*विधिक साक्षरता शिविर में दी जानकारी* ---------------- म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार व प्रधान जिला न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शरत चन्द्र सक्सेना के मार्गदर्शन में अक्षय तृतीया पर आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के एडीआर भवन के सभागृह पन्ना में विभिन्न पंचायतों एवं बालक समूह पन्ना के छात्र-छात्राओं के मध्य विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इसमें वन स्टॉप सेंटर तथा एक निजी एनजीओ की भी सहभागिता रही। शिविर कार्यक्रम में व्यवहार न्यायाधीश एवं प्राधिकरण के सचिव राजकुमार गौड़ ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं देते हुए एकाग्रता के साथ पढ़ाई कर अपना भविष्य बनाने की जानकारी दी। बच्चों को नशे, बुरी आदतें एवं मोबाइल के अनावश्यक उपयोग से दूर रहने की समझाईश भी दी गई। साथ ही समाज में व्याप्त बाल विवाह जैसी कुरीतियों, बाल विवाह से होने वाले दुष्प्रभावों आदि की जानकारी प्रदान की गई। न्यायिक मजिस्ट्रेट इकरा मिन्हाज ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को जानकारी दी कि बाल विवाह समाज में व्याप्त एक कुरीति है, जिसे दूर करने के लिये सरकार द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 कानून बनाया गया है। इसके विभिन्न प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि शादी के लिए लड़की को 18 वर्ष एवं लड़के को 21 वर्ष का होना आवश्यक है। यदि निर्धारित उम्र के पूर्व विवाह किया जाता है तो वह बाल विवाह की श्रेणी में आता है जो एक दण्डनीय अपराध है। छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों, सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों आदि की जानकारी प्रदान कर मोबाइल फोन का प्रयोग उचित तरीके से करने की समझाईश दी गई। उक्त शिविर में जिला विधिक सहायता अधिकारी अतुल सेन द्वारा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर द्वारा चलाई जा रही योजनाओं, पॉक्सो अधिनियम, निःशुल्क विधिक सहायता एवं सलाह, लोक अदालत एवं मध्यस्थता के लाभों की जानकारी देते हुए कैरियर संबंधी मार्गदर्शन दिया गया। आपराधिक गतिविधियों में सम्मिलित नहीं होने की समझाईश भी दी। कार्यक्रम में प्रशासक वन स्टॉप सेंटर कविता पाण्डेय, समन्वयक रमेश चौधरी एवं पैरालीगल वॉलेन्टियर्स कल्लूलाल अहिरवार, रामनारायण लोधी, विजय अहिरवार एवं कांति चौधरी भी उपस्थित रहीं।
*विधिक साक्षरता शिविर में दी जानकारी* ---------------- म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार व प्रधान जिला न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शरत चन्द्र सक्सेना के मार्गदर्शन में अक्षय तृतीया पर आज जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के एडीआर भवन के सभागृह पन्ना में विभिन्न पंचायतों एवं बालक समूह पन्ना के छात्र-छात्राओं के मध्य विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इसमें वन स्टॉप सेंटर तथा एक निजी एनजीओ की भी सहभागिता रही। शिविर कार्यक्रम में व्यवहार न्यायाधीश एवं प्राधिकरण के सचिव राजकुमार गौड़ ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को अक्षय तृतीया की शुभकामनाएं देते हुए एकाग्रता के साथ पढ़ाई कर अपना भविष्य बनाने की जानकारी दी। बच्चों को नशे, बुरी आदतें एवं मोबाइल के अनावश्यक उपयोग से दूर रहने की समझाईश भी दी गई। साथ ही समाज में व्याप्त बाल विवाह जैसी कुरीतियों, बाल विवाह से होने वाले दुष्प्रभावों आदि