मोहन बड़ोदिया के ग्राम बरनावद निवासी किसान सिद्दुलाल पिता दोला ने बरनावद के मालवीय मोहल्ले से बडोदी के काकड़ तक जाने वाले आम रास्ते से अतिक्रमण हटाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि यह मार्ग पहले काफी चौड़ा था, जिससे ग्रामीणों, किसानों, मवेशियों और वाहनों का आवागमन सुगमता से होता था। हालाँकि, समय के साथ रास्ते के दोनों ओर हुए अतिक्रमण के कारण यह मार्ग अब बेहद संकरा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में इस रास्ते से ट्रैक्टर सहित बड़े वाहनों को निकलने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों द्वारा तहसीलदार, एसडीएम और कलेक्टर को आवेदन दिए जा चुके हैं। राजस्व विभाग द्वारा पटवारी और ग्रामीणों की मौजूदगी में पंचनामा कार्रवाई भी की गई, लेकिन इन सभी प्रयासों के बावजूद आज तक अतिक्रमण हटाने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। रविवार को किसान सिद्दुलाल ने मीडिया से चर्चा करते हुए प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में हो रही परेशानी से तत्काल राहत मिल सके।
मोहन बड़ोदिया के ग्राम बरनावद निवासी किसान सिद्दुलाल पिता दोला ने बरनावद के मालवीय मोहल्ले से बडोदी के काकड़ तक जाने वाले आम रास्ते से अतिक्रमण हटाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि यह मार्ग पहले काफी चौड़ा था, जिससे ग्रामीणों, किसानों, मवेशियों और वाहनों का आवागमन सुगमता से होता था। हालाँकि, समय के साथ रास्ते के दोनों ओर हुए अतिक्रमण के कारण यह मार्ग अब बेहद संकरा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में इस रास्ते से ट्रैक्टर सहित बड़े वाहनों को निकलने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों द्वारा तहसीलदार, एसडीएम और कलेक्टर को आवेदन दिए जा चुके हैं। राजस्व विभाग द्वारा पटवारी और ग्रामीणों की मौजूदगी में पंचनामा कार्रवाई भी की गई, लेकिन इन सभी प्रयासों के बावजूद आज तक अतिक्रमण हटाने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। रविवार को किसान सिद्दुलाल ने मीडिया से चर्चा करते हुए प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में हो रही परेशानी से तत्काल राहत मिल सके।
- मोहन बड़ोदिया के ग्राम बरनावद निवासी किसान सिद्दुलाल पिता दोला ने बरनावद के मालवीय मोहल्ले से बडोदी के काकड़ तक जाने वाले आम रास्ते से अतिक्रमण हटाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि यह मार्ग पहले काफी चौड़ा था, जिससे ग्रामीणों, किसानों, मवेशियों और वाहनों का आवागमन सुगमता से होता था। हालाँकि, समय के साथ रास्ते के दोनों ओर हुए अतिक्रमण के कारण यह मार्ग अब बेहद संकरा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में इस रास्ते से ट्रैक्टर सहित बड़े वाहनों को निकलने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों द्वारा तहसीलदार, एसडीएम और कलेक्टर को आवेदन दिए जा चुके हैं। राजस्व विभाग द्वारा पटवारी और ग्रामीणों की मौजूदगी में पंचनामा कार्रवाई भी की गई, लेकिन इन सभी प्रयासों के बावजूद आज तक अतिक्रमण हटाने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। रविवार को किसान सिद्दुलाल ने मीडिया से चर्चा करते हुए प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की, ताकि ग्रामीणों को आवागमन में हो रही परेशानी से तत्काल राहत मिल सके।1
- आज शाजापुर और आगर जिलों में अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आर्द्रता 33% रही, जबकि पश्चिमी हवाएं औसतन 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं। आज रात को इन दोनों जिलों में आंधी के साथ गरज-चमक और वर्षा होने की संभावना जताई गई है, और आगर जिले में गरज-चमक पहले ही शुरू हो गई है।1
