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नगराम पुलिस ने गांजा तस्करी करने वाले दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया। लखनऊ- नगराम पुलिस ने गांजा तस्करी करने वाले दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 78.330 किलो अवैध गांजा बरामद हुआ। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 16 लाख रुपये बताई गई। तस्करी में इस्तेमाल ईको स्पोर्ट कार भी पुलिस ने बरामद की। आरोपियों के पास से 12,500 रुपये और दो आईफोन भी मिले। गिरफ्तार आरोपी प्रिंस जायसवाल और अभिजीत पटेल उर्फ सेना नगराम के हैं निवासी। पूछताछ में बहराइच से गांजा लाकर कई जिलों में सप्लाई करने की बात सामने आई। नगराम थाने में NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज, दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।।

3 hrs ago
user_Journalist Himanshu Garg
Journalist Himanshu Garg
Local News Reporter सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago
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नगराम पुलिस ने गांजा तस्करी करने वाले दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया। लखनऊ- नगराम पुलिस ने गांजा तस्करी करने वाले दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 78.330 किलो अवैध गांजा बरामद हुआ। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 16 लाख रुपये बताई गई। तस्करी में इस्तेमाल ईको स्पोर्ट कार भी पुलिस ने बरामद की। आरोपियों के पास से 12,500 रुपये और दो आईफोन भी मिले। गिरफ्तार आरोपी प्रिंस जायसवाल और अभिजीत पटेल उर्फ सेना नगराम के हैं निवासी। पूछताछ में बहराइच से गांजा लाकर कई जिलों में सप्लाई करने की बात सामने आई। नगराम थाने में NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज, दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।।

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  • लखनऊ। उचित मुआवजे और वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को एलडीए कार्यलय में सैकड़ों किसानों ने आवाज बुलंद की। किसानों और एलडीए अधिकारियों के बीच हुई वार्ता के बाद मांगों पर सकारात्मक पहल की उम्मीद जगी है। वार्ता में किसान एकता संघर्ष समिति के अध्यक्ष बाबा राम सेवक, फैजुल्लागंज चतुर्थ वार्ड के पार्षद रामदास कनौजिया समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। मुआवजा मिलने तक नामांतरण रोकने की मांग प्रस्तावित प्रधानमंत्री आवासीय योजना से प्रभावित किसानों ने जमीन, मुआवजा और लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। किसानों का दावा है कि करीब 90 प्रतिशत किसान उनकी मांगों के समर्थन में हैं। किसानों के मुताबिक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया वर्ष 2007-08 में शुरू हुई थी, जबकि भूमि की खरीद-फरोख्त पर वर्ष 2019 में रोक लगाई गई। किसानों ने दावा किया कि इस अवधि में करीब 40 प्रतिशत भूमि अन्य लोगों के पक्ष में बेनामी हुई। उन्होंने वर्तमान खातेदारों के अधिकार सुरक्षित रखने की मांग की। 4 हजार मकानों को योजना में शामिल करने की मांग किसानों ने अधिग्रहित भूमि पर बने करीब 4,000 मकानों को प्रधानमंत्री आवासीय योजना में शामिल करने तथा भविष्य में इन मकानों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई न करने की मांग की। इसके लिए गूगल मैप और सैटेलाइट इमेजरी के जरिए सर्वे कराने का सुझाव दिया गया। दो दशक पुरानी योजना की जांच की मांग किसानों ने योजना की निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने की मांग की। समिति में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रभावित किसानों के प्रतिनिधियों को भी शामिल करने की बात कही गई। मुआवजा, नामांतरण, कब्जे और निर्माण समेत योजना से जुड़े मामलों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग भी उठी।
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    लखनऊ। उचित मुआवजे और वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को एलडीए कार्यलय में सैकड़ों किसानों ने आवाज बुलंद की। 

किसानों और एलडीए अधिकारियों के बीच हुई वार्ता के बाद मांगों पर सकारात्मक पहल की उम्मीद जगी है। वार्ता में किसान एकता संघर्ष समिति के अध्यक्ष बाबा राम सेवक, फैजुल्लागंज चतुर्थ वार्ड के पार्षद रामदास कनौजिया समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

मुआवजा मिलने तक नामांतरण रोकने की मांग

प्रस्तावित प्रधानमंत्री आवासीय योजना से प्रभावित किसानों ने जमीन, मुआवजा और लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। किसानों का दावा है कि करीब 90 प्रतिशत किसान उनकी मांगों के समर्थन में हैं।

