जिला आयुष बिंग औषधालय में समय पर नहीं पहुंचते, ड्यूटी डॉक्टर मरीज होते हैं परेशान जिले के अधिकारी नहीं करते समय-समय पर औचक निरीक्षण कागजों पर खानापूर्ति जिला चिकित्सालय के बगल में स्थित जिला आयुष बिंग औषधालय स्थापित है जिसको आयुष विभाग द्वारा संचालित किया जाता है और इसमें मरीज को परामर्श एवं दवाइयां उपलब्ध कराई जाती हैं लेकिन कई दिनों से मिल नहीं शिकायत के बाद जब मीडिया कर्मियों ने दिनांक 5 मार्च 2026 को सुबह 10:30 बजे से 11:00 के बीच में जाकर देखा तो वहां पर ड्यूटी डॉक्टर नदारत रहे एवं 6 मार्च 2026 को वहां पर पदस्थ ड्यूटी डॉक्टर आकांक्षा द्विवेदी उपस्थित नहीं रही। मरीजों की संख्या को देखते हुए जिला आयुष बिंग औषधालयमें दो ड्यूटी डॉक्टर पदस्थ है एक ड्यूटी डॉक्टर नियमित है और दूसरा ड्यूटी डॉक्टर तीन दिनों की सेवाएं ओषालय में देते हैं लेकिन सुबह के समय करीब 10:00 बजे ड्यूटी डॉक्टर समय पर नहीं पहुंचते हैं जिस कारण उपस्थित मरीजों को परेशान होना पड़ता है बता दे की ड्यूटी के दौरान उपस्थित न होना शासन के नियमों की अनदेखी एवं घोर लापरवाही है जिस पर जिले में बैठे अधिकारियों को निश्चित ही जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए क्योंकि शासन द्वारा मरीजों की सुविधा को देखते हुए विभिन्न प्रकार की योजनाएं लागू की जाती हैं और इनका संचालन जमीनी स्तर पर कर्मचारियों द्वारा सुनिश्चित किया जाता है यदि कर्मचारी ही अपनी ड्यूटी ना निभाएं तो यह योजनाएं सिर्फ कागजों पर ही संचालित हो जाती हैं इसलिए जिले में बैठे अधिकारियों को समय-समय पर इनकी निगरानी करनी अति आवश्यक रहती है। जिला आयुष अधिकारी रितु द्विवेदी द्वारा जब इसके बारे में बताया गया तो उन्होंने कहा कि ड्यूटी डॉक्टर को हिदायत दी जाएगी वह समय पर पहुंचे और समय का विशेष ध्यान रखें। वाइट - डॉ रितु द्विवेदी जिला आयुष अधिकारी
जिला आयुष बिंग औषधालय में समय पर नहीं पहुंचते, ड्यूटी डॉक्टर मरीज होते हैं परेशान जिले के अधिकारी नहीं करते समय-समय पर औचक निरीक्षण कागजों पर खानापूर्ति जिला चिकित्सालय के बगल में स्थित जिला आयुष बिंग औषधालय स्थापित है जिसको आयुष विभाग द्वारा संचालित किया जाता है और इसमें मरीज को परामर्श एवं दवाइयां उपलब्ध कराई जाती हैं लेकिन कई दिनों से मिल नहीं शिकायत के बाद जब मीडिया कर्मियों ने दिनांक 5 मार्च 2026
को सुबह 10:30 बजे से 11:00 के बीच में जाकर देखा तो वहां पर ड्यूटी डॉक्टर नदारत रहे एवं 6 मार्च 2026 को वहां पर पदस्थ ड्यूटी डॉक्टर आकांक्षा द्विवेदी उपस्थित नहीं रही। मरीजों की संख्या को देखते हुए जिला आयुष बिंग औषधालयमें दो ड्यूटी डॉक्टर पदस्थ है एक ड्यूटी डॉक्टर नियमित है और दूसरा ड्यूटी डॉक्टर तीन दिनों की सेवाएं ओषालय में देते हैं लेकिन सुबह के समय करीब 10:00 बजे ड्यूटी डॉक्टर समय
पर नहीं पहुंचते हैं जिस कारण उपस्थित मरीजों को परेशान होना पड़ता है बता दे की ड्यूटी के दौरान उपस्थित न होना शासन के नियमों की अनदेखी एवं घोर लापरवाही है जिस पर जिले में बैठे अधिकारियों को निश्चित ही जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए क्योंकि शासन द्वारा मरीजों की सुविधा को देखते हुए विभिन्न प्रकार की योजनाएं लागू की जाती हैं और इनका संचालन जमीनी स्तर पर कर्मचारियों द्वारा सुनिश्चित किया जाता है
यदि कर्मचारी ही अपनी ड्यूटी ना निभाएं तो यह योजनाएं सिर्फ कागजों पर ही संचालित हो जाती हैं इसलिए जिले में बैठे अधिकारियों को समय-समय पर इनकी निगरानी करनी अति आवश्यक रहती है। जिला आयुष अधिकारी रितु द्विवेदी द्वारा जब इसके बारे में बताया गया तो उन्होंने कहा कि ड्यूटी डॉक्टर को हिदायत दी जाएगी वह समय पर पहुंचे और समय का विशेष ध्यान रखें। वाइट - डॉ रितु द्विवेदी जिला आयुष अधिकारी
