक में कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में किया गया, जिसके दौरान मुख्यमंत्री का पुतला दहन भी हुआ। कांग्रेस जिला अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव और एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे ने इस प्रदर्शन का नेतृत्व किया, जिसमें जिले के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
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    प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत, एमसीबी जिले के मनेंद्रगढ़ स्थित खेड़िया चौक में कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में किया गया, जिसके दौरान मुख्यमंत्री का पुतला दहन भी हुआ। कांग्रेस जिला अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव और एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे ने इस प्रदर्शन का नेतृत्व किया, जिसमें जिले के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
    user_Sawan kumar
    Sawan kumar
    चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • सूरजपुर जिले के भैयाथान ब्लॉक मुख्यालय का किसानों द्वारा घेराव किया गया।
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    सूरजपुर जिले के भैयाथान ब्लॉक मुख्यालय का किसानों द्वारा घेराव किया गया।
    user_Sandeep kushwaha
    Sandeep kushwaha
    सूरजपुर, सूरजपुर, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
  • सूरजपुर में सरगुजा बचाओ संघर्ष समिति के तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय आमसभा, शांतिपूर्ण रैली और किसानों के हक-अधिकारों के लिए किए गए जनआंदोलन को क्षेत्रवासियों का व्यापक समर्थन मिला। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं, युवा, सामाजिक संगठन, जनप्रतिनिधि और पत्रकार शामिल हुए। आंदोलन के सफल आयोजन पर समिति ने सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता की एकजुटता और संघर्ष की भावना ने यह साबित कर दिया है कि जब लोग अपने अधिकारों के लिए संगठित होते हैं, तो उनकी आवाज को अनदेखा नहीं किया जा सकता। समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसानों के अधिकार, जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए जारी रहेगा। आयोजकों ने सभी क्षेत्रवासियों से भविष्य में भी इसी तरह एकजुट होकर जनहित के मुद्दों पर साथ खड़े रहने की अपील की। उन्होंने आंदोलन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी किसान भाइयों-बहनों, माताओं, युवाओं, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, पत्रकार साथियों और समस्त क्षेत्रवासियों को धन्यवाद और बधाई भी दी।
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    सूरजपुर में सरगुजा बचाओ संघर्ष समिति के तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय आमसभा, शांतिपूर्ण रैली और किसानों के हक-अधिकारों के लिए किए गए जनआंदोलन को क्षेत्रवासियों का व्यापक समर्थन मिला। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं, युवा, सामाजिक संगठन, जनप्रतिनिधि और पत्रकार शामिल हुए।

आंदोलन के सफल आयोजन पर समिति ने सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता की एकजुटता और संघर्ष की भावना ने यह साबित कर दिया है कि जब लोग अपने अधिकारों के लिए संगठित होते हैं, तो उनकी आवाज को अनदेखा नहीं किया जा सकता। समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसानों के अधिकार, जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए जारी रहेगा।