किसानों के मुताबिक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया वर्ष 2007-08 में शुरू हुई थी, जबकि भूमि की खरीद-फरोख्त पर वर्ष 2019 में रोक लगाई गई। किसानों ने दावा किया कि इस अवधि में करीब 40 प्रतिशत भूमि अन्य लोगों के पक्ष में बेनामी हुई। उन्होंने वर्तमान खातेदारों के अधिकार सुरक्षित रखने की मांग की।

4 हजार मकानों को योजना में शामिल करने की मांग

किसानों ने अधिग्रहित भूमि पर बने करीब 4,000 मकानों को प्रधानमंत्री आवासीय योजना में शामिल करने तथा भविष्य में इन मकानों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई न करने की मांग की। इसके लिए गूगल मैप और सैटेलाइट इमेजरी के जरिए सर्वे कराने का सुझाव दिया गया।

दो दशक पुरानी योजना की जांच की मांग

किसानों ने योजना की निष्पक्ष जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने की मांग की। समिति में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रभावित किसानों के प्रतिनिधियों को भी शामिल करने की बात कही गई। मुआवजा, नामांतरण, कब्जे और निर्माण समेत योजना से जुड़े मामलों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग भी उठी।
    user_Journalist Rais Lucknow
    Journalist Rais Lucknow
    लखनऊ, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    43 min ago
  • "यह लोग सनातन की बात करते थे इन्होंने आस्था में चोरी करने का काम किया है।" डिम्पल यादव जी, लोकसभा सांसद "यह लोग सनातन की बात करते थे इन्होंने आस्था में चोरी करने का काम किया है।" डिम्पल यादव जी, लोकसभा सांसद
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    "यह लोग सनातन की बात करते थे इन्होंने आस्था में चोरी करने का काम किया है।"
  डिम्पल यादव जी, लोकसभा सांसद
"यह लोग सनातन की बात करते थे इन्होंने आस्था में चोरी करने का काम किया है।"
डिम्पल यादव जी, लोकसभा सांसद
    user_Journalist Himanshu Garg
    Journalist Himanshu Garg
    Local News Reporter सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • 5 दिवसीय बैंकिंग के लिए बैंककर्मियों का राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन *यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस* *( लखनऊ जिला इकाई )* --------------------------------------------------------------- 5 दिवसीय बैंकिंग के लिए बैंककर्मियों का राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन रिजर्व बैंक, एलआईसी, सेबी, नाबार्ड आदि अनेक विभागों में 5 कार्य दिवस लागू है, फिर हमारे साथ नाइंसाफी क्यों- डी.के. सिंह, महामंत्री, एनसीबीई *5 दिनी बैंकिंग होने पर हम प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त कार्य करने को भी तैयार हैं - वाई.के.अरोड़ा, राज्य संयोजक* लखनऊ। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले आज सायं लालबाग स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा के सामने फोरम से सम्बद्ध सभी घटकों के सदस्यों एवं पदाधिकारियों ने सैकड़ों की संख्या में जोरदार प्रदर्शन करते हुए *पांच दिवसीय बैंकिंग* की अपनी नितांत जायज़ मांग को तत्काल पूरा करने के लिए केंद्र सरकार और आईबीए को चेतावनी दी। फोरम के जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि पूर्व में बैंककर्मियों ने 5 दिवसीय बैंकिंग के लिए कई प्रदर्शन, धरना, रैली, एक्स पर अभियान और इसी वर्ष 27 जनवरी को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल भी की, लेकिन *केंद्र सरकार हमारी एकमात्र मांग मानने को तैयार नहीं है।* सभा में कॉम. डी.के. सिंह, महामंत्री, एनसीबीई ने बताया कि *रिजर्व बैंक, एलआईसी, सेबी, नाबार्ड आदि अनेक विभागो में जब 5 कार्य दिवस हो सकते हैं तो बैंकों में क्यों नहीं.* कॉम.वाई.के.अरोड़ा, राज्य संयोजक ने कहा कि- *5 दिनी बैंकिंग होने पर हम प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त कार्य करने को भी तैयार हैं।* कॉम. एस के संगतानी ने कहा कि- *आई.बी.ए. ने हमारी मांग को स्वीकार कर सरकार के पास अनुमोदन के लिए भेज रखा है, किंतु केंद्र सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही है।* प्रदर्शन में कॉम. लक्ष्मण सिंह ने कहा कि- *5 दिवसीय बैंकिंग कोई भीख नहीं वरन हमारा अधिकार है* इनके अलावा विभिन्न संगठनों के बैंकनेताओं काम. वाई के अरोड़ा, डी के सिंह, एस के संगतानी, लक्ष्मण सिंह, संदीप सिंह, सचिन केसरवानी, वी के माथुर, अशोक अग्रवाल, अनिल श्रीवास्तव आदि ने कहा कि *बैंक कर्मियों पर तनाव व दबाव के चलते 5 दिवसीय बैंकिंग शीघ्र लागू होनी चाहिए* अनिल तिवारी, मीडिया प्रभारी ने बताया यदि हमारी यह मांग नहीं मानी गई तो अपने केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर हम लंबे संघर्ष के लिए तैयार है।
