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कल रात एडवोकेट लोकेश मुजाल्दा की गाड़ी का कांच फोड़ दिया गया। इस घटना के बाद, शासन-प्रशासन को इस मामले में कार्रवाई करने के लिए 24 घंटे की मोहलत दी गई है।
Chhtu Rajgund
कल रात एडवोकेट लोकेश मुजाल्दा की गाड़ी का कांच फोड़ दिया गया। इस घटना के बाद, शासन-प्रशासन को इस मामले में कार्रवाई करने के लिए 24 घंटे की मोहलत दी गई है।
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- कल रात एडवोकेट लोकेश मुजाल्दा की गाड़ी का कांच फोड़ दिया गया। इस घटना के बाद, शासन-प्रशासन को इस मामले में कार्रवाई करने के लिए 24 घंटे की मोहलत दी गई है।1
- दमोह नगर में माँ भारती के वीर सपूत, मेवाड़ के गौरव और शौर्य के प्रतीक महाराणा प्रताप जी की जयंती के अवसर पर टीम जीवन सिंह शेरपुर करणी सेना परिवार द्वारा एक भव्य वाहन रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में बड़ी संख्या में युवाओं और समाजजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिन्होंने महाराणा प्रताप के आदर्शों को नमन किया। देशभक्ति और वीरता के नारों के बीच आयोजित इस रैली के माध्यम से, समाज के लोगों ने महाराणा प्रताप के त्याग, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति को विशेष रूप से स्मरण किया।1
- जून माह में अश्वगंधा की फसल लगाने की तैयारी की जा रही है। इस फसल से प्रति एकड़ लाखों रुपए की आय प्राप्त होने की उम्मीद है।1
- सागर जिले के गढ़ाकोटा नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में ई-20 (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल के उपयोग को लेकर वाहन चालकों में गहरा असंतोष फैल गया है। कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि इस पेट्रोल को भरवाने के बाद उनकी दोपहिया और चारपहिया गाड़ियों में तकनीकी समस्याएं काफी बढ़ गई हैं। वाहन चालकों के अनुसार, कई गाड़ियां बीच रास्ते में ही बंद हो जा रही हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय वाहन मालिकों का कहना है कि पेट्रोल डलवाने के कुछ ही समय बाद गाड़ियों की पिकअप कम हो जाती है, इंजन झटके देने लगता है, और कई बार वाहन अचानक बंद हो जाते हैं। इस कारण लोगों को गाड़ियों की मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है और वे अपनी गाड़ियां लेकर मैकेनिकों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। नागरिकों ने बताया कि पहले उनकी गाड़ियां सामान्य रूप से चल रही थीं, लेकिन ई-20 मिश्रित पेट्रोल की उपलब्धता बढ़ने के बाद से लगातार तकनीकी शिकायतें सामने आ रही हैं। उनका मानना है कि पुराने मॉडल के कई वाहन ई-20 ईंधन के लिए पूरी तरह अनुकूल नहीं हैं, जो इन समस्याओं की जड़ हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले किसान, विद्यार्थी और नौकरीपेशा लोग इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित हैं। वाहन रास्ते में बंद होने से उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है और वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ती है। स्थानीय मैकेनिकों का भी कहना है कि यदि कोई वाहन ई-20 ईंधन के अनुरूप डिजाइन नहीं किया गया है, तो यह फ्यूल सिस्टम, फिल्टर और इंजन के कुछ हिस्सों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। हालांकि, वाहन खराब होने के पीछे का वास्तविक कारण केवल एक तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। नागरिकों ने जिला प्रशासन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और पेट्रोलियम कंपनियों से तत्काल पेट्रोल की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में पेट्रोल की निष्पक्ष जांच, पेट्रोल