आयोजकों ने सभी क्षेत्रवासियों से भविष्य में भी इसी तरह एकजुट होकर जनहित के मुद्दों पर साथ खड़े रहने की अपील की। उन्होंने आंदोलन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी किसान भाइयों-बहनों, माताओं, युवाओं, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, पत्रकार साथियों और समस्त क्षेत्रवासियों को धन्यवाद और बधाई भी दी।
    user_Shivnath bagheL
    Shivnath bagheL
    Newspaper publisher सूरजपुर, सूरजपुर, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • अनूपपुर जिले के अनूपपुर और जैतहरी क्षेत्रों में चार हाथियों का समूह एक सप्ताह से अधिक समय से आतंक मचा रहा है। ये हाथी दिन में जंगलों में रुकने के बाद देर शाम और रात होते ही ग्रामीण इलाकों में घुस जाते हैं, घरों को तोड़ते हैं और खेतों व बाड़ियों में लगी फसलों-सब्जियों को अपना आहार बना लेते हैं। यह समूह तीन और एक हाथी के रूप में अलग-अलग होकर विचरण कर रहा है, जिसमें से एक हाथी शुक्रवार और शनिवार की रात जैतहरी के चोलना इलाके से छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही वन परिक्षेत्र के चुस्कियां बीट के जंगल में चला गया है, जबकि तीन हाथियों का समूह अभी भी अनूपपुर क्षेत्र में सक्रिय है। 2 जुलाई को तीन हाथियों के समूह ने अनूपपुर जिला मुख्यालय से मात्र 6 किलोमीटर दूर खांडा और भोलगढ़ के मध्य जंगल में दिन बिताया। रात होते ही वे जंगल से निकलकर खांडा गांव में बांध के पास खेत में घर बनाकर रह रहे मोहन सिंह के घर को आठवीं बार चार अलग-अलग स्थानों से तोड़कर पूरी तरह नष्ट कर दिया और घर के अंदर रखे चावल व अन्य सामान खा गए। इसके बाद उन्होंने खांडा बांध के पास साहेब सिंह की रसोई और गौशाला की दीवार तोड़कर नुकसान पहुँचाया। शुक्रवार की सुबह वे फिर से खांडा और भोलगढ़ के मध्य स्थित जंगल में लौट आए। शुक्रवार की दोपहर में ये तीनों हाथी जंगल से निकलकर भोलगढ़ गांव के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग को पार कर भोलगढ़ और मैरटोला से सोन नदी पार करते हुए जिला मुख्यालय से 5 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत हर्री के भगतबांध गांव पहुँचे। वहाँ उन्होंने भगवानदास राठौर, जगत नारायण राठौर, रमेश राठौर, नेमसाय राठौर और अन्य लोगों के खेतों व बाड़ियों में लगी विभिन्न प्रकार की फसलों और सब्जियों को खाकर नष्ट कर दिया। शनिवार की सुबह वे एक बार फिर सोन नदी और राष्ट्रीय राजमार्ग को पार कर भोलगढ़ गांव व वन बीट के जंगल में पहुँचकर आराम कर रहे थे और शाम व रात होने का इंतजार कर रहे थे। वहीं, एक अकेला बड़ा नर हाथी जो एक सप्ताह से अपने तीन साथी हाथियों से अलग होकर घूम रहा था, उसने 2 जुलाई को धनगवां बीट के आमापानी के जंगल में दिन बिताया। शाम और रात होते ही यह हाथी ग्राम पंचायत पड़रिया के चोई गांव अंतर्गत भलुवान टोला और पदमनियाटोला निवासी सीताराम राठौर के घर में घुसकर तोड़फोड़ की और खेतों व बाड़ी में लगे तथा रखे फसलों व अनाज को खाकर फैला दिया। इसके अतिरिक्त, उसने अन्य लोगों के खेतों में भी नुकसान पहुँचाया। शुक्रवार की सुबह चोलना और धनगवां बीट के जंगल में दिन बिताने के बाद, शाम/रात होते ही वह जंगल से निकलकर ग्राम पंचायत पड़रिया के भलुवान टोला में विक्रम, राजू राठौर, मोरध्वज