मध्य प्रदेश के सतना जिले में सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण का मामला सुलझने का नाम नहीं ले रहा है, क्योंकि सीमांकन के आवेदन बड़ी संख्या में लंबित हैं और इस प्रक्रिया में भारी लापरवाही सामने आई है। इस स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं कि सीमांकन के लिए टीम गठित होने के बावजूद विभागीय अधिकारियों को इतनी परेशानी क्यों हो रही है, और बार-बार आश्वासन दिए जाने के बाद भी टीम की इच्छाशक्ति कमजोर क्यों दिखाई दे रही है। आरोप है कि अतिक्रमणकारी खुलेआम राजस्व विभाग को ठेंगा दिखा रहे हैं। समाजसेवी और भाजमोपा के जितेंद्र राय के अनुसार, वे मौजा कुरपुरा, तहसील उचेहरा, जिला सतना के आ.नं. 304, 305 इत्यादि के अनुबंध ग्रहीता हैं। भू-स्वामी द्वारा उचेहरा तहसील में तहसीलदार को आवेदन देकर सीमांकन के लिए टीम गठित करवाई गई थी। हालांकि, पटवारी द्वारा लगातार संपर्क करने के बावजूद, उनके खेत तक जाने वाली शासकीय कच्ची सड़क 'लापता' हो गई है और माप-जोख में लगातार समय दिया जा रहा है। पटवारी अमर सिंह पर गंभीर आरोप है कि वे इस माप-जोख में कोई 'नया गेम' करने का प्रयास कर रहे हैं। अतिक्रमणकारियों ने पूरे रास्ते को ही जोत डाला है, जिससे किसानों को इस पार से उस पार आने-जाने में भारी बाधा हो रही है। किसानों का कहना है कि सरकारी ढर्रे को बंद नहीं किया जा सकता और न ही जोता जा सकता है, जो अपराध की श्रेणी में आता है। इसके बावजूद, पटवारी जानबूझकर वर्षा की प्रतीक्षा कर रहे हैं और तहसीलदार के आदेश के विरुद्ध षडयंत्र करते हुए नाप नहीं कर रहे हैं। जबकि जमीन के सीमांकन (नापी) के लिए आमतौर पर 30 से 45 कार्य दिवसों की समय-सीमा निर्धारित होती है, और खेतों में फसल न होने पर यह प्रक्रिया कुछ ही घंटों में पूरी हो जाती है, फिर भी कई सीमांकन आवेदन वर्षों से अटके हुए हैं। विडंबना तो इस बात की है कि कुछ मामलों में उच्च न्यायालय के आदेश और निर्देश के बावजूद भी अधिकारी उनकी सुनवाई नहीं कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश के सतना जिले में सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण का मामला सुलझने का नाम नहीं ले रहा है, क्योंकि सीमांकन के आवेदन बड़ी संख्या में लंबित हैं और इस प्रक्रिया में भारी लापरवाही सामने आई है। इस स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं कि सीमांकन के लिए टीम गठित होने के बावजूद विभागीय अधिकारियों को इतनी परेशानी क्यों हो रही है, और बार-बार आश्वासन दिए जाने के बाद भी टीम की इच्छाशक्ति कमजोर क्यों दिखाई दे रही है। आरोप है कि अतिक्रमणकारी खुलेआम राजस्व विभाग को ठेंगा दिखा रहे हैं। समाजसेवी और भाजमोपा के जितेंद्र राय के अनुसार, वे मौजा कुरपुरा, तहसील उचेहरा, जिला सतना के आ.नं. 304, 305 इत्यादि के अनुबंध ग्रहीता हैं। भू-स्वामी द्वारा उचेहरा तहसील में तहसीलदार को आवेदन देकर सीमांकन के लिए टीम गठित करवाई गई थी। हालांकि, पटवारी द्वारा लगातार संपर्क करने के बावजूद, उनके खेत तक जाने वाली शासकीय कच्ची सड़क 'लापता' हो गई है और माप-जोख में लगातार समय दिया जा रहा है। पटवारी अमर सिंह पर गंभीर आरोप है कि वे इस माप-जोख में कोई 'नया गेम' करने का प्रयास कर रहे हैं। अतिक्रमणकारियों ने पूरे रास्ते को ही जोत डाला है, जिससे किसानों को इस पार से उस पार आने-जाने में भारी बाधा हो रही है। किसानों का कहना है कि सरकारी ढर्रे को बंद नहीं किया जा सकता और न ही जोता जा सकता है, जो अपराध की श्रेणी में आता है। इसके बावजूद, पटवारी जानबूझकर वर्षा की प्रतीक्षा कर रहे हैं और तहसीलदार के आदेश के विरुद्ध षडयंत्र करते हुए नाप नहीं कर रहे हैं। जबकि जमीन के सीमांकन (नापी) के लिए आमतौर पर 30 से 45 कार्य दिवसों की समय-सीमा निर्धारित होती है, और खेतों में फसल न होने पर यह प्रक्रिया कुछ ही घंटों में पूरी हो जाती है, फिर भी कई सीमांकन आवेदन वर्षों से अटके हुए हैं। विडंबना तो इस बात की है कि कुछ मामलों में उच्च न्यायालय के आदेश और निर्देश के बावजूद भी अधिकारी उनकी सुनवाई नहीं कर रहे हैं।