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    5 दिवसीय बैंकिंग के लिए बैंककर्मियों का राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन
*यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस*   
*( लखनऊ जिला इकाई )* 
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5 दिवसीय बैंकिंग के लिए बैंककर्मियों का राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन
रिजर्व बैंक, एलआईसी, सेबी, नाबार्ड आदि अनेक विभागों में 5 कार्य दिवस लागू है, फिर हमारे साथ नाइंसाफी क्यों- डी.के. सिंह, महामंत्री, एनसीबीई
*5 दिनी बैंकिंग होने पर हम प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त कार्य करने को भी तैयार हैं - वाई.के.अरोड़ा, राज्य संयोजक*
लखनऊ। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले आज सायं लालबाग स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा के सामने फोरम से सम्बद्ध सभी घटकों के सदस्यों एवं पदाधिकारियों ने सैकड़ों की संख्या में जोरदार प्रदर्शन करते हुए *पांच दिवसीय बैंकिंग* की अपनी नितांत जायज़ मांग को तत्काल पूरा करने के लिए केंद्र सरकार और आईबीए को चेतावनी दी।
फोरम के जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि पूर्व में बैंककर्मियों ने 5 दिवसीय बैंकिंग के लिए कई प्रदर्शन, धरना, रैली, एक्स पर अभियान और इसी वर्ष 27 जनवरी को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल भी की, लेकिन *केंद्र सरकार हमारी एकमात्र मांग मानने को तैयार नहीं है।*
सभा में कॉम. डी.के. सिंह, महामंत्री, एनसीबीई ने बताया कि *रिजर्व बैंक, एलआईसी, सेबी, नाबार्ड आदि अनेक विभागो में जब 5 कार्य दिवस हो सकते हैं तो बैंकों में क्यों नहीं.* कॉम.वाई.के.अरोड़ा, राज्य संयोजक ने  कहा कि- *5 दिनी बैंकिंग होने पर हम प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त कार्य करने को भी तैयार हैं।*
कॉम. एस के संगतानी ने कहा कि- *आई.बी.ए. ने हमारी मांग को स्वीकार कर सरकार के पास अनुमोदन के लिए भेज रखा है, किंतु केंद्र सरकार कोई सुनवाई नहीं कर रही है।* प्रदर्शन में कॉम. लक्ष्मण सिंह ने कहा कि- *5 दिवसीय बैंकिंग कोई भीख नहीं वरन हमारा अधिकार है* 
इनके अलावा विभिन्न संगठनों के बैंकनेताओं काम. वाई के अरोड़ा, डी के सिंह, एस के संगतानी, लक्ष्मण सिंह, संदीप सिंह, सचिन केसरवानी, वी के माथुर, अशोक अग्रवाल, अनिल श्रीवास्तव आदि ने कहा कि *बैंक कर्मियों पर तनाव व दबाव के चलते 5 दिवसीय बैंकिंग शीघ्र लागू होनी चाहिए*
अनिल तिवारी, मीडिया प्रभारी ने बताया यदि हमारी यह मांग नहीं मानी गई तो अपने केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर हम लंबे संघर्ष के लिए तैयार है।
    user_Uma prakash
    Uma prakash
    Local News Reporter सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • विभूति खंड थाने से बहुत ही सनसनी खेद मामला सामने आया है जिसमें एक और यह बता रही है कि उसके साथ मारपीट हुई है पर उसे पर कोई भी कार्रवाई करें कि बात नहीं कही गई है विभूति खंड थाने से बहुत ही सनसनी खेद मामला सामने आया है जिसमें एक और यह बता रही है कि उसके साथ मारपीट हुई है पर उसे पर कोई भी कार्रवाई करें कि बात नहीं कही गई है
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    विभूति खंड थाने से बहुत ही सनसनी खेद मामला सामने आया है जिसमें एक और यह बता रही है कि उसके साथ मारपीट हुई है पर उसे पर कोई भी कार्रवाई करें कि बात नहीं कही गई है 
विभूति खंड थाने से बहुत ही सनसनी खेद मामला सामने आया है जिसमें एक और यह बता रही है कि उसके साथ मारपीट हुई है पर उसे पर कोई भी कार्रवाई करें कि बात नहीं कही गई है
    user_Harsha Media Uttar Pradesh
    Harsha Media Uttar Pradesh
    Tenant ownership सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • "जितने भी अब तक महत्वपूर्ण बिल आए होंगे वह सब माइनॉरिटी के खिलाफ आ रहे हैं। सरकार की नियत साफ नहीं है।" - पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव "जितने भी अब तक महत्वपूर्ण बिल आए होंगे वह सब माइनॉरिटी के खिलाफ आ रहे हैं। सरकार की नियत साफ नहीं है।" - पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
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    "जितने भी अब तक महत्वपूर्ण बिल आए होंगे वह सब माइनॉरिटी के खिलाफ आ रहे हैं। सरकार की नियत साफ नहीं है।"

- पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
"जितने भी अब तक महत्वपूर्ण बिल आए होंगे वह सब माइनॉरिटी के खिलाफ आ रहे हैं। सरकार की नियत साफ नहीं है।"
- पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
    user_Journalist Himanshu Garg
    Journalist Himanshu Garg
    Local News Reporter सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • पॉलिटेक्निक पर ट्रैफिक पुलिस की नाक के नीचे प्राइवेट वाहनों से सवारी ढोने का खेल* *लखनऊ* *पॉलिटेक्निक पर ट्रैफिक पुलिस की नाक के नीचे प्राइवेट वाहनों से सवारी ढोने का खेल* *पॉलिटेक्निक पर निजी वाहनों से सवारी का खेल, सरकारी बसों को नुकसान—राजस्व पर भी पड़ रहा असर* _लखनऊ के पॉलिटेक्निक चौराहे पर ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद फ्लाईओवर के नीचे अराजक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है और पिंक बूथ के पास प्राइवेट टैक्सियों व अन्य निजी वाहनों से खुलेआम सवारियां ढोई जा रही हैं।_ _स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप है कि कुछ वाहन बिना नंबर प्लेट के भी सवारियां लेकर फर्राटा भर रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन वाहनों में कौन सवारी बैठा रहा है और उनकी निगरानी कौन कर रहा है?_ पॉलिटेक्निक TSI बूथ पर ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी के बावजूद यदि इस तरह की गतिविधियां लगातार जारी हैं, तो यह पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। _ लोगों का कहना है कि लखनऊ कमिश्नर और डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी के निर्देशों के बावजूद जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।_ *अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी मामले का संज्ञान लेकर अवैध रूप से सवारी ढोने वाले वाहनों पर लगाम कब लगाते हैं* *समीर नक़वी* ✍️
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    पॉलिटेक्निक पर ट्रैफिक पुलिस की नाक के नीचे प्राइवेट वाहनों से सवारी ढोने का खेल*
*लखनऊ* 
*पॉलिटेक्निक पर ट्रैफिक पुलिस की नाक के नीचे प्राइवेट वाहनों से सवारी ढोने का खेल* 
*पॉलिटेक्निक पर निजी वाहनों से सवारी का खेल, सरकारी बसों को नुकसान—राजस्व पर भी पड़ रहा असर* 
_लखनऊ के पॉलिटेक्निक चौराहे पर ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि  पुलिस की मौजूदगी के बावजूद फ्लाईओवर के नीचे अराजक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है और पिंक बूथ के पास प्राइवेट टैक्सियों व अन्य निजी वाहनों से खुलेआम सवारियां ढोई जा रही हैं।_ 
_स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप है कि कुछ वाहन बिना नंबर प्लेट के भी सवारियां लेकर फर्राटा भर रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन वाहनों में कौन सवारी बैठा रहा है और उनकी निगरानी कौन कर रहा है?_ 
पॉलिटेक्निक TSI बूथ पर ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी के बावजूद यदि इस तरह की गतिविधियां लगातार जारी हैं, तो यह पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
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लोगों का कहना है कि लखनऊ कमिश्नर और डीसीपी ट्रैफिक रवीना त्यागी के निर्देशों के बावजूद जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।_ 
*अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी मामले का संज्ञान लेकर अवैध रूप से सवारी ढोने वाले वाहनों पर लगाम कब लगाते हैं* 