पंपों पर नियमित सैंपलिंग की व्यवस्था, उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निराकरण, जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करना और ई-20 पेट्रोल के उपयोग संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करना शामिल है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान समय रहते नहीं किया गया, तो बड़ी संख्या में वाहन चालक प्रभावित हो सकते हैं। फिलहाल, वाहन चालकों की इन शिकायतों को लेकर नगर में चर्चाएं जारी हैं, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यह स्पष्ट हो पाएगा कि वाहन खराब होने की घटनाओं का कारण ई-20 पेट्रोल है या कोई अन्य तकनीकी वजह, यह जांच के बाद ही सामने आएगा।1
- देर रात हुई अपनी ट्रेन यात्रा के पश्चात पूज्य सरकार बाबा बागेश्वर दिल्ली पहुंचे। दिल्ली के हज़रत निजामुद्दीन स्टेशन पर उनके भक्तों ने उनका भव्य स्वागत किया।1
- दमोह में नरसिंहगढ़ स्थित हेडलबर्ग सीमेंट (मायसेम सीमेंट) फैक्ट्री का कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने आज औचक निरीक्षण किया, जहाँ श्रमिकों से बातचीत के दौरान कई गंभीर अनियमितताएँ सामने आईं। कलेक्टर श्री यादव ने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन श्रमिकों के हितों के प्रति संवेदनशील है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक श्रमिक को उसका वैधानिक अधिकार मिले तथा फैक्ट्री परिसर में श्रम कानूनों का पूर्णतः पालन हो। उन्होंने श्रमिकों के अधिकारों में अनियमितता पाए जाने पर केस रजिस्टर कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षण में पता चला कि श्रमिकों को शासन द्वारा निर्धारित कलेक्ट्रेट रेट के अनुसार भुगतान नहीं किया जा रहा है और उनसे निर्धारित 8 घंटे से अधिक कार्य कराया जा रहा है, बिना ओवरटाइम भुगतान के। श्रमिकों को वेतन पर्ची भी नहीं दी जा रही है। इसके अतिरिक्त, उन्हें एकमुश्त और समय पर भुगतान के बजाय किस्तों में भुगतान मिल रहा था, जिसमें कटौती भी की जा रही थी। सुरक्षा उपकरणों जैसे हेलमेट, सुरक्षा जूते और चश्मे का अभाव पाया गया, और श्रमिकों को ये सामग्री अपने खर्च पर खरीदनी पड़ रही थी। भोजन करने के लिए उचित स्थान की व्यवस्था भी नहीं थी। एक श्रमिक ने कार्यस्थल दुर्घटना में अपने छह दांत टूटने और कंपनी द्वारा उपचार न कराने की शिकायत की, जिस पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कार्यस्थल पर दुर्घटना की स्थिति में उपचार कराना कंपनी की जिम्मेदारी है। श्रमिकों द्वारा वाहन और पेट्रोल चोरी की शिकायतों पर, कलेक्टर ने फैक्ट्री प्रबंधन को परिसर के अंदर सुरक्षित पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि किसी भी प्रकार की क्षति या चोरी की घटना न हो। इन सभी अनियमितताओं के मद्देनजर, कलेक्टर श्री यादव ने संबंधित प्रबंधन के खिलाफ केस रजिस्टर कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके लिए श्रमिकों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। उन्होंने श्रम विभाग के अधिकारियों को समय-समय पर निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करने को कहा कि शासन के सभी निर्देशों का पालन हो, साथ ही यह भी बताया कि फैक्ट्री परिसर में आवश्यक सूचना बोर्ड नहीं पाए गए, जो श्रम विभाग के नियमों के अनुसार अनिवार्य हैं। कलेक्टर ने स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने को शासन की प्राथमिकता बताते हुए स्थानीय युवाओं को तकनीकी और विशेषज्ञता वाले कार्यों में भी प्राथमिकता देने पर जोर दिया। इस औचक निरीक्षण के दौरान एसडीएम पथरिया निकेत चौरसिया, तहसीलदार वृंदेश पांडे और श्रम विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।1