सिंह, बाबूलाल सिंह, मुन्नी बाई भरिया और भूप सिंह के घरों में तोड़फोड़ की। उसने सुखू सिंह, धीरसाय सिंह, बाल सिंह, मिठाई लाल सिंह और रमेश नापित के खेत व वांडियों में लगे अनाज व विभिन्न प्रकार की फसलों को भी खाया। यह हाथी धनगवां, कुसुमहाई, कुकुरगोड़ा, बचहा और चोलना पंचायतों की सीमा से होते हुए शनिवार की सुबह गूजरनाला पार कर छत्तीसगढ़ राज्य के सिवनी वन बीट अंतर्गत मालाडांड, पथर्री, पडरी, चरचेडी से घुसरिया होकर शनिवार की सुबह से घुसरिया बीट के जंगल में पहुँचकर दिन के समय विश्राम कर रहा था। हाथियों के लगातार विचरण करने और रात-रात भर ग्रामीण जनों की संपत्तियों को नुकसान पहुँचाने से ग्रामीण परेशान और भयभीत हैं। वन विभाग का अमला हाथियों की गतिविधियों पर अलग-अलग स्थानों पर लगातार निगरानी रख रहा है। जैतहरी और अनूपपुर क्षेत्र के ग्रामीण, जिनकी संपत्तियों को हाथियों के समूह द्वारा पहले भी कई बार नुकसान पहुँचाया जा चुका है, अब तक राजस्व विभाग से आर्थिक सहायता न मिलने के कारण नाराज हैं और वन विभाग के मैदानी कर्मचारियों से उत्तेजित ढंग से बातचीत करते देखे गए। संक्षेप में, तीन हाथी खांडा और भगतबांध में उत्पात मचा रहे हैं, वहीं अकेले हाथी ने पड़रिया, धनगवां, कुसुमहाई और कुकुरगोड़ा में हंगामा किया और शनिवार को छत्तीसगढ़ के जंगल में पहुँच गया।
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    अनूपपुर जिले के अनूपपुर और जैतहरी क्षेत्रों में चार हाथियों का समूह एक सप्ताह से अधिक समय से आतंक मचा रहा है। ये हाथी दिन में जंगलों में रुकने के बाद देर शाम और रात होते ही ग्रामीण इलाकों में घुस जाते हैं, घरों को तोड़ते हैं और खेतों व बाड़ियों में लगी फसलों-सब्जियों को अपना आहार बना लेते हैं। यह समूह तीन और एक हाथी के रूप में अलग-अलग होकर विचरण कर रहा है, जिसमें से एक हाथी शुक्रवार और शनिवार की रात जैतहरी के चोलना इलाके से छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही वन परिक्षेत्र के चुस्कियां बीट के जंगल में चला गया है, जबकि तीन हाथियों का समूह अभी भी अनूपपुर क्षेत्र में सक्रिय है।

2 जुलाई को तीन हाथियों के समूह ने अनूपपुर जिला मुख्यालय से मात्र 6 किलोमीटर दूर खांडा और भोलगढ़ के मध्य जंगल में दिन बिताया। रात होते ही वे जंगल से निकलकर खांडा गांव में बांध के पास खेत में घर बनाकर रह रहे मोहन सिंह के घर को आठवीं बार चार अलग-अलग स्थानों से तोड़कर पूरी तरह नष्ट कर दिया और घर के अंदर रखे चावल व अन्य सामान खा गए। इसके बाद उन्होंने खांडा बांध के पास साहेब सिंह की रसोई और गौशाला की दीवार तोड़कर नुकसान पहुँचाया। शुक्रवार की सुबह वे फिर से खांडा और भोलगढ़ के मध्य स्थित जंगल में लौट आए। शुक्रवार की दोपहर में ये तीनों हाथी जंगल से निकलकर भोलगढ़ गांव के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग को पार कर भोलगढ़ और मैरटोला से सोन नदी पार करते हुए जिला मुख्यालय से 5 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत हर्री के भगतबांध गांव पहुँचे। वहाँ उन्होंने भगवानदास राठौर, जगत नारायण राठौर, रमेश राठौर, नेमसाय राठौर और अन्य लोगों के खेतों व बाड़ियों में लगी विभिन्न प्रकार की फसलों और सब्जियों को खाकर नष्ट कर दिया। शनिवार की सुबह वे एक बार फिर सोन नदी और राष्ट्रीय राजमार्ग को पार कर भोलगढ़ गांव व वन बीट के जंगल में पहुँचकर आराम कर रहे थे और शाम व रात होने का इंतजार कर रहे थे।

