शाहजहाँपुर जिले के तिलहर थाना पुलिस ने चोरी की एक वारदात का खुलासा करते हुए एक बाल अपचारी को अपनी निगरानी में लिया है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक चोरी की इलेक्ट्रिक स्कूटी बरामद की है, जिस पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी। यह कार्रवाई चोरी की घटना के महज पाँच दिनों के भीतर की गई है। पुलिस के मुताबिक, 29 जून को एक पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 25 जून को किसी अज्ञात चोर ने उसकी नीले रंग की इलेक्ट्रिक स्कूटी चोरी कर ली थी। इस शिकायत के आधार पर तिलहर थाने में मुकदमा दर्ज कर मामले की जाँच शुरू की गई, जिसके दौरान एक बाल अपचारी का नाम सामने आया। मंगलवार सुबह लगभग 9:40 बजे, तिलहर पुलिस ने खैरपुर रोड स्थित सुल्तानपुर नहर पुलिया के पास घेराबंदी कर बाल अपचारी को पुलिस निगरानी में लिया। उसके पास से चोरी की हुई इलेक्ट्रिक स्कूटी बरामद की गई। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए बाल अपचारी के विरुद्ध विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कार्रवाई को प्रभारी निरीक्षक प्रिंस शर्मा के नेतृत्व में उपनिरीक्षक रमेश कुमार वर्मा, हेड कांस्टेबल संजीव कुमार, कांस्टेबल वीरेन्द्र और जितेन्द्र कुमार की टीम ने अंजाम दिया।
शाहजहाँपुर जिले के तिलहर थाना पुलिस ने चोरी की एक वारदात का खुलासा करते हुए एक बाल अपचारी को अपनी निगरानी में लिया है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक चोरी की इलेक्ट्रिक स्कूटी बरामद की है, जिस पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी। यह कार्रवाई चोरी की घटना के महज पाँच दिनों के भीतर की गई है। पुलिस के मुताबिक, 29 जून को एक पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 25 जून को किसी अज्ञात चोर ने उसकी नीले रंग की इलेक्ट्रिक स्कूटी चोरी कर ली थी। इस शिकायत के आधार पर तिलहर थाने में मुकदमा दर्ज कर मामले की जाँच शुरू की गई, जिसके दौरान एक बाल अपचारी का नाम सामने आया। मंगलवार सुबह लगभग 9:40 बजे, तिलहर पुलिस ने खैरपुर रोड स्थित सुल्तानपुर नहर पुलिया के पास घेराबंदी कर बाल अपचारी को पुलिस निगरानी में लिया। उसके पास से चोरी की हुई इलेक्ट्रिक स्कूटी बरामद की गई। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए बाल अपचारी के विरुद्ध विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कार्रवाई को प्रभारी निरीक्षक प्रिंस शर्मा के नेतृत्व में उपनिरीक्षक रमेश कुमार वर्मा, हेड कांस्टेबल संजीव कुमार, कांस्टेबल वीरेन्द्र और जितेन्द्र कुमार की टीम ने अंजाम दिया।
- शाहजहाँपुर के तिलहर थाना पुलिस टीम ने चोरी की एक इलेक्ट्रिक स्कूटी के साथ एक बाल अपचारी को निगरानी पुलिस में लिया है। यह कार्रवाई जनपद में अपराध की रोकथाम और वांछित/वारण्टी अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई है, जो पुलिस अधीक्षक शाहजहाँपुर के निर्देशानुसार और अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण व क्षेत्राधिकारी तिलहर के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक थाना तिलहर के नेतृत्व में सम्पन्न हुई। इस मामले में, वादिनी ने 29 जून 2026 को एक तहरीर दाखिल की थी, जिसमें बताया गया था कि उनकी नीले रंग की इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी 25 जून 2026 को एक अज्ञात चोर द्वारा चुरा ली गई थी। इस तहरीर के आधार पर, तिलहर थाने में मु0अ0सं0 342/2026 धारा 303(2) बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। विवेचना के दौरान प्रकाश में आए बाल अपचारी को 30 जून 2026 को सुबह 09:40 बजे खैरपुर रोड पर सुल्तानपुर नहर पुलिया के पास से बिना नंबर प्लेट की इलेक्ट्रिक स्कूटी के साथ, नियमानुसार आवश्यक बल प्रयोग करते हुए, निगरानी पुलिस में लिया गया। बाल अपचारी के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।4
- शाहजहाँपुर के कोतवाली क्षेत्र में प्रशासन, खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस टीम ने दिल्ली की एक प्रतिष्ठित कंपनी के ब्रांड नाम से नकली बेसन और दाल की पैकिंग करने वाली एक इकाई पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान, मौके से बड़ी मात्रा में डुप्लीकेट पैकिंग सामग्री और तैयार नकली माल जब्त किया गया। इस मामले में पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। क्षेत्राधिकारी नगर ने इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि नकली खाद्य उत्पादों के अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।1
