मुजफ्फरनगर के कोतवाली नगर क्षेत्र निवासी अज़ीम ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से अपनी पत्नी, ससुराल पक्ष और एक कथित प्रेमी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। न्याज़ूपुरा निवासी अज़ीम पुत्र शमीम अहमद ने SSP को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि लगभग चार वर्ष पूर्व उसका प्रेम विवाह थाना भवन निवासी ज़ैनब के साथ हुआ था। अज़ीम का आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद उसकी पत्नी का संपर्क शाहपुर थाना क्षेत्र के गाँव तावली निवासी फारूक से हो गया, जो स्वयं को किसान नेता बताता है। अज़ीम के अनुसार, जब वह मजदूरी के सिलसिले में बाहर रहता था, तब उसकी पत्नी और फारूक के बीच लगातार संपर्क बना रहा। पीड़ित ने बताया कि वह अपनी पत्नी और दो छोटे बच्चों को लेकर दिल्ली के नरेला में रहने लगा था, लेकिन वहां भी फारूक का कथित संपर्क उसकी पत्नी से बना रहा। अज़ीम का आरोप है कि 9 मई 2026 को उसकी पत्नी दोनों बच्चों को घर पर अकेला छोड़कर चली गई, जिसकी सूचना पड़ोसियों ने पुलिस और उसे दी। अज़ीम के अनुसार, 13 मई को उसके ससुर रहीश, सास सायरा, साला अबूबकर, फारूक तथा अन्य लोग उसके किराये के मकान पर पहुंचे। उन्होंने उसके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने के साथ-साथ झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी, जिसके बाद वे उसकी पत्नी को अपने साथ ले गए। पीड़ित का कहना है कि वह अब दोनों बच्चों को लेकर मुजफ्फरनगर वापस आ गया है और बच्चों की देखभाल उसकी मां व बहन कर रही हैं। अज़ीम ने आशंका जताई है कि फारूक, उसके साथी तथा ससुराल पक्ष के लोग उसके और बच्चों के साथ कोई अप्रिय घटना घटित कर सकते हैं या उसे झूठे मुकदमे में फंसा सकते हैं। पीड़ित ने SSP से इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने और उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
मुजफ्फरनगर के कोतवाली नगर क्षेत्र निवासी अज़ीम ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से अपनी पत्नी, ससुराल पक्ष और एक कथित प्रेमी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। न्याज़ूपुरा निवासी अज़ीम पुत्र शमीम अहमद ने SSP को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि लगभग चार वर्ष पूर्व उसका प्रेम विवाह थाना भवन निवासी ज़ैनब के साथ हुआ था। अज़ीम का आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद उसकी पत्नी का संपर्क शाहपुर थाना क्षेत्र के गाँव तावली निवासी फारूक से हो गया, जो स्वयं को किसान नेता बताता है। अज़ीम के अनुसार, जब वह मजदूरी के सिलसिले में बाहर रहता था, तब उसकी पत्नी और फारूक के बीच लगातार संपर्क बना रहा। पीड़ित ने बताया कि वह अपनी पत्नी और दो छोटे बच्चों को लेकर दिल्ली के नरेला में रहने लगा था, लेकिन वहां भी फारूक का कथित संपर्क उसकी पत्नी से बना रहा। अज़ीम का आरोप है कि 9 मई 2026 को उसकी पत्नी दोनों बच्चों को घर पर अकेला छोड़कर चली गई, जिसकी सूचना पड़ोसियों ने पुलिस और उसे दी। अज़ीम के अनुसार, 13 मई को उसके ससुर रहीश, सास सायरा, साला अबूबकर, फारूक तथा अन्य लोग उसके किराये के मकान पर पहुंचे। उन्होंने उसके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने के साथ-साथ झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी, जिसके बाद वे उसकी पत्नी को अपने साथ ले गए। पीड़ित का कहना है कि वह अब दोनों बच्चों को लेकर मुजफ्फरनगर वापस आ गया है और बच्चों की देखभाल उसकी मां व बहन कर रही हैं। अज़ीम ने आशंका जताई है कि फारूक, उसके साथी तथा ससुराल पक्ष के लोग उसके और बच्चों के साथ कोई अप्रिय घटना घटित कर सकते हैं या उसे झूठे मुकदमे में फंसा सकते हैं। पीड़ित ने SSP से इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने और उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