वहीं, एक अकेला बड़ा नर हाथी जो एक सप्ताह से अपने तीन साथी हाथियों से अलग होकर घूम रहा था, उसने 2 जुलाई को धनगवां बीट के आमापानी के जंगल में दिन बिताया। शाम और रात होते ही यह हाथी ग्राम पंचायत पड़रिया के चोई गांव अंतर्गत भलुवान टोला और पदमनियाटोला निवासी सीताराम राठौर के घर में घुसकर तोड़फोड़ की और खेतों व बाड़ी में लगे तथा रखे फसलों व अनाज को खाकर फैला दिया। इसके अतिरिक्त, उसने अन्य लोगों के खेतों में भी नुकसान पहुँचाया। शुक्रवार की सुबह चोलना और धनगवां बीट के जंगल में दिन बिताने के बाद, शाम/रात होते ही वह जंगल से निकलकर ग्राम पंचायत पड़रिया के भलुवान टोला में विक्रम, राजू राठौर, मोरध्वज सिंह, बाबूलाल सिंह, मुन्नी बाई भरिया और भूप सिंह के घरों में तोड़फोड़ की। उसने सुखू सिंह, धीरसाय सिंह, बाल सिंह, मिठाई लाल सिंह और रमेश नापित के खेत व वांडियों में लगे अनाज व विभिन्न प्रकार की फसलों को भी खाया। यह हाथी धनगवां, कुसुमहाई, कुकुरगोड़ा, बचहा और चोलना पंचायतों की सीमा से होते हुए शनिवार की सुबह गूजरनाला पार कर छत्तीसगढ़ राज्य के सिवनी वन बीट अंतर्गत मालाडांड, पथर्री, पडरी, चरचेडी से घुसरिया होकर शनिवार की सुबह से घुसरिया बीट के जंगल में पहुँचकर दिन के समय विश्राम कर रहा था।

हाथियों के लगातार विचरण करने और रात-रात भर ग्रामीण जनों की संपत्तियों को नुकसान पहुँचाने से ग्रामीण परेशान और भयभीत हैं। वन विभाग का अमला हाथियों की गतिविधियों पर अलग-अलग स्थानों पर लगातार निगरानी रख रहा है। जैतहरी और अनूपपुर क्षेत्र के ग्रामीण, जिनकी संपत्तियों को हाथियों के समूह द्वारा पहले भी कई बार नुकसान पहुँचाया जा चुका है, अब तक राजस्व विभाग से आर्थिक सहायता न मिलने के कारण नाराज हैं और वन विभाग के मैदानी कर्मचारियों से उत्तेजित ढंग से बातचीत करते देखे गए। संक्षेप में, तीन हाथी खांडा और भगतबांध में उत्पात मचा रहे हैं, वहीं अकेले हाथी ने पड़रिया, धनगवां, कुसुमहाई और कुकुरगोड़ा में हंगामा किया और शनिवार को छत्तीसगढ़ के जंगल में पहुँच गया।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • हसदेव अरण्य और घाटबर्रा मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण पर्यावरणीय और सांस्कृतिक स्थल हैं, जिन्हें बचाने के लिए हाल ही में कई अभियान और आंदोलन चलाए गए हैं। ये अभियान स्थानीय समुदायों और पर्यावरणविदों द्वारा इन क्षेत्रों की प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता को संरक्षित करने के उद्देश्य से संचालित किए जा रहे हैं। हसदेव अरण्य छत्तीसगढ़ के कोरबा, सूरजपुर और सरगुजा जिलों में फैला एक महत्वपूर्ण वन क्षेत्र है, जिसका जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए विशेष महत्व है। यहाँ के वन कई आदिवासी समुदायों का निवास स्थान हैं और उनकी आजीविका का मुख्य स्रोत भी हैं। दूसरी ओर, घाटबर्रा एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में अपनी प्राकृतिक सुंदरता और झीलों के लिए जाना जाता है। यह क्षेत्र भी पर्यावरणीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है और यहाँ के स्थानीय समुदायों के लिए सांस्कृतिक रूप से गहरा महत्व रखता है।
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    हसदेव अरण्य और घाटबर्रा मध्य प्रदेश तथा छत्तीसगढ़ के महत्वपूर्ण पर्यावरणीय और सांस्कृतिक स्थल हैं, जिन्हें बचाने के लिए हाल ही में कई अभियान और आंदोलन चलाए गए हैं। ये अभियान स्थानीय समुदायों और पर्यावरणविदों द्वारा इन क्षेत्रों की प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता को संरक्षित करने के उद्देश्य से संचालित किए जा रहे हैं।

