*प्राइम न्यूज़ इंडिया: विशेष रिपोर्ट* मैं हूँ मोहम्मद दिलशाद, ब्यूरो चीफ, इटावा। आज हम आपको सावधान करने वाली एक ऐसी खबर दिखा रहे हैं जहाँ एक शिक्षित युवा "वर्क फ्रॉम होम" और डिजिटल ट्रांजैक्शन के जाल में फंसकर साइबर ठगी का शिकार हो गया। इटावा के एक युवक जिसका नाम मो उबैद ने पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। *मामला जनपद इटावा का है, जहाँ कटरा पुर्दल खां के निवासी मोहम्मद उबैद, जो कि 'रहमत साइबर कैफे' का संचालन करते थे, अनजाने में एक बड़े साइबर गिरोह के 'सोशल इंजीनियरिंग' का शिकार हो गए। उबैद को टेलीग्राम ऐप के माध्यम से एक अज्ञात व्यक्ति ने घर बैठे काम करने का झांसा दिया।* *घटनाक्रम:* युवक को झांसा दिया गया कि उसे विदेशी करेंसी (USDT) में निवेश और ट्रांजैक्शन का काम करना होगा। ठगों ने युवक के खाते में करीब 30,000 रुपये ट्रांसफर किए और उसे आगे अन्य बैंक खातों और यूपीआई आईडी (जैसे: *dinesh7154@indianbank)* पर भेजने का दबाव बनाया। संदेह होने पर जब उबैद ने ट्रांजैक्शन रोकने की कोशिश की, तो साइबर अपराधियों ने जाल बिछाते हुए उसका मोबाइल नंबर और बैंक खाता ही फ्रीज करवा दिया। *जांच का पेच:* हैरानी की बात यह है कि इस मामले की शिकायत श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) के सदर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई है (एक्नॉलेजमेंट नं. *21409250012496)*। पीड़ित युवक का कहना है कि उसका मोबाइल फोन, जो उसे सरकारी योजना के तहत मिला था, कुछ समय पहले खो गया था, जिसका इस्तेमाल संभवतः इन ठगों ने किया है। *पीड़ित मोहम्मद उबैद ने आज वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) इटावा को प्रार्थना पत्र सौंपकर स्पष्ट किया है* कि वह इस मामले में संदिग्ध नहीं बल्कि पीड़ित (Victim) हैं। उन्होंने मांग की है कि: उनके खाते (बैंक ऑफ बड़ौदा) को अनफ्रीज करने के लिए NOC दी जाए। वह विवादित राशि (30,000 रुपये) सरकारी निर्देशानुसार वापस करने को तैयार हैं। पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच करे ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रहे। *भरथना/इटावा: "वर्क फ्रॉम होम"* के नाम पर साइबर ठगी का नया पैंतरा। *सावधान: टेलीग्राम पर अज्ञात लुभावने ऑफर से बचें।* *अपडेट:* पीड़ित युवक ने SSP इटावा से लगाई सुरक्षा और न्याय की गुहार। बड़ी खबर: श्रीनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई है ठगी की शिकायत, युवक का खाता फ्रीज।
*प्राइम न्यूज़ इंडिया: विशेष रिपोर्ट* मैं हूँ मोहम्मद दिलशाद, ब्यूरो चीफ, इटावा। आज हम आपको सावधान करने वाली एक ऐसी खबर दिखा रहे हैं जहाँ एक शिक्षित युवा "वर्क फ्रॉम होम" और डिजिटल ट्रांजैक्शन के जाल में फंसकर साइबर ठगी का शिकार हो गया। इटावा के एक युवक जिसका नाम मो उबैद ने पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। *मामला जनपद इटावा का है, जहाँ कटरा पुर्दल खां के निवासी मोहम्मद उबैद, जो कि 'रहमत साइबर कैफे' का संचालन करते थे, अनजाने में एक बड़े साइबर गिरोह के 'सोशल इंजीनियरिंग' का शिकार हो गए। उबैद को टेलीग्राम ऐप के माध्यम से एक अज्ञात व्यक्ति ने घर बैठे काम करने का झांसा दिया।* *घटनाक्रम:* युवक को झांसा दिया गया कि उसे विदेशी करेंसी (USDT) में निवेश और ट्रांजैक्शन का काम करना होगा। ठगों ने युवक के खाते में करीब 30,000 रुपये ट्रांसफर किए और उसे आगे अन्य बैंक खातों और यूपीआई आईडी (जैसे: *dinesh7154@indianbank)* पर भेजने का दबाव बनाया। संदेह होने पर जब उबैद ने ट्रांजैक्शन रोकने की कोशिश की, तो साइबर अपराधियों ने जाल बिछाते हुए उसका मोबाइल नंबर और बैंक खाता ही फ्रीज करवा दिया। *जांच का पेच:* हैरानी की बात यह है कि इस मामले की शिकायत श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) के सदर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई है (एक्नॉलेजमेंट नं. *21409250012496)*। पीड़ित युवक का कहना है कि उसका मोबाइल फोन, जो उसे सरकारी योजना के तहत मिला था, कुछ समय पहले खो गया था, जिसका इस्तेमाल संभवतः इन ठगों ने किया है। *पीड़ित मोहम्मद उबैद ने आज वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) इटावा को प्रार्थना पत्र सौंपकर स्पष्ट किया है* कि वह इस मामले में संदिग्ध नहीं बल्कि पीड़ित (Victim) हैं। उन्होंने मांग की है कि: उनके खाते (बैंक ऑफ बड़ौदा) को अनफ्रीज करने के लिए NOC दी जाए। वह विवादित राशि (30,000 रुपये) सरकारी निर्देशानुसार वापस करने को तैयार हैं। पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच करे ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रहे। *भरथना/इटावा: "वर्क फ्रॉम होम"* के नाम पर साइबर ठगी का नया पैंतरा। *सावधान: टेलीग्राम पर अज्ञात लुभावने ऑफर से बचें।* *अपडेट:* पीड़ित युवक ने SSP इटावा से लगाई सुरक्षा और न्याय की गुहार। बड़ी खबर: श्रीनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई है ठगी की शिकायत, युवक का खाता फ्रीज।
- Post by Kanhaiya lal1
- Post by PK Crime Story1
- *(RY) कानपुर-* *IPL सट्टेबाजी गिरोह का भंडाफोड़......!!* IPL सट्टा खिलाने वाले बड़े गिरोह का खुलासा। पुलिस ने 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार। 👉करीब 3.91 करोड़ रुपये की नकदी बरामद। ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए चल रहा था सट्टा। 👉नोट गिनने की 3 मशीनें भी बरामद हुईं। *नकली नोट पहचानने वाली मशीन भी मिली।* सर्विलांस और SWAT टीम ने की बड़ी कार्रवाई।1
- योगी जी के खिलाफ चले रहे फर्जी वीडियो का हकीकत देखिए1
- Post by Urvashi singh1
- Post by Rohit Kumar1
- Post by कुमार सुनील1
- Post by Kanhaiya lal1