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पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का पाली में सुमेरपुर रोड स्थित एक रिसोर्ट में कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया, जहाँ उन्होंने जिले के कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस अवसर पर गहलोत ने पाली के लोगों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहाँ की पंचायती बड़ी मुश्किल है और पाली के लोग सहृदय व व्यवहार कुशल हैं, क्योंकि पाली तो पाली है। उन्होंने प्रदेश की मौजूदा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि "प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नहीं रही है।" गहलोत ने चिंता व्यक्त की कि कोटा, बीकानेर और जोधपुर में गर्भवती महिलाओं की मौतें हो रही हैं, और सरकार उन्हें सुरक्षित नहीं रख पा रही है। अपनी राजनीतिक विचारधारा स्पष्ट करते हुए गहलोत ने कहा कि उनकी आरएसएस या भाजपा से कोई दुश्मनी नहीं है, बल्कि यह लड़ाई विचारधारा की है। उन्होंने दावा किया कि उनके मन में कभी बदला लेने की भावना नहीं आती और जब उनकी पार्टी सरकार में आती है, तो उनके अपने कार्यकर्ता भी यह कहकर उलाहना देते हैं कि आरएसएस वालों के काम हो रहे हैं। वहीं, उन्होंने प्रतिद्वंद्वियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि "ये सत्ता में आते हैं तो पता नहीं क्या-क्या करते हैं," और आरोप लगाया कि "इनकी सोच अलग रहती है और इन्होंने लोकतंत्र का मुखौटा पहन रखा है।"

5 hrs ago
user_मनोज शर्मा
मनोज शर्मा
Court reporter पाली, पाली, राजस्थान•
5 hrs ago

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का पाली में सुमेरपुर रोड स्थित एक रिसोर्ट में कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया, जहाँ उन्होंने जिले के कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस अवसर पर गहलोत ने पाली के लोगों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यहाँ की पंचायती बड़ी मुश्किल है और पाली के लोग सहृदय व व्यवहार कुशल हैं, क्योंकि पाली तो पाली है। उन्होंने प्रदेश की मौजूदा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि "प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नहीं रही है।" गहलोत ने चिंता व्यक्त की कि कोटा, बीकानेर और जोधपुर में गर्भवती महिलाओं की मौतें हो रही हैं, और सरकार उन्हें सुरक्षित नहीं रख पा रही है। अपनी राजनीतिक विचारधारा स्पष्ट करते हुए गहलोत ने कहा कि उनकी आरएसएस या भाजपा से कोई दुश्मनी नहीं है, बल्कि यह लड़ाई विचारधारा की है। उन्होंने दावा किया कि उनके मन में कभी बदला लेने की भावना नहीं आती और जब उनकी पार्टी सरकार में आती है, तो उनके अपने कार्यकर्ता भी यह कहकर उलाहना देते हैं कि आरएसएस वालों के काम हो रहे हैं। वहीं, उन्होंने प्रतिद्वंद्वियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि "ये सत्ता में आते हैं तो पता नहीं क्या-क्या करते हैं," और आरोप लगाया कि "इनकी सोच अलग रहती है और इन्होंने लोकतंत्र का मुखौटा पहन रखा है।"

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  • जोधपुर में एक नर्स ने तबादला न होने की परेशानी के चलते अपना आपा खो दिया और चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के पैरों में गिरकर रोने लगीं। नर्स ने गिड़गिड़ाते हुए कहा कि वह बहुत परेशान हैं और अपना तबादला करवाने की गुहार लगाई। इस पर मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे उनका तबादला करवा देंगे। मौके पर मौजूद केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह ने भी नर्स को ढाढस बंधाया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस घटना के बाद दोनों ही मंत्रियों ने लोकार्पण कार्यक्रम के बाद ऐसे मामलों पर संवेदनशीलता दिखाते हुए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। संभावना है कि अगस्त-सितंबर में स्वास्थ्य विभाग में तबादलों पर से रोक हटा दी जाएगी, जिससे इस तरह की परेशान महिला कार्मिकों के बड़े पैमाने पर तबादले होने की राह खुल सकती है।