हसदेव अरण्य छत्तीसगढ़ के कोरबा, सूरजपुर और सरगुजा जिलों में फैला एक महत्वपूर्ण वन क्षेत्र है, जिसका जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए विशेष महत्व है। यहाँ के वन कई आदिवासी समुदायों का निवास स्थान हैं और उनकी आजीविका का मुख्य स्रोत भी हैं। दूसरी ओर, घाटबर्रा एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में अपनी प्राकृतिक सुंदरता और झीलों के लिए जाना जाता है। यह क्षेत्र भी पर्यावरणीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है और यहाँ के स्थानीय समुदायों के लिए सांस्कृतिक रूप से गहरा महत्व रखता है।
    user_PC पंचायत न्यूज घाटबर्रा
    PC पंचायत न्यूज घाटबर्रा
    उदयपुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में मानसून सक्रिय हो गया है, जहाँ गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक जिला मुख्यालय समेत कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हुई। आसमान में बादल छाए रहने से मौसम सुहावना बना हुआ है, हालाँकि जिले में बारिश का वितरण असमान रहा। अनूपपुर जिला मुख्यालय और बदरा में जहाँ सुबह तक रिमझिम बारिश जारी रही, वहीं जैतहरी, राजेंद्रग्राम, कोतमा, फुनगा और दैखल क्षेत्रों में रात की बारिश के बाद सुबह धूप निकल आई, जिससे लोगों को उमस का सामना करना पड़ा। अधीक्षक भू-अभिलेख विभाग के अधिकारी प्रदीप मोगरे ने बताया कि जिले में मानसून सक्रिय है, लेकिन बारिश सभी क्षेत्रों में समान रूप से नहीं हुई है। विभाग के अनुसार, शुक्रवार को जिले में औसतन 20.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि 1 जून से अब तक कुल 99.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। इस बारिश के बाद किसान खेतों की तैयारी में जुट गए हैं। कृषि विभाग के आँकड़ों के अनुसार, इस साल जिले में 1 लाख 85 हजार हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से अब तक लगभग 21 प्रतिशत क्षेत्र में ही बुवाई हो पाई है। विभाग द्वारा जारी आँकड़ों के मुताबिक, धान की 18 प्रतिशत, मक्का की 77 प्रतिशत, उड़द की 18 प्रतिशत, मूंग की 19 प्रतिशत, अरहर की 26 प्रतिशत, मूंगफली की 56 प्रतिशत और सोयाबीन की 55 प्रतिशत बुवाई पूरी हो चुकी है। यह पिछले साल इसी अवधि तक हुई 28 प्रतिशत से अधिक बुवाई से कम है।
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    मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में मानसून सक्रिय हो गया है, जहाँ गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक जिला मुख्यालय समेत कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हुई। आसमान में बादल छाए रहने से मौसम सुहावना बना हुआ है, हालाँकि जिले में बारिश का वितरण असमान रहा। अनूपपुर जिला मुख्यालय और बदरा में जहाँ सुबह तक रिमझिम बारिश जारी रही, वहीं जैतहरी, राजेंद्रग्राम, कोतमा, फुनगा और दैखल क्षेत्रों में रात की बारिश के बाद सुबह धूप निकल आई, जिससे लोगों को उमस का सामना करना पड़ा।

अधीक्षक भू-अभिलेख विभाग के अधिकारी प्रदीप मोगरे ने बताया कि जिले में मानसून सक्रिय है, लेकिन बारिश सभी क्षेत्रों में समान रूप से नहीं हुई है। विभाग के अनुसार, शुक्रवार को जिले में औसतन 20.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जबकि 1 जून से अब तक कुल 99.6 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है।

