उत्तर प्रदेश के बदायूं में स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज से स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां इलाज के इंतजार में एक युवती ने अस्पताल परिसर में ही दम तोड़ दिया। मृतका की पहचान बिल्सी क्षेत्र के गांव खैरी निवासी इसराइल की करीब 18 से 20 वर्षीय बेटी तरन्नुम के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि सोमवार सुबह तरन्नुम को इलाज के लिए बदायूं राजकीय मेडिकल कॉलेज लाया गया था, लेकिन काफी देर तक कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं हुआ और न ही उसे कोई प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके चलते इलाज के अभाव में उसकी मौत हो गई। युवती की मौत के बाद भी अस्पताल प्रशासन की बड़ी संवेदनहीनता सामने आई। आरोप है कि मृतका के शव को ले जाने के लिए न तो कोई स्ट्रेचर दिया गया और न ही एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई। इसके कारण मजबूर होकर मृतका का भाई अपनी बहन के शव को कंधे पर उठाकर अस्पताल से नीचे लाया और बाद में ऑटो के जरिए गांव लेकर गया। इस घटना के बाद मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित परिजन पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल इस मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
उत्तर प्रदेश के बदायूं में स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज से स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां इलाज के इंतजार में एक युवती ने अस्पताल परिसर में ही दम तोड़ दिया। मृतका की पहचान बिल्सी क्षेत्र के गांव खैरी निवासी इसराइल की करीब 18 से 20 वर्षीय बेटी तरन्नुम के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि सोमवार सुबह तरन्नुम को इलाज के लिए बदायूं राजकीय मेडिकल कॉलेज लाया गया था, लेकिन काफी देर तक कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं हुआ और न ही उसे कोई प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके चलते इलाज के अभाव में उसकी मौत हो गई। युवती की मौत के बाद भी अस्पताल प्रशासन की बड़ी संवेदनहीनता सामने आई। आरोप है कि मृतका के शव को ले जाने के लिए न तो कोई स्ट्रेचर दिया गया और न ही एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई। इसके कारण मजबूर होकर मृतका का भाई अपनी बहन के शव को कंधे पर उठाकर अस्पताल से नीचे लाया और बाद में ऑटो के जरिए गांव लेकर गया। इस घटना के बाद मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित परिजन पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल इस मामले में मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
- बदायूं में रिश्तों की आड़ में रची गई साजिश और खामोशी के पीछे छिपे खून के राज का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने हर किसी को सन्न कर दिया है। प्यार, मोहब्बत और भरोसे के बाद बेवफाई का ऐसा खूनी अंजाम देखने को मिला है, जिसने सबको चौंका दिया है। आखिर इस वारदात को किसने, क्यों और कैसे अंजाम दिया, इस सनसनीखेज हत्याकांड का पूरा सच 'Aaj Ki Khabar' के स्पेशल क्राइम शो '#गुनाह' में दिखाया जाएगा। बदायूं की इस खौफनाक 'क्राइम स्टोरी' का पूरा सच जल्द ही सामने आने वाला है।1
- बदायूं के गायत्री शक्तिपीठ एवं आध्यात्मिक चेतना केंद्र पर विश्व जनसंख्या दिवस के उपलक्ष्य में प्रखर बाल संस्कारशाला के तत्वावधान में विराट गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया। इस महायज्ञ में बाल संस्कारशाला के बच्चों ने लोकमंगल, वैश्विक शांति, मानवीय सद्भाव तथा संतुलित जनसंख्या व्यवस्था की कामना से गायत्री मंत्र एवं महामृत्युंजय मंत्र की विशेष आहुतियां यज्ञ भगवान को समर्पित कीं। इस अनुष्ठान से संपूर्ण वातावरण वैदिक ऋचाओं, मंत्रोच्चार एवं यज्ञीय सुगंध से आध्यात्मिक चेतना से अनुप्राणित हो उठा। परिव्राजक सुमित कुकरेती ने विधि-विधानपूर्वक इस यज्ञ को संपन्न कराया। उन्होंने कहा कि यज्ञ भारतीय संस्कृति का शाश्वत प्राणतत्त्व है, जो मानव के अंतःकरण का परिष्कार, पर्यावरण का परिमार्जन तथा सामाजिक समरसता का सशक्त माध्यम है। वहीं, वरिष्ठ ट्रस्टी सुखपाल शर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि जनसंख्या तभी राष्ट्रीय संपदा सिद्ध होती है, जब वह शिक्षित, सुसंस्कृत, स्वावलंबी, अनुशासित एवं राष्ट्रनिष्ठ नागरिकों में रूपांतरित हो। गायत्री परिवार के संजीव कुमार शर्मा ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अनियंत्रित जनसंख्या वृद्धि प्राकृतिक संसाधनों, पर्यावरणीय संतुलन, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं रोजगार पर बहुआयामी दबाव उत्पन्न करती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नारी सशक्तिकरण, संस्कार-संपन्न परिवार व्यवस्था और आध्यात्मिक दृष्टिकोण के समन्वित प्रयासों से ही इस पर नियंत्रण संभव है। इस अवसर पर रिया, रौनक, नीतू, पायल, ऐनी, अनुष्का, राधिका, शिखा, दीपाली और शैलेश आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे और गायत्री महायज्ञ के माध्यम से जनसंख्या संतुलन एवं सांस्कृतिक पुनर्जागरण का आह्वान किया गया।1
- बदायूं के बिनावर थाना क्षेत्र के मई रजऊ गांव में शनिवार सुबह एक 19 वर्षीय युवक का शव गांव के बाहर जंगल में नीम के पेड़ से लटका मिला। इस घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची बिनावर थाना पुलिस ने आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान प्रेमपाल के 19 वर्षीय पुत्र प्रदीप के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, प्रदीप पिछले कुछ समय से मानसिक बीमारी से जूझ रहा था और उसका इलाज भी चल रहा था। उसे पहले इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था और बाद में बेहतर उपचार के लिए बरेली रेफर किया गया था, जहां से वह इलाज कराकर वापस घर लौट आया था।1
- बदायूं के दातागंज में भाजपा विधायक ने बिजली विभाग की एक बैठक आयोजित की। इस बैठक के दौरान विधायक ने क्षेत्र के स्थानीय लोगों की बिजली से संबंधित विभिन्न समस्याओं को सुना।1
- बदायूं के बिल्सी नगर में खुदाई के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, जहां एक दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में वहां काम कर रहे 5 मजदूर मलबे के नीचे दब गए। घटना के बाद राहत कार्य करते हुए मलबे में दबे सभी मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया है, जिनमें से एक मजदूर की हालत काफी गंभीर बनी हुई है। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई है और मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- बदायूं में 9:00 बजे एक बेटे ने अपने पिता की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। ब्यूरो रिपोर्ट के अनुसार, बदायूं में घटित इस सनसनीखेज वारदात में बेटे ने अपने ही पिता पर कुल्हाड़ी से वार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।1