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    जोधपुर में एक नर्स ने तबादला न होने की परेशानी के चलते अपना आपा खो दिया और चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के पैरों में गिरकर रोने लगीं। नर्स ने गिड़गिड़ाते हुए कहा कि वह बहुत परेशान हैं और अपना तबादला करवाने की गुहार लगाई। इस पर मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे उनका तबादला करवा देंगे। मौके पर मौजूद केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह ने भी नर्स को ढाढस बंधाया।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस घटना के बाद दोनों ही मंत्रियों ने लोकार्पण कार्यक्रम के बाद ऐसे मामलों पर संवेदनशीलता दिखाते हुए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। संभावना है कि अगस्त-सितंबर में स्वास्थ्य विभाग में तबादलों पर से रोक हटा दी जाएगी, जिससे इस तरह की परेशान महिला कार्मिकों के बड़े पैमाने पर तबादले होने की राह खुल सकती है।
    user_Jitendra dave
    Jitendra dave
    Journalist Jodhpur, Rajasthan•
    19 hrs ago
  • भारत के एक बेहद शानदार पहाड़ी सुरंगों वाले स्थान विशाखापत्तनम में, एक ट्रेन 58 सुरंगों और 84 ऊँचे पुलों के बीच से गुजरती है। यह यात्रा ऐसे पहाड़ों से होकर निकलती है जो बादलों को छूते हुए प्रतीत होते हैं, जिससे यह दृश्य अत्यंत मनमोहक बन जाता है।
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    भारत के एक बेहद शानदार पहाड़ी सुरंगों वाले स्थान विशाखापत्तनम में, एक ट्रेन 58 सुरंगों और 84 ऊँचे पुलों के बीच से गुजरती है। यह यात्रा ऐसे पहाड़ों से होकर निकलती है जो बादलों को छूते हुए प्रतीत होते हैं, जिससे यह दृश्य अत्यंत मनमोहक बन जाता है।
    user_मारवाड़ गोडवाड न्यूज़(रजिस्टेड)
    मारवाड़ गोडवाड न्यूज़(रजिस्टेड)
    Agricultural production बाली, पाली, राजस्थान•
    29 min ago
  • मूल पोस्ट में 1947 से 1975 के बीच जन्मी एक विशिष्ट पीढ़ी के विदाई पर गहन विचार व्यक्त किए गए हैं। इस पीढ़ी को 'अंतिम देखभाल करने वाली पीढ़ी' बताया गया है, जो अब जीवन के अंतिम पड़ाव पर है। पोस्ट के अनुसार, ये लोग आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उदाहरण बनकर रह जाएंगे, और उनकी उपस्थिति दोबारा नहीं देखी जा सकेगी। श्रोताओं से विशेष रूप से ध्यान देने का आग्रह किया गया है, क्योंकि यह एक ऐसी अंतिम पीढ़ी है जो अब जा रही है।
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    मूल पोस्ट में 1947 से 1975 के बीच जन्मी एक विशिष्ट पीढ़ी के विदाई पर गहन विचार व्यक्त किए गए हैं। इस पीढ़ी को 'अंतिम देखभाल करने वाली पीढ़ी' बताया गया है, जो अब जीवन के अंतिम पड़ाव पर है। पोस्ट के अनुसार, ये लोग आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उदाहरण बनकर रह जाएंगे, और उनकी उपस्थिति दोबारा नहीं देखी जा सकेगी। श्रोताओं से विशेष रूप से ध्यान देने का आग्रह किया गया है, क्योंकि यह एक ऐसी अंतिम पीढ़ी है जो अब जा रही है।
    user_रूपचंद मेवाड़ा
    रूपचंद मेवाड़ा
    Local News Reporter सुमेरपुर, पाली, राजस्थान•
    1 hr ago
  • ब्यावर जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक माहौल तब गरमा गया जब कांग्रेस पदाधिकारियों की मौजूदगी में कुछ लोगों ने "मोदी-मोदी", "मोदी जिंदाबाद" और "भाजपा जिंदाबाद" के नारे लगाए। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो को लेकर भाजपा समर्थकों का दावा है कि जनता ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का विरोध किया है। वहीं, कांग्रेस की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो के साथ राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का भी उल्लेख किया जा रहा है, जो वर्तमान में राजस्थान कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं। फिलहाल इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। घटना को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं और सोशल मीडिया पर पक्ष-विपक्ष के समर्थक अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
