लखनऊ के इटौंजा थाना क्षेत्र स्थित महोना कस्बे में मोहर्रम के जुलूस के दौरान शुक्रवार रात एक दुखद हादसा हो गया। जुलूस देखने के लिए मकान के एक जर्जर छज्जे पर खड़े लोगों का भार अधिक होने के कारण वह अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा। इस घटना में 12 वर्षीय अरमान और अली की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ कुछ की हालत चिंताजनक बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, महोना के वार्ड नंबर- 9 निवासी मुश्ताक अपने घर के बाहर मोहर्रम के जुलूस में शामिल लोगों के लिए शरबत बांट रहे थे। इसी दौरान उनके परिवार के सदस्य और आसपास के बच्चे जुलूस देखने के लिए मकान के छज्जे पर चढ़ गए। अधिक भार पड़ने से जर्जर छज्जा अचानक टूटकर नीचे आ गिरा, जिसकी चपेट में ऊपर मौजूद लोग और नीचे खड़े कई लोग आ गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही इटौंजा पुलिस के साथ एसीपी बीकेटी और डीसीपी उत्तरी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और बेहतर उपचार के निर्देश दिए। मृतकों के शव का पंचनामा भर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जिसके बाद प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। डीसीपी उत्तरी गोपाल कृष्ण चौधरी के मुताबिक, शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि यह हादसा जर्जर छज्जे पर क्षमता से अधिक लोगों के चढ़ जाने के कारण हुआ है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
लखनऊ के इटौंजा थाना क्षेत्र स्थित महोना कस्बे में मोहर्रम के जुलूस के दौरान शुक्रवार रात एक दुखद हादसा हो गया। जुलूस देखने के लिए मकान के एक जर्जर छज्जे पर खड़े लोगों का भार अधिक होने के कारण वह अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा। इस घटना में 12 वर्षीय अरमान और अली की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ कुछ की हालत चिंताजनक बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, महोना के वार्ड नंबर- 9 निवासी मुश्ताक अपने घर के बाहर मोहर्रम के जुलूस में शामिल लोगों के लिए शरबत बांट रहे थे। इसी दौरान उनके परिवार के सदस्य और आसपास के बच्चे जुलूस देखने के लिए मकान के छज्जे पर चढ़ गए। अधिक भार पड़ने से जर्जर छज्जा अचानक टूटकर
नीचे आ गिरा, जिसकी चपेट में ऊपर मौजूद लोग और नीचे खड़े कई लोग आ गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही इटौंजा पुलिस के साथ एसीपी बीकेटी और डीसीपी उत्तरी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और बेहतर उपचार के निर्देश दिए। मृतकों के शव का पंचनामा भर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जिसके बाद प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। डीसीपी उत्तरी गोपाल कृष्ण चौधरी के मुताबिक, शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि यह हादसा जर्जर छज्जे पर क्षमता से अधिक लोगों के चढ़ जाने के कारण हुआ है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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- लखनऊ के बख्शी का तालाब क्षेत्र स्थित कोटवा न्यू बस्ती में सड़क न होने से स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के अभाव के कारण लोगों को घर से बाहर निकलने में समस्या आती है और पैदल चलना भी काफी मुश्किल हो गया है। यह समस्या कोटवा न्यू बस्ती रोड से संबंधित है।1
- आज सुबह लखनऊ के खुर्रम नगर स्थित जगरानी हॉस्पिटल के पास एक खुले नाले में दो बाइक सवार युवक जा गिरे, जिससे वे घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों युवकों को नाले से बाहर निकाला और उनकी जान बचाई। इस घटना के बाद नगर निगम की घोर लापरवाही को लेकर लोगों में भारी नाराज़गी देखने को मिली। इलाकाई लोगों का कहना है कि उन्होंने इस खुले नाले के बारे में कई बार शिकायतें की हैं, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय निवासी अब यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर नगर निगम कब जागेगा और क्या वह किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है, क्योंकि राजधानी लखनऊ में खुले नाले लगातार हादसों का कारण बन रहे हैं।1
- लखनऊ के इटौंजा थाना क्षेत्र स्थित महोना कस्बे में मोहर्रम के जुलूस के दौरान शुक्रवार रात एक दुखद हादसा हो गया। जुलूस देखने के लिए मकान के एक जर्जर छज्जे पर खड़े लोगों का भार अधिक होने के कारण वह अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा। इस घटना में 12 वर्षीय अरमान और अली की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ कुछ की हालत चिंताजनक बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, महोना के वार्ड नंबर- 9 निवासी मुश्ताक अपने घर के बाहर मोहर्रम के जुलूस में शामिल लोगों के लिए शरबत बांट रहे थे। इसी दौरान उनके परिवार के सदस्य और आसपास के बच्चे जुलूस देखने के लिए मकान के छज्जे पर चढ़ गए। अधिक भार पड़ने से जर्जर छज्जा अचानक टूटकर नीचे आ गिरा, जिसकी चपेट में ऊपर मौजूद लोग और नीचे खड़े कई लोग आ गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू कर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही इटौंजा पुलिस के साथ एसीपी बीकेटी और डीसीपी उत्तरी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना और बेहतर उपचार के निर्देश दिए। मृतकों के शव का पंचनामा भर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जिसके बाद प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। डीसीपी उत्तरी गोपाल कृष्ण चौधरी के मुताबिक, शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि यह हादसा जर्जर छज्जे पर क्षमता से अधिक लोगों के चढ़ जाने के कारण हुआ है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।2
- चिकित्सकों को जीवन बचाने के उनके कार्य के लिए भगवान का दर्जा दिया जाता है, लेकिन जब सरकारी अस्पतालों में मरीज और उनके परिजन उपेक्षा, अभद्र व्यवहार या संवेदनहीनता का सामना करते हैं, तो यह विश्वास टूट जाता है। हालांकि सरकारी डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर काम का दबाव होता है, फिर भी मरीजों के साथ सम्मानजनक और मानवीय व्यवहार करना उनकी अहम जिम्मेदारी है। यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकारी अस्पताल जनता के टैक्स से चलते हैं और वहां मिलने वाली हर सेवा नागरिक का अधिकार है, न कि कोई एहसान। स्वास्थ्य व्यवस्था को तभी बेहतर माना जाएगा जब इलाज के साथ-साथ मरीज को सम्मान और संवेदनशील व्यवहार भी प्राप्त हो।1
- राजधानी लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में शनिवार, 27 जून 2026 को सुबह लगभग 5:30 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। पंपिंग स्टेशन के पास UP 32 LL 9468 नंबर की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें उसका चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद जहाँ कुछ लोग मौके पर खड़े होकर वीडियो बनाने में व्यस्त थे, वहीं MN Action News के डायरेक्टर और पत्रकार समीर खान मुन्ना ने आगे बढ़कर मानवता का परिचय दिया। उन्होंने घायल युवक को तत्काल अपनी स्कूटी से केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर पहुँचाया। दुर्भाग्यवश, इलाज के दौरान घायल युवक की मृत्यु हो गई। यह घटना एक बार फिर समय पर आपातकालीन सहायता और एम्बुलेंस सेवाओं की उपलब्धता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।1