महायुद्ध की आहट: अमेरिका और इजरायल का ईरान पर भीषण हमला, मिडिल ईस्ट में कोहराम तेहरान/वॉशिंगटन | 28 फरवरी, 2026 आज दुनिया एक बार फिर महायुद्ध के मुहाने पर खड़ी नजर आ रही है। शनिवार तड़के अमेरिका और इजरायल ने एक संयुक्त सैन्य अभियान 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोल दिया है। इस हमले ने न केवल मध्य पूर्व (Middle East) बल्कि पूरी दुनिया की भू-राजनीति को हिलाकर रख दिया है। प्रमुख घटनाक्रम: क्या हुआ और कैसे? स्थानीय समयानुसार तड़के करीब 3:00 बजे ईरान की राजधानी तेहरान, इस्फ़हान और शिराज जैसे प्रमुख शहरों में भीषण धमाकों की आवाज़ सुनी गई। निशाने पर कौन: अमेरिकी पेंटागन और इजरायली रक्षा बलों (IDF) के अनुसार, यह हमला ईरान के परमाणु केंद्रों, बैलिस्टिक मिसाइल डिपो और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के मुख्यालयों को निशाना बनाकर किया गया था। बड़ी क्षति: अपुष्ट खबरों के अनुसार, इस हमले में ईरान के रक्षा मंत्री अमीर नासिरजादेह और कई वरिष्ठ सैन्य कमांडरों के मारे जाने की खबर है। ईरानी रेड क्रिसेंट ने अब तक 201 मौतों की पुष्टि की है, जबकि घायलों की संख्या 700 के पार पहुँच गई है। ईरान का पलटवार और 'नर्क' जैसी स्थिति हमले के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने भीषण जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। ईरान ने "प्रतिशोध" की कसम खाते हुए इजरायल के तेल अवीव और हाइफ़ा शहरों पर 400 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। इसके अलावा, खाड़ी देशों (UAE और कुवैत) में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी ड्रोन हमले किए गए हैं। वैश्विक प्रतिक्रिया और भारत का रुख अमेरिका: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस से जारी बयान में कहा, "हमने ईरान के परमाणु खतरे को हमेशा के लिए खत्म करने का फैसला किया है। यह हमला दुनिया की सुरक्षा के लिए जरूरी था।" भारत: भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस घटना पर "गहरी चिंता" व्यक्त की है। भारत ने सभी पक्षों से तुरंत युद्ध रोकने और बातचीत की मेज पर आने की अपील की है। तेहरान और तेल अवीव में भारतीय दूतावासों ने नागरिकों के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन जारी की है। रूस और चीन: दोनों देशों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे "अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन" बताया है। दुनिया पर असर: तेल और शेयर बाज़ार इस युद्ध की खबर फैलते ही वैश्विक अर्थव्यवस्था में हड़कंप मच गया है। कच्चा तेल: अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें अचानक 15% तक बढ़ गई हैं, जिससे पेट्रोल-डीजल महंगा होने की आशंका है। शेयर बाज़ार: भारत सहित दुनिया भर के शेयर बाज़ारों में भारी गिरावट देखी गई है। निवेशक अपना पैसा निकालकर सोने (Gold) में निवेश कर रहे हैं, जिससे सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई हैं। मौजूदा स्थिति: फिलहाल पूरे खाड़ी क्षेत्र में 'नो-फ्लाई ज़ोन' घोषित कर दिया गया है। युद्ध की विभीषिका को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आपात बैठक बुलाई गई है।
महायुद्ध की आहट: अमेरिका और इजरायल का ईरान पर भीषण हमला, मिडिल ईस्ट में कोहराम तेहरान/वॉशिंगटन | 28 फरवरी, 2026 आज दुनिया एक बार फिर महायुद्ध के मुहाने पर खड़ी नजर आ रही है। शनिवार तड़के अमेरिका और इजरायल ने एक संयुक्त सैन्य अभियान 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोल दिया है। इस हमले ने न केवल मध्य पूर्व (Middle East) बल्कि पूरी दुनिया की भू-राजनीति को हिलाकर रख दिया है। प्रमुख घटनाक्रम: क्या हुआ और कैसे? स्थानीय समयानुसार तड़के करीब 3:00 बजे ईरान की राजधानी तेहरान, इस्फ़हान और शिराज जैसे प्रमुख शहरों में भीषण धमाकों की आवाज़ सुनी गई। निशाने पर कौन: अमेरिकी पेंटागन और इजरायली रक्षा बलों (IDF) के अनुसार, यह हमला ईरान के परमाणु केंद्रों, बैलिस्टिक मिसाइल डिपो और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के मुख्यालयों को निशाना बनाकर किया गया था। बड़ी क्षति: अपुष्ट खबरों के अनुसार, इस हमले में ईरान के रक्षा मंत्री अमीर नासिरजादेह और कई वरिष्ठ सैन्य कमांडरों के मारे जाने की खबर है। ईरानी रेड क्रिसेंट ने अब तक 201 मौतों की पुष्टि की है, जबकि घायलों की संख्या 700 के पार पहुँच गई है। ईरान का पलटवार और 'नर्क' जैसी स्थिति हमले के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने भीषण जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। ईरान ने "प्रतिशोध" की कसम खाते हुए इजरायल के तेल अवीव और हाइफ़ा शहरों पर 400 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। इसके अलावा, खाड़ी देशों (UAE और कुवैत) में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी ड्रोन हमले किए गए हैं। वैश्विक प्रतिक्रिया और भारत का रुख अमेरिका: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस से जारी बयान में कहा, "हमने ईरान के परमाणु खतरे को हमेशा के लिए खत्म करने का फैसला किया है। यह हमला दुनिया की सुरक्षा के लिए जरूरी था।" भारत: भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस घटना पर "गहरी चिंता" व्यक्त की है। भारत ने सभी पक्षों से तुरंत युद्ध रोकने और बातचीत की मेज पर आने की अपील की है। तेहरान और तेल अवीव में भारतीय दूतावासों ने नागरिकों के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन जारी की है। रूस और चीन: दोनों देशों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे "अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन" बताया है। दुनिया पर असर: तेल और शेयर बाज़ार इस युद्ध की खबर फैलते ही वैश्विक अर्थव्यवस्था में हड़कंप मच गया है। कच्चा तेल: अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें अचानक 15% तक बढ़ गई हैं, जिससे पेट्रोल-डीजल महंगा होने की आशंका है। शेयर बाज़ार: भारत सहित दुनिया भर के शेयर बाज़ारों में भारी गिरावट देखी गई है। निवेशक अपना पैसा निकालकर सोने (Gold) में निवेश कर रहे हैं, जिससे सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई हैं। मौजूदा स्थिति: फिलहाल पूरे खाड़ी क्षेत्र में 'नो-फ्लाई ज़ोन' घोषित कर दिया गया है। युद्ध की विभीषिका को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आपात बैठक बुलाई गई है।
- BhagwandaskoriSihora, Jabalpur🙏20 hrs ago
- Post by Deepak Tiwari (Sonu)2
- *मैहर के ग्रामीणों ने ओवरलोड वाहनों के खिलाफ अपनाया व्यंग्यपूर्ण विरोध* मध्य प्रदेश के मैहर जिले के ग्राम सोनवारी में ओवरलोड खनिज वाहनों और तेज रफ्तार सवारी गाडिय़ों के खिलाफ ग्रामीणों ने एक अनोखा और व्यंग्यपूर्ण प्रदर्शन किया है। हजारों शिकायतों के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई सख्त कार्रवाई न होने पर लोगों का गुस्सा इस बार हंसी-मजाक और तंज के रूप में फूट पड़ा। ग्रामीणों ने सड़क पर ओवरलोड ट्रकों और बसों को रोका, ड्राइवरों को फूलों की माला पहनाई, चंदन का तिलक लगाया, मिठाई खिलाई और घंटी बजाकर उनका जोरदार स्वागत किया। फिर उन्होंने तंज कसते हुए कहा, धन्यवाद! आप मैहर प्रशासन के सहयोग से इस सड़क पर मोक्षदायिनी विमान दौड़ा रहे हैं। आम जनता को कीड़ा-मकोड़ा समझकर कुचलते रहिए, प्रशासन आपके साथ है! ग्रामीणों का आरोप है कि ये ओवरलोड खनिज वाहन और तेज रफ्तार वाली गाडिय़ां आए दिन हादसे न्योता दे रही हैं। सड़कें जर्जर हो रही हैं, लोगों की जान जोखिम में है, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही। इस अनोखे विरोध ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल गर्म कर दिया है और सोशल मीडिया पर भी लोग इसकी तस्वीरें शेयर कर सिस्टम पर सवाल उठा रहे हैं। यह प्रदर्शन न केवल ग्रामीणों की निराशा को दर्शाता है, बल्कि प्रशासन को आईना भी दिखा रहा है। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस व्यंग्य को समझते हुए ओवरलोड और तेज रफ्तार वाहनों पर सख्ती दिखाएगा, या फिर व्यंग्य ही जनता की आवाज बनकर रह जाएगा? मैहर की यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि जब सिस्टम सुनता नहीं, तो जनता अपनी भाषा में जवाब देती है।3
- सतना, मध्य प्रदेश सतना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे अपहरण और दुष्कर्म के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान संदीप उर्फ लल्लू साकेत के रूप में हुई है, जिस पर पुलिस ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। मुख्य घटनाक्रम पुरानी रंजिश/मामला: यह मामला 10 जुलाई 2024 का है। कोलगवां थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक नाबालिग लड़की रहस्यमय तरीके से लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत: नाबालिग के गायब होने के बाद परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की, जिसमें खुलासा हुआ कि आरोपी ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर उसका अपहरण किया और उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस की कार्रवाई: कोलगवां थाना प्रभारी सुदीप सोनी ने बताया कि मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी संदीप को पकड़ने में कामयाबी हासिल की। गिरफ्तारी और जेल आरोपी घटना के बाद से ही लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे न्यायालय (कोर्ट) में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। नोट: पुलिस अब इस मामले में आगे की कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर रही है ताकि आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।1
