लखीमपुर खीरी जिले के दुधवा टाइगर रिजर्व की मझगईं वन रेंज अंतर्गत खालेपुरवा और रामपुर गांवों में दहशत का पर्याय बने एक बाघ को आखिरकार वन विभाग ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया है। यह कार्रवाई लंबे समय से ग्रामीणों में व्याप्त भय और आक्रोश के बीच की गई, क्योंकि इस बाघ ने इलाके में आतंक मचा रखा था। इस सफल अभियान के साथ, मझगईं लखीमपुर खीरी जिले की ऐसी पहली वन रेंज बन गई है जहाँ अब तक रिकॉर्ड तीन बाघ और कई तेंदुओं को सुरक्षित पकड़ा जा चुका है। ग्रामीणों में यह दहशत इसलिए भी गहरी थी क्योंकि कुछ दिन पहले ही इसी क्षेत्र में एक हिंसक वन्यजीव ने एक महिला को अपना निवाला बना लिया था। इस घटना के बाद ग्रामीणों में बेहद गुस्सा और भय व्याप्त था। स्थिति को देखते हुए और ग्रामीणों की लगातार मांग पर, वन विभाग ने क्षेत्र में तत्काल तीन पिंजरे स्थापित किए थे, जिनमें मवेशियों को चारे के रूप में बांधा गया था ताकि हिंसक जानवर को फंसाया जा सके। कई दिनों तक चली कड़ी और छकाती निगरानी के बाद, जैसे ही बाघ शिकार के लालच में पिंजरे के करीब पहुंचा, मौके पर पहले से तैनात डब्ल्यूटीआई के वन्यजीव पशु चिकित्सक डॉ. दयाशंकर और उनकी टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे ट्रेंकुलाइज कर दिया। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद, बाघ को सुरक्षित तरीके से मझगईं वन रेंज कार्यालय ले जाया गया है। वन अधिकारियों ने बताया कि उच्चाधिकारियों से अगले आदेश मिलने के बाद ही इस बाघ को किसी अन्य अनुकूल प्राकृतिक वास में छोड़ा जाएगा।
लखीमपुर खीरी जिले के दुधवा टाइगर रिजर्व की मझगईं वन रेंज अंतर्गत खालेपुरवा और रामपुर गांवों में दहशत का पर्याय बने एक बाघ को आखिरकार वन विभाग ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया है। यह कार्रवाई लंबे समय से ग्रामीणों में व्याप्त भय और आक्रोश के बीच की गई, क्योंकि इस बाघ ने इलाके में आतंक मचा रखा था। इस सफल अभियान के साथ, मझगईं लखीमपुर खीरी जिले की ऐसी पहली वन रेंज बन गई है जहाँ अब तक रिकॉर्ड तीन बाघ और कई तेंदुओं को सुरक्षित पकड़ा जा चुका है। ग्रामीणों में यह दहशत इसलिए भी गहरी थी क्योंकि कुछ दिन पहले ही इसी क्षेत्र में एक हिंसक वन्यजीव ने एक महिला को अपना निवाला बना लिया था। इस घटना के बाद ग्रामीणों में बेहद गुस्सा और भय व्याप्त था। स्थिति को देखते हुए और ग्रामीणों की लगातार मांग पर, वन विभाग ने क्षेत्र में तत्काल तीन पिंजरे स्थापित किए थे, जिनमें मवेशियों को चारे के रूप में बांधा गया था ताकि हिंसक जानवर को फंसाया जा सके। कई दिनों तक चली कड़ी और छकाती निगरानी के बाद, जैसे ही बाघ शिकार के लालच में पिंजरे के करीब पहुंचा, मौके पर पहले से तैनात डब्ल्यूटीआई के वन्यजीव पशु चिकित्सक डॉ. दयाशंकर और उनकी टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे ट्रेंकुलाइज कर दिया। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद, बाघ को सुरक्षित तरीके से मझगईं वन रेंज कार्यालय ले जाया गया है। वन अधिकारियों ने बताया कि उच्चाधिकारियों से अगले आदेश मिलने के बाद ही इस बाघ को किसी अन्य अनुकूल प्राकृतिक वास में छोड़ा जाएगा।
- पलिया क्षेत्र में खनन से जुड़ी एक खबर सोशल मीडिया पर साझा करना एक स्थानीय पत्रकार अमन गुप्ता को भारी पड़ गया। पत्रकार ने आरोप लगाया है कि 21 जून को व्हाट्सएप ग्रुप में खबर पोस्ट करने के बाद सम्पूर्णानगर थाना क्षेत्र के गोविंद नगर निवासी जाकिर हुसैन नामक व्यक्ति, जिसे पत्रकार ने कथित खनन माफिया बताया है, खबर से नाराज़ हो गया। पत्रकार अमन गुप्ता के मुताबिक, आरोपी जाकिर हुसैन ने उन्हें फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। आरोप है कि माफिया ने उन्हें जान से मारने के साथ-साथ अपनी पहुंच और रसूख का हवाला देते हुए झूठे मादक पदार्थ के मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी भी दी। इस घटना के बाद से मोहल्ला बाजार द्वितीय निवासी पत्रकार अमन गुप्ता और उनका परिवार भय तथा तनाव के माहौल में है, वे प्रतिदिन अपनी दुकान पर आने-जाने के दौरान भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इस मामले को लेकर स्थानीय पत्रकारों और प्रबुद्ध लोगों में भी रोष व्याप्त है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पत्रकार अमन गुप्ता ने कोतवाली पुलिस को एक प्रार्थना पत्र देकर आरोपी के खिलाफ निष्पक्ष जांच और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पुलिस से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया है। कोतवाली पुलिस ने प्रार्थना पत्र प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।2
