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पूर्वी चंपारण के सुगौली में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सुगौली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए इन लोगों में मारपीट के आरोपी और फरार चल रहे वारंटी शामिल हैं। पुलिस ने इन सभी छह लोगों को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया है।
Shambhu sharan
पूर्वी चंपारण के सुगौली में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। सुगौली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए इन लोगों में मारपीट के आरोपी और फरार चल रहे वारंटी शामिल हैं। पुलिस ने इन सभी छह लोगों को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया है।
More news from Pashchim Champaran and nearby areas
- पश्चिम चंपारण के मझौलिया थाना क्षेत्र के डुमरिया गांव से तीन दिन पहले चोरी हुई एक आयशर ट्रैक्टर-ट्रॉली को पुलिस ने सोमवार की सुबह बरामद कर लिया है। यह लावारिस वाहन रमपुरवा सरेह स्थित श्मशान घाट के पास फंसा हुआ मिला था, जिसे ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जेसीबी की मदद से बाहर निकाला और थाने ले आई। प्रारंभिक जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि बरामद ट्रैक्टर-ट्रॉली डुमरिया गांव के वार्ड संख्या-7 निवासी परवेज आलम की ही है, जिन्होंने चोरी की इस घटना के बाद मझौलिया थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस का अनुमान है कि चोर किसी कारणवश इस वाहन को श्मशान घाट के पास ही छोड़कर फरार हो गए। थाना अध्यक्ष अमर कुमार ने बताया कि इस मामले में कानूनी प्रक्रिया जारी है और आरोपियों की पहचान व पकड़ के लिए सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों सहित अन्य पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, लेकिन पुलिस द्वारा उन्हें जल्द ही गिरफ्तार करने का दावा करते हुए लगातार छापेमारी की जा रही है।1
- बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के चनपटिया में एक पुल को लेकर सवाल उठाया गया है और लोगों से पूछा गया है कि इस पुल के बारे में उनकी क्या शिकायत है।1
- बिहार में सरकारी शिक्षकों के लिए एक नया नियम लाया गया है, जिसके तहत यदि शिक्षक 3 बार लेट पहुंचते हैं तो उनकी एक दिन की सैलरी काट ली जाएगी। सरकार के इस कदम के बाद अब यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या इस नई नीति से वाकई कोई फर्क पड़ेगा?1
- बिहार राज्य आशा संघ एवं बिहार राज्य आशा फैसिलिटेटर संघ (एटक) के राज्यव्यापी आह्वान पर सोमवार को पश्चिम चंपारण के बेतिया में जिला पदाधिकारी कार्यालय के समक्ष सैकड़ों आशा और आशा फैसिलिटेटर ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए लंबित भुगतान, सेवा स्थायीकरण और सम्मानजनक मानदेय की मांग उठाई। धरना को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आशा कार्यकर्ता वर्षों से गांवों में जाकर टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, पोषण, परिवार कल्याण और अन्य स्वास्थ्य योजनाओं को सफल बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें समय पर भुगतान, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि आशा एवं आशा फैसिलिटेटर का लंबित भुगतान तुरंत किया जाए, ड्रेस व मोबाइल रिचार्ज मद में की गई कटौती वापस ली जाए, उनकी सेवा स्थायी कर ₹26,000 मासिक मानदेय लागू किया जाए और सेवानिवृत्ति की आयु 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष की जाए। इसके अलावा, उम्र सत्यापन के लिए आधार कार्ड को मान्य दस्तावेज मानने, तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जमे अकाउंटेंट व बीसीएम का स्थानांतरण करने, भुगतान पहले की तरह अश्विनी पोर्टल के माध्यम से कराने, आशा कार्यकर्ताओं का मानसिक उत्पीड़न बंद करने और एक आंगनबाड़ी केंद्र पर एक से अधिक आशाओं की नियुक्ति की व्यवस्था समाप्त करने की मांग की गई है। साथ ही लौरिया प्रखंड की बीसीएम रीना मोदी पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई गई। धरना प्रदर्शन के बाद संघ के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष ओम प्रकाश क्रांति के नेतृत्व में एक दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जिला पदाधिकारी को 11 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि जब तक आशा एवं आशा फैसिलिटेटर का बकाया भुगतान नहीं हो जाता, तब तक संबंधित प्रभारी, बीसीएम और अकाउंटेंट के भुगतान पर भी रोक लगाई जाए। इस प्रदर्शन की अध्यक्षता रंजना चौहान ने की, जिसमें साधना देवी, पुष्पा, सरोज, मुन्ना सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। ट्रेड यूनियन नेता फिरोज भारती, उर्मिला, आरती पटेल, शहनाज, माला, सुनीता, पूनम, गुलाबी देवी और संजना समेत अन्य वक्ताओं ने आंदोलन को और मजबूत करने का आह्वान किया। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।1