- *आदिवासी दलित क्रांति सेना के नेतृत्व में चल रही वनअधिकार यात्रा में मुख्य समस्या सामने आई जिसमें प्रशासन की पूर्णरूपेण जुम्मेवार है: केपी सिंह बुंदेला* पन्ना: शाहनगर रैपुरा तहसील के अंतर्गत आदिवासी दलित क्रांति सेना बुंदेलखंड संयोजक ने प्लीज विज्ञप्ति जारी कर बताया कि फरवरी माह से चल रही वन अधिकार यात्रा के तहत विभिन्न ग्रामों का दौरा कर मंची कार्यक्रम किया जा रहे हैं जिसमें वन अधिकार के तहत वन विभाग द्वारा हटाने के नाम पर वन विभाग आदिवासियों दलितों के साथ अधिनियम के विपरीत अतिक्रमण हटाने के नाम पर अत्याचार कर रहा है विभिन्न क्षेत्रों में मंची कार्यक्रम के साथ आंदोलन कर ज्ञापन दिये जा रहे हैं वन अधिकार यात्रा वर्ष 2026 एवं 27 को चलाई जाएगी एवं विज्ञापन दिए जाएंगे तद उपरांत कलेक्ट पन्ना का घिराव कर जवाब लिया जाएगा। रैपुरा तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत सिमरी पौड़ी माजरा -नीमखेड़ा निवासी श्री साहब सिंह द्वारा विगत दिनांक को मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आवंटित भूमि को कुछ पाल समाज द्वारा फसल काट लेने की श्री बघेल थाना प्रभारी रैपुरा को, पाल परिवार के खिलाप शिकायत दर्ज कराई परतू जबरन समझौता करा कर आवेदक को वापस भेज दिया गया आवेदक ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई कार्यवाही न होने पर जिसके खिलाप पुलिस अधीक्षक महोदया के समक्ष आदिवासी दलित क्रांति सेना के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया जाएगा फसल काट लेने आने वाले समय में चोरी के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की मांग की जाएगी। पवई विधानसभा में वन विभाग बन अधिनियम अध्याय- 3 उपधारा 5 सत्यापन प्रक्रिया के विपरीत वन विभाग आदिवासियों के अतिक्रमण हटा रहा। 3-तहसील शाहनगर के अंतर्गत आदिवासी के कब्जे के भूमि ग्राम महेवा में रातों-रात जेसीबी चला कर अन्य समाज के साहूकार ने राजस्व भूमि पर कब्जा कर लिया अतिक्रमण हटाने वास्ते तहसीलदार मैडम को दिनांक 15 जनवरी को ज्ञापन दिया गया, 17 जनवरी को महेवा वासियों के समक्क्ष अतिक्रमण हटाने को कहा, पुन: 27 जनवरी का समय दिया मैडम 27 जनवरी को पहुंची भी अतिक्रमण हटाने के पूर्व अनावेदक अतिक्रमण करता खडई लोधी से मुलाकात कर शाहनगर वापस लौट गई, आदिवासी दलित क्रांति सेना पुलिस चौकी महेवा के बगल में मंची कार्यक्रम आंदोलन में तहसीलदार मैडम ने तीन दिवस में अतिक्रमण हटाने की बात कही परंतु आज तक आदिवासी की जमीन खडाई लोधी से नहीं छुड़ाई गई। तहसील शाहनगर से स्टे लगने के बावजूद भी लगातार कड़ाई लोधी का निर्माण कार्य जारी है। इस तरह से कानून के साथ आंख मेंचोली का खेल चलाकर आदिवासी के साथ अन्य अत्याचार हो रहा है।4
- Post by Social media repoter pankaj Si1
- Post by Sunil Kumar Bairagi1
- हत्या कर मृतक का मांस खाने वाला दरिंदा हत्यारा पहुंचा जेल मध्य प्रदेश के दमोह जिले में मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। एक सनकी आरोपी ने युवक की बेरहमी से हत्या करने के बाद उसका मांस खाने और खून पीने की घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कड़ी सुरक्षा के बीच जेल भेज दिया है। वॉइस ओवर / खबरः बताया जा रहा है कि आरोपी ने पहले युवक पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने अमानवीय हरकत करते हुए मृतक का मांस खाया और खून पिया। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।1
