भारतीय क्रिकेट टीम के चयन को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जहाँ हाल ही में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले कुछ खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर दिया गया है। पोस्ट के अनुसार, दो दिन पहले अफगानिस्तान के खिलाफ एकदिवसीय मैच में शतक लगाने वाले यशस्वी जायसवाल को आज इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली एकदिवसीय श्रृंखला से बाहर कर दिया गया है। इसी तरह, T20 विश्व कप जिताने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव से भी कप्तानी छीन ली गई है, और भारतीय क्रिकेट के ‘सबसे बड़े फिनिशर’ कहे जाने वाले रिंकू सिंह को भी टीम से पहले ही बाहर कर दिया गया है। इन फैसलों के पीछे 'ब्राह्मण क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड' (BCCI) पर बड़ा आरोप लगाया गया है। कहा गया है कि BCCI का दावा है कि टीम में सिर्फ ब्राह्मण खिलाड़ी ही खेलेंगे, और दलित या पिछड़े वर्ग के खिलाड़ियों के लिए टीम में कोई जगह नहीं है। यह आरोप इस बात पर जोर देता है कि चाहे ये खिलाड़ी कितने भी शतक लगा लें या कितने भी मैच जिता लें, उन्हें टीम में शामिल नहीं किया जाएगा।
भारतीय क्रिकेट टीम के चयन को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जहाँ हाल ही में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले कुछ खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर दिया गया है। पोस्ट के अनुसार, दो दिन पहले अफगानिस्तान के खिलाफ एकदिवसीय मैच में शतक लगाने वाले यशस्वी जायसवाल को आज इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली एकदिवसीय श्रृंखला से बाहर कर दिया गया है। इसी तरह, T20 विश्व कप जिताने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव से भी कप्तानी छीन ली गई है, और भारतीय क्रिकेट के ‘सबसे बड़े फिनिशर’ कहे जाने वाले रिंकू सिंह को भी टीम से पहले ही बाहर कर दिया गया है। इन फैसलों के पीछे 'ब्राह्मण क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड' (BCCI) पर बड़ा आरोप लगाया गया है। कहा गया है कि BCCI का दावा है कि टीम में सिर्फ ब्राह्मण खिलाड़ी ही खेलेंगे, और दलित या पिछड़े वर्ग के खिलाड़ियों के लिए टीम में कोई जगह नहीं है। यह आरोप इस बात पर जोर देता है कि चाहे ये खिलाड़ी कितने भी शतक लगा लें या कितने भी मैच जिता लें, उन्हें टीम में शामिल नहीं किया जाएगा।
- बिहार के गौरव और टीम इंडिया के तेज गेंदबाज आकाश दीप अब वैवाहिक बंधन में बंधने जा रहे हैं। उनका तिलक समारोह पैतृक गांव में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हो गया है, जिसके लिए सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल भी तैनात किया गया था। इस बीच, 24 जून को वाराणसी में होने वाली इस शाही शादी की तैयारियां बड़े जोर-शोर से चल रही हैं।1
- पश्चिमी चंपारण में जन सुराज के बैनर तले एक कैंडल मार्च निकाला गया, जिसमें भरत तिवारी की हत्या के विरोध में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से यह सवाल किया कि भरत तिवारी का हत्यारा कौन है – सरकार या सिस्टम। जन सुराज ने सरकार से मांग की है कि भरत तिवारी के परिवार को एक सरकारी नौकरी दी जाए, उन्हें शहीद का दर्जा मिले और एक करोड़ रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी ये मांगें पूरी नहीं की जाती हैं, तो जन सुराज का आंदोलन जारी रहेगा।1
- मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद, जनता दल (यूनाइटेड) की पहली बड़ी बैठक नीतीश कुमार की अगुवाई में संपन्न हुई है। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान, निशांत को संगठन में एक नई जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना है।1
- बेतिया की मेयर गरिमा देवी सिकारिया ने हाल ही में आयोजित हुए 'कौन बनेगा सुपरस्टार' कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।1
- बगहा में स्वच्छता की स्थिति अत्यंत दयनीय बताई गई है।1
- भारतीय क्रिकेट टीम के चयन को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जहाँ हाल ही में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले कुछ खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर दिया गया है। पोस्ट के अनुसार, दो दिन पहले अफगानिस्तान के खिलाफ एकदिवसीय मैच में शतक लगाने वाले यशस्वी जायसवाल को आज इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली एकदिवसीय श्रृंखला से बाहर कर दिया गया है। इसी तरह, T20 विश्व कप जिताने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव से भी कप्तानी छीन ली गई है, और भारतीय क्रिकेट के ‘सबसे बड़े फिनिशर’ कहे जाने वाले रिंकू सिंह को भी टीम से पहले ही बाहर कर दिया गया है। इन फैसलों के पीछे 'ब्राह्मण क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड' (BCCI) पर बड़ा आरोप लगाया गया है। कहा गया है कि BCCI का दावा है कि टीम में सिर्फ ब्राह्मण खिलाड़ी ही खेलेंगे, और दलित या पिछड़े वर्ग के खिलाड़ियों के लिए टीम में कोई जगह नहीं है। यह आरोप इस बात पर जोर देता है कि चाहे ये खिलाड़ी कितने भी शतक लगा लें या कितने भी मैच जिता लें, उन्हें टीम में शामिल नहीं किया जाएगा।1
- कुशीनगर जिले के रविन्द्र नगर थाना क्षेत्र स्थित कोहड़ा गांव में एक दर्दनाक ट्रांसफार्मर ब्लास्ट की घटना सामने आई है, जिसमें एक ही परिवार के पति-पत्नी सहित उनके दो मासूम बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को तत्काल एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और पीड़ित परिजनों में चीख-पुकार मच गई। इस भीषण हादसे को विद्युत विभाग की बड़ी लापरवाही का नतीजा बताया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि इस ट्रांसफार्मर ब्लास्ट ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूचना मिलते ही मौके पर एडीएम, अपर पुलिस अधीक्षक, सीएमओ और पडरौना के एसडीएम सहित कई अधिकारी पहुंचे। स्थानीय लोग इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।1