- सफेद रेत का 'काला कारोबार' खुलेआम संचालित हो रहा है, जहाँ डंपर एक ही रॉयल्टी पर कई चक्कर लगा रहे हैं, और कुछ वाहन तो दिनदहाड़े खुलेआम बिना किसी रॉयल्टी के चल रहे हैं। जनहित को देखते हुए इस गंभीर मामले में कलेक्टर से ध्यान देने की अपील की गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, केवलारी से जिला नीमच मुख्यालय तक 745 किलोमीटर की रॉयल्टी काटी जा रही है। यह स्थिति कई सवाल खड़े करती है, खासकर तब जब जिला नीमच के आस-पास राजस्थान में 200-250 किलोमीटर की दूरी पर भी कई रेत खदानें उपलब्ध हैं। इतनी अधिक दूरी से रॉयल्टी काटे जाने पर गंभीर संदेह व्यक्त किया जा रहा है।1
- पन्ना जिले के ककरहटी नाला पार स्थित गर्ग परिवार द्वारा आयोजित सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आज अंतिम दिन था। इस पावन अवसर पर, सैकड़ों की संख्या में भक्तजनों ने भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त किया। कथा के समापन के बाद, कल कन्या भोज के साथ एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।1
- पन्ना में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान, भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस सदैव सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्था और विकास कार्यों के खिलाफ रही है। उन्होंने कहा कि जिस तरह कांग्रेस ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का विरोध किया था, उसी प्रकार अब पन्ना में निर्माणाधीन जुगल किशोर जू लोक के विरुद्ध भी दुष्प्रचार किया जा रहा है। श्री सिंह के अनुसार, कांग्रेस की इस 'सनातन और विकास विरोधी मानसिकता' के कारण जनता ने उसे नकार दिया है। पूर्व मंत्री ने बताया कि भाजपा सरकार देश और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और विकसित करने का ऐतिहासिक कार्य कर रही है, जिसके तहत वर्षों से उपेक्षित धार्मिक स्थलों का पुनरोद्धार कर उन्हें विश्वस्तरीय स्वरूप दिया जा रहा है। उन्होंने मध्यप्रदेश में राम राजा लोक, देवी महालोक, अहिल्या लोक, परशुराम लोक, पीतांबरा महालोक, हनुमान लोक, महाराणा प्रताप लोक, मां नर्मदा महालोक और पन्ना के जुगल किशोर जू लोक सहित अनेक सांस्कृतिक परियोजनाओं पर तेजी से चल रहे कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जुगल किशोर जू लोक के निर्माण के बाद पन्ना केवल हीरों और टाइगर रिजर्व के लिए ही नहीं, बल्कि एक बड़े धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में भी राष्ट्रीय पहचान प्राप्त करेगा, जिससे स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग, परिवहन, गाइड सेवा, हस्तशिल्प और छोटे कारोबारियों को सीधा लाभ मिलेगा। श्री सिंह ने उज्जैन के महाकाल लोक का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले कांग्रेस ने इसका भी विरोध किया था, लेकिन आज महाकाल लोक ने उज्जैन को विश्व पर्यटन मानचित्र पर स्थापित कर दिया है और हजारों लोगों को रोजगार मिला है। इसी प्रकार, जुगल किशोर जू लोक भी पन्ना के विकास का नया अध्याय लिखेगा, जिससे सड़क, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग, यात्री सुविधाओं और शहर के सौंदर्यीकरण में व्यापक सुधार होगा। उन्होंने बताया कि जुगल किशोर जू पन्ना की प्राचीन आस्था और सांस्कृतिक धरोहर के प्रतीक हैं, और उनकी महिमा को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आगामी दिनों में भव्य धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। इसी