पाकुड़ में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने शुक्रवार को जिले के विभिन्न निजी विद्यालयों में संचालित वाहनों का विशेष भौतिक निरीक्षण अभियान चलाया। उपायुक्त और जिला परिवहन पदाधिकारी के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों की आवाजाही को सुरक्षित बनाना और वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों की जांच करना था। निरीक्षण के दौरान एलिट पब्लिक स्कूल और डॉन बॉस्को पब्लिक स्कूल के वाहनों की फिटनेस, सुरक्षा उपकरणों, आवश्यक दस्तावेजों और तकनीकी मानकों की गहन जांच की गई। इस दौरान मोटरयान निरीक्षक अमित कुमार, जिला सड़क सुरक्षा प्रबंधक रितेश कुमार सिंह, सड़क यांत्रिक विश्लेषक मोहम्मद अजहद अंसारी के साथ विद्यालयों के प्राचार्य और प्रतिनिधि मौजूद रहे। जिला प्रशासन ने विद्यालय प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी वाहन परिवहन विभाग और सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तकनीकी रूप से दुरुस्त होने चाहिए। यदि किसी वाहन में सुरक्षा संबंधी कमी पाई जाती है, तो उसे एक सप्ताह के भीतर ठीक करना अनिवार्य होगा। प्रशासन ने प्रबंधन और अभिभावकों से बच्चों की सुरक्षा को लेकर निरंतर सजग रहने की अपील की है।
पाकुड़ में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने शुक्रवार को जिले के विभिन्न निजी विद्यालयों में संचालित वाहनों का विशेष भौतिक निरीक्षण अभियान चलाया। उपायुक्त और जिला परिवहन पदाधिकारी के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों की आवाजाही को सुरक्षित बनाना और वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों की जांच करना था। निरीक्षण के दौरान एलिट पब्लिक स्कूल और डॉन बॉस्को पब्लिक स्कूल के वाहनों की फिटनेस, सुरक्षा उपकरणों, आवश्यक दस्तावेजों और तकनीकी मानकों की गहन जांच की गई। इस दौरान मोटरयान निरीक्षक अमित कुमार, जिला सड़क सुरक्षा प्रबंधक रितेश कुमार सिंह, सड़क यांत्रिक विश्लेषक मोहम्मद अजहद अंसारी के साथ विद्यालयों के प्राचार्य और प्रतिनिधि मौजूद रहे। जिला प्रशासन ने विद्यालय प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी वाहन परिवहन विभाग और सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तकनीकी रूप से दुरुस्त होने चाहिए। यदि किसी वाहन में सुरक्षा संबंधी कमी पाई जाती है, तो उसे एक सप्ताह के भीतर ठीक करना अनिवार्य होगा। प्रशासन ने प्रबंधन और अभिभावकों से बच्चों की सुरक्षा को लेकर निरंतर सजग रहने की अपील की है।
- साहिबगंज जिले के उधवा शहर की सड़कों की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। इस रास्ते से नेता, पुलिस और मुखिया समेत सभी लोग गुजरते हैं, लेकिन उधवा के इस हाल पर किसी की भी नजर नहीं पड़ रही है। इस बदहाली को लेकर निराशा जताई गई है कि आखिर जिम्मेदार लोग और आम जनता उधवा की इस खस्ताहाल स्थिति की लगातार अनदेखी कर रहे हैं।1
- साहिबगंज के लाल बथानी के एक बच्चे ने कबड्डी खेलते हुए बड़ी जीत हासिल की है। इस शानदार उपलब्धि पर बच्चे का हौसला बढ़ाते हुए लोगों से पूछा गया है कि क्या वे इस बड़ी जीत पर उसे बधाई नहीं देंगे। संदेश में खेल के महत्व पर जोर देते हुए कहा गया है कि अगर खेल है तो जिंदगी मस्त है। खेल खेलने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है और इंसान स्वस्थ रहता है।1
- गोड्डा के मेहरमा में आधी रात को एटीएम से पैसे निकालने के बाद बिहार पुलिस के एक गार्ड और आम जनता (पब्लिक) के बीच हुई बातचीत का मामला सामने आया है। इस घटना में देखा जा सकता है कि आधी रात को एटीएम से पैसे निकालने के निर्णय को गार्ड ने किस रूप में लिया और इसके बाद सुरक्षा में तैनात गार्ड व पब्लिक के बीच किस तरह की बातचीत और बहस हुई।1
- जीवन में उत्तर देने के महत्व को रेखांकित करते हुए इस विषय पर ध्यान आकर्षित किया गया है। गोड्डा के मेहरमा में इस संदेश को साझा करते हुए लोगों से जुड़ने और इस विचार को अपनाने का आग्रह किया गया है।1
- श्रावणी मेला 2026 को लेकर बिहार के बांका जिले का प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। सावन से पहले एक बड़ा एक्शन लेते हुए बांका के जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से कांवरिया पथ का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधों और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जमीनी जायजा लिया। निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पूरी सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त और चाक-चौबंद बनाए रखने की कड़ी हिदायत दी है।1
- साहिबगंज में बारिश के इस मौसम में कबड्डी खेलने का एक अलग ही अनोखा रोमांच देखने को मिल रहा है। जब आसमान से बारिश की बूंदें गिरती हैं और मिट्टी की सौंधी-सौंधी खुशबू हवा में घुल जाती है, तो पूरा मैदान कीचड़ से भर जाता है और तभी असली कबड्डी का मुकाबला शुरू होता है। इस खेल के दौरान खिलाड़ियों की हर रेड में एक अलग जोश, हर टैकल में दम और हर खिलाड़ी के चेहरे पर जीत का एक अनोखा जुनून साफ तौर पर दिखाई देता है। कीचड़ में बार-बार फिसलने के बाद भी दोबारा उठकर मुकाबला करना, दोस्तों की हँसी, ज़ोरदार चीयर और आख़िरी पल तक जीत के लिए किया जाने वाला कड़ा संघर्ष ही इस बारिश वाली कबड्डी की असली पहचान है। हालांकि इस खेल को खेलने में कपड़े ज़रूर गंदे हो जाते हैं, लेकिन इसके जरिए बनने वाली यादें ज़िंदगी भर के लिए बिल्कुल साफ और ताज़ा बनी रहती हैं। बारिश का यह मौसम केवल मौसम का बदलाव नहीं लाता, बल्कि अपने साथ अटूट दोस्ती, जोश, हिम्मत और कई यादगार लम्हे भी लेकर आता है। वास्तव में, कबड्डी सिर्फ़ एक खेल नहीं बल्कि एक सच्चा जज़्बा है, और बारिश में खेली जाने वाली कबड्डी का तो एक अलग ही एहसास होता है।1
- गोड्डा में लूटकांड की घटना के विरोध में व्यापारियों ने पूरी तरह से बाजार बंद रखा है। इस घटना के बाद स्थानीय व्यवसायियों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारी व्यापारी लूटपाट में शामिल आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं ताकि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।1