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देश में बड़े पैमाने पर विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिसके तहत 21 हजार करोड़ से अधिक के विकास कार्य शुरू हुए हैं। इन परियोजनाओं में सड़क, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, स्वास्थ्य सेवाओं और औद्योगिक विकास से जुड़े कार्यों का शुभारंभ किया गया है। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य देश में कनेक्टिविटी बढ़ाना, रोजगार के अवसर पैदा करना और लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की आधारभूत संरचना परियोजनाएं आने वाले वर्षों में आर्थिक विकास को और अधिक मजबूत कर सकती हैं।

9 hrs ago
user_Dilip Kumar Bharti
Dilip Kumar Bharti
Local News Reporter नरैनी, बांदा, उत्तर प्रदेश•
9 hrs ago

देश में बड़े पैमाने पर विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिसके तहत 21 हजार करोड़ से अधिक के विकास कार्य शुरू हुए हैं। इन परियोजनाओं में सड़क, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, स्वास्थ्य सेवाओं और औद्योगिक विकास से जुड़े कार्यों का शुभारंभ किया गया है। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य देश में कनेक्टिविटी बढ़ाना, रोजगार के अवसर पैदा करना और लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की आधारभूत संरचना परियोजनाएं आने वाले वर्षों में आर्थिक विकास को और अधिक मजबूत कर सकती हैं।

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  • देश में बड़े पैमाने पर विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिसके तहत 21 हजार करोड़ से अधिक के विकास कार्य शुरू हुए हैं। इन परियोजनाओं में सड़क, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, स्वास्थ्य सेवाओं और औद्योगिक विकास से जुड़े कार्यों का शुभारंभ किया गया है। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य देश में कनेक्टिविटी बढ़ाना, रोजगार के अवसर पैदा करना और लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की आधारभूत संरचना परियोजनाएं आने वाले वर्षों में आर्थिक विकास को और अधिक मजबूत कर सकती हैं।
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    देश में बड़े पैमाने पर विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिसके तहत 21 हजार करोड़ से अधिक के विकास कार्य शुरू हुए हैं। इन परियोजनाओं में सड़क, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, स्वास्थ्य सेवाओं और औद्योगिक विकास से जुड़े कार्यों का शुभारंभ किया गया है।

इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य देश में कनेक्टिविटी बढ़ाना, रोजगार के अवसर पैदा करना और लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की आधारभूत संरचना परियोजनाएं आने वाले वर्षों में आर्थिक विकास को और अधिक मजबूत कर सकती हैं।
    user_Dilip Kumar Bharti
    Dilip Kumar Bharti
    Local News Reporter नरैनी, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • बांदा के नरैनी क्षेत्र स्थित पुकारी गांव में एक युवक की मौत ने अवैध मोरम खनन के 'काले सच' को एक बार फिर उजागर कर दिया है। दिनेश कुमार त्रिवेदी नामक युवक की खदान में हुई मौत को लेकर परिजनों ने सीधे-सीधे हत्या का आरोप लगाया है; उनका दावा है कि युवक को पोकलैंड मशीन के बकेट से वार कर मौत के घाट उतारा गया है। परिजनों के अनुसार, खदान में अनियमितताओं को लेकर हुए विवाद के बाद दिनेश की जान चली गई। इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि यदि खदान के पास संचालन की कोई वैध अनुमति नहीं थी, तो यह कारोबार आखिर किसके संरक्षण में चल रहा था। ग्रामीणों का मानना है कि जिस खदान को कागजों में अस्तित्वहीन होना चाहिए था, वहां मशीनें कैसे काम कर रही थीं और मजदूर कैसे लगाए गए थे। यह मामला केवल एक व्यक्ति की मौत का नहीं, बल्कि अवैध खनन की शिकायतों के बावजूद अक्सर मौन रहने वाली व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है, लेकिन ग्रामीणों के बीच यह चर्चा है कि अगर खदान वास्तव में अवैध थी, तो जिम्मेदारी केवल आरोपित व्यक्तियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन सवालों के जवाब भी तलाशने होंगे कि आखिर कानून की आंखों के सामने यह खेल कब से और कैसे चलता रहा। इस घटना से दिनेश के परिवार में गहरा शोक और आक्रोश है, और अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि जब अवैध कारोबार बेलगाम हो जाते हैं, तो उसकी कीमत अक्सर किसी न किसी की जान बन जाती है।
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    बांदा के नरैनी क्षेत्र स्थित पुकारी गांव में एक युवक की मौत ने अवैध मोरम खनन के 'काले सच' को एक बार फिर उजागर कर दिया है। दिनेश कुमार त्रिवेदी नामक युवक की खदान में हुई मौत को लेकर परिजनों ने सीधे-सीधे हत्या का आरोप लगाया है; उनका दावा है कि युवक को पोकलैंड मशीन के बकेट से वार कर मौत के घाट उतारा गया है।