की जानकारी प्रदान की गई। न्यायिक मजिस्ट्रेट इकरा मिन्हाज ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को जानकारी दी कि बाल विवाह समाज में व्याप्त एक कुरीति है, जिसे दूर करने के लिये सरकार द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 कानून बनाया गया है। इसके विभिन्न प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि शादी के लिए लड़की को 18 वर्ष एवं लड़के को 21 वर्ष का होना आवश्यक है। यदि निर्धारित उम्र के पूर्व विवाह किया जाता है तो वह बाल विवाह की श्रेणी में आता है जो एक दण्डनीय अपराध है। छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों, सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों आदि की जानकारी प्रदान कर मोबाइल फोन का प्रयोग उचित तरीके से करने की समझाईश दी गई। उक्त शिविर में जिला विधिक सहायता अधिकारी अतुल सेन द्वारा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर द्वारा चलाई जा रही योजनाओं, पॉक्सो अधिनियम, निःशुल्क विधिक सहायता एवं सलाह, लोक अदालत एवं मध्यस्थता के लाभों की जानकारी देते हुए कैरियर संबंधी मार्गदर्शन दिया गया। आपराधिक गतिविधियों में सम्मिलित नहीं होने की समझाईश भी दी। कार्यक्रम में प्रशासक वन स्टॉप सेंटर कविता पाण्डेय, समन्वयक रमेश चौधरी एवं पैरालीगल वॉलेन्टियर्स कल्लूलाल अहिरवार, रामनारायण लोधी, विजय अहिरवार एवं कांति चौधरी भी उपस्थित रहीं।
- *महारानी दुर्गा राज्य लक्ष्मी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पन्ना (म.प्र.)* *वार्षिकोत्सव एवं प्रतिभा सम्मान समारोह सम्पन्न* _पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का दिया संदेश_ *पन्ना* - नगर की गौरवमयी शैक्षणिक संस्था महारानी दुर्गा राज्य लक्ष्मी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का वार्षिकोत्सव एवं प्रतिभा सम्मान समारोह हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। *कार्यक्रम का शुभारंभ* सर्वप्रथम माँ सरस्वती के छाया चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन मुख्य अतिथि मीना राजे परमार (जिला पंचायत अध्यक्ष), डॉ. राजेश वर्मा (गुनौर विधायक), माननीया प्रियदर्शनी देवी (संस्था अध्यक्ष), माननीया कृष्णा कुमारी (संस्था सचिव) एवं समर बहादुर सिंह के द्वारा किया गया। सरस्वती वंदना सामूहिक नृत्य के साथ प्रस्तुत की गयी। तत्पश्चात संस्था प्राचार्य कृष्ण नारायण पाण्डेय द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ से किया गया। *सांस्कृतिक कार्यक्रम* सांस्कृतिक कार्यक्रम की श्रंखला में - डिस्को दीवाने, पन्ना को हीरा, महाभारत एक्ट, चले जैसे हवाएँ, सौदा खरा-खरा, बोल न हल्के-हल्के, युगों की व्याख्या, पर्यावरण संरक्षण, एक दो तीन, कवि सम्मेलन, ऑपरेशन सिंदूर, द स्टेज क्वीन, मोरी बहु हिरानी है, एवं धुरंधर का शानदार प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया गया। *प्रतिभा सम्मान* संस्था प्राचार्य द्वारा वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। अतिथियों द्वारा कक्षा एल.के.