क्रम में, 15 जुलाई से 29 जुलाई 2026 तक श्रीमद्भागवत कथा, भक्तमाल कथा और गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। कथा का आयोजन प्रतिदिन शाम 4 बजे से 7 बजे तक होगा, जिसके बाद रात्रि में भव्य भजन संध्या आयोजित की जाएगी। इस धार्मिक महोत्सव में पूज्य गुरुदेव श्री राजेन्द्र दास जी महाराज के सान्निध्य में देशभर के प्रतिष्ठित संत-महात्माओं का आगमन प्रस्तावित है, जिनमें स्वामी रामप्रवेश दास जी महाराज, श्रुतिहंस दास जी देवाचार्य महाराज, संत कुमार दास जी महाराज, रविशंकर जी महाराज, राम अनुग्रह दास जी महाराज, अलबेली शरण जी महाराज, धीरेन्द्र शास्त्री जी महाराज, इन्द्रेश उपाध्याय जी महाराज सहित कई अन्य संत शामिल हैं। भजन संध्या में प्रसिद्ध भजन गायक चित्र-विचित्र जी महाराज, साध्वी पूर्णिमा दीदी, अमित दुबे और साथी, गोपाल श्रीवास्तव और साथी जैसे कलाकार प्रस्तुति देंगे, जबकि पंडित कुंजबिहारी शर्मा द्वारा रासलीला का भी आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन से पहले एक भव्य कलश यात्रा भी निकाली जाएगी। पूर्व मंत्री श्री सिंह ने बताया कि इन आयोजनों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और देशभर के संतों को आमंत्रण भेजे जा रहे हैं। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि यह आयोजन पन्ना की धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करेगा, इसलिए सभी नागरिक इसमें सहभागी बनें। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह सोशल मीडिया के माध्यम से जुगल किशोर जू लोक और धार्मिक आयोजनों के खिलाफ दुष्प्रचार कर रही है। श्री सिंह ने कहा कि यदि किसी को किसी निर्माण कार्य पर आपत्ति है तो उसे वैधानिक प्रक्रिया के तहत प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए, न कि बिना तथ्यों के आरोप लगाकर जनता को भ्रमित करना चाहिए। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कांग्रेस ने पूर्व में भी महाराजा छत्रसाल की प्रतिमा स्थापना, तालाबों के सौंदर्यीकरण और स्टेडियम निर्माण सहित अन्य विकास कार्यों का विरोध किया था, जिसके कारण जनता अब उनकी मानसिकता को भलीभांति समझ चुकी है और कांग्रेस लगातार जनसमर्थन खो रही है। प्रेस वार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष बृजेन्द्र मिश्रा सहित कई अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, और उन्होंने जिलेवासियों से धार्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया।4
- बाँदा जनपद की बबेरू कोतवाली पुलिस ने एक ढोंगी तांत्रिक को गिरफ्तार किया है। इस तांत्रिक पर एक नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी तांत्रिक को पकड़कर जेल भेज दिया है।1
- पन्ना की धरती ने एक बार फिर अपनी विशेषता दिखाते हुए एक किसान परिवार की किस्मत चमकाई है। इस घटनाक्रम में, उस परिवार को 6.54 कैरेट का एक हीरा मिला है, जिससे उनकी तकदीर बदल गई है।1
- मध्य प्रदेश के मैहर जिले में एक सरकारी तालाब के गहराकरण को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो इंटरव्यू में, एक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि "सरकारी तालाब" के नाम पर निजी स्वार्थ सिद्ध किए जा रहे हैं। उनका दावा है कि तालाब से खोदी गई मिट्टी का उपयोग निजी कार्यों के लिए किया जा रहा है, जिससे तालाब के जल संवर्धन और जनहित के मूल उद्देश्य का दुरुपयोग हो रहा है। ग्रामीणों ने भी इन आरोपों का समर्थन करते हुए सरकारी तालाब के इस इस्तेमाल पर अपनी आपत्ति जताई है। इंटरव्यू में यह भी बताया गया है कि तालाब की खुदाई में लगी जेसीबी का भुगतान सरकारी प्रक्रिया के बजाय निजी तौर पर किया जा रहा है, जो इस पूरे कार्य की पारदर्शिता पर सवाल उठाता है। स्थानीय निवासियों और इंटरव्यू देने वाले व्यक्ति ने इस पूरे मामले के मूल्यांकन की मांग की है, ताकि इसमें जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन से यह भी मांग की गई है कि मामले की गहन जांच हो और यदि तालाब की खुदाई की जा रही है, तो वह केवल नियमानुसार और जनहित में ही होनी चाहिए, न कि किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए। हालांकि, इस पूरे विवाद पर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।1
