मानपुर की अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) हरनीत कौर कलसी ने बीते 17 मई को ग्राम झाल में सोन नदी स्थित झाल घाट का निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने पाया कि नाव संचालक ग्राम झाल से ग्राम विजयशोता तक नावें चला रहे थे। निरीक्षण के दौरान, सुश्री कलसी ने सुरक्षा व्यवस्थाओं और मानकों की समीक्षा करते हुए नाव संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी नावों में यात्रियों की संख्या के अनुरूप पर्याप्त लाइफ सेविंग जैकेट उपलब्ध रहना और यात्रियों द्वारा उन्हें पहनना अनिवार्य है। साथ ही, नावों में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को किसी भी स्थिति में नहीं बैठाया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्षाकाल के दौरान नदी में नावों का संचालन पूर्णतः बंद रहेगा। हालांकि, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मानपुर एसडीएम द्वारा जारी इन निर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इस पर सवाल उठाया गया है कि क्या जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक जांच कर दोषी नाव संचालकों के ऊपर कठोर कार्रवाई करने की पहल करेंगे, ताकि लोगों की जान के साथ खिलवाड़ को रोका जा सके। जानकारी देने वाले स्रोत इस वीडियो की पुष्टि नहीं करते हैं, लेकिन अपील करते हैं कि जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी और वरिष्ठ अधिकारी दोषियों के ऊपर कठोर कार्रवाई करने के लिए पहल करें।
मानपुर की अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) हरनीत कौर कलसी ने बीते 17 मई को ग्राम झाल में सोन नदी स्थित झाल घाट का निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने पाया कि नाव संचालक ग्राम झाल से ग्राम विजयशोता तक नावें चला रहे थे। निरीक्षण के दौरान, सुश्री कलसी ने सुरक्षा व्यवस्थाओं और मानकों की समीक्षा करते हुए नाव संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी नावों में यात्रियों की संख्या के अनुरूप पर्याप्त लाइफ सेविंग जैकेट उपलब्ध रहना और यात्रियों द्वारा उन्हें पहनना अनिवार्य है। साथ ही, नावों में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को किसी भी स्थिति में नहीं बैठाया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट
किया कि वर्षाकाल के दौरान नदी में नावों का संचालन पूर्णतः बंद रहेगा। हालांकि, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मानपुर एसडीएम द्वारा जारी इन निर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इस पर सवाल उठाया गया है कि क्या जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक जांच कर दोषी नाव संचालकों के ऊपर कठोर कार्रवाई करने की पहल करेंगे, ताकि लोगों की जान के साथ खिलवाड़ को रोका जा सके। जानकारी देने वाले स्रोत इस वीडियो की पुष्टि नहीं करते हैं, लेकिन अपील करते हैं कि जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी और वरिष्ठ अधिकारी दोषियों के ऊपर कठोर कार्रवाई करने के लिए पहल करें।
- मानपुर की अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) हरनीत कौर कलसी ने बीते 17 मई को ग्राम झाल में सोन नदी स्थित झाल घाट का निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने पाया कि नाव संचालक ग्राम झाल से ग्राम विजयशोता तक नावें चला रहे थे। निरीक्षण के दौरान, सुश्री कलसी ने सुरक्षा व्यवस्थाओं और मानकों की समीक्षा करते हुए नाव संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी नावों में यात्रियों की संख्या के अनुरूप पर्याप्त लाइफ सेविंग जैकेट उपलब्ध रहना और यात्रियों द्वारा उन्हें पहनना अनिवार्य है। साथ ही, नावों में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को किसी भी स्थिति में नहीं बैठाया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्षाकाल के दौरान नदी में नावों का संचालन पूर्णतः बंद रहेगा। हालांकि, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मानपुर एसडीएम द्वारा जारी इन निर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इस पर सवाल उठाया गया है कि क्या जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक जांच कर दोषी नाव संचालकों के ऊपर कठोर कार्रवाई करने की पहल करेंगे, ताकि लोगों की जान के साथ खिलवाड़ को रोका जा सके। जानकारी देने वाले स्रोत इस वीडियो की पुष्टि नहीं करते हैं, लेकिन अपील करते हैं कि जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी और वरिष्ठ अधिकारी दोषियों के ऊपर कठोर कार्रवाई करने के लिए पहल करें।2