परिजनों के अनुसार, खदान में अनियमितताओं को लेकर हुए विवाद के बाद दिनेश की जान चली गई। इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि यदि खदान के पास संचालन की कोई वैध अनुमति नहीं थी, तो यह कारोबार आखिर किसके संरक्षण में चल रहा था। ग्रामीणों का मानना है कि जिस खदान को कागजों में अस्तित्वहीन होना चाहिए था, वहां मशीनें कैसे काम कर रही थीं और मजदूर कैसे लगाए गए थे।

यह मामला केवल एक व्यक्ति की मौत का नहीं, बल्कि अवैध खनन की शिकायतों के बावजूद अक्सर मौन रहने वाली व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है, लेकिन ग्रामीणों के बीच यह चर्चा है कि अगर खदान वास्तव में अवैध थी, तो जिम्मेदारी केवल आरोपित व्यक्तियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन सवालों के जवाब भी तलाशने होंगे कि आखिर कानून की आंखों के सामने यह खेल कब से और कैसे चलता रहा।

इस घटना से दिनेश के परिवार में गहरा शोक और आक्रोश है, और अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिकी हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि जब अवैध कारोबार बेलगाम हो जाते हैं, तो उसकी कीमत अक्सर किसी न किसी की जान बन जाती है।
    user_Amod Kumar
    Amod Kumar
    रिपोर्टर बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • जनपद बांदा में थाना बबेरू पुलिस ने चोरी और टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक संगठित गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से 14,100 रुपये नकद और घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल बरामद की है। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए इन अभियुक्तों के बैंक खातों में आपराधिक घटनाओं से अर्जित 2.84 लाख रुपये की अवैध धनराशि को चिन्हित कर नियमानुसार फ्रीज करा दिया है। पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत, अपर पुलिस अधीक्षक बांदा श्री शिवराज के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी बबेरु श्री कृष्ण कांत त्रिपाठी के नेतृत्व में यह गिरफ्तारी की गई। थाना बबेरू पुलिस को 07.06.2026 की रात्रि को ओरन रोड पर तीन संदिग्ध व्यक्तियों और एक मोटरसाइकिल के खड़े होने की सूचना मिली। मौके पर पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को हिरासत में लिया, जिनकी तलाशी के दौरान 14,100 रुपये नकद मिले। कड़ाई से पूछताछ करने पर अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे एक संगठित गिरोह बनाकर रुपयों की चोरी, टप्पेबाजी और रुपए दोगुना करने के आकर्षक व भ्रामक लालच देकर लोगों को ठगते हैं। उन्होंने विभिन्न थाना क्षेत्रों में की गई अपनी कई घटनाओं को भी कबूल किया। बरामद बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल के संबंध में अभियुक्त अनुराग पुत्र शिवप्रसाद ने बताया कि यह उसी के नाम पर पंजीकृत है, जिसे उसने चोरी और टप्पेबाजी से प्राप्त रुपयों से किश्तों पर खरीदा था और मासिक किश्तों का भुगतान भी इसी अवैध तरीके से करता था। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य सुनियोजित तरीके से लोगों को चिह्नित करते थे, फिर अवसर पाकर चोरी या टप्पेबाजी करते थे, और एक सदस्य आसपास की गतिविधियों पर नज़र रखता था तथा पीड़ित का विश्वास जीतने के लिए सामान्य भले व्यक्ति के रूप में खुद को प्रस्तुत करता था। इस गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी रामचन्द्र उर्फ मुंशी द्वारा 04.06.2026 को और विनय प्रताप द्वारा 07.06.2026 को थाना बबेरू पर दी गई सूचनाओं के बाद हुई। इन सूचनाओं के आधार पर तत्काल अभियोग पंजीकृत कर टीमों का गठन किया गया था, जिन्होंने ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरों और अन्य वैज्ञानिक व तकनीकी साक्ष्यों का प्रयोग किया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान कैलाश पुत्र छंगू, राजकुमार पुत्र रामराज और अनुराग पुत्र शिवप्रसाद के रूप में हुई है, ये सभी ओझा नगर थाना कमासिन जनपद बांदा के निवासी हैं। अभियुक्त कैलाश एक शातिर अपराधी है जिस पर एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। इनके खिलाफ थाना बबेरू, अतर्रा और मरका में भी संबंधित धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। पुलिस टीम द्वारा अब इस मामले में और गहनता से पूछताछ कर जांच की जा रही है कि इनके द्वारा किन-किन अन्य स्थानों पर कितने और लोगों के साथ इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया गया है।
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    जनपद बांदा में थाना बबेरू पुलिस ने चोरी और टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक संगठित गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से 14,100 रुपये नकद और घटना में प्रयुक्त एक मोटरसाइकिल बरामद की है। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए इन अभियुक्तों के बैंक खातों में आपराधिक घटनाओं से अर्जित 2.84 लाख रुपये की अवैध धनराशि को चिन्हित कर नियमानुसार फ्रीज करा दिया है।

पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत, अपर पुलिस अधीक्षक बांदा श्री शिवराज के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी बबेरु श्री कृष्ण कांत त्रिपाठी के नेतृत्व में यह गिरफ्तारी की गई। थाना बबेरू पुलिस को 07.06.2026 की रात्रि को ओरन रोड पर तीन संदिग्ध व्यक्तियों और एक मोटरसाइकिल के खड़े होने की सूचना मिली। मौके पर पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को हिरासत में लिया, जिनकी तलाशी के दौरान 14,100 रुपये नकद मिले। कड़ाई से पूछताछ करने पर अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे एक संगठित गिरोह बनाकर रुपयों की चोरी, टप्पेबाजी और रुपए दोगुना करने के आकर्षक व भ्रामक लालच देकर लोगों को ठगते हैं। उन्होंने विभिन्न थाना क्षेत्रों में की गई अपनी कई घटनाओं को भी कबूल किया। बरामद बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल के संबंध में अभियुक्त अनुराग पुत्र शिवप्रसाद ने बताया कि यह उसी के नाम पर पंजीकृत है, जिसे उसने चोरी और टप्पेबाजी से प्राप्त रुपयों से किश्तों पर खरीदा था और मासिक किश्तों का भुगतान भी इसी अवैध तरीके से करता था। जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य सुनियोजित तरीके से लोगों को चिह्नित करते थे, फिर अवसर पाकर चोरी या टप्पेबाजी करते थे, और एक सदस्य आसपास की गतिविधियों पर नज़र रखता था तथा पीड़ित का विश्वास जीतने के लिए सामान्य भले व्यक्ति के रूप में खुद को प्रस्तुत करता था।

इस गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी रामचन्द्र उर्फ मुंशी द्वारा 04.06.2026 को और विनय प्रताप द्वारा 07.06.2026 को थाना बबेरू पर दी गई सूचनाओं के बाद हुई। इन सूचनाओं के आधार पर तत्काल अभियोग पंजीकृत कर टीमों का गठन किया गया था, जिन्होंने ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरों और अन्य वैज्ञानिक व तकनीकी साक्ष्यों का प्रयोग किया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान कैलाश पुत्र छंगू, राजकुमार पुत्र रामराज और अनुराग पुत्र शिवप्रसाद के रूप में हुई है, ये सभी ओझा नगर थाना कमासिन जनपद बांदा के निवासी हैं। अभियुक्त कैलाश एक शातिर अपराधी है जिस पर एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। इनके खिलाफ थाना बबेरू, अतर्रा और मरका में भी संबंधित धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत किए गए हैं।