- शाजापुर जिले में, शासन ने 03 से 06 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों पर 01 जून से 15 जून 2026 तक 15 दिवसीय ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया है। इस घोषणा के साथ ही, कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना ने रविवार शाम 6 बजे जानकारी दी कि इस अवकाश अवधि में भी बच्चों को पोषण आहार उपलब्ध कराया जाएगा। निर्देशानुसार, जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर बच्चों को शासन द्वारा निर्धारित मीनू के अनुसार 'रेडी टू ईट' भोजन उनके घरों पर ही प्रदान किया जाएगा। यह वितरण वर्तमान में कार्यरत स्वसहायता समूहों द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के सहयोग से सुनिश्चित किया जाएगा।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शुजालपुर का दौरा कर रहे हैं, जहाँ वे करोड़ों रुपये के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात देंगे। इन सौगातों में आयुर्वेदिक महाविद्यालय का भूमि पूजन और सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण प्रमुख रूप से शामिल हैं। बताया गया है कि इन विकास कार्यों के माध्यम से शुजालपुर में रोजगार के नए आयाम स्थापित होंगे। ये सभी प्रयास उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार की पहल से शुजालपुर में चल रहे लगातार विकास कार्यों का हिस्सा हैं।1
- आगर मालवा के नवीन बस स्टैंड क्षेत्र में रविवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक विद्युत डीपी के पास स्थित गैरेज गुमटी में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और इसकी चपेट में पास की बिजली डीपी भी आ गई, जिससे ऊंची उठती लपटों के कारण पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही नगर पालिका की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और लगभग डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान, घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिसे नियंत्रित करने के लिए एसडीओपी मोतीलाल कुशवाहा सहित पुलिस बल को काफी प्रयास करने पड़े। जेसीबी की मदद से गैरेज गुमटी का सारा सामान बाहर निकाला गया। इस भीषण अग्निकांड में गैरेज संचालक सोनू माली को लाखों रुपए का भारी नुकसान हुआ है, वहीं ग्राहकों की कई मोटरसाइकिलें भी जलकर पूरी तरह नष्ट हो गईं।4
- मध्य प्रदेश के अगर मालवा जिले में हुई एक जिला स्तरीय नशा मुक्ति रैली के आकर्षण का पर्दाफाश हुआ है।1
- शाजापुर में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए लगभग 388 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। अपने संबोधन के दौरान, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर तीखा हमला करते हुए उन्हें "दो कौड़ी का प्रदेश अध्यक्ष" कहकर संबोधित किया। मुख्यमंत्री यादव ने जीतू पटवारी को "रद्दी" और "दो कौड़ी का अध्यक्ष" भी बताया। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में सियासत गर्मा गई है, जिससे मध्य प्रदेश में सियासी पारा हाई हो गया है।1
- शनिवार रात करीब 11 बजे मोहन बड़ोदिया के ग्राम मोहना और आसपास के क्षेत्रों में मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवा, आंधी-तूफान के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई, जिससे इन इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ों की शाखाएं टूटकर सड़कों पर गिर गईं, वहीं कुछ लोगों के मकानों के फाटक और टीन-शेड भी क्षतिग्रस्त हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि रात के समय अचानक चली तेज हवाओं से लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। कई घरों के बाहर रखा सामान इधर-उधर बिखर गया, और कुछ स्थानों पर पेड़ गिरने से रास्ते भी आंशिक रूप से बाधित हुए। तेज हवा के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका भी बनी रही। हालांकि, आंधी-तूफान के दौरान लोग अपने घरों में ही सुरक्षित रहे, और बूंदाबांदी से मौसम में ठंडक घुलने के कारण भीषण गर्मी से कुछ राहत भी मिली। रविवार सुबह ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त पेड़ों और टूटे हुए फाटकों को देखा तथा नुकसान का आकलन किया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि आंधी का प्रभाव और अधिक समय तक रहता तो बड़ा नुकसान हो सकता था। फिलहाल किसी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन तेज हवाओं के कारण कई लोगों को आर्थिक नुकसान अवश्य पहुंचा है। प्रशासन और बिजली विभाग द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।1