- 10 मार्च तक होंगे किसान पंजीयन, 12 हजार से अधिक किसानों ने कराया रजिस्ट्रे रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए किसानों का पंजीयन कार्य जारी है। शासन के निर्देशानुसार पहले निर्धारित तिथि 7 मार्च को बढ़ाकर अब 10 मार्च कर दी गई है, ताकि अधिक से अधिक किसान पंजीयन कराकर योजना का लाभ ले सकें। जिले की विभिन्न तहसीलों में कुल 46 पंजीयन केंद्रों पर किसानों का निःशुल्क पंजीयन किया जा रहा है। इसके अलावा किसान एमपी ऑनलाइन या कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) कियोस्क के माध्यम से अधिकतम 50 रुपये शुल्क देकर भी पंजीयन करा सकते हैं। किसानों को सुविधा प्रदान करने के लिए एमपी किसान एप के माध्यम से भी पंजीयन की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। अब तक जिले के 12 हजार 798 किसानों द्वारा अपना पंजीयन कराया जा चुका है। प्रशासन ने सभी किसानों से अपील की है कि वे न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ प्राप्त करने के लिए जल्द से जल्द पंजीयन कराएं। पंजीयन के बाद राजस्व विभाग द्वारा किसानों के विवरण का सत्यापन भी किया जाएगा।1
- नीतिश कुमार ने दिया इस्तीफ cm पद से1
- मध्य प्रदेश के उमरिया के रणविजय चौक पर ड्यूटी से लौट रहे आरक्षक पर युवकों ने हमला कर वर्दी फाड़ दी। घटना का वीडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया। पुलिस ने आरोपी पर शासकीय कार्य में बाधा व मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ी।1
- जिला आयुष बिंग औषधालय में समय पर नहीं पहुंचते, ड्यूटी डॉक्टर मरीज होते हैं परेशान जिले के अधिकारी नहीं करते समय-समय पर औचक निरीक्षण कागजों पर खानापूर्ति जिला चिकित्सालय के बगल में स्थित जिला आयुष बिंग औषधालय स्थापित है जिसको आयुष विभाग द्वारा संचालित किया जाता है और इसमें मरीज को परामर्श एवं दवाइयां उपलब्ध कराई जाती हैं लेकिन कई दिनों से मिल नहीं शिकायत के बाद जब मीडिया कर्मियों ने दिनांक 5 मार्च 2026 को सुबह 10:30 बजे से 11:00 के बीच में जाकर देखा तो वहां पर ड्यूटी डॉक्टर नदारत रहे एवं 6 मार्च 2026 को वहां पर पदस्थ ड्यूटी डॉक्टर आकांक्षा द्विवेदी उपस्थित नहीं रही। मरीजों की संख्या को देखते हुए जिला आयुष बिंग औषधालयमें दो ड्यूटी डॉक्टर पदस्थ है एक ड्यूटी डॉक्टर नियमित है और दूसरा ड्यूटी डॉक्टर तीन दिनों की सेवाएं ओषालय में देते हैं लेकिन सुबह के समय करीब 10:00 बजे ड्यूटी डॉक्टर समय पर नहीं पहुंचते हैं जिस कारण उपस्थित मरीजों को परेशान होना पड़ता है बता दे की ड्यूटी के दौरान उपस्थित न होना शासन के नियमों की अनदेखी एवं घोर लापरवाही है जिस पर जिले में बैठे अधिकारियों को निश्चित ही जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए क्योंकि शासन द्वारा मरीजों की सुविधा को देखते हुए विभिन्न प्रकार की योजनाएं लागू की जाती हैं और इनका संचालन जमीनी स्तर पर कर्मचारियों द्वारा सुनिश्चित किया जाता है यदि कर्मचारी ही अपनी ड्यूटी ना निभाएं तो यह योजनाएं सिर्फ कागजों पर ही संचालित हो जाती हैं इसलिए जिले में बैठे अधिकारियों को समय-समय पर इनकी निगरानी करनी अति आवश्यक रहती है। जिला आयुष अधिकारी रितु द्विवेदी द्वारा जब इसके बारे में बताया गया तो उन्होंने कहा कि ड्यूटी डॉक्टर को हिदायत दी जाएगी वह समय पर पहुंचे और समय का विशेष ध्यान रखें। वाइट - डॉ रितु द्विवेदी जिला आयुष अधिकारी4