*समीर नक़वी* ✍️
    user_Sameer Safder naqvi
    Sameer Safder naqvi
    Video Creator सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • *लखनऊ में सेक्स रैकेट चलाने वाली विदेशी लोला पकड़ी गई:* पुलिस को 1 साल चकमा दिया; 50 की उम्र में जवान दिखे, इसलिए 7 बार सर्जरी कराई लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में पुलिस और खुफिया एजेंसी (IB) की संयुक्त टीम ने एक साल से फरार अंतरराष्ट्रीय सेक्स रैकेट की मास्टरमाइंड लोला कायूमोवा (Lola Kayumova) को गिरफ्तार कर लिया है। मूल रूप से उज्बेकिस्तान की रहने वाली 49 वर्षीय लोला खुद को जवान दिखाने और पुलिस से अपनी पहचान छिपाने के लिए 7 बार प्लास्टिक सर्जरी करवा चुकी थी। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा लखनऊ
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    *लखनऊ में सेक्स रैकेट चलाने वाली विदेशी लोला पकड़ी गई:* पुलिस को 1 साल चकमा दिया; 50 की उम्र में जवान दिखे, इसलिए 7 बार सर्जरी कराई  लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में पुलिस और खुफिया एजेंसी (IB) की संयुक्त टीम ने एक साल से फरार अंतरराष्ट्रीय सेक्स रैकेट की मास्टरमाइंड लोला कायूमोवा (Lola Kayumova) को गिरफ्तार कर लिया है। मूल रूप से उज्बेकिस्तान की रहने वाली 49 वर्षीय लोला खुद को जवान दिखाने और पुलिस से अपनी पहचान छिपाने के लिए 7 बार प्लास्टिक सर्जरी करवा चुकी थी।
ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा लखनऊ
    user_आशीष मिश्रा
    आशीष मिश्रा
    Local News Reporter सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • *एक रात की कमाई ₹50 हजार…जलील भी करती हैं महिलाएं:* लखनऊ-कानपुर में ट्रेंड बढ़ा, देह व्यापार करने वाले पुरुषों की अपनी दुनिया मोटी कमाई का आकर्षण: इस काम में जुड़े कुछ युवक महीने का ₹2 से ₹2.5 लाख तक कमा लेते हैं। एक हाई-प्रोफाइल नाइट के लिए क्लाइंट के स्तर के हिसाब से ₹20,000 से ₹50,000 तक की मांग की जाती है। काम पसंद आने पर कई बार महिलाएं अलग से मोटी टिप भी देती हैं।एलीट क्लास की क्लाइंट्स: रिपोर्ट के अनुसार, इनकी अधिकांश क्लाइंट्स बड़े घरों, संपन्न परिवारों, और बड़े अफसरों की पत्नियां होती हैं, जिनके पति अक्सर बिजनेस या काम के सिलसिले में बाहर या विदेशों में रहते हैं। ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा लखनऊ
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    *एक रात की कमाई ₹50 हजार…जलील भी करती हैं महिलाएं:* लखनऊ-कानपुर में ट्रेंड बढ़ा, देह व्यापार करने वाले पुरुषों की अपनी दुनिया मोटी कमाई का आकर्षण: इस काम में जुड़े कुछ युवक महीने का ₹2 से ₹2.5 लाख तक कमा लेते हैं। एक हाई-प्रोफाइल नाइट के लिए क्लाइंट के स्तर के हिसाब से ₹20,000 से ₹50,000 तक की मांग की जाती है। काम पसंद आने पर कई बार महिलाएं अलग से मोटी टिप भी देती हैं।एलीट क्लास की क्लाइंट्स: रिपोर्ट के अनुसार, इनकी अधिकांश क्लाइंट्स बड़े घरों, संपन्न परिवारों, और बड़े अफसरों की पत्नियां होती हैं, जिनके पति अक्सर बिजनेस या काम के सिलसिले में बाहर या विदेशों में रहते हैं।
ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा लखनऊ
    user_आशीष मिश्रा
    आशीष मिश्रा
    Local News Reporter सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
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