इस बारिश के बाद किसान खेतों की तैयारी में जुट गए हैं। कृषि विभाग के आँकड़ों के अनुसार, इस साल जिले में 1 लाख 85 हजार हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से अब तक लगभग 21 प्रतिशत क्षेत्र में ही बुवाई हो पाई है। विभाग द्वारा जारी आँकड़ों के मुताबिक, धान की 18 प्रतिशत, मक्का की 77 प्रतिशत, उड़द की 18 प्रतिशत, मूंग की 19 प्रतिशत, अरहर की 26 प्रतिशत, मूंगफली की 56 प्रतिशत और सोयाबीन की 55 प्रतिशत बुवाई पूरी हो चुकी है। यह पिछले साल इसी अवधि तक हुई 28 प्रतिशत से अधिक बुवाई से कम है।
    user_Rajesh Shukla
    Rajesh Shukla
    Salesperson Anuppur, Madhya Pradesh•
    22 hrs ago
  • अनूपपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ उन्होंने रामपुर बटुरा ओपन कोल माइंस की जय अम्बे प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के कार्यालय में देसी कट्टे से फायर कर हत्या के प्रयास के मुख्य आरोपी श्रीराम विश्वकर्मा को नासिक (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अनूपपुर विक्रान्त मुराब (भारतीय पुलिस सेवा) के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूपपुर जगनाथ मरकाम एवं एसडीओपी अनूपपुर नवीन तिवारी के मार्गदर्शन में की गई। यह घटना 07 जून 2026 को दोपहर करीब 3 बजे ग्राम खांडा स्थित कंपनी के कार्यालय में हुई थी। कंपनी के टाइम कीपर अमन सिंह क्षत्रिय, निवासी लमकना, थाना बड़वारा, जिला कटनी ने कोतवाली अनूपपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, श्रीराम विश्वकर्मा अपने दो साथियों पप्पू विश्वकर्मा और मिथलेश विश्वकर्मा के साथ कार्यालय में घुस आया था। उसने आरोप लगाया कि कंपनी उनके 8-10 लोगों को काम पर नहीं रखती, जिस पर विवाद करते हुए उसने गंदी गंदी गालियाँ दीं और कमर से देसी कट्टा निकालकर जान से मारने के इरादे से फायर कर दिया। हालाँकि, गार्ड पारस द्वारा धक्का दिए जाने से गोली कार्यालय के फर्श की टाइल्स में जा धँसी। तीनों आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए थे। इस रिपोर्ट पर कोतवाली अनूपपुर थाने में अपराध क्रमांक 324/2026 धारा 109(1), 296(बी), 351(2), 331(7), 333, 3(5) बीएनएस एवं 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस प्रकरण की विवेचना के दौरान, पुलिस ने 10 जून 2026 को आरोपी पप्पू विश्वकर्मा, निवासी रामपुर, थाना अमलाई, जिला शहडोल और 11 जून 2026 को आरोपी मिथलेश चर्मकार, निवासी ग्राम रामपुर, थाना अमलाई, जिला शहडोल को गिरफ्तार किया था, जिन्हें माननीय न्यायालय द्वारा जेल भेज दिया गया था। घटना के तुरंत बाद मुख्य आरोपी श्रीराम विश्वकर्मा फरार हो गया था और कोतवाली पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। टी.आई. कोतवाली अरविंद जैन के नेतृत्व में उपनिरीक्षक जयपुश लकड़ा, प्रधान आरक्षक महेंद्र सिंह, प्रधान आरक्षक शिवशंकर प्रजापति, प्रधान आरक्षक राजेंद्र अहिरवार (सायबर सेल), आरक्षक अमित यादव और आरक्षक पंकज मिश्रा (सायबर सेल) की टीम ने श्रीराम विश्वकर्मा, पिता गोविन्द प्रसाद विश्वकर्मा, उम्र 39 वर्ष, निवासी ग्राम रामपुर, थाना अमलाई, जिला शहडोल को नासिक (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। पुलिस ने आरोपी से वारदात में इस्तेमाल किया गया देसी कट्टा भी जब्त कर लिया है। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री विक्रान्त मुराब ने थाना कोतवाली अनूपपुर की इस टीम को देसी कट्टे से फायर कर हत्या के प्रयास के मुख्य आरोपी को नासिक (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार करने के लिए पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
