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सीकर जिले के धोद विधानसभा क्षेत्र के लोसल स्थित बस स्टैंड के श्री बालाजी मंदिर में मोदी सरकार के शासन के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कई धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए, साथ ही पौधारोपण का कार्यक्रम भी चला। समारोह के दौरान पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को पट्टे भी सौंपे गए। इस मौके पर विधायक गोरधन वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि नरेंद्र मोदी जवाहरलाल नेहरू के बाद लगातार प्रधानमंत्री के पद पर लंबे समय तक रहने वाले दूसरे प्रधानमंत्री बन गए हैं। वर्मा ने देश हित में हुए विशेष कार्यों की भी प्रशंसा की।
RAJESH PATRKAR SIKAR सीकर
सीकर जिले के धोद विधानसभा क्षेत्र के लोसल स्थित बस स्टैंड के श्री बालाजी मंदिर में मोदी सरकार के शासन के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कई धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए, साथ ही पौधारोपण का कार्यक्रम भी चला। समारोह के दौरान पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को पट्टे भी सौंपे गए। इस मौके पर विधायक गोरधन वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि नरेंद्र मोदी जवाहरलाल नेहरू के बाद लगातार प्रधानमंत्री के पद पर लंबे समय तक रहने वाले दूसरे प्रधानमंत्री बन गए हैं। वर्मा ने देश हित में हुए विशेष कार्यों की भी प्रशंसा की।
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- सीकर जिले के धोद विधानसभा क्षेत्र के लोसल स्थित बस स्टैंड के श्री बालाजी मंदिर में मोदी सरकार के शासन के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कई धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए, साथ ही पौधारोपण का कार्यक्रम भी चला। समारोह के दौरान पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को पट्टे भी सौंपे गए। इस मौके पर विधायक गोरधन वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि नरेंद्र मोदी जवाहरलाल नेहरू के बाद लगातार प्रधानमंत्री के पद पर लंबे समय तक रहने वाले दूसरे प्रधानमंत्री बन गए हैं। वर्मा ने देश हित में हुए विशेष कार्यों की भी प्रशंसा की।1
- राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में इस समय यह चर्चा तेज है कि राज्य के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इस खबर ने प्रदेश की राजनीति में खासी हलचल मचा दी है।1
- रींगस शहर के भैरु बाबा मंदिर में एक विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में उपखंड अधिकारी बृजेश कुमार, तहसीलदार महेश ओला और नगर पालिका के कार्मिकों ने भाग लिया।1
- अलवर जिले के लक्ष्मणगढ़ में वाल्मीकि सेना के नेतृत्व में ठेका प्रथा के विरोध में एक जोरदार 'हल्ला बोल अभियान' चलाया गया। इसके तहत ठेके पर कार्यरत सफाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नगर पालिका लक्ष्मणगढ़ में प्रदर्शन किया। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में वेतन वृद्धि, समय पर वेतन भुगतान, ईपीएफ एवं ईएसआईसी की नियमित कटौती, चार साप्ताहिक अवकाश, 783 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मासिक वेतन निर्धारण, और ठेका प्रथा को समाप्त कर आवश्यक कर्मचारियों को संविदा पर नियुक्त करना शामिल था। प्रदर्शन के दौरान महिला सफाई कर्मचारियों ने हाथों में झाड़ू लेकर नगर के मुख्य बाजार मार्गों से रैली निकाली और 'ठेका प्रथा बंद करो' जैसे नारों के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद की। रैली के बाद सभी कर्मचारी उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने अपनी मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से शासन एवं प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि उनकी मांगों पर तीन दिवस के भीतर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा और हड़ताल जारी रहेगी। वाल्मीकि सेना के पदाधिकारियों ने कहा कि अलवर जिले की विभिन्न नगर पालिकाओं में सफाई कर्मचारी अब अपने हक और अधिकारों के प्रति जागरूक हो रहे हैं, और यह जागरूकता वाल्मीकि सेना की टीम तथा समाजसेवी अनिल वाल्मीकि के निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने इस चेतना को एक सकारात्मक संकेत बताते हुए कहा कि कर्मचारी अपने अधिकार प्राप्त करने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। इस आंदोलन में जिला अध्यक्ष साहिल निंदनिया, राजेश निंदनिया, नरेंद्र जमादार, नानक वाल्मीकि, भूप सिंह वाल्मीकि, पवन वाल्मीकि, किशन, राजकुमार, ललित, धर्म वाल्मीकि, रमेश, राजन, गुड्डू सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष सफाई कर्मचारियों ने भाग लिया। वाल्मीकि सेना प्रमुख अनिल वाल्मीकि और प्रदेश महासचिव सुरेंद्र बिवाल ने भी इस अभियान में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।1
- क्रिकेटर कुलवंत खेजरोलिया ने एक विशेष साक्षात्कार में अपनी पूरी कहानी स्वयं बताई है। दर्शकों को यह पूरा इंटरव्यू देखने के लिए आमंत्रित किया गया है, जहाँ वे खेजरोलिया के अनुभवों और जीवन यात्रा को उन्हीं की जुबानी सुन सकते हैं।1
- झुंझुनूं जिले में पुलिस ने एक विशेष यातायात अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर 1600 वाहनों के मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान किए हैं। यह अभियान अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस यातायात जयपुर के निर्देशानुसार 1 जून से 30 जून तक चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जिलेभर में यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करना है। पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर आईपीएस के निर्देशन में यह कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान के दौरान पुलिस ने विभिन्न प्रकार के यातायात उल्लंघन करने वाले वाहनों पर शिकंजा कसा है। इनमें वाहन संरचना में अवैध परिवर्तन करने वाले 124 वाहन, लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर और हूटर का अवैध उपयोग करने वाले 143 वाहन, प्रेशर हॉर्न का उपयोग करने वाले 48 वाहन, काली फिल्म लगे 442 वाहन, अनाधिकृत शब्द एवं चिन्ह लिखे 680 वाहन और नियम विरुद्ध नंबर प्लेट वाले 163 वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। झुंझुनूं पुलिस ने आमजन से सड़क सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन करने और अनिवार्य रूप से हेलमेट व सीट बेल्ट का उपयोग करने की अपील की है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ निरंतर सख्त कार्रवाई की जाती रहेगी।1
- नवलगढ़ के जाखल गांव में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में बिजली लाइन के पोल लगाए गए। इस दौरान ग्रामीणों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन प्रशासन द्वारा समझाइश के बाद कार्य को पूरा करवाया गया। यह बिजली लाइन एक सोलर प्लांट से पावर हाउस तक बिजली आपूर्ति के लिए बिछाई जा रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यह लाइन किसानों की कृषि भूमि से होकर निकल रही है, जिससे उनकी जमीनें प्रभावित हो रही हैं। उनका यह भी कहना था कि बाईपास सड़क निर्माण के समय भी किसानों ने अपनी भूमि दान की थी, जिसके लिए उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला था। मौके पर गुढ़ागौड़जी थाना सहित कुल पांच थानों का पुलिस बल, आरएसी के जवान और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे। बातचीत और समझाइश के बाद अधिकांश पोल सड़क किनारे निर्धारित सीमा में लगाए गए। हालांकि, कुछ ग्रामीणों ने सड़क के बेहद नजदीक लगाए गए इन पोलों को भविष्य में दुर्घटना का कारण बनने की आशंका भी जताई है।1
- खाटूश्यामजी आने वाले श्याम भक्तों की जिंदगी से रिक्शा चालकों द्वारा गंभीर खिलवाड़ किया जा रहा है। रींगस से खाटूश्यामजी तक 16 किलोमीटर की दूरी पर अवैध ऑटो रिक्शा और अन्य वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। इनमें से कई ऑटो रिक्शा, जिन्हें केवल तीन सवारियां ले जाने की अनुमति है, वे नियमों का उल्लंघन करते हुए 15-15 सवारियां ढो रहे हैं, जिससे श्याम भक्तों की जान खतरे में पड़ रही है। यह स्थिति परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन के लिए एक खुली चुनौती के समान है, क्योंकि इन अवैध ऑटो रिक्शा चालकों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।1