- जनपद बागपत के थाना बड़ौत क्षेत्र के कस्बा बड़ौत निवासी रहीस ने अपने दामाद अजीम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रहीस का कहना है कि उनके दामाद अजीम, जो जनपद मुजफ्फरनगर के थाना नगर कोतवाली क्षेत्र के न्याजुपुरा निवासी हैं, ने उनकी बेटी के साथ मारपीट की और उनसे प्लॉट बेचकर पैसे की मांग की। रहीस ने बताया कि उन्होंने चार साल पहले अपनी बेटी की शादी अजीम से की थी। शादी के बाद से ही अजीम उनकी बेटी के साथ अभद्र व्यवहार कर रहा है। इसके साथ ही, उसने वित्तीय दबाव बनाने के लिए प्लॉट बेचने की बात कहकर पैसों की मांग भी की है। पीड़ित रहीस ने इस मामले में कठोर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस को शिकायत मिलने के बाद अब वह आरोपों की जांच कर रही है।1
- जनपद मुजफ्फरनगर के प्रभारी मंत्री सोमेंद्र तोमर ने विकास भवन में अधिकारियों के साथ एक बैठक की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विकास योजनाओं और निर्माण कार्यों की गहन समीक्षा की। बैठक में, मंत्री ने विभागवार प्रगति रिपोर्ट का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सभी योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करें।1
- मुजफ्फरनगर के थाना भोपा क्षेत्र की एक नाबालिग युवती गुरुवार को एसएसपी कार्यालय पहुंची। उसने अपना बयान दर्ज कराते हुए पुलिस को बताया कि उसके परिजन उसकी जबरन शादी कराना चाहते थे, जिससे परेशान होकर वह स्वयं घर छोड़कर चली गई थी। युवती ने स्पष्ट किया कि इस मामले में कुछ लोगों पर जो आरोप लगाए गए हैं, वे पूरी तरह गलत हैं। उसका कहना है कि उन लोगों का उसके घर से जाने की घटना से कोई संबंध नहीं है। उसने बताया कि वह अपनी मर्जी से घर से निकली थी और कई दिनों तक इधर-उधर भटकती रही। एसएसपी कार्यालय पहुंची युवती ने पुलिस अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी, जिसके बाद आगे की जांच और कार्यवाही जारी रहेगी।1
- मुजफ्फरनगर के भोपा थाना क्षेत्र की एक युवती ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर अपहरण के एक मामले में निर्दोष लोगों को न फंसाने की गुहार लगाई है। युवती ने स्पष्ट किया है कि वह 30 मई को अपनी मर्जी से घर छोड़कर गई थी। युवती ने आरोप लगाया कि उसके परिवार वाले उसकी इच्छा के विरुद्ध उसकी शादी कराना चाहते थे, जिसका वह विरोध कर रही थी। परिवार के दबाव और प्रताड़ना से परेशान होकर ही उसने घर छोड़ दिया था। इसके बाद उसकी माँ ने कुछ लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया। युवती का दावा है कि जिन लोगों को इस मामले में नामजद किया गया है, उनका उसके घर छोड़ने से कोई संबंध नहीं है और उन्हें रंजिशन फंसाया जा रहा है। युवती ने एसएसपी से मामले की निष्पक्ष जांच करने और निर्दोष लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने के निर्देश देने की मांग की है।1
- जनपद गोरखपुर में संयुक्त मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी-2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज से 12 वर्ष पहले देश के अन्नदाता किसान सर्वाधिक आत्महत्या कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि यदि 2005 से 2014 के कालखंड को देखें, तो लाखों किसानों ने देश में आत्महत्या की थी। इसके पीछे कई गंभीर त्रासदी थीं, जिनमें अच्छी गुणवत्ता वाले बीज न मिलना, खेती की लागत का बढ़ना, और उत्पादन का कम होना प्रमुख थे। साथ ही, उन्हें एमएसपी का सही दाम नहीं मिल पाता था और आपदा से बचाव का भी कोई उपयुक्त प्रबंधन नहीं था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसान यदि अपनी मेहनत से अन्न उत्पादन कर भी देते थे, तो उन्हें उसका उचित मूल्य नहीं मिल पाता था।1
- मुजफ्फरनगरः डॉक्टर ने 8 हजार में जोड़ी हड्डी, बाकी पैसे नहीं मिले तो जबरन मरोड़कर दोबारा तोड़ी ! आरोपों पर CMO ने दिए जांच के आदेश उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में स्थित जिला कलेक्ट्रेट पर एक बेबस मां रेशमा अपनी 14 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ बेटी को लेकर न्याय की गुहार लगाने पहुंची. इस पीड़ित विधवा महिला ने जिले के स्वास्थ्य विभाग पर इलाज के नाम पर अवैध वसूली और घोर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए हैं. महिला का आरोप है कि सरकारी अस्पताल के डॉक्टर ने उसकी बेटी के समुचित इलाज के लिए न केवल पैसों की मांग की, बल्कि गलत तरीके से इलाज करके उसकी मासूम बेटी के पैर को भी भारी नुकसान पहुंचाया है. मुफ्त इलाज के आदेश भी बेअसर पीड़ित मां रेशमा के अनुसार, करीब डेढ़ माह पूर्व