जी. से 12वीं तक की प्रवीण्य सूची में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्त छात्र-छात्राओं तथा राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। *अतिथियों का उद्बोधन* - *मीना राजे परमार, जिला पंचायत अध्यक्ष*: छात्र-छात्राओं के सभी कार्यक्रमों की प्रशंसा की एवं पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जिससे सर्वांगीण विकास हो सके। - *डॉ. राजेश वर्मा, गुनौर विधायक*: कार्यक्रमों को देख कर प्रबंध समिति एवं शिक्षक परिवार की प्रशंसा की जिन्होंने छात्र-छात्राओं की कला को निखारने का मंच प्रदान किया। साथ ही संस्था की प्रगति की कामना की। - *प्रियदर्शनी देवी, संस्था अध्यक्ष एवं कृष्णा कुमारी, सचिव*: सभी कार्यक्रमों की प्रशंसा की, साथ ही चयनित कार्यक्रमों को पुरस्कृत करने की घोषणा की। *उपस्थिति* इस अवसर पर शिक्षा विभाग से पुष्पराज सिंह परमार, सुरेश सौरव (कवि) के साथ नगर के गणमान्य नागरिक, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। कार्यक्रम में आभार व्यक्त भवानी दीन पटेल (व्याख्याता हिंदी) के द्वारा एवं कार्यक्रम का सफल संचालन क्रीड़ा प्रभारी पहलवान सिंह के द्वारा किया गया।4
- आओ हीरा नगरी पन्ना दिखाएँ | पन्ना का गौरवशाली दर्शन1
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- भव्यता व हर्षौल्लास के साथ मनाया गया भगवान परशुराम का प्राकट्योत्सव अजयगढ़ के किशनपुर से निकली भगवान की भव्य शोभायात्रा अजयगढ़:-अजयगढ़ में आज विप्र कुल भूषण व भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम का प्राकट्योत्सव बड़े ही भव्यता व हर्षौल्लास के साथ ओर नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में मनाया गया इस अवसर पर अजयगढ़ के बाघराजन में पूजा अर्चना व हवन कार्यक्रम संपन्न हुआ।इसके उपरांत आए हुए सभी विप्र बंधुओं के द्वारा सुंदरकांड का पाठ व स्वस्तिवाचन किया गया।इस दौरान नगर व ग्रामीण की विप्र समाज के सम्माननीय व्यक्तियों सहित विभिन्न क्षेत्रों में समाज का नाम रोशन करने वाले लोगों का सम्मान किया गया।इस दौरान ग्राम किशनपुर से एक भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया जिसमें रथ में विराजित भगवान परशुराम बहुत ही भव्य लग रहे थे।शोभायात्रा अजयगढ़ के माधोगंज,जय स्तंभ,बरियारपुर रोड,कछीयाना,छोटे स्टैंड,त्रिवेणी चौराहा,काली माता मंदिर, खोए मोहल्ले से होते हुए बघराजन मंदिर में समाप्त हुई।शोभा यात्रा के दौरान जगह जगह यात्रा का स्वागत किया गया इसी के तहत कालीमाता मंदिर में यात्रा में शामिल विप्रजनों का शानदार स्वागत किया गया।जहां पर भगवान का जन्मोत्सव संपन्न हुआ।विप्र बंधुओं के द्वारा बताया गया कि प्रदोष काल के दौरान तृतीया तिथि होती है।उस दिन ही परशुराम जयन्ती मनाई जाती है भगवान परशुराम के हाथ का फरसा वह दंड विधान है जिससे अत्याचारी अपना आचरण विधि के अनुरूप रखते हैं। न्याय बिना शक्ति के कभी लागू नहीं हो सकता। भगवान परशुराम की शक्ति के साथ अबद्धता न्याय स्थापित करने के लिए ही थी,उन्होंने अपने परशु द्वारा जीती गई पृथ्वी कभी अपने उपभोग के लिए नही रखी। न्याय का तकाजा यही है कि आप शक्ति के न्यासी होते हैं मालिक नही,जब भगवान राम न्याय की रक्षा हेतु अवतरित हुए तो परशुराम ने अपनी शक्ति उन्हे हस्तांतरित कर दी।अनुसुइया, लोपामुद्रा से लेकर अम्बा तक वह नारी को न्याय दिलाने के लिए लड़ते रहे।सहस्त्रबाहु जब दत्तात्रेय द्वारा शक्ति मिलने के बाद दंभ में आकर अत्याचारी हो गया,रावण को हराने के बाद उसे लगा कि इस धरती पर केवल उसी का अधिकार है।जब उसने गायों के लालच में जमदग्नि के आश्रम पर हमला किया और ऋषि के पुत्रों समेत मार कर अग्नि कुंड में डाल दिया और गए हांक ले गया,तब राम आवेश में आए और परशु धारण कर परशुराम हुए।कार्यक्रम के दौरान विप्र समूह के द्वारा महिला शक्ति सहित परीक्षा में तहसील का नाम बढ़ाने वाले बालक बालिकाओं का सम्मान भी किया गया।