कोटा में जेके सिंथेटिक कंपनी के हजारों कर्मचारी धरने पर, भुगतान कि कर रहे मांग जेके सिंथेटिक कंपनी के 4200 ऐसे कर्मचारी हैं जिनका वेतन कई वर्षों से नहीं मिला है और नौकरी से निकाल दिया हैं। अब कंपनी भी बंद हो गई है। मजदूरों का कहना है कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और जिला न्यायालय में अपनी बात रखी, लेकिन अब तक उन्हें कोई ठोस राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन साफ कहती है कि मजदूर का वेतन उसका अधिकार है और वेतन रोकना गलत है। इसके बावजूद कंपनी और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इतने लंबे समय से धरने पर बैठे इन मजदूरों के घरों में आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, इलाज के लिए पैसे नहीं हैं और परिवार कर्ज में डूबते जा रहे हैं। 338 दिन का यह धरना सिस्टम पर बड़ा सवाल है। मजदूर पूछ रहे हैं कि जब कानून उनके साथ है तो न्याय उन्हें क्यों नहीं मिल रहा। क्या गरीब और मजदूर की आवाज़ इतनी कमजोर है कि वह सुनी ही नहीं जाती। यह धरना सिर्फ वेतन का नहीं, सम्मान और अधिकार की लड़ाई बन चुका है। मजदूर आज भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उन्हें उनका हक मिलेगा और उनकी मेहनत की कमाई उन्हें वापस मिलेगी।
कोटा में जेके सिंथेटिक कंपनी के हजारों कर्मचारी धरने पर, भुगतान कि कर रहे मांग जेके सिंथेटिक कंपनी के 4200 ऐसे कर्मचारी हैं जिनका वेतन कई वर्षों से नहीं मिला है और नौकरी से निकाल दिया हैं। अब कंपनी भी बंद हो गई है। मजदूरों का कहना है कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और जिला न्यायालय में अपनी बात रखी, लेकिन अब तक उन्हें कोई ठोस राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन साफ कहती है कि मजदूर का वेतन उसका अधिकार है और वेतन रोकना गलत है। इसके बावजूद कंपनी और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इतने लंबे समय से धरने पर बैठे इन मजदूरों के घरों में आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, इलाज के लिए पैसे नहीं हैं और परिवार कर्ज में डूबते जा रहे हैं। 338 दिन का यह धरना सिस्टम पर बड़ा सवाल है। मजदूर पूछ रहे हैं कि जब कानून उनके साथ है तो न्याय उन्हें क्यों नहीं मिल रहा। क्या गरीब और मजदूर की आवाज़ इतनी कमजोर है कि वह सुनी ही नहीं जाती। यह धरना सिर्फ वेतन का नहीं, सम्मान और अधिकार की लड़ाई बन चुका है। मजदूर आज भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उन्हें उनका हक मिलेगा और उनकी मेहनत की कमाई उन्हें वापस मिलेगी।
- सात वर्ष पूर्व झालावाड़ कोतवाली द्वारा एक अधेड़ उम्र की मानसिक विमंदित लावारिस महिला को जनवरी 2019 की हाड़ कंपा देने वाली रात में ,जो वहाँ के बस स्टैंड पर बेसहारा पड़ी थी ,को अपना घर आश्रम कोटा भेजा ।पुलिस के अनुसार इस महिला का नाम सुनीता बताया गया लेकिन यह अपना सही पता बताने में असमर्थ थी । अपना घर आश्रम में सुनीता को आश्रय देकर उसकी नियमित चिकित्सा प्रारम्भ की गई ।सात साल के बाद उसकी मानसिक अवस्था में कुछ सुधार आने पर कॉन्सलिंग के दौरान सुनीता ने बताया कि वह पटना की रहने वाली है ।पटना थाने में उसका विवरण भेजने पर उसके गुमशुदगी की रिपोर्ट के माध्यम से पुलिस ने उनके परिजनों तक सुनीता के विषय में सूचना पहुंचाई ।अपना घर आश्रम की टीम द्वारा परिजनों की जानकारी मिलने पर उसके बेटे से माँ की बात कराई तो वह अपनी माँ को पहिचान गया और तुरंत अपने एक परिजन के साथ कोटा के लिए रवाना हो गया ।यहाँ आने पर लगभग तीस वर्षीय उसके पुत्र दीपक कुमार ने बताया कि वे दरोगा राय पथ पटना,बिहार के रहने वाले हैं ।मानसिक अस्वस्थ होने के कारण उसकी माँ 2011 में बिना बताए घर से लापता हो गई थी जिसकी रिपोर्ट भी पुलिस थाने में कराई और व्यक्तिगत रूप से भी हमने प्रयास किए ।अब पंद्रह वर्षों बाद पुलिस थाने द्वारा उनकी माँ के विषय में समाचार मिला कि वह कोटा अपना घर आश्रम में है तो पूरे परिवार को बहुत प्रसन्नता हुई ।यहाँ पहुँचने पर अपनी माँ को स्वस्थ देख कर हम सभी बहुत प्रसन्न हैं ।अपना घर आश्रम के इस नेक कार्य के लिए उन्होंने आभार प्रकट किया ।2
- sabanam nisha 😥💔🥀🕋😥🤲4
- कोटा: महावीर नगर सेकेंड में तीन बदमाश कमरा किराए पर लेने के बहाने एक मकान में घुसे और बुजुर्ग महिला की आंखों में मिर्ची का पाउडर डालकर गले से ढाई तोले की सोने की चेन तोड़कर फरार हो गए...1
- कोटा भामाशाह मंडी बाजार भाव देखिए रोजाना सब्सक्राइब जरूर करें।।1
- हमारे गांव में कोई सी भी सरकारी सुविधा का लाभ नहीं मिलता है गांव में जाने के लिए 148Dसे रंगपाटन देवरिया महादेव मंदिर होता हुआं नाड़ियों का झोपड़ा तक पहुंचने के लिए और जो गांव का सरपंच को बोलने पर कहता है की आपका काम नहीं होगा धमकी देता है सरपंच सीताराम गुजर बेटा जीतमल गुजर4
- वन विभाग द्वारा भू माफियाओं के कब्जे से 150 बीघा वन भूमि को कराया मुक्त शाहाबाद बारां-वन विभाग ने भू-माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शाहाबाद वन क्षेत्र के गणेशपुरा नाका क्षेत्र में धुवा गांव मै बुधवार को गेहूं एवं चने की खड़ी फसल नष्ट कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार शाहाबाद वन क्षेत्र के गणेशपुरा नाका क्षेत्र में धुवा गांव मे भू माफियाओं द्वारा 150 बीधा वन भूमि पर कब्ज़ा कर रखा था जिसे वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण की गई भूमि पर खड़ी गेहूं एवं चने की फसल को जेसीबी की सहायता से नष्ट करवा कर 150 बीघा वन भूमि को भू-माफियाओं के कब्जे से मुक्त कराया गया।3
- बारां में अधिवक्ता पर हुए हमले के विरोध में नामदेव समाज का आक्रोश श्री नामदेव समाज जिला विकास संस्था, बारां ने एसपी को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। निजी जमीन पर कब्जे के प्रयास के दौरान वकील अरविंद बघेलवाल व उनके परिवार पर 20–25 लोगों द्वारा हमला, गंभीर चोटें आईं। समाज ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की। #BaranNews #AdvocateAttack #NamdevSamaj #JusticeForAdvocate #LawAndOrder RajasthanNews1
- कोटा राजस्थान से मीडिया हाउस की रिपोर्ट1