रायबरेली: तेज रफ्तार का कहर, अनियंत्रित डंपर ने महिला को रौंदा, मौके पर मौत रिपोर्ट- सागर तिवारी रायबरेली। जनपद में तेज रफ्तार वाहनों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन होने वाले हादसों के बीच आज एक बार फिर बेकाबू डंपर मासूम जिंदगियों के लिए काल बन गया। ताजा मामला जगतपुर थाना क्षेत्र का है, जहाँ लक्ष्मणपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास एक अनियंत्रित डंपर ने एक महिला को बुरी तरह रौंद दिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर गहरा रोष है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में डंपरों की अनियंत्रित गति राहगीरों के लिए बड़ा खतरा बन गई है। फिलहाल, पुलिस डंपर चालक की तलाश और मामले की विधिक कार्यवाही में जुट गई है।
रायबरेली: तेज रफ्तार का कहर, अनियंत्रित डंपर ने महिला को रौंदा, मौके पर मौत रिपोर्ट- सागर तिवारी रायबरेली। जनपद में तेज रफ्तार वाहनों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन होने वाले हादसों के बीच आज एक बार फिर बेकाबू डंपर मासूम जिंदगियों के लिए काल बन गया। ताजा मामला जगतपुर थाना क्षेत्र का है, जहाँ लक्ष्मणपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास एक अनियंत्रित डंपर ने एक महिला को बुरी तरह रौंद दिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर गहरा रोष है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में डंपरों की अनियंत्रित गति राहगीरों के लिए बड़ा खतरा बन गई है। फिलहाल, पुलिस डंपर चालक की तलाश और मामले की विधिक कार्यवाही में जुट गई है।
- Shailendra Gupta jansewak unchahar1
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1
- Post by प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी1
- Post by KEN1
- गाड़ीजबबबबथमभजबजज्ञजहजढजभहजठजभेहक्षयमण1
- आज शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) जनपद प्रतापगढ़ की मासिक बैठक कुंडा कचहरी स्थित उपजिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष आयोजित की गई। जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश पटेल की अध्यक्षता एवं जिला प्रभारी कुलदीप पाण्डेय के संचालन में संपन्न हुई इस बैठक में किसानों और आम जनमानस से जुड़ी ज्वलंत समस्याओं पर गहन चर्चा की गई। बैठक के पश्चात विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन तहसीलदार कुंडा को सौंपा गया। प्रमुख मांगें और मुद्दे: यूनियन ने प्रशासन के सामने निम्नलिखित प्रमुख बिंदु रखे: किसान सम्मान निधि व रजिस्ट्री: किसान सम्मान निधि में व्याप्त अनियमितताओं को तत्काल दूर करने और 'फार्मर रजिस्ट्री' की प्रक्रिया को सुगम बनाने की मांग की गई। शिक्षा में सुधार: निजी स्कूलों द्वारा कॉपी-किताबों के नाम पर अभिभावकों के आर्थिक शोषण को रोकने और शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत निर्बल बच्चों के 25% कोटे को कड़ाई से लागू करने पर जोर दिया गया। गैस किल्लत: क्षेत्र में हो रही एलपीजी गैस की किल्लत को जल्द से जल्द दूर करने की मांग उठाई गई। राजस्व विभाग में सुधार: राजस्व निरीक्षकों द्वारा भूमि अंश निर्धारण में धांधली और अवैध वसूली पर लगाम लगाने की चेतावनी दी गई। आवारा पशु: किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहे आवारा पशुओं को अविलंब गौशाला भिजवाने की मांग की गई। नेताओं का संबोधन: जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश पटेल ने कहा कि किसान आज चौतरफा समस्याओं से घिरा है। यदि राजस्व विभाग में अवैध वसूली और स्कूलों की मनमानी नहीं रुकी, तो संगठन बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगा। बैठक में भारी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से: श्याम लाल यादव (जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष) अजीत कुमार मिश्र (जिला मीडिया प्रभारी) ओमप्रकाश जायसवाल (जिला महामंत्री) राजेंद्र प्रसाद पांडे (जिला सलाहकार) फूलचंद गौतम (जिला सचिव) महिला शक्ति: सीता गौतम, सीमा यादव (जिला उपाध्यक्ष), अमीना खातून (सचिव), गुडान देवी, पतरका देवी, मंजू देवी और संगीता देवी। ब्लॉक व तहसील स्तर: राजेश कुमार पाल (तहसील अध्यक्ष कुंडा), बिजयशंकर धुरिया (ब्लॉक अध्यक्ष कालाकांकर), फूलचंद सरोज (ब्लॉक अध्यक्ष बाबागंज) और रावेन्द्र कुमार यादव। प्रशासनिक आश्वासन: तहसीलदार कुंडा ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है। यूनियन के नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ, तो आगामी रणनीति के तहत विरोध प्रदर्शन को और तेज किया जाएगा।1
- इशहाक अली, जो सरकारी अस्पताल में कर्मचारी थे, 31 दिसंबर 2019 को सेवानिवृत्त हुए, लेकिन उससे करीब 7 साल पहले ही राजस्व अभिलेखों में उन्हें मृत दर्ज कर दिया गया!! आरोप है कि लेखपाल ने उनकी पैतृक जमीन उन्हें मृत दिखाकर एक महिला के नाम दाखिल-खारिज कर दी!! इसी के विरोध में इशहाक अली कफ़न ओढ़कर डीएम कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के सामने खुद को जिंदा साबित करने की कोशिश की!! पिछले 7 वर्षों से वह सरकारी रिकॉर्ड में अपनी पहचान और हक वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं!!1
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1
- Post by प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी1