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अमरवाड़ा (छिंदवाड़ा) से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो विकास के दावों के बीच सिस्टम को शर्मसार करती है। क्षेत्र के एक सुदूर गाँव में सड़क, पुल और एम्बुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में एक गर्भवती महिला की जान आफत में पड़ गई। महिला की हालत बिगड़ने पर एम्बुलेंस गाँव तक नहीं पहुँच सकी, जिसके चलते ग्रामीणों को मजबूरन उसे खटिया पर लिटाकर जान जोखिम में डालते हुए एक नदी पार करानी पड़ी। इसके बाद, महिला को पथरीले रास्तों से मोटरसाइकिल पर किसी तरह अस्पताल पहुँचाया गया। इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य और सड़क सुविधाओं की दयनीय स्थिति की पोल खोलकर रख दी है।
Mukesh Awasthi
अमरवाड़ा (छिंदवाड़ा) से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो विकास के दावों के बीच सिस्टम को शर्मसार करती है। क्षेत्र के एक सुदूर गाँव में सड़क, पुल और एम्बुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में एक गर्भवती महिला की जान आफत में पड़ गई। महिला की हालत बिगड़ने पर एम्बुलेंस गाँव तक नहीं पहुँच सकी, जिसके चलते ग्रामीणों को मजबूरन उसे खटिया पर लिटाकर जान जोखिम में डालते हुए एक नदी पार करानी पड़ी। इसके बाद, महिला को पथरीले रास्तों से मोटरसाइकिल पर किसी तरह अस्पताल पहुँचाया गया। इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य और सड़क सुविधाओं की दयनीय स्थिति की पोल खोलकर रख दी है।
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- टीवी इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री श्वेता तिवारी छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुँचीं। वे नवकार ज्वेलर्स के एक साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित सेलिब्रेशन कार्यक्रम में शामिल होने आई थीं। इस दौरान कार्यक्रम स्थल पर उनकी एक झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में महिला फैंस पहुँचीं, और श्वेता तिवारी के पहुँचते ही फैंस में जबरदस्त उत्साह देखा गया। उनके रायपुर आगमन का एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है।1
- राजिम शहर और आसपास के कई गांवों में सोमवार की सुबह करीब 5:30 बजे लगभग 20 मिनट तक हल्की बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ देर राहत मिली। हालांकि, सुबह 7 बजे से ही तेज धूप और तपिश बढ़ गई। इस नाम मात्र की बारिश के कारण किसानों के खेतों में पर्याप्त नमी नहीं पहुँच पाई है, जिससे धान की बोनी का कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है। किसान इंद्रदेव की कृपादृष्टि की आस में आसमान की ओर निहार रहे हैं। राजिम क्षेत्र के बकली, परसदा जोशी, अरंड, धमनी, किरवई, भैंसातरा, पोखरा, हथखोज, पीतईबंद, कोमा, कुम्ही, चौबेबांधा, सिंधौरी, बरोंडा, श्यामनगर, सुरसाबांधा, देवरी, पथर्रा, नवाडीह, कौंदकेरा, रावड़, लफंदी, बेलटुकरी सहित अनेक गाँवों के किसान अच्छी और नियमित बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि खेतों में पड़ी दरारें अभी तक पूरी तरह से नहीं भर पाई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि गतिविधियां जरूर तेज हुई हैं, लेकिन किसानों के मन में चिंता बढ़ रही है कि यदि समय पर पर्याप्त वर्षा नहीं हुई तो खेती का पूरा कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है और उत्पादन पर भी असर पड़ेगा। किसान इस बीच खाद और बीज की व्यवस्था में लगे हुए हैं, जिसके लिए वे सहकारी समितियों में पंजीयन कराकर सामग्री प्राप्त कर रहे हैं। वहीं, निजी कृषि केंद्रों पर भी खाद की बिक्री जारी है, लेकिन किसानों ने आरोप लगाया है कि कुछ निजी दुकानों में खाद निर्धारित दर से लगभग दोगुनी कीमत पर बेचा जा रहा है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। किसानों ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से निजी दुकानों का नियमित निरीक्षण कर खाद की वास्तविक कीमतों की जांच करने और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, डीजल की बढ़ी कीमतों का असर भी कृषि कार्यों पर साफ दिख रहा है, जिससे ट्रैक्टर से जुताई का किराया बढ़कर 1,200 से 1,400 रुपये प्रति घंटा तक पहुँच गया है। बकली के किसानों सियाराम साहू, डॉ. चंद्रिका साहू, त्रिलोचन साहू, जीतराम मिरी, रामपाल मिरी, किसलाल साहू, भारत मिरी, कमल साहू, दिलीप सेन और कामता प्रसाद साहू ने इस बढ़ी हुई लागत पर चिंता व्यक्त की है। गरियाबंद जिले में लगभग 1.04 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती की जाती है, और मानसून की अनिश्चितता किसानों के लिए एक बड़ी चिंता का कारण बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून राजिम क्षेत्र सहित पूरे छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर चुका है। विभाग ने 25 से 28 जून तक रुक-रुककर वर्षा और बौछारों का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है, जबकि जुलाई के पहले सप्ताह में बारिश की तीव्रता बढ़ने का अनुमान है। इन सभी चुनौतियों के बीच, किसान अभी भी खेतों की मेड़ मरम्मत, साफ-सफाई और उन्हें बुवाई योग्य बनाने में जुटे हुए हैं, ताकि पर्याप्त बारिश होते ही समय पर धान की बोनी शुरू की जा सके और खरीफ सीजन की खेती पटरी पर आ सके।1
- छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ ने अमर जवान की कोठी के संचालक के साथ एक खास मुलाकात की है।1
- बिहार के पूर्व डीजीपी अभ्यानंद ने भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने वायरल वीडियो और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर इसे एनकाउंटर नहीं, बल्कि सीधे-सीधे हत्या बताया है। अभ्यानंद ने चेतावनी दी है कि यदि अदालत में यह साबित हो जाता है कि आत्मसमर्पण के बाद गोली चलाई गई थी, तो इसमें शामिल पुलिस टीम को अपनी बाकी की जिंदगी सलाखों के पीछे काटनी पड़ सकती है। बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर में अब पूर्व डीजीपी अभ्यानंद का नाम भी जुड़ गया है, जिन्होंने सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनलों पर चल रहे वीडियो फुटेज को घटना का आधार बताया। उन्होंने कहा कि वीडियो में मृतक भरत तिवारी द्वारा किए जा रहे फेसबुक लाइव और मीडिया क्लिप्स से स्पष्ट होता है कि उस अकेले व्यक्ति ने अपना हथियार नीचे फेंक दिया था, वह निहत्था था और उसकी तरफ से कोई फायरिंग नहीं हो रही थी। पूर्व डीजीपी ने जोर देकर कहा कि जब कोई अपराधी आत्मसमर्पण कर दे या हथियार डाल दे, तो उसे घेरकर गोली मार देना एनकाउंटर नहीं, बल्कि हत्या है। अभ्यानंद ने गंभीर परिणामों की चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ट्रायल के दौरान यह बात अदालत में साबित हो गई, तो गोली मारने वाले पुलिसकर्मी को लोअर कोर्ट से मृत्युदंड मिलेगा और टीम के अन्य पुलिसकर्मियों को आजीवन कारावास भुगतनी पड़ेगी, क्योंकि इस धारा में तीसरी कोई सजा होती ही नहीं है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि यह एनकाउंटर नहीं था, यह सरेंडर करने के बाद निहत्थे भरत तिवारी की हत्या की गई है, जिसे संविधान में हत्या कहा जाता है।1
- दुर्ग जिले की पुलगांव पुलिस ने गांजा तस्करी और बिक्री में संलिप्त दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से डेढ़ लाख रुपये से अधिक का मादक पदार्थ जब्त किया है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अलग-अलग स्थानों से आरोपियों को दबोचा। जब्त किए गए मादक पदार्थ में कुल 2.992 किलोग्राम गांजा, बिक्री की नगदी ₹700 और अन्य सामग्री शामिल है, जिसकी कुल कीमत ₹1,50,200 बताई गई है। यह कार्यवाही 27 जून 2026 को हुई। पुलिस को सूचना मिली थी कि दुर्ग के पुलगांव स्थित पोटिया रोड पर उटोपिया के सामने एक व्यक्ति अवैध गांजा बेचने की फिराक में है। मौके पर घेराबंदी कर ओमकार यादव (उम्र 21 वर्ष, निवासी कुन्दरापारा, पोटियाकला, पद्मनाभपुर, दुर्ग) को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से थैले में रखा गांजा मिला। पूछताछ में ओमकार ने अपने साथी मोहन कुम्भार (उम्र 24 वर्ष, निवासी टिटलागढ़, ओडिशा, हाल