- धार पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती पारुल वेलापुरकर के निर्देश पर कानवन पुलिस ने संपत्ति संबंधी अपराधियों की धरपकड़ के लिए बड़ी कार्रवाई की है। एसडीओपी अरविंद सिंह तोमर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी रविंद्र कुमार बारिया और उनकी टीम ने गुजरात के खेड़ा जिले के वागजीपुर ग्राम से चोरी हुए एक आईसर वाहन को जब्त करते हुए मनीष उर्फ उमेश और रवि नामक दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को बुधवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति चोरी का आईसर वाहन बेचने के लिए सादलपुर की तरफ से नागदा-कानवन की ओर आ रहे हैं। इस सूचना पर कानवन टीम ने मनासा फाटा, महू-नीमच फोर लेन रोड पर नाकाबंदी कर एक आईसर वाहन को रोका, जिसमें सवार दोनों व्यक्तियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया। वाहन की नंबर प्लेट GJ 07 TU 7123 दर्ज थी। पूछताछ में आरोपी वाहन के वैध दस्तावेज या ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित कोई जानकारी नहीं दे पाए, जिससे उनकी बातें संदिग्ध प्रतीत हुईं। पुलिस ने वाहन के असली मालिक का पता लगाया, जिसके बाद आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने यह आईसर वाहन गुजरात के खेड़ा जिले के अतरसुमा से चुराया था। अतरसुमा पुलिस को भी इस संबंध में अवगत कराया गया है। कानवन पुलिस ने मौके पर ही आईसर वाहन जब्त कर थाना कानवन में सिलसिला क्रमांक 1/2026, धारा 35(1-ii), 106 बीएनएसएस और 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर आरोपी रवि और उमेश को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में मनीष उर्फ उमेश (पिता लाखन ओसारी, जाति भील, उम्र 19 साल, निवासी वार्ड क्रमांक 15 रुंणजी गौतमपुरा, थाना गौतमपुरा, जिला इंदौर) और रवि (पिता कैलाश, जाति भील, उम्र 25 साल, निवासी ग्राम खंडवा, थाना सागौर, जिला धार) शामिल हैं। आरोपी मनीष उर्फ उमेश के खिलाफ थाना बड़नगर, जिला उज्जैन में अपराध क्रमांक 351/2024, धारा 309(6) बीएनएस के तहत पहले से ही एक प्रकरण दर्ज है। आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है, जहाँ उनसे अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों के संबंध में पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड प्राप्त किया जाएगा। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक रविंद्र कुमार बारिया, प्रधान आरक्षक रामेन्द्रसिंह चौहान, आरक्षक नवीन राठौड़, आरक्षक भगवती चौहान, आरक्षक अजयपालसिंह राठौर, आरक्षक संजय शिवहरे और पूरी कानवन टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।2
- इंदौर शहर में गहराते जल संकट के बीच, जहाँ जनता पानी की एक-एक बूंद के लिए त्रस्त है, वहीं महापौर के बंगले के बाहर ब्लॉक्स धोने में बड़े पैमाने पर पानी बहाया जा रहा है। शहर में जल संकट की स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि कई इलाकों में लोग पानी के टैंकरों के पीछे दौड़ने को मजबूर हैं, और इस समस्या को लेकर प्रदर्शन एवं चक्का जाम तक की नौबत आ चुकी है। ऐसे में महापौर के बंगले पर पानी की यह कथित बर्बादी जनता की परेशानी को और बढ़ा रही है।1
- इंदौर के गीता भवन सत्संग सभागृह में मातुश्री श्रीमती कमलादेवी-बाबूलाल मंगल की पुण्य स्मृति में चल रहे श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव के चतुर्थ दिवस पर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी भास्करानंद ने राम एवं कृष्ण के महत्व को प्रतिपादित किया। उन्होंने अपने दिव्य विचारों में कहा कि राम और कृष्ण के बिना भारत भूमि की कल्पना भी संभव नहीं है, क्योंकि राम नाम की भक्ति समूचे ब्रह्माण्ड में व्याप्त है और कृष्ण भक्ति का माधुर्य आज भी विश्व को प्रेम और रस के बंधन में बांधे हुए है। स्वामी भास्करानंद ने इतिहास का स्मरण दिलाते हुए कहा कि यह संग्रह करने वालों को नहीं, बल्कि त्याग करने वालों को याद रखता है। उन्होंने भौतिकवाद की चकाचौंध में सनातन संस्कृति को भूलने की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त करते हुए भागवत जैसे धर्म ग्रंथों को सही दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग बताया। बुधवार को पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में आयोजित इस कथा में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया। कथा प्रसंगानुसार जैसे ही बाबा नंद, नन्हे कृष्ण को फूलों से सजी टोकरी में लेकर कथा स्थल पहुंचे, पूरा सभागृह भगवान श्रीकृष्ण के जयघोष और “नंद में आनंद भयो” भजन पर झूम उठा। साध्वी कृष्णानंद द्वारा प्रस्तुत मधुर भजनों ने भी भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान पुष्प वर्षा के बीच माखन-मिश्री की मटकियां फोड़ी