- बिहार के पूर्वी चम्पारण जिले के कोटवा क्षेत्र की गोपीछपरा पंचायत एक 'मुफ्त वाटर पार्क' बन चुकी है। यहाँ सड़क पर भारी जलजमाव देखने को मिल रहा है और नाली में मिट्टी जमा है। इस बदहाली और भारी अव्यवस्था को लेकर सीधे तौर पर तीखा सवाल खड़ा किया गया है कि आखिर इस स्थिति के लिए जिम्मेदार कौन है?1
- पश्चिम चंपारण के नौतन थाना पुलिस ने मारपीट के एक मामले में लंबे समय से फरार चल रहे एक आरोपी को गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दक्षिण तेल्हुआ पंचायत के भारती टोला निवासी सुनील भारती के रूप में हुई है। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। थाना अध्यक्ष प्रमोद कुमार पासवान ने जानकारी दी कि आरोपी के विरुद्ध नौतन थाना कांड संख्या 109/26 के तहत मामला दर्ज है। घटना के बाद से ही वह लगातार फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। विश्वसनीय सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने बुधवलिया क्षेत्र में छापेमारी कर उसे धर दबोचा। सोमवार दोपहर करीब तीन बजे थाना अध्यक्ष ने बताया कि फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।1
- बिहार के बेतिया व्यवहार न्यायालय ने मादक पदार्थों की तस्करी के एक चर्चित मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए नेपाल के परसा जिले के झलमहिया गांव निवासी प्रेमी शाह कानू उर्फ थारू शाह को 15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। एनडीपीएस एक्ट के अनन्य विशेष न्यायाधीश नलिन कुमार पाण्डेय ने अभियुक्त को 9 किलो 500 ग्राम चरस की तस्करी का दोषी करार देते हुए एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह मामला 3 सितंबर 2023 का है, जब एसएसबी को नेपाल से भारतीय सीमा में चरस की बड़ी खेप लाए जाने की गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर सिकटा रेलवे क्रॉसिंग के समीप वाहनों की सघन जांच शुरू की गई। इसी दौरान एक संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार युवक को रोककर तलाशी ली गई, जिसके कब्जे से 9 किलो 500 ग्राम चरस बरामद हुई। पूछताछ में उसने अपनी पहचान प्रेमी शाह कानू उर्फ थारू शाह के रूप में बताई, जिसके बाद सिकटा थाना में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी मानते हुए 15 वर्ष की कठोर सजा और आर्थिक दंड का फैसला सुनाया। इस फैसले को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बेहद कड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।1
- बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के चनपटिया में एक सड़क की हालत बहुत खराब है। इस सड़क की समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने की पुरजोर मांग की गई है।1
- पश्चिम चंपारण के इनरवा थाना क्षेत्र स्थित पिड़ारी गांव में सोमवार की सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां दुर्गा मंदिर के पास स्थित पोखरे में नहाने गए 15 वर्षीय छात्र छोटू कुमार की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। छोटू अपने दोस्तों के साथ स्नान करने गया था, लेकिन नहाने के दौरान वह अनजाने में गहरे पानी में चला गया और देखते ही देखते डूबने लगा। साथियों के शोर मचाने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद उसे पोखरे से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। मृतक छोटू कुमार पिड़ारी गांव के निवासी रामजी साह का पुत्र था और लक्ष्मी नारायण उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पिड़ारी में दसवीं कक्षा का छात्र था। वह दो भाई और दो बहनों में तीसरे स्थान पर था। उसकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक की मां बबीता देवी और बड़े भाई आकाश कुमार सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, जिनकी चीख-पुकार और विलाप ने वहां मौजूद हर किसी की आंखों को नम कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही इनरवा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने बताया कि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव का पंचनामा तैयार किया गया है और परिजनों के विशेष आग्रह पर शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे पिड़ारी गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।1