उसकी बेटी के दाहिने पैर की हड्डी का ऑपरेशन जिला अस्पताल में हुआ था. इसके लिए अस्पताल कर्मियों ने उससे ₹25,000 की मांग की थी. महिला ने जब खुद को विधवा बताते हुए असमर्थता जताई, तो उन्होंने इलाज से मना कर दिया. इसके बाद महिला ने डीएम साहब के दरबार में अर्जी लगाई, जिन्होंने सीएमओ को मुफ्त इलाज के आदेश दिए. इसके बावजूद अस्पताल कर्मियों ने ₹8,000 ले लिए और कहा कि बाकी पैसे बाद में देने होंगे. डॉक्टर ने जबरन मोड़ा घुटना महिला को डॉक्टर ने कुछ दिन बाद चेकअप के लिए आने को कहा था ताकि घुटना मुड़ सके. जब महिला बेटी को लेकर पहुंची, तो ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर चतुर्वेदी ने उसकी बेटी का घुटना जबरन मोड़ दिया. मासूम दर्द से चिल्ला पड़ी और पैर से हड्डी टूटने की आवाज आई, लेकिन डॉक्टरों ने उसे वहां से भगा दिया. बाद में जब पैर का एक्स-रे कराया गया, तो उसमें हड्डी टूटी हुई आई. परेशान मां ने बड़े डॉक्टरों से शिकायत की, पर किसी ने नहीं सुनी. मामले की जांच में जुटा विभाग 5G+ इस पूरे गंभीर मामले को लेकर मुजफ्फरनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) सुनील तेवतिया का बयान भी सामने आया है. सीएमओ का कहना है कि दूसरे पक्ष की बात को सुने बगैर अभी इस मामले में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी. हालांकि, उन्होंने आश्वस्त किया है कि इस पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कराई जाएगी. यदि जांच में अस्पताल कर्मियों या डॉक्टरों की किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी.3
- गुरुवार सुबह मुजफ्फरनगर में मौसम ने अचानक करवट ली, जिससे भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से जूझ रहे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली। सुबह तेज आंधी और धूल भरी हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई, जिसके परिणामस्वरूप तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को उमस व गर्मी से काफी राहत मिली। मौसम में आए इस अचानक बदलाव से किसानों और आम लोगों के चेहरों पर संतोष दिखाई दिया। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना जताई है। फिलहाल, तेज आंधी और बारिश ने भीषण गर्मी के असर को काफी हद तक कम कर दिया है।1
- मुजफ्फरनगर के कोतवाली नगर क्षेत्र निवासी अज़ीम ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) से अपनी पत्नी, ससुराल पक्ष और एक कथित प्रेमी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। न्याज़ूपुरा निवासी अज़ीम पुत्र शमीम अहमद ने SSP को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि लगभग चार वर्ष पूर्व उसका प्रेम विवाह थाना भवन निवासी ज़ैनब के साथ हुआ था। अज़ीम का आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद उसकी पत्नी का संपर्क शाहपुर थाना क्षेत्र के गाँव तावली निवासी फारूक से हो गया, जो स्वयं को किसान नेता बताता है। अज़ीम के अनुसार, जब वह मजदूरी के सिलसिले में बाहर रहता था, तब उसकी पत्नी और फारूक के बीच लगातार संपर्क बना रहा। पीड़ित ने बताया कि वह अपनी पत्नी और दो छोटे बच्चों को लेकर दिल्ली के नरेला में रहने लगा था, लेकिन वहां भी फारूक का कथित संपर्क उसकी पत्नी से बना रहा। अज़ीम का आरोप है कि 9 मई 2026 को उसकी पत्नी दोनों बच्चों को घर पर अकेला छोड़कर चली गई, जिसकी सूचना पड़ोसियों ने पुलिस और उसे दी। अज़ीम के अनुसार, 13 मई को उसके ससुर रहीश, सास सायरा, साला अबूबकर, फारूक तथा अन्य लोग उसके किराये के मकान पर पहुंचे। उन्होंने उसके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने के साथ-साथ झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी, जिसके बाद वे उसकी पत्नी को अपने साथ ले गए। पीड़ित का कहना है कि वह अब दोनों बच्चों को लेकर मुजफ्फरनगर वापस आ गया है और बच्चों की देखभाल उसकी मां व बहन कर रही हैं। अज़ीम ने आशंका जताई है कि फारूक, उसके साथी तथा ससुराल पक्ष के लोग उसके और बच्चों के साथ कोई अप्रिय घटना घटित कर सकते हैं या उसे झूठे मुकदमे में फंसा सकते हैं। पीड़ित ने SSP से इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने और उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।1