- पन्ना जिले की राजनीति में कांग्रेस को उस समय एक बड़ा झटका लगा, जब कांग्रेस की वरिष्ठ महिला नेता और महिला उत्पीड़न निवारण प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष श्रीमती सुप्रिया बुंदेला ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। श्रीमती बुंदेला पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष एवं ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष के परिवार से संबंधित हैं, जिससे उनके इस कदम को राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। श्रीमती सुप्रिया बुंदेला कांग्रेस के महिला उत्पीड़न निवारण प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष होने के साथ-साथ अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की भी जिला अध्यक्ष का दायित्व निभा रही थीं। लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहीं श्रीमती बुंदेला ने भाजपा की नीतियों, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व तथा केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रभावित होकर भाजपा का दामन थामा है। भाजपा में शामिल होने पर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि उनके आने से संगठन को मजबूती मिलेगी और महिला वर्ग सहित समाज के विभिन्न वर्गों में भाजपा का जनाधार विस्तारित होगा। पार्टी नेताओं ने विश्वास जताया कि श्रीमती बुंदेला के अनुभव एवं सामाजिक सक्रियता का लाभ संगठन को मिलेगा। सदस्यता ग्रहण करने के बाद श्रीमती बुंदेला ने कहा कि देश और प्रदेश में विकास, सुशासन एवं जनकल्याण की स्थापित हुई नई कार्य संस्कृति से प्रभावित होकर ही उन्होंने भाजपा ज्वाइन की है, जो राष्ट्रहित, महिला सशक्तिकरण और समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जिले में कांग्रेस की एक सक्रिय महिला पदाधिकारी का भाजपा में शामिल होना आगामी राजनीतिक समीकरणों पर प्रभाव डाल सकता है। वहीं, भाजपा नेताओं ने इसे संगठन की विचारधारा और विकास कार्यों पर जनता के बढ़ते विश्वास का प्रमाण बताया है। इस घटनाक्रम को जिले की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।4
- मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में ऑक्सीज़न सपोर्ट पर एक महिला मरीज, जिसकी तीन माह की नवजात बेटी भी साथ थी, को जिला अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस रास्ते में ही खराब हो गई। दरअसल, एंबुलेंस का टायर रास्ते में फट गया था, और विडंबना यह कि इसमें कोई स्टेपनी भी उपलब्ध नहीं थी। इसके अतिरिक्त, वाहन का AC भी खराब पड़ा था। इस गंभीर स्थिति में, मरीज की जान बचाने के लिए हाथों से हवा करके उसे सुरक्षित रखने की भरसक कोशिश की जा रही है। यह घटना मध्य प्रदेश में 108 एंबुलेंस सेवाओं की दयनीय 'तबियत' को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। बताया गया है कि 'अमृत काल' में भी एंबुलेंस के टायर फट रहे हैं या पंचर हो रहे हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों की जान लगातार जोखिम में बनी हुई है।4
- पुलिस ने तीन ऐसे अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है जो साधु-संत का भेष धारण कर लोगों को धन दोगुना करने का लालच देकर चोरी और टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम देते थे।1