मुकाम गैलेक्सी हाइट्स, बोरसी, पद्मनाभपुर, दुर्ग) के साथ मिलकर गांजा मंगवाने और बेचने की बात कबूली। उसने यह भी बताया कि वे अटल आवास बोरसी पानी टंकी के पास खड़ी एक खराब कार में गांजा की पुड़िया तैयार कर बेचते थे। इसके बाद, पुलिस टीम ने मोहन कुम्भार को भी गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से भी अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद किया। दोनों आरोपियों के विरुद्ध थाना पुलगांव में अपराध क्रमांक 602/2026, धारा 20(ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। घटना का मुख्य कारण अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करना बताया गया है। इस कार्रवाई में सहायक उप निरीक्षक सुभाष साहू, प्रधान आरक्षक सुनील सोनी, प्रधान आरक्षक मनोज पटेल, आरक्षक हेमेन्द्र कुर्रे, आरक्षक मनोज यादव और आरक्षक चालक हरीशचंद सिन्हा की भूमिका सराहनीय रही। दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने और मादक पदार्थों की तस्करी या बिक्री से संबंधित कोई भी सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की है, ऐसे अपराधों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।2
- खरोरा में बलौदाबाजार बायपास रोड स्थित एम.आर.एम. मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल ने अपनी स्थापना के चार वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा और निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन शुरू किया है। इस भव्य आयोजन के पहले ही दिन अस्पताल परिसर में कथा श्रवण के लिए श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। इस धार्मिक उत्सव का शुभारंभ एक भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ, जिसमें पारंपरिक वेशभूषा में सजी मातृशक्ति और अन्य श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के जयघोष के साथ नगर भ्रमण किया। इसके उपरांत, व्यासपीठ से प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य पं. लहरेश्वरानंद महाराज (सिमगा वाले) ने श्रीराम कथा का वाचन किया। प्रथम दिन उन्होंने श्रीराम अवतार और उनकी बाल लीलाओं का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया, जिसने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। धार्मिक आयोजन के साथ-साथ अस्पताल प्रबंधन ने सामाजिक सरोकार की एक अनूठी मिसाल भी पेश की है। इसके तहत दो दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया है, जहाँ विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा क्षेत्रवासियों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर परामर्श दिया जा रहा है। यह त्रिदिवसीय आयोजन 25 से 27 जून तक चलेगा, जिसमें श्रीराम-जानकी विवाह उत्सव, लंका विजय और रामराज्य के प्रसंगों का भी वाचन किया जाएगा। डॉ. नम्रता सिरमौर सहित समस्त अस्पताल प्रबंधन और सिरमौर परिवार इस आयोजन को सफल बनाने में विशेष योगदान दे रहा है।3
- हमारे गांव में एक प्रसिद्ध मौसमी फल, जिसे 'राय जान' कहा जाता है, उसकी इन दिनों विशेष मांग है। बच्चे और यहां तक कि पढ़ने-लिखने वाले छात्र भी इसे खूब पसंद कर रहे हैं और खा रहे हैं। इस मौसमी फल की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए, ऐसी बात सामने आई है कि इसे हमारे देश का राष्ट्रीय फल कहा जाना चाहिए।1
- अमरवाड़ा (छिंदवाड़ा) से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो विकास के दावों के बीच सिस्टम को शर्मसार करती है। क्षेत्र के एक सुदूर गाँव में सड़क, पुल और एम्बुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में एक गर्भवती महिला की जान आफत में पड़ गई। महिला की हालत बिगड़ने पर एम्बुलेंस गाँव तक नहीं पहुँच सकी, जिसके चलते ग्रामीणों को मजबूरन उसे खटिया पर लिटाकर जान जोखिम में डालते हुए एक नदी पार करानी पड़ी। इसके बाद, महिला को पथरीले रास्तों से मोटरसाइकिल पर किसी तरह अस्पताल पहुँचाया गया। इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य और सड़क सुविधाओं की दयनीय स्थिति की पोल खोलकर रख दी है।1