पुलिस टीम द्वारा अब इस मामले में और गहनता से पूछताछ कर जांच की जा रही है कि इनके द्वारा किन-किन अन्य स्थानों पर कितने और लोगों के साथ इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया गया है।
    user_Surash Sahu
    Surash Sahu
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • धवारी, सतना में अनियमित विद्युत कटौती ने स्थानीय जनता को भारी परेशानी में डाल दिया है। लगातार शिकायतों के बावजूद बिजली कटौती की स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे शहरवासी परेशान हैं। जनता का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना के हो रही ये कटौतियाँ भ्रष्टाचार के कारण व्यवस्था के पूरी तरह से चरमरा जाने का परिणाम हैं। साथ ही, यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या प्रदेश के कर्ज में चलने की वजह से ऐसे हालात उत्पन्न हुए हैं। भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने इन सभी मामलों की गहन जांच की मांग की है।
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    धवारी, सतना में अनियमित विद्युत कटौती ने स्थानीय जनता को भारी परेशानी में डाल दिया है। लगातार शिकायतों के बावजूद बिजली कटौती की स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे शहरवासी परेशान हैं। जनता का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना के हो रही ये कटौतियाँ भ्रष्टाचार के कारण व्यवस्था के पूरी तरह से चरमरा जाने का परिणाम हैं। साथ ही, यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या प्रदेश के कर्ज में चलने की वजह से ऐसे हालात उत्पन्न हुए हैं। भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने इन सभी मामलों की गहन जांच की मांग की है।
    user_जितेंद्र राय
    जितेंद्र राय
    रघुराजनगर नगरीय, सतना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • पन्ना जिले के उड़की गांव में एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई है, जिसमें दो व्यक्तियों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इस दुखद घटना के कारण पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।
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    पन्ना जिले के उड़की गांव में एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई है, जिसमें दो व्यक्तियों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इस दुखद घटना के कारण पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।
    user_Sitaram rai
    Sitaram rai
    Media Consultant सिमरिया, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • बांधवगढ़ नेशनल पार्क में सतना के एक युवा वन्यप्राणी प्रेमी और फोटोग्राफर द्वारा कैमरे में कैद किया गया एक दुर्लभ नजारा पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों के बीच काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। बांधवगढ़ नेशनल पार्क अपनी घनी बाघ आबादी और अद्‍भुत वन्यजीवन के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है, जहाँ अक्सर कुछ ऐसे दुर्लभ क्षण देखने को मिलते हैं जो किसी भी फोटोग्राफर के लिए जीवनभर की पूंजी बन जाते हैं। सतना के इस युवा ने बांधवगढ़ में कैमरे में कैद करके ऐसा ही एक बेहद खास और जीवनभर का सबसे दुर्लभ पल दर्ज किया है।
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    बांधवगढ़ नेशनल पार्क में सतना के एक युवा वन्यप्राणी प्रेमी और फोटोग्राफर द्वारा कैमरे में कैद किया गया एक दुर्लभ नजारा पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों के बीच काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। बांधवगढ़ नेशनल पार्क अपनी घनी बाघ आबादी और अद्‍भुत वन्यजीवन के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है, जहाँ अक्सर कुछ ऐसे दुर्लभ क्षण देखने को मिलते हैं जो किसी भी फोटोग्राफर के लिए जीवनभर की पूंजी बन जाते हैं। सतना के इस युवा ने बांधवगढ़ में कैमरे में कैद करके ऐसा ही एक बेहद खास और जीवनभर का सबसे दुर्लभ पल दर्ज किया है।
    user_प्रखर प्रवक्ता न्यूज
    प्रखर प्रवक्ता न्यूज
    Newspaper publisher रघुराजनगर नगरीय, सतना, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की ग्राम पंचायत महोखर गांव में पिछले पाँच सालों से नाली की सफाई नहीं की गई है।
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    उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की ग्राम पंचायत महोखर गांव में पिछले पाँच सालों से नाली की सफाई नहीं की गई है।
    user_Jay Ravan
    Jay Ravan
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • पन्ना जिले के उड़की गांव में एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई है, जिसमें दो लोगों की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।
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    पन्ना जिले के उड़की गांव में एक गंभीर सड़क दुर्घटना हुई है, जिसमें दो लोगों की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस दुखद घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है।
    user_Sitaram rai
    Sitaram rai
    Media Consultant सिमरिया, पन्ना, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
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