- शाहजहांपुर जिले में स्वच्छता व्यवस्था को आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने प्रत्येक नगर निकाय में एक-एक 'मॉडल वार्ड' विकसित करने के निर्देश दिए हैं। इन आदर्श वार्डों में घर-घर कूड़ा संग्रहण, कचरे का पृथक्करण, वैज्ञानिक निस्तारण और डिजिटल निगरानी जैसी व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी। मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में आयोजित एक बैठक में, जिलाधिकारी ने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमावली-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने नगर पालिका परिषदों, नगर पंचायतों और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने सभी नगर निकायों को डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण की कार्ययोजना तैयार करने और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से लोगों को सूखा, गीला, सैनिटरी तथा घरेलू हानिकारक कचरा अलग-अलग रखने के प्रति जागरूक करने को कहा। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2026 से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए समान नियम लागू हो चुके हैं। डीएम ने निर्देश दिया कि एकत्रित कचरे को एमआरएफ (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर तक पहुंचाकर वैज्ञानिक तरीके से छाँटा जाए, गीले कचरे से खाद बनाई जाए और सूखे कचरे को अधिकृत विक्रेताओं को बेचकर नगर निकायों की आय बढ़ाई जाए। सार्वजनिक स्थानों पर पड़े कचरे का भी समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, होटल, रेस्टोरेंट, बारात घर, औद्योगिक इकाइयों और अन्य बड़े संस्थानों को अपने स्तर पर कचरा निस्तारण की व्यवस्था विकसित करने तथा ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण कराने को कहा गया। विशेष रूप से, जिलाधिकारी ने मॉडल वार्डों में प्रत्येक सड़क पर तैनात सफाई कर्मचारी का नाम और मोबाइल नंबर वॉल पेंटिंग के माध्यम से प्रदर्शित करने तथा शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर अंकित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वार्डों में क्यूआर कोड लगाने, एमआरएफ सेंटरों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने और कूड़ा संग्रहण वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाकर उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। इस बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश कुमार मिश्र, नगर निकायों के अध्यक्ष, सभासद, अधिशासी अधिकारी तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी उपस्थित रहे।1
- शाहजहाँपुर जिले के पुवायां स्थित लक्ष्मीपुर, रौतापुर कलां, खुटार के नीरज कुमार ने सड़क विभाग से एक महत्वपूर्ण सड़क की तत्काल मरम्मत करवाने का अनुरोध किया है। उन्होंने बताया कि यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग 731 से जुड़ी हुई है, जो आगे गोला मोहम्मदी राजमार्ग में जाकर मिलती है। नीरज कुमार के अनुसार, इस सड़क की खराब हालत के कारण लगभग 20 गाँवों के लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने संबंधित विभाग से निवेदन किया है कि लोगों की समस्या को देखते हुए इस सड़क की मरम्मत जल्द से जल्द करवाई जाए, जिससे आम जनता को होने वाली कठिनाइयों से मुक्ति मिल सके।1
- नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से हरदोई पुलिस ने 'ऑपरेशन दहन' अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार को ₹21 लाख 69 हज़ार 600 रुपये मूल्य के मादक पदार्थों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कराया। यह कार्रवाई विभिन्न थानों में जब्त किए गए मादक पदार्थों पर की गई है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ ज़ोन और पुलिस महानिरीक्षक लखनऊ परिक्षेत्र के मार्गदर्शन में गठित ज़िला स्तरीय ड्रग डिस्पोज़ल कमेटी (DDC) ने न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए कुल 15 अभियोगों से संबंधित 14.802 किलोग्राम मादक पदार्थ नष्ट किए। इन मादक पदार्थों में 45 ग्राम हेरोइन, 12.630 किलोग्राम गांजा और 2.127 किलोग्राम अन्य मादक पदार्थ शामिल थे, जिन्हें संडीला स्थित एवी बायो मेडिकल वेस्ट सर्विसेज़ के इंसिनरेटर में नष्ट किया गया। इस दौरान क्षेत्राधिकारी प्रवीण कुमार यादव, प्रभारी नारकोटिक्स सेल राजकुमार यादव, ड्रग डिस्पोज़ल कमेटी के सदस्य और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई पारदर्शी, सुरक्षित और वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप संपन्न हुई है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मादक पदार्थों के दुरुपयोग की संभावनाओं को पूरी तरह समाप्त करना और समाज को नशामुक्त बनाने के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाना है। पुलिस ने आमजन से भी नशे के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान में सहयोग की अपील की है।1
- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले की शाहाबाद तहसील में अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडरों की पिछले दो सप्ताह से चल रही हड़ताल मंगलवार को समाप्त हो गई। यह हड़ताल ई-पंजीकरण प्रक्रिया और पंजीयन नियमावली-2024 के विरोध में की जा रही थी। प्रदेश सरकार के स्टांप, न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल के साथ वार्ता और उनके आश्वासन के बाद अधिवक्ताओं ने फिलहाल आंदोलन स्थगित कर कामकाज शुरू करने का निर्णय लिया है। तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विमलेश सिंह लोधी ने बताया कि अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल ई-पंजीकरण प्रणाली के विरोध में लखनऊ पहुंचा था, जहां उन्होंने राज्यमंत्री रवींद्र जायसवाल से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान पंजीयन नियमावली-2024 के विवादित प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई और मंत्री के समक्ष अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों तथा स्टांप वेंडरों की समस्याओं को रखते हुए नियमावली-2024 को वापस लेने की मांग की गई। मंत्री ने आश्वासन दिया कि अगले दो-चार दिनों में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर नियमावली-2024 की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य निबंधन कार्यालयों का डिजिटलीकरण कर उन्हें आधुनिक बनाना है, लेकिन ऐसा कोई कानून लागू नहीं किया जाएगा जिससे अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों या स्टांप वेंडरों के हित प्रभावित हों अथवा उनके अस्तित्व पर कोई संकट आए। लोधी ने यह भी बताया कि मंत्री द्वारा समीक्षा के बाद नियमावली-2024 को वापस लेने का भी भरोसा दिया गया है। इसी आश्वासन के आधार पर 15 जून से चल रही हड़ताल समाप्त कर दी गई है और अधिवक्ताओं ने पुनः न्यायिक कार्य शुरू कर दिया है। हालांकि, विमलेश सिंह लोधी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रदेश सरकार ने अपने आश्वासन के अनुरूप नियमावली-2024 को वापस नहीं लिया या अधिवक्ताओं के हितों के प्रतिकूल कोई निर्णय लिया गया, तो अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और स्टांप वेंडर पुनः आंदोलन और हड़ताल करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि अधिवक्ता समुदाय अपने अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगा।2
- थाना कटरा क्षेत्रान्तर्गत कस्बा कटरा के पास एक एम्बुलेंस अनियंत्रित होकर एक ट्रक से टकरा गई। इस दुर्घटना में तीन व्यक्ति घायल हो गए, जिनमें से उपचार के दौरान एक पुलिस आरक्षी की दुखद मृत्यु हो गई। पुलिस द्वारा इस मामले में आवश्यक कार्यवाही की गई है, जिसकी जानकारी क्षेत्राधिकारी तिलहर ने एक बाइट के माध्यम से दी।1
- शाहजहांपुर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मंगलवार को मिलावटी एवं संदिग्ध खाद्य पदार्थों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने एक गोदाम पर छापा मारा, जहां विभिन्न ब्रांडों के नाम से पैक किया गया भारी मात्रा में संदिग्ध बेसन बरामद हुआ, जिसे मौके पर ही सीज कर दिया गया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के नेतृत्व में गठित टीम ने छापेमारी के दौरान गोदाम में रखे पैकेटों की जांच की, जिसमें प्रथम दृष्टया पैकेजिंग और ब्रांडिंग में अनियमितताएं पाई गईं। इसके बाद अधिकारियों ने बड़ी मात्रा में बेसन को अपने कब्जे में ले लिया और जांच के लिए खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेजे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच रिपोर्ट में ये खाद्य पदार्थ मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाते हैं, तो संबंधित फर्म और संचालकों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह भी साफ कर दिया है कि मिलावटी एवं नकली खाद्य सामग्री के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खाद्य सुरक्षा विभाग ने आमजन से भी अपील की है कि वे खाद्य सामग्री खरीदते समय पैकिंग, ब्रांड, निर्माण तिथि और गुणवत्ता की जांच अवश्य करें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध खाद्य पदार्थ की सूचना तत्काल विभाग को देने का आग्रह भी किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक महिला ने धोती से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद महिला के मायके पक्ष के लोगों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ससुराल वाले महिला को लगातार प्रताड़ित कर रहे थे, जिसके कारण उसने यह कदम उठाया।1