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मुरैना के गोपालपुरा में वार्ड नंबर 40 के सीवर चैंबर में भैंसों का गोबर आने से वह चोक हो गया है। इस कारण चैंबर से गोबर मिला पानी घरों में घुस रहा है, जिससे स्थानीय लोग बेहद परेशान हैं।
Kamlesh mahor
मुरैना के गोपालपुरा में वार्ड नंबर 40 के सीवर चैंबर में भैंसों का गोबर आने से वह चोक हो गया है। इस कारण चैंबर से गोबर मिला पानी घरों में घुस रहा है, जिससे स्थानीय लोग बेहद परेशान हैं।
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- मुरैना के गोपालपुरा में वार्ड नंबर 40 के सीवर चैंबर में भैंसों का गोबर आने से वह चोक हो गया है। इस कारण चैंबर से गोबर मिला पानी घरों में घुस रहा है, जिससे स्थानीय लोग बेहद परेशान हैं।1
- Post by OM PRAKASH1
- धौलपुर जिले के राजाखेड़ा उपखंड के खनपुरा गांव में कल ऊर्जा संरक्षण पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम होगा। इसमें ग्रामीणों को बिजली बचत के आसान उपाय और सुरक्षित उपयोग की जानकारी दी जाएगी। यह अभियान प्रधानमंत्री की अपील को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कदम है।1
- धौलपुर के बसईनवाब में राजस्थान शिक्षक संघ राधाकृष्णन की नई ब्लॉक कार्यकारिणी का गठन किया गया है। इसमें बासुदेव प्रसाद त्यागी को सर्वसम्मति से ब्लॉक अध्यक्ष मनोनीत किया गया। नई टीम ने शिक्षकों और छात्रों के हितों के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया है।1
- राजस्थान में विधायक रोहित बोहरा ने सरकार पर चंबल बजरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में ठीक से पैरवी न करने का आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, इस कारण हजारों परिवार बेरोजगार हुए हैं और किसानों को भी बेवजह परेशान किया जा रहा है। विधायक ने भाजपा नेताओं पर पत्थर उद्योग बंद कराने का आरोप भी लगाया।1
- राजस्थान के धौलपुर में चम्बल बजरी के अवैध खनन पर प्रभावी कार्रवाई शुरू हुई है। राष्ट्रीय चम्बल सेंचुरी क्षेत्र में जलीय जीवों के संरक्षण हेतु 27 प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।1
- धौलपुर-राजाखेड़ा विधायक रोहित बोहरा ने राजस्थान सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार में ‘कोई धनाधोरी नहीं’ है, जिसके चलते चंबल बजरी से जुड़े हजारों परिवार बेरोजगार हो गए हैं और पत्थर उद्योग भी बंद हो गया है। बोहरा ने सुप्रीम कोर्ट में सरकार की कमजोर पैरवी और जीपीआरएस से किसानों की परेशानी को भी उठाया।1
- राजस्थान के धौलपुर जिले में चंबल नदी से अवैध बजरी खनन और परिवहन पर लगाम कसने के लिए पुलिस ने कमर कस ली है। अब 27 प्रमुख मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे और 16 घाटों पर मोबाइल गश्ती दल 24 घंटे निगरानी रखेंगे। इसका उद्देश्य पर्यावरण और जलीय जीवों की सुरक्षा के साथ दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना है।1