इस दौरान अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर अजय तिवारी,जिला अध्यक्ष ब्राह्मण समाज रवि रावत,ब्राह्मण समाज तहसील अध्यक्ष जन्मेजय अरजरिया,वरिष्ठ राम औतार तिवारी, प्रमोद तिवारी,माता प्रसाद तिवारी,संजय सुल्लेरे,पीयूष शुक्ला, योगेंद्र धुरिया,अवध तिवारी,पंकज धुरिया,भोला गौतम, रवि तिवारी,अंकित,दीपक तिवारी,रामभुवन मिश्रा,ओम शुक्ला, प्रबल नारायण,पंकज मिश्रा,द्वारिका प्रसाद उपाध्याय सहित युवा शक्ति के रूप में विवेक तिवारी,वीरेंद्र तिवारी,हिमांशू तिवारी,पंकज मिश्रा,सोलू पांडे,शिवम रावत,शनि रावत,ऋषभ, तरुण पाठक, कृष्ण,कपिल तिवारी,महिला शक्ति में प्रभा मिश्रा, किरण तिवारी सहित बड़ी संख्य में वरिष्ठ,कनिष्ठ व महिला शक्ति उपस्थित रही।4
- मध्य प्रदेश प्रदेश टॉपर कु प्रतिभा सिंह सोलंकी के द्वारा कक्षा दसवीं में 500 में से 499 अंक मध्य प्रदेश में पहला स्थान अर्जित कर समूचे जिले एवं मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया किसी को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष माननीय जीतू पटवारी ने फोन के माध्यम से प्रदेश टॉपर कुमारी प्रतिभा सिंह सोलंकी को प्रदेश में टॉपर आने पर शुभकामनाएं देते हुए जल भविष्य की कामना की1
- गढ़ीपड़रिया में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान रुक्मिणी विवाह का भावविभोर कर देने वाला प्रसंग गढ़ीपड़रिया में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के दौरान रुक्मिणी विवाह का पावन प्रसंग श्रद्धालुओं के लिए भावनाओं से भरा अविस्मरणीय क्षण बन गया। जैसे ही रुक्मिणी जी और भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य विवाह का वर्णन प्रारंभ हुआ, पूरा कथा पंडाल भक्ति रस में सराबोर हो गया और उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, जो श्रद्धा और भक्ति भाव से कथा का श्रवण कर रहे हैं। कथा व्यास पं. जगदीश प्रसाद त्रिपाठी ने अपनी मधुर वाणी और भावपूर्ण शैली में रुक्मिणी जी की अटूट भक्ति, प्रेम और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति समर्पण का अत्यंत सुंदर वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार रुक्मिणी जी ने दृढ़ विश्वास और अटूट श्रद्धा के साथ भगवान श्रीकृष्ण को पति रूप में प्राप्त किया। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा रुक्मिणी हरण और विवाह का प्रसंग सुनते ही पूरा पंडाल “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गूंज उठा। भजन-कीर्तन के बीच श्रद्धालु झूमते नजर आए, वहीं कई भक्तों की आंखें भावुक होकर नम हो गईं। कथा श्रोता रामभागत विश्वकर्मा सहित समस्त श्रद्धालु इस दिव्य प्रसंग का रसपान कर भक्ति में लीन नजर आए। रुक्मिणी विवाह का यह प्रसंग श्रद्धा, प्रेम और अटूट विश्वास का संदेश देता है, जिसने सभी के हृदय को गहराई से स्पर्श किया।4
- अमानगंज सिमरिया रोड की हालत खराब jk सीमेंट के बड़े-बड़े ट्रक ट्रेला उड़ा रहे धूल ओर क्षेत्र में फेल रहा बहुत सारा प्रदूषण आम लोगों को आने-जाने में होती है बड़ी कठिनाई1
- टाइगर ने कैसे किया हीरोइन का शिकार अपना भोजन पानी के लिए हिरण का किया शिकार लेकिन इस तरीके से भोजन करती नजर आ रहा बानराज टाइगर को यदि भोजन के लिए करना होता है तो वह ज्यादातर हिरण का शिकार करते हैं पूरे जंगल में कहीं ना कहीं आपको हिरण और अधिक संख्या में नजर आएंगे अगर कहीं पर टाइगर आ जाता है तो उनको देखकर रफ्तार पकड़ लेते हैं हिरण लेकिन दौड़ने के बाद भी शेर का शिकार हो जाती है ऐसा ही कुछ इस वीडियो में दिख रहा है कि टाइगर ने शिकार कर लिया है1