बुधवार सुबह देवरीधाम सिद्ध पीठ सभागार में उपखंड प्रशासन, राजस्व विभाग और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने झरना तालाब डूब क्षेत्र से प्रभावित किसानों के साथ एक समन्वय बैठक की। लगभग चार घंटे तक चली इस बैठक में किसानों की समस्याओं को सुना गया और उनके समाधान पर विस्तृत चर्चा हुई। किसानों ने भूमि अधिग्रहण की खामियों को दूर करने और प्रभावित भूमि के लिए उचित मुआवजा प्रदान करने की जोरदार मांग उठाई। उल्लेखनीय है कि झरना तालाब के निर्माण के लिए राज्य सरकार द्वारा लगभग ₹25 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं, लेकिन भूमि अधिग्रहण संबंधी विवादों के कारण पहले भी किसानों ने न्यायालय का रुख किया था, जिससे निर्माण कार्य बाधित हुआ था। बैठक में अधिकारियों ने किसानों की आपत्तियां ध्यान से सुनीं और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में किसानों की उपस्थिति दर्ज की गई।
बुधवार सुबह देवरीधाम सिद्ध पीठ सभागार में उपखंड प्रशासन, राजस्व विभाग और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने झरना तालाब डूब क्षेत्र से प्रभावित किसानों के साथ एक समन्वय बैठक की। लगभग चार घंटे तक चली इस बैठक में किसानों की समस्याओं को सुना गया और उनके समाधान पर विस्तृत चर्चा हुई। किसानों ने भूमि अधिग्रहण की खामियों को दूर करने और प्रभावित भूमि के लिए उचित मुआवजा प्रदान करने की जोरदार मांग उठाई। उल्लेखनीय है कि झरना तालाब के निर्माण के लिए राज्य सरकार द्वारा लगभग ₹25 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं, लेकिन भूमि अधिग्रहण संबंधी विवादों के कारण पहले भी किसानों ने न्यायालय का रुख किया था, जिससे निर्माण कार्य बाधित हुआ था। बैठक में अधिकारियों ने किसानों की आपत्तियां ध्यान से सुनीं और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में किसानों की उपस्थिति दर्ज की गई।
- बारां जिले की सकरावदा ग्राम पंचायत में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया, जहाँ ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। इस दौरान अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निस्तारण के स्पष्ट निर्देश दिए गए। सहायक विकास अधिकारी और शिविर प्रभारी विश्वनाथ नागर ने जानकारी दी कि इस शिविर में बीडीओ हर्ष कुमार महावर और तहसीलदार हुकमचंद मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। शिविर में ग्रामीणों से प्राप्त हुई कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष लंबित आवेदनों पर समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए। शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने विशेष गतिविधियां संचालित कीं। इसके अतिरिक्त, पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड और आवासीय पट्टों का भी वितरण किया गया। इस पहल से न केवल ग्रामीणों की समस्याओं का प्रभावी ढंग से निस्तारण हुआ, बल्कि उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ भी मिला।1
- शिवपुरी जिले के नरवर नगर शहर में स्थित ग्राम कुंजपुरा, एस भैया का पूरा और ऐश्वर्या का पूरा क्षेत्रों में आदिवासी कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष नेता का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर उनका स्वागत 'पांचवी का सादी बाटी' के साथ 'बड़ा भाभी' द्वारा किया गया।1
- मध्य प्रदेश के ग्राम भयावन, भौंती थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ गांव के ही कुछ लोगों ने प्राइवेट डॉक्टर प्रभान लोधी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों में भारी गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने पुलिस पर समय पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए, थाने के बाहर शव रखकर सड़क जाम कर दिया।1
- जनपद पंचायत नरवर में एक जनकल्याण शिविर का आयोजन किया गया, जहाँ केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनहितैषी योजनाओं की विस्तृत जानकारी आमजन को प्रदान की गई। इस कार्यक्रम के दौरान, मंच से उपस्थित नागरिकों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही, पात्र हितग्राहियों से इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का भी आग्रह किया गया।1
- मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के भौंती थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भयावन में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां कथित रूप से गांव के ही कुछ लोगों द्वारा प्राइवेट डॉक्टर प्रभान लोधी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद भौंती थाने पर जाम लग गया और पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।1
- करेरा नगर परिषद द्वारा अनाज मंडी से झांसी तिराहे तक कराए जा रहे नाला निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण में गुणवत्ता की खुलेआम अनदेखी की जा रही है और सरकारी धन का दुरुपयोग करके भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। ठेकेदार पर निर्धारित मानकों का पालन न करने का आरोप है, जिसमें नाले के निर्माण में कम और निम्न गुणवत्ता की सरिया का उपयोग तथा सीमेंट और रेत की जगह घटिया सामग्री एवं 'जस्ट' (dust/waste) के प्रयोग की चर्चा है। नागरिकों ने आशंका जताई है कि यदि ये आरोप सही साबित हुए तो लाखों रुपये की लागत से बन रहा यह नाला पहली ही बरसात में ध्वस्त हो सकता है। निर्माण स्थल पर नाले का काम कई जगहों पर अधूरा पड़ा होने के बावजूद भुगतान प्रक्रिया जारी रहने की खबरें हैं, जिससे नगर परिषद की कार्यप्रणाली और उसकी निगरानी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लग गया है। आरोपों के अनुसार, संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी अनियमितताएं संभव नहीं हैं। सूत्रों ने नगर परिषद के जिम्मेदार इंजीनियर और ठेकेदार के बीच सांठगांठ की संभावना व्यक्त की है, क्योंकि निर्माण कार्यों में लगातार मिल रही खामियां गुणवत्ता नियंत्रण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की ईमानदारी पर सवाल उठाती हैं। नगरवासियों ने शिवपुरी कलेक्टर, लोकायुक्त और शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों से इस पूरे निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उन्होंने उपयोग की गई सामग्री के नमूने परीक्षण के लिए भेजने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जनता के टैक्स के पैसों से होने वाले विकास कार्यों में इसी तरह भ्रष्टाचार होता रहा, तो विकास केवल कागजों तक ही सीमित रहेगा और जमीनी हकीकत पहली बारिश में बह जाएगी।1
- बुधवार सुबह देवरीधाम सिद्ध पीठ सभागार में उपखंड प्रशासन, राजस्व विभाग और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने झरना तालाब डूब क्षेत्र से प्रभावित किसानों के साथ एक समन्वय बैठक की। लगभग चार घंटे तक चली इस बैठक में किसानों की समस्याओं को सुना गया और उनके समाधान पर विस्तृत चर्चा हुई। किसानों ने भूमि अधिग्रहण की खामियों को दूर करने और प्रभावित भूमि के लिए उचित मुआवजा प्रदान करने की जोरदार मांग उठाई। उल्लेखनीय है कि झरना तालाब के निर्माण के लिए राज्य सरकार द्वारा लगभग ₹25 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं, लेकिन भूमि अधिग्रहण संबंधी विवादों के कारण पहले भी किसानों ने न्यायालय का रुख किया था, जिससे निर्माण कार्य बाधित हुआ था। बैठक में अधिकारियों ने किसानों की आपत्तियां ध्यान से सुनीं और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में किसानों की उपस्थिति दर्ज की गई।1
- मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक निजी चिकित्सक, प्रभान लोधी, की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई है। यह घटना पिछोर के भयावन गांव में हुई। इस निर्मम हत्या के बाद, मृतक डॉक्टर के परिजनों ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए थाने के सामने शव रखकर सड़क जाम कर दिया।1