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    ब्यावर जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राजनीतिक माहौल तब गरमा गया जब कांग्रेस पदाधिकारियों की मौजूदगी में कुछ लोगों ने "मोदी-मोदी", "मोदी जिंदाबाद" और "भाजपा जिंदाबाद" के नारे लगाए। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वायरल वीडियो को लेकर भाजपा समर्थकों का दावा है कि जनता ने कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का विरोध किया है। वहीं, कांग्रेस की ओर से इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो के साथ राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का भी उल्लेख किया जा रहा है, जो वर्तमान में राजस्थान कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं।

फिलहाल इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। घटना को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं और सोशल मीडिया पर पक्ष-विपक्ष के समर्थक अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
    user_Atma Ram Saini
    Atma Ram Saini
    Journalist Raipur, Pali•
    3 hrs ago
  • ब्यावर जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को जनता के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा, जहाँ उनके सामने 'मोदी-मोदी', 'मोदी जिंदाबाद' और 'बीजेपी जिंदाबाद' के नारे लगाए गए। यह घटना माननीय नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जी जूली और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद डोटासरा जी को संदर्भित करते हुए सामने आई है। पोस्ट के अनुसार, ब्यावर कांग्रेस जिलाध्यक्ष, उपाध्यक्ष और उनकी टीम को जनता ने इन्हीं नारों के साथ कार्यक्रम स्थल से भगा दिया। संदेश में इस घटना को दर्शाते हुए कहा गया है कि ब्यावर जिले की देवतुल्य जनता भाजपा के साथ है, और यह कांग्रेस की विचारधारा ही नहीं, बल्कि कांग्रेसियों को भी जड़ से उखाड़ फेंकेगी।
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    ब्यावर जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को जनता के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा, जहाँ उनके सामने 'मोदी-मोदी', 'मोदी जिंदाबाद' और 'बीजेपी जिंदाबाद' के नारे लगाए गए। यह घटना माननीय नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जी जूली और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद डोटासरा जी को संदर्भित करते हुए सामने आई है। पोस्ट के अनुसार, ब्यावर कांग्रेस जिलाध्यक्ष, उपाध्यक्ष और उनकी टीम को जनता ने इन्हीं नारों के साथ कार्यक्रम स्थल से भगा दिया। संदेश में इस घटना को दर्शाते हुए कहा गया है कि ब्यावर जिले की देवतुल्य जनता भाजपा के साथ है, और यह कांग्रेस की विचारधारा ही नहीं, बल्कि कांग्रेसियों को भी जड़ से उखाड़ फेंकेगी।
    user_धर्मवीर क़ीर
    धर्मवीर क़ीर
    Advertising Photographer जैतारण, पाली, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • सुमेरपुर के तखतगढ़ नगर में लंबे समय बाद कांग्रेस एकजुट नजर आई, जो पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आगमन पर आयोजित स्वागत कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट हुई। इस कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष पद को लेकर नाराज चल रहे कई वरिष्ठ कार्यकर्ता भी मंच और बैठकों में एक साथ दिखाई दिए, जिससे कार्यकर्ताओं और आमजन के बीच यह सकारात्मक संदेश गया कि पार्टी संगठन आपसी मतभेदों को भुलाकर एकजुटता की दिशा में प्रयास कर रहा है। पिछले कुछ समय से नगर कांग्रेस संगठन में नेतृत्व और पदों को लेकर मतभेद सामने आते रहे थे, और कई वरिष्ठ कार्यकर्ता खुलकर अपनी नाराजगी जता चुके थे। हालांकि, गहलोत के दौरे ने