- लखीमपुर खीरी जिले के फरदाहन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत अगर बुजुर्ग गांव में हिंदू धर्म की रीति-रिवाजों के अनुसार एक धार्मिक स्थान पर भंडारे का आयोजन चल रहा था। इसी दौरान कुछ अराजक तत्वों द्वारा उपद्रव किया गया, जिसके चलते दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। यह कहासुनी जल्द ही लड़ाई-झगड़े में बदल गई और दोनों ओर से ईंट-पत्थर चलने लगे, जिससे माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया और गांव के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और तुरंत भारी पुलिस बल तथा प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रण में लिया और किसी अप्रिय घटना को टाल दिया। मारपीट की वजह से चोटिल हुए कुछ लोगों को बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है और तनावपूर्ण स्थिति के बावजूद पुलिस की मुस्तैदी से इस मामले को सांप्रदायिक रूप लेने से रोक दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि चंद मिनटों का गुस्सा और हुड़दंग आखिर समाज के सौहार्द को क्यों बिगाड़ देता है।1
- दुधवा नेशनल पार्क की दक्षिण सोनारीपुर रेंज में भीषण गर्मी के बीच स्वच्छंद विचरण के लिए छोड़े गए गैंडों को जल विहार करते हुए देखा गया। जंगल सफारी पर आए सैलानियों ने इस अद्भुत नजारे को अपने कैमरों में कैद किया। इसके बाद, इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर भी साझा किया गया।1
- बिजनौर जिले के धामपुर स्थित ओलिवा मोटो गेयर आयल एंड लुब्रिकेंट कंपनी पर पलिया के एक एजेंसी संचालक ने लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री पोर्टल सहित विभिन्न उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर कंपनी का लाइसेंस निरस्त करने और कंपनी संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर बकाया धनराशि वापस दिलाने की मांग की है। पलिया निवासी आशीष नंदन गुप्ता ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने अक्टूबर 2025 में धामपुर की ओलिवा मोटो गेयर आयल एंड लुब्रिकेंट कंपनी की एजेंसी ली थी। एजेंसी के लिए उन्होंने 50 हजार रुपये बतौर सिक्योरिटी जमा किए थे, जिसके बदले कंपनी ने उन्हें करीब 2 लाख 35 हजार रुपये का माल उपलब्ध कराया। आशीष गुप्ता का आरोप है कि प्राप्त हुआ सारा माल क्षतिग्रस्त (डेमेज) था और बिक्री योग्य नहीं निकला। उनके अनुसार, जब उन्होंने कंपनी मालिक रईस खान से माल वापस लेने और धनराशि लौटाने की मांग की, तो उनसे 60 हजार 600 रुपये और जमा करने को कहा गया, यह कहते हुए कि नए माल के साथ ही क्षतिग्रस्त माल वापस ले लिया जाएगा। आशीष गुप्ता ने रईस खान के कहने पर यह अतिरिक्त धनराशि भी जमा कर दी, लेकिन आरोप है कि उन्हें इन पैसों का भी माल नहीं भेजा गया और रईस खान ने आज तक न तो क्षतिग्रस्त माल वापस लिया और न ही उनके रुपये लौटाए। आशीष गुप्ता ने बताया कि उन्होंने एजेंसी लेने के लिए कर्ज लिया था और इस धोखाधड़ी के कारण उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, जिससे उनका परिवार आर्थिक संकट में है और बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित हो रही है। इसी मामले में कंपनी से जुड़े सेल्समैन तरुण गुप्ता ने भी शिकायत की है। उनका आरोप है कि कंपनी ने उन्हें प्रति माह 13 हजार रुपये वेतन देने का आश्वासन दिया था, लेकिन केवल एक माह का वेतन देने के बाद भुगतान बंद कर दिया गया और उसके बाद उन्हें कोई वेतन नहीं मिला है। दोनों पीड़ितों ने मुख्यमंत्री पोर्टल सहित संबंधित विभागों और उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कंपनी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने, कंपनी का लाइसेंस निरस्त कराने तथा कंपनी संचालक रईस खान के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उनकी बकाया धनराशि वापस दिलाने की मांग की है।4
- उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के अग्गर बुजुर्ग में दो समुदायों के बीच ईटा-पत्थर चले। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, जिसने स्थिति को नियंत्रित कर शांति व्यवस्था कायम की। पुलिस ने अपनी ओर से मुकदमा दर्ज करते हुए इस मामले में चार उपद्रवियों को गिरफ्तार भी कर लिया है।1
- लखीमपुर खीरी जिले के अग्गरबुजुर्ग गाँव में बीते दिन हुए बवाल के बाद स्थानीय पुलिस पूरी तरह से अलर्ट पर है। इस मामले में उपद्रवियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है और चार लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। यह विवाद कल अग्गरबुजुर्ग गाँव में छटी के एक जुलूस के दौरान शुरू हुआ था। पुलिस की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई के चलते एक बड़ा हादसा होने से टल गया।1
- लखीमपुर खीरी में डॉ. रवि शंकर त्रिवेदी के मकान के सामने लगे बिजली के खंभे के तारों में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि तार धू-धू कर जलने लगे। इस घटना के बाद, मौके पर मौजूद आस-पड़ोस के लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया।1