Shuru
Apke Nagar Ki App…
दमोह पुलिस अधीक्षक ने जिले में हुई एक हत्या के मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी का खुलासा किया है। यह मामला दमोह के बाद-पूरा क्षेत्र से संबंधित बताया जा रहा है, जहाँ चाकूबाजी की एक घटना हुई थी। इस चाकूबाजी के संबंध में फरियादी द्वारा कोतवाली में मामला दर्ज कराया गया था। पुलिस ने इस मामले में संलिप्त दो आरोपियों को आज गिरफ्तार कर लिया है।
Reeport 100
दमोह पुलिस अधीक्षक ने जिले में हुई एक हत्या के मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी का खुलासा किया है। यह मामला दमोह के बाद-पूरा क्षेत्र से संबंधित बताया जा रहा है, जहाँ चाकूबाजी की एक घटना हुई थी। इस चाकूबाजी के संबंध में फरियादी द्वारा कोतवाली में मामला दर्ज कराया गया था। पुलिस ने इस मामले में संलिप्त दो आरोपियों को आज गिरफ्तार कर लिया है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- कल रात एडवोकेट लोकेश मुजाल्दा की गाड़ी का कांच फोड़ दिया गया। इस घटना के बाद, शासन-प्रशासन को इस मामले में कार्रवाई करने के लिए 24 घंटे की मोहलत दी गई है।1
- दमोह जिले से एक नागरिक ने विधायक माननीय श्री लखन पटेल जी से अपने घर के रास्ते की खराब स्थिति को लेकर निवेदन किया है। नागरिक ने विधायक से आग्रह किया है कि कृपया उनके घर का रास्ता बनवा दें, क्योंकि इसकी हालत बहुत खराब है। इसके साथ ही, उन्होंने विधायक से कुछ आर्थिक सहायता भी प्रदान करने की विनती की है, ताकि वे अपना रास्ता खुद बनवा सकें। नागरिक ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि उन्हें इस खराब रास्ते के कारण बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।1
- दमोह नगर में माँ भारती के वीर सपूत, मेवाड़ के गौरव और शौर्य के प्रतीक महाराणा प्रताप जी की जयंती के अवसर पर टीम जीवन सिंह शेरपुर करणी सेना परिवार द्वारा एक भव्य वाहन रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में बड़ी संख्या में युवाओं और समाजजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिन्होंने महाराणा प्रताप के आदर्शों को नमन किया। देशभक्ति और वीरता के नारों के बीच आयोजित इस रैली के माध्यम से, समाज के लोगों ने महाराणा प्रताप के त्याग, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति को विशेष रूप से स्मरण किया।1
- जून माह में अश्वगंधा की फसल लगाने की तैयारी की जा रही है। इस फसल से प्रति एकड़ लाखों रुपए की आय प्राप्त होने की उम्मीद है।1
- दमोह में नरसिंहगढ़ स्थित हेडलबर्ग सीमेंट (मायसेम सीमेंट) फैक्ट्री का कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने आज औचक निरीक्षण किया, जहाँ श्रमिकों से बातचीत के दौरान कई गंभीर अनियमितताएँ सामने आईं। कलेक्टर श्री यादव ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन श्रमिकों के हितों के प्रति संवेदनशील है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक श्रमिक को उसका वैधानिक अधिकार मिले तथा फैक्ट्री परिसर में श्रम कानूनों का पूर्णतः पालन हो। उन्होंने श्रमिकों के अधिकारों में अनियमितता पाए जाने पर केस रजिस्टर कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षण में पता चला कि श्रमिकों को शासन द्वारा निर्धारित कलेक्ट्रेट रेट के अनुसार भुगतान नहीं किया जा रहा है और उनसे निर्धारित 8 घंटे से अधिक कार्य कराया जा रहा है, बिना ओवरटाइम भुगतान के। श्रमिकों को वेतन पर्ची भी नहीं दी जा रही है। इसके अतिरिक्त, उन्हें एकमुश्त और समय पर भुगतान के बजाय किस्तों में भुगतान मिल रहा था, जिसमें कटौती भी की जा रही थी। सुरक्षा उपकरणों जैसे हेलमेट, सुरक्षा जूते और चश्मे का अभाव पाया गया, और श्रमिकों को ये सामग्री अपने खर्च पर खरीदनी पड़ रही थी। भोजन करने के लिए उचित स्थान की व्यवस्था भी नहीं थी। एक श्रमिक ने कार्यस्थल दुर्घटना में अपने छह दांत टूटने और कंपनी द्वारा उपचार न कराने की शिकायत की, जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कार्यस्थल पर दुर्घटना की स्थिति में उपचार कराना कंपनी की जिम्मेदारी है। श्रमिकों द्वारा वाहन और पेट्रोल चोरी की शिकायतों पर, कलेक्टर ने फैक्ट्री प्रबंधन को परिसर के अंदर सुरक्षित पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि किसी भी प्रकार की क्षति या चोरी की घटना न हो। इन सभी अनियमितताओं के मद्देनजर, कलेक्टर श्री यादव ने संबंधित प्रबंधन के खिलाफ केस रजिस्टर कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके लिए श्रमिकों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। उन्होंने श्रम विभाग के अधिकारियों को समय-समय पर निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करने को कहा कि शासन के सभी निर्देशों का पालन हो, साथ ही यह भी बताया कि फैक्ट्री परिसर में आवश्यक सूचना बोर्ड नहीं पाए गए, जो श्रम विभाग के नियमों के अनुसार अनिवार्य हैं। कलेक्टर ने स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने को शासन की प्राथमिकता बताते हुए स्थानीय युवाओं को तकनीकी और विशेषज्ञता वाले कार्यों में भी प्राथमिकता देने पर जोर दिया। इस औचक निरीक्षण के दौरान एसडीएम पथरिया निकेत चौरसिया, तहसीलदार वृंदेश पांडे और श्रम विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।1