स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाने का काम किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिशुपाल सिंह निंबाड़ा भी लगातार संगठन को मजबूत करने और गुटबाजी समाप्त करने का संदेश देते रहे हैं। पाली जिले में वर्षों से चली आ रही आंतरिक खींचतान कांग्रेस के लिए चुनावी नुकसान का प्रमुख कारण रही है, जिसका खामियाजा पार्टी को लोकसभा, विधानसभा, पंचायत राज और नगरपालिका चुनावों में भुगतना पड़ा है। इसी कारण पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी सार्वजनिक मंचों से यह कहा है कि "पाली की पंचायती मेरी समझ से बाहर है।" जिले की छह विधानसभा सीटों में से कांग्रेस वर्तमान में केवल पाली सीट पर ही सीमित है, और वह भी अपेक्षाकृत कम मतों के अंतर से जीती है। ऐसे में तखतगढ़ में दिखाई दी यह एकजुटता कांग्रेस के लिए एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। अब राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है कि क्या यह मेल-मिलाप आगामी निकाय और पंचायत राज चुनावों तक कायम रहेगा, या फिर पुराने गुटीय मतभेद दोबारा उभरेंगे। यदि कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता एकजुट होकर संगठन को प्राथमिकता देते हैं तो आगामी चुनावों में पार्टी बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। फिलहाल, समय ही बताएगा कि तखतगढ़ में दिखाई दी यह एकता स्थायी साबित होती है या केवल एक बड़े नेता के दौरे तक सीमित रहती है।
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    सुमेरपुर के तखतगढ़ नगर में लंबे समय बाद कांग्रेस एकजुट नजर आई, जो पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आगमन पर आयोजित स्वागत कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट हुई। इस कार्यक्रम में नगर अध्यक्ष पद को लेकर नाराज चल रहे कई वरिष्ठ कार्यकर्ता भी मंच और बैठकों में एक साथ दिखाई दिए, जिससे कार्यकर्ताओं और आमजन के बीच यह सकारात्मक संदेश गया कि पार्टी संगठन आपसी मतभेदों को भुलाकर एकजुटता की दिशा में प्रयास कर रहा है।

पिछले कुछ समय से नगर कांग्रेस संगठन में नेतृत्व और पदों को लेकर मतभेद सामने आते रहे थे, और कई वरिष्ठ कार्यकर्ता खुलकर अपनी नाराजगी जता चुके थे। हालांकि, गहलोत के दौरे ने स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को एक मंच पर लाने का काम किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिशुपाल सिंह निंबाड़ा भी लगातार संगठन को मजबूत करने और गुटबाजी समाप्त करने का संदेश देते रहे हैं। पाली जिले में वर्षों से चली आ रही आंतरिक खींचतान कांग्रेस के लिए चुनावी नुकसान का प्रमुख कारण रही है, जिसका खामियाजा पार्टी को लोकसभा, विधानसभा, पंचायत राज और नगरपालिका चुनावों में भुगतना पड़ा है। इसी कारण पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी सार्वजनिक मंचों से यह कहा है कि "पाली की पंचायती मेरी समझ से बाहर है।" जिले की छह विधानसभा सीटों में से कांग्रेस वर्तमान में केवल पाली सीट पर ही सीमित है, और वह भी अपेक्षाकृत कम मतों के अंतर से जीती है।

ऐसे में तखतगढ़ में दिखाई दी यह एकजुटता कांग्रेस के लिए एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। अब राजनीतिक हलकों में यह चर्चा है कि क्या यह मेल-मिलाप आगामी निकाय और पंचायत राज चुनावों तक कायम रहेगा, या फिर पुराने गुटीय मतभेद दोबारा उभरेंगे। यदि कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता एकजुट होकर संगठन को प्राथमिकता देते हैं तो आगामी चुनावों में पार्टी बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। फिलहाल, समय ही बताएगा कि तखतगढ़ में दिखाई दी यह एकता स्थायी साबित होती है या केवल एक बड़े नेता के दौरे तक सीमित रहती है।
    user_ARVIND JOSHI रिपोर्टर
    ARVIND JOSHI रिपोर्टर
    Local News Reporter सुमेरपुर, पाली, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • Post by District.reporter.babulaljogaw
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    Post by District.reporter.babulaljogaw
    user_District.reporter.babulaljogaw
    District.reporter.babulaljogaw
    Voice of people पाली, पाली, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • पाली जिले के रानी कस्बे के चुनी नाका क्षेत्र में मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे एक चाय विक्रेता से अज्ञात युवकों ने मारपीट की, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। चुनी नाका स्थित काठियावाड़ी चाय की दुकान के संचालक चंद्रपाल और जयपाल देवासी, जो ढोला के निवासी हैं, अपनी दुकान पर मौजूद थे। इसी दौरान कुछ अज्ञात युवकों ने उनसे विवाद करते हुए अचानक मारपीट शुरू कर दी, जिसके चलते चाय विक्रेता को गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार किया गया। इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय व्यापारियों में गहरा रोष व्याप्त हो गया है। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों की शीघ्र पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
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    पाली जिले के रानी कस्बे के चुनी नाका क्षेत्र में मंगलवार सुबह करीब 7:30 बजे एक चाय विक्रेता से अज्ञात युवकों ने मारपीट की, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। चुनी नाका स्थित काठियावाड़ी चाय की दुकान के संचालक चंद्रपाल और जयपाल देवासी, जो ढोला के निवासी हैं, अपनी दुकान पर मौजूद थे। इसी दौरान कुछ अज्ञात युवकों ने उनसे विवाद करते हुए अचानक मारपीट शुरू कर दी, जिसके चलते चाय विक्रेता को गंभीर चोटें आईं।

घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार किया गया। इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय व्यापारियों में गहरा रोष व्याप्त हो गया है। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों की शीघ्र पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
    user_मारवाड़ गोडवाड न्यूज़(रजिस्टेड)
    मारवाड़ गोडवाड न्यूज़(रजिस्टेड)
    Agricultural production बाली, पाली, राजस्थान•
    42 min ago
  • राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। आग लगने के बाद पूरे कोचिंग सेंटर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसके चलते जान बचाने के लिए छात्रों को इमारत से नीचे कूदना पड़ा। इस दौरान कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। कोचिंग सेंटर की बिल्डिंग से अचानक धुएं का गुबार निकलता देख आसपास के लोग तुरंत इकट्ठा हो गए। देखते ही देखते आग पूरी इमारत में फैल गई और धुएं के साथ आग की लपटें भी निकलने लगीं। लोगों ने तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी, जिसके बाद दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंची हैं और आग बुझाने का प्रयास जारी है। आग लगने के पीछे का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है।
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    राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। आग लगने के बाद पूरे कोचिंग सेंटर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसके चलते जान बचाने के लिए छात्रों को इमारत से नीचे कूदना पड़ा। इस दौरान कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

कोचिंग सेंटर की बिल्डिंग से अचानक धुएं का गुबार निकलता देख आसपास के लोग तुरंत इकट्ठा हो गए। देखते ही देखते आग पूरी इमारत में फैल गई और धुएं के साथ आग की लपटें भी निकलने लगीं। लोगों ने तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी, जिसके बाद दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंची हैं और आग बुझाने का प्रयास जारी है। आग लगने के पीछे का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है।
    user_Jitendra dave
    Jitendra dave
    Journalist Jodhpur, Rajasthan•
    19 hrs ago
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