- लखनऊ में बिरयानी की दुकान के फ्रीजर में मिला 35 वर्षीय युवक का शव1
- *मैहर,होली पर्व के मद्देनजर शहर में मैहर पुलिस ने निकाला फ्लैग मार्च*1
- *PWD की बनाई सड़क जर्जर, टूटी:घटिया निर्माण का आरोप; स्थानीय लोगों में रोष, लाखों रुपए दिखाई गई लागत* *40 दिन पहले बनाई गई सड़क कई जगह से उखड़ गई है*। अमरपाटन में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वीरदत्त से कुम्हारी रोड का निर्माण मात्र 40 दिन पहले पूरा हुआ था, लेकिन अब यह कई जगहों से टूट चुकी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। यह सड़क दो साल तक क्षतिग्रस्त अवस्था में पड़ी रही और स्थानीय लोगों की लगातार मांग के बाद इसका निर्माण कार्य शुरू किया गया। निवासियों का कहना है कि जहां सड़क निर्माण की लागत लाखों रुपये दिखाई गई, वहीं वास्तविक खर्च एक लाख रुपये से भी कम का लगता है। इससे बड़े घोटाले की आशंका जताई जा रही है। जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग आक्रोशित स्थानीय लोगों ने इस मामले को डीएम से लेकर मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का निर्णय लिया है। उनकी मांग है कि सरकारी धन का दुरुपयोग करने वाले अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। वर्तमान में सड़क की खस्ता हालत के कारण लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।4
- *रजक समाज मैहर के द्वारा राष्ट्र संत गाडगे बाबा की 150वीं जयंती बड़े धूमधाम से मनाई गई।* मैहर - सोमवती आश्रम रजक समाज समिति मैहर संयुक्त अखंड भारत रजक महासभा के द्वारा स्वच्छता अभियान के जनक राष्ट्र संत गाडगे बाबा जी की 150वीं जयंती बड़े धूमधाम से मैहर में मनाई गई ।एबीआरएम के प्रदेश अध्यक्ष अशोक रजक सतना, अखंड भारत रजक महासभा सतना के जिला अध्यक्ष लक्ष्मीकांत रजक पूर्व सरपंच बरेठिया,जिला संरक्षक रमेश रजक बगहा के विशेष अतिथि के रूप शामिल हुए सबसे पहले सभी अतिथि एवं सामाजिक बंधुओं ने राष्ट्र संत गाडगे बाबा के छाया चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर पुष्प अर्पित कर कोटि कोटि प्रणाम नमन किया। संस्कृति नृत्य कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम के संयोजक संतोष रजक अध्यक्ष मैहर रहे।जिसमें मुख्य रूप से युवा जिला उपाध्यक्ष महेन्द्र रजक सतना, कैलाश नाथ रजक,कैदीलाल रजक, महेन्द्र रजक, संतोष रजक,शुभम रजक , सूरज रजक, आशीष रजक, मीडिया प्रभारी धर्मेन्द्र रजक हिलौंधा, आदि सैकड़ों लोग एवं महिला शक्ति मौजूद रही।1
- सतना, मध्य प्रदेश सतना जिले में मिलावटखोरों और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस के कड़े निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम शहर में लगातार जांच अभियान चला रही है। खोवा मंडी और मिठाई कारखानों पर छापा शनिवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जगतदेव तालाब रोड स्थित प्रसिद्ध खोवा मंडी में औचक छापेमारी की। इस दौरान टीम ने मंडी के भीतर संचालित कई मिठाई कारखानों का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच के दौरान अधिकारियों को कई कारखानों में भारी गंदगी और साफ-सफाई की कमी देखने को मिली, जो स्वास्थ्य मानकों के खिलाफ है। नमूने लिए गए, विक्रेताओं में मचा हड़कंप कार्यवाही के दौरान टीम ने विभिन्न प्रकार की मिठाइयों और कच्ची सामग्रियों के सैंपल (नमूने) एकत्र किए हैं, जिन्हें लैब में जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित संचालकों पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जैसे ही खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची, वहां हड़कंप मच गया। कई विक्रेता और दुकानदार अपनी दुकानें और सामान छोड़कर मौके से भाग खड़े हुए। प्रशासन की चेतावनी खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी मिठाई निर्माता या विक्रेता को बख्शा नहीं जाएगा। दुकानदारों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे निर्माण स्थल पर स्वच्छता बनाए रखें और शुद्ध सामग्री का ही उपयोग करें।1