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Carvaan Mathematics की कक्षा 5वीं की पुस्तक के अध्याय 11 (प्रतिशत) की प्रश्नावली 11.1 से संबंधित सामग्री उपलब्ध कराई गई है।
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Carvaan Mathematics की कक्षा 5वीं की पुस्तक के अध्याय 11 (प्रतिशत) की प्रश्नावली 11.1 से संबंधित सामग्री उपलब्ध कराई गई है।
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- कानपुर के नवाबगंज स्थित डाटा एक्सपर्ट कंप्यूटर कोचिंग इंस्टीट्यूट के संचालक विजय प्रकाश गुप्ता की हत्या के मामले का पुलिस ने चार दिन के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस संबंध में विजय प्रकाश गुप्ता के 18 साल पुराने दोस्त मोहित द्विवेदी को गिरफ्तार किया है। आरोपी मोहित द्विवेदी ने होली के दौरान खुजराहो यात्रा में विजय के पास 10 लाख रुपये कीमत की सोने की चेन और ब्रेसलेट देखकर लूट की योजना बनाई थी। इस योजना को अंजाम देने के लिए उसने यूट्यूब पर तरीके खोजे और क्राइम पेट्रोल के एपिसोड देखकर पुलिस से बचने के उपाय सीखे। उसने बुर्का, लेडीज चप्पल, पर्स और ग्लव्स पहनकर एक महिला का वेश धारण किया और खुद को गूंगा बताते हुए ऑटो से कोचिंग इंस्टीट्यूट पहुंचा। चेन छीनने के दौरान हुई हाथापाई में धक्का लगने से विजय की मौत हो गई, जिसके बाद आरोपी जेवरात लूटकर फरार हो गया। पुलिस ने 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालकर संदिग्ध की पहचान की। पूछताछ के दौरान मोहित ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने लूटे गए जेवरात बरामद कर आरोपी को जेल भेज दिया है। इस सफल खुलासे के लिए पुलिस टीम को 50 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा भी की गई है।1
- भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने अपने एक दिवसीय कानपुर देहात दौरे के दौरान पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक की। इस दौरान उन्होंने संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी चुनावी तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की। चौधरी ने बताया कि प्रदेशभर के जिलों का दौरा कर कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन को और अधिक मजबूत बनाना है।1
- सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने परमट विद्यालय प्रकरण में अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई को पूरी तरह से एकतरफा बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों की बात सुने बिना ही निर्णय ले लिए, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना को ठेस पहुंची है। बाजपेई के अनुसार, किसी भी मामले में निष्पक्ष जांच और सभी पक्षों को सुनना प्रशासन की जिम्मेदारी होती है, लेकिन इस प्रकरण में ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों ने सत्ता के दबाव में आकर काम किया, जिसके परिणामस्वरूप जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों की उपेक्षा की गई। सपा विधायक ने इस मामले को केवल एक विद्यालय तक सीमित न मानते हुए, इसे विधानसभा और विधायिका की गरिमा से जुड़ा हुआ बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जनप्रतिनिधियों की बातों को नजरअंदाज किया जाएगा, तो लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठेंगे। बाजपेई ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा की जाए और सभी पक्षों को सुनने के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लिया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि जनहित और लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी जारी रही, तो समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाएगी।1
- छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक वीडियो और संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक पर पुलिस द्वारा कथित तौर पर मारपीट करने का आरोप है। दावों के अनुसार, यह घटना तब हुई जब युवक अपनी पत्नी और बच्चों के साथ शाम को फिल्म देखकर घर लौट रहा था और रास्ते में पुलिस द्वारा पूछताछ के दौरान उसके साथ कथित रूप से मारपीट की गई। वायरल वीडियो में एक व्यक्ति पुलिसकर्मियों से बात करते हुए और मदद की गुहार लगाते हुए दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर इस घटना में शामिल पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है, जबकि कुछ पोस्ट में यह भी कहा गया है कि मामले के बाद पुलिस ने अन्य प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाएं शुरू की हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है। इस घटना ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है, जिसमें कई लोग पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं और कुछ लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। परिवार की मौजूदगी और कथित विवाद के दृश्य वीडियो में प्रमुख चर्चा का विषय बने हुए हैं। फिलहाल, संबंधित अधिकारियों की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच रिपोर्ट का इंतजार है, क्योंकि यह घटना एक बार फिर कानून-व्यवस्था, पुलिस जवाबदेही और नागरिक अधिकारों पर बहस का केंद्र बन गई है।1
- कानपुर नगर के घाटमपुर कस्बे में लाखों रुपए की लागत से एक बस स्टॉप का सुंदरीकरण कराया गया है, जिसमें रंग-रोगन, टाइलें और बैठने के लिए बेंचें लगाई गई हैं। इस भव्यता के बावजूद, एक गंभीर प्रश्न खड़ा हो गया है जो सीधे अधिकारियों की नीयत और प्राथमिकताओं पर सवाल उठाता है: क्या सुंदरता केवल आंखों के लिए होती है, न कि इंसान की बुनियादी जरूरतों के लिए? सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में स्थानीय लोगों का दर्द साफ दिखाई देता है, जहाँ वे बताते हैं कि लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी यात्रियों की सबसे अहम ज़रूरत – शौचालय – की व्यवस्था करना भूल गए। आसपास कोई सुलभ शौचालय न होने के कारण प्रतिदिन सैकड़ों यात्री परेशानी झेलते हैं। वीडियो में लोगों ने यह भी बताया कि दूरदराज से आने वाले यात्रियों को मजबूरी में इधर-उधर भटकना पड़ता है, जिससे विशेषकर महिला यात्रियों के साथ-साथ बुजुर्ग और बीमार यात्रियों को भी शर्मिंदगी और असहजता का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह विकास के नाम पर सिर्फ 'दिखावटी खर्च' है, न कि 'जरूरी खर्च'। इस प्रकार, घाटमपुर में लाखों से चमकाया गया यह बस स्टॉप 'सुंदरीकरण' की आड़ में दिखावे की एक मिसाल बन गया है, जिसने इंसान की बुनियादी जरूरत पर ताला लगा दिया है।1
- कानपुर में विधायक सरोज कुरील के पीआरओ मनीष तिवारी पर कुल्हाड़ी से हमला करने का गंभीर आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि उन्होंने एक युवक पर कुल्हाड़ी से वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस मारपीट में युवक का हाथ टूटने की भी सूचना मिली है। घटना में कुल्हाड़ी से एक कार में भी जमकर तोड़फोड़ की गई। घायल युवक को उर्सला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह पूरा विवाद गाड़ी हटाने को लेकर शुरू हुआ था। घाटमपुर थाना क्षेत्र के इस मामले के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र से एक गंभीर आपराधिक घटना सामने आई है, जहाँ करीब ढाई साल की एक बालिका से दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। यह आरोप एक 50 वर्षीय व्यक्ति पर है। इस मामले की जानकारी सीओ द्वारा दी गई, जिन्होंने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- कानपुर के रामादेवी चौराहे पर उस समय हड़कंप मच गया जब कार खींचने पहुंचे फाइनेंसर और कार मालिक के बीच एक विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। देखते ही देखते सड़क एक अखाड़ा बन गई और दोनों पक्षों में जमकर लात-घूंसे व ईंट-पत्थर चलने लगे। हैरानी की बात यह रही कि यह पूरा बवाल पुलिस की मौजूदगी में होता रहा। यह घटनाक्रम कैमरे में कैद होकर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद कानपुर की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।1