गईं, कथा स्थल को गुब्बारों से सजाया गया और बच्चों के बीच टॉफी-बिस्किट, माखन-मिश्री एवं पंजेरी का प्रसाद बांटा गया। कथा शुभारंभ से पहले व्यासपीठ का पूजन प्रमुख संयोजक संजय-किरण मंगल सहित कई अन्य समाजसेवियों और गणमान्य व्यक्तियों ने किया, वहीं संध्या में वीर बगीची के महामंडलेश्वर श्री पवनानंद जी महाराज ने भी व्यासपीठ का पूजन किया, जिसके बाद आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी भास्करानंद ने साल, श्रीफल और दुपट्टे से उनका अभिनन्दन किया। स्वामी भास्करानंद ने कृष्ण जन्मोत्सव की व्याख्या करते हुए आधुनिक जीवनशैली पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज हम भौतिकवाद में फंसकर अंतर्मन की शांति खो रहे हैं, जिसके कारण आज 10 साल का बच्चा भी डिप्रेशन का शिकार हो रहा है। उन्होंने प्रकृति के विनाश और परमाणु बम जैसी शक्तियों के निर्माण पर चिंता व्यक्त करते हुए विज्ञान और अध्यात्म के बीच समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कथा संयोजक संजय मंगल ने बताया कि यह कथा प्रतिदिन दोपहर 3:30 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगी और 30 मई को इसका समापन होगा। इसके दौरान विभिन्न उत्सव मनाए जाएंगे, जिसमें गुरुवार (28 मई) को बाल लीला, 56 भोग और गोवर्धन पूजा, 29 मई को रुक्मणी विवाह और समापन दिवस (30 मई) पर सुदामा चरित्र के बाद फूलों की होली खेली जाएगी।1
- सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता और हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की राष्ट्रीय अध्यक्ष रंजना अग्निहोत्री बुधवार को धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला पहुंचीं, जहाँ उन्होंने पहले श्री धारेश्वर मंदिर में दर्शन-पूजन किया और फिर माँ सरस्वती के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने घोषणा की कि आगामी छह महीने के भीतर जिले के चर्चित विजय मंदिर-लाट मस्जिद मामले को लेकर भी याचिका दायर की जाएगी। उनके साथ हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के प्रदेश अध्यक्ष आशीष जनक, इंदौर हाईकोर्ट के अधिवक्ता विनय जोशी और आशीष गोयल सहित संगठन के कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। रंजना अग्निहोत्री ने बताया कि हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस द्वारा देशभर में 200 से अधिक याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं, जिनमें कृष्ण जन्मभूमि, काशी विश्वनाथ, मां श्रृंगार गौरी मंदिर और भोजशाला जैसे कई प्रमुख मामले शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन सभी प्रकरणों में उनका मुख्य उद्देश्य धर्म और संस्कृति का संरक्षण रहा है। विजय मंदिर-लाट मस्जिद स्थल को लेकर उन्होंने बताया कि यह भी एक विवादित धार्मिक स्थल है, जहाँ हिंदू समाज इसे विजय मंदिर कहता है जबकि मुस्लिम समाज इसे लाट मस्जिद मानता है। मुस्लिम समाज साल में दो बार ईद और बकरा ईद पर यहाँ नमाज अदा करता है, वहीं हिंदू समाज विजयदशमी पर पूजा-अर्चना करता है। भोजशाला आंदोलन और उससे संबंधित न्यायालय के निर्णय पर टिप्पणी करते हुए रंजना अग्निहोत्री ने जोर दिया कि किसी भी ऐतिहासिक निर्णय का श्रेय केवल एक व्यक्ति या संगठन को नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि भोजशाला की ऐतिहासिक विजय सामूहिक प्रयास, समाज के सहयोग और एक लंबी कानूनी प्रक्रिया का परिणाम है। उनकी भोजशाला में मौजूदगी और विजय मंदिर-लाट मस्जिद मामले को लेकर दिए गए संकेतों के बाद जिले में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।2
- धार जिले के धामनोद में बुधवार रात एबी रोड पर एक चलते 14 चक्का ट्राले में अचानक आग लग गई। मुंबई से पुराने टायर भरकर ग्वालियर जा रहा यह ट्राला हिमालय स्कूल के सामने आइशर शोरूम के पास हुई इस घटना में पूरी तरह जलकर खाक हो गया। इस भीषण आग के कारण एबी रोड के दोनों तरफ वाहनों की आवाजाही पूरी तरह थम गई, जिससे करीब 2 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दूर से ही धुएं का गुबार देखा जा सकता था। राहत की बात यह रही कि ट्राला चालक ने समय रहते आग को भांपकर वाहन से कूदकर अपनी जान बचा ली। सूचना के बाद जाम के कारण धामनोद फायर ब्रिगेड को मौके पर पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, और उनके पहुंचने तक वाहन का अधिकांश हिस्सा जल चुका था। फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। धामनोद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और क्रेन की मदद से जले हुए वाहन को किनारे कर यातायात बहाल कराया। पुलिस ने बताया कि आग लगने का प्राथमिक कारण अभी स्पष्ट नहीं है, और इस मामले में विस्तृत जांच की जा रही है।2