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    अनूपपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ उन्होंने रामपुर बटुरा ओपन कोल माइंस की जय अम्बे प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के कार्यालय में देसी कट्टे से फायर कर हत्या के प्रयास के मुख्य आरोपी श्रीराम विश्वकर्मा को नासिक (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अनूपपुर विक्रान्त मुराब (भारतीय पुलिस सेवा) के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूपपुर जगनाथ मरकाम एवं एसडीओपी अनूपपुर नवीन तिवारी के मार्गदर्शन में की गई।

यह घटना 07 जून 2026 को दोपहर करीब 3 बजे ग्राम खांडा स्थित कंपनी के कार्यालय में हुई थी। कंपनी के टाइम कीपर अमन सिंह क्षत्रिय, निवासी लमकना, थाना बड़वारा, जिला कटनी ने कोतवाली अनूपपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, श्रीराम विश्वकर्मा अपने दो साथियों पप्पू विश्वकर्मा और मिथलेश विश्वकर्मा के साथ कार्यालय में घुस आया था। उसने आरोप लगाया कि कंपनी उनके 8-10 लोगों को काम पर नहीं रखती, जिस पर विवाद करते हुए उसने गंदी गंदी गालियाँ दीं और कमर से देसी कट्टा निकालकर जान से मारने के इरादे से फायर कर दिया। हालाँकि, गार्ड पारस द्वारा धक्का दिए जाने से गोली कार्यालय के फर्श की टाइल्स में जा धँसी। तीनों आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए थे। इस रिपोर्ट पर कोतवाली अनूपपुर थाने में अपराध क्रमांक 324/2026 धारा 109(1), 296(बी), 351(2), 331(7), 333, 3(5) बीएनएस एवं 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था।

इस प्रकरण की विवेचना के दौरान, पुलिस ने 10 जून 2026 को आरोपी पप्पू विश्वकर्मा, निवासी रामपुर, थाना अमलाई, जिला शहडोल और 11 जून 2026 को आरोपी मिथलेश चर्मकार, निवासी ग्राम रामपुर, थाना अमलाई, जिला शहडोल को गिरफ्तार किया था, जिन्हें माननीय न्यायालय द्वारा जेल भेज दिया गया था। घटना के तुरंत बाद मुख्य आरोपी श्रीराम विश्वकर्मा फरार हो गया था और कोतवाली पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी।

टी.आई. कोतवाली अरविंद जैन के नेतृत्व में उपनिरीक्षक जयपुश लकड़ा, प्रधान आरक्षक महेंद्र सिंह, प्रधान आरक्षक शिवशंकर प्रजापति, प्रधान आरक्षक राजेंद्र अहिरवार (सायबर सेल), आरक्षक अमित यादव और आरक्षक पंकज मिश्रा (सायबर सेल) की टीम ने श्रीराम विश्वकर्मा, पिता गोविन्द प्रसाद विश्वकर्मा, उम्र 39 वर्ष, निवासी ग्राम रामपुर, थाना अमलाई, जिला शहडोल को नासिक (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। पुलिस ने आरोपी से वारदात में इस्तेमाल किया गया देसी कट्टा भी जब्त कर लिया है।

पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री विक्रान्त मुराब ने थाना कोतवाली अनूपपुर की इस टीम को देसी कट्टे से फायर कर हत्या के प्रयास के मुख्